रायपुर: वर्षों से कम मानदेय और बढ़ती जिम्मेदारियों का बोझ झेल रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अब निर्णायक आंदोलन की राह पर हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में विरोध तेज हो गया है। संघ ने सरकार पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए 9 मार्च को राजधानी रायपुर में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।
सरकार को सौंपा ज्ञापन, जल्द निर्णय की मांग
संघ की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई है। संघ नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
“सरकारी योजनाओं का आधार, फिर भी उपेक्षा”
संघ की जिला अध्यक्ष दुलारी धाम ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ हैं। पोषण आहार वितरण से लेकर टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, प्री-स्कूल शिक्षा और चुनाव जैसे अहम कार्य इन्हीं के भरोसे संचालित होते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो शासकीय कर्मचारी का दर्जा मिला और न ही सम्मानजनक मानदेय।
महंगाई के दौर में नाममात्र का मानदेय
संघ के अनुसार वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6,000 रुपये और सहायिकाओं को मात्र 2,210 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई में जीवन यापन के लिए अपर्याप्त है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीमित आय में परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना मुश्किल हो गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने मांग की है कि —आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, कार्यकर्ताओं का मानदेय 26,000 रुपये और सहायिकाओं का 22,100 रुपये प्रतिमाह किया जाए, पेंशन, बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की जाएं।
26-27 फरवरी को हड़ताल, फिर राजधानी कूच
संघ ने घोषणा की है कि 26 और 27 फरवरी 2026 को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 9 मार्च 2026 से रायपुर में लगभग एक लाख कार्यकर्ता और सहायिकाएं अनिश्चितकालीन आंदोलन और विधानसभा घेराव करेंगी।
बजट से नाराज कार्यकर्ता, जिलों में तेज हुई तैयारी
संघ का आरोप है कि बजट 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। सुकमा सहित कई जिलों में बैठकों का दौर जारी है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी पहुंचने की तैयारी कर रही हैं।