श्योपुर : मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क को एक बार फिर चीतों की सौगात मिलने जा रही है। यह चीते इस बार बोत्सवाना से लाए जायेंगे। जिसको लेकर तैयारियां जहां पूरी कर ली गई है। तो वही चीतों के लिए कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में विशेष बाड़े तैयार किये गए है। जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव चीतों को बाड़े में छोड़ेंगे।
बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते
बता दें कि विशेष विमान से चीतों को आज रात बोत्सवाना से ग्वालियर लाया जाएगा। इसके बाद उन्हें दो वायुसेना हेलीकॉप्टरों के द्वारा कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचाया जाएगा। बोत्सवाना से आने वाले चीतों में 6 मादा और 2 नर चीते शामिल है। यह विदेश से आने वाली चीतों की तीसरी खेप होगी। इससे पहले नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीते भारत लाए जा चुके हैं।
वर्तमान में कूनो में 35 चीते हैं
इधर, चीतों के आगमन को लेकर अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कूनो में 35 चीते हैं, जबकि 3 चीते गांधी सागर अभयारण्य (मंदसौर) भेजे गए हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि बोत्सवाना से आने वाले चीतों के लिए क्वारंटीन, निगरानी और उन्हें भारतीय माहौल में ढालने की तैयारियां अच्छी तरीके से की गई है।
ज्वाला और आशा सहित इन्होने शावकों को दिया जन्म
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि नामीबिया में जन्मी ज्वाला और आशा, दक्षिण अफ्रीका में जन्मी गामिनी, वीरा और निर्वा, और भारत में जन्मी मुखी ने केएनपी में बच्चों को जन्म दिया है। 2023 से केएनपी में 39 शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 27 जीवित बचे हैं। इससे यह साफ़ है कि कूनो का पर्यावरण, सुरक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक प्रबंधन चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है।