﻿<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss xmlns:a10="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>inhnews.in</title><link>http://www.inhnews.in/</link><description>Online/TV News Channel</description><language>hi</language><copyright>© Copyright 2019 inhnews.in</copyright><managingEditor>info@inhnews.in</managingEditor><generator>inhnews.in</generator><item><guid isPermaLink="false">200629</guid><link>https://www.inhnews.in/news/harry-boxer-detained-in-usa-lawrence-bishnoi-gang-rohit-shetty-firing-case</link><category>मनोरंजन</category><title>हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी; लॉरेंस गैंग को बड़ा झटका</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका के कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने यह कार्रवाई की। हैरी बॉक्सर पर हत्या, धमकी और रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर का नाम बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में भी सामने आया था। उसने सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। साथ ही बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकियां भी दी थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, हैरी बॉक्सर अमेरिका में रहकर अपने नेटवर्क के जरिए गैंग की गतिविधियां संचालित कर रहा था। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी (ICE) के अधिकारियों ने उसे कैलिफोर्निया से हिरासत में लिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हैरी बॉक्सर से पहले दो गैंगस्टर भी अमेरिका में पकड़े गए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर से पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में हिरासत में लिया जा चुका है। इन दोनों के खिलाफ भी भारत में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टरों पर भारतीय एजेंसियों की निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन है हैरी बॉक्सर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर का वास्तविक नाम हरिचंद जाट बताया जाता है। वह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसूर इलाके का रहने वाला है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा सक्रिय सदस्य माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बताया जाता है कि जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी, जिसके चलते उसे हैरी बॉक्सर के नाम से पहचान मिली। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था और बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम कर चुका है। बाद में वह लॉरेंस गैंग के नेटवर्क से जुड़ गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रोहित शेट्टी के घर के बाहर कब हुई थी फायरिंग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर 1 फरवरी 2026 की देर रात फायरिंग की घटना हुई थी। हमलावरों ने शेट्टी टावर के बाहर कई राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना के समय रोहित शेट्टी अपने घर में मौजूद थे। हालांकि, इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर की अमेरिका में हिरासत को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क के खिलाफ एक अहम कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 13:52:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200628</guid><link>https://www.inhnews.in/news/delhi-ncr-air-pollution-noida-gurugram-aqi-metro-cities</link><category>देश</category><title>देश के बड़े शहरों में प्रदूषण का अलर्ट! दिल्ली-NCR की हवा सबसे ज्यादा जहरीली, नोएडा का AQI 788 तक पहुंचा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; देश के प्रमुख महानगरों में वायु प्रदूषण लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। दिल्ली-NCR में हवा की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर नजर आ रही है। उपलब्ध AQI रीडिंग के मुताबिक, नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 674 दर्ज किया गया है, जबकि नोएडा में यह आंकड़ा 788 तक पहुंच गया। गुरुग्राम में भी AQI 808 की रीडिंग सामने आई है। दूसरी ओर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और बंगलूरू जैसे शहरों में प्रदूषण का स्तर तुलनात्मक रूप से कम दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-NCR के आंकड़े महानगरों के बीच प्रदूषण के बड़े अंतर को सामने लाते हैं। नोएडा में PM 2.5 का स्तर 470 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और PM 10 का स्तर 513 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। हवा में इन प्रदूषक कणों की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;उपलब्ध रीडिंग के अनुसार, नई दिल्ली का AQI 674, नोएडा का 788 और गुरुग्राम का 808 दर्ज किया गया है। नोएडा में दर्ज PM 2.5 और PM 10 के स्तर भी प्रदूषण की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नोएडा में तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, आर्द्रता 23 प्रतिशत और हवा की रफ्तार 10.1 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हालांकि, मौसम के साथ प्रदूषण के स्तर में बदलाव हो सकता है और अलग-अलग निगरानी केंद्रों की रीडिंग में अंतर भी संभव है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;मुंबई से बंगलूरू तक जानिए महानगरों का AQI&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;देश के अन्य प्रमुख शहरों की उपलब्ध रीडिंग पर नजर डालें तो कोलकाता का AQI 182, हैदराबाद का 172, पुणे का 167 और अहमदाबाद का 164 दर्ज किया गया है। मुंबई में यह आंकड़ा 152 रहा, जबकि चेन्नई में 122 और बंगलूरू में 102 की रीडिंग सामने आई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन आंकड़ों में दिल्ली-NCR की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक दिखाई देती है। वहीं, बंगलूरू और चेन्नई में अन्य महानगरों के मुकाबले अपेक्षाकृत कम प्रदूषण दर्ज किया गया है। हालांकि, वायु गुणवत्ता में स्थानीय परिस्थितियों और समय के अनुसार बदलाव होता रहता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;प्रदूषित हवा से सेहत पर पड़ सकता है असर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे कणों की अधिक मात्रा सांस संबंधी परेशानियां बढ़ा सकती है। प्रदूषण के संपर्क में आने से खांसी, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।प्रदूषण अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखना, धूल-धुएं के संपर्क से बचना और स्थानीय प्रशासन की स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 12:45:59 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200627</guid><link>https://www.inhnews.in/news/harry-boxer-detained-california-lawrence-bishnoi-gang</link><category>देश</category><title>अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका! कैलिफोर्निया से गैंगस्टर हैरी बॉक्सर हिरासत में</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से मिले इनपुट के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंसी के अधिकारियों ने हैरी बॉक्सर को कैलिफोर्निया से पकड़ा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर पर भारत में हत्या, धमकी और रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अमेरिका में रहकर कथित तौर पर गैंग की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद भी उसका नाम सामने आया था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो के जरिए उसने बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकी देने का दावा किया था।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;हैरी बॉक्सर से पहले दो गैंगस्टर भी अमेरिकी हिरासत में&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अमेरिका में भारतीय गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इन पर भी भारत में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंग नेटवर्क पर एजेंसियों की निगरानी लगातार बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;कौन है हैरी बॉक्सर?&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर का वास्तविक नाम हरिचंद जाट बताया जाता है। वह राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसूर क्षेत्र का रहने वाला है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा सक्रिय सदस्य बताया जाता है। जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी। इसी वजह से उसे हैरी बॉक्सर के नाम से पहचान मिली। अपराध की दुनिया में आने से पहले वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था और बॉक्सिंग कोच के तौर पर भी काम कर चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;रोहित शेट्टी के घर के बाहर कब हुई थी फायरिंग?&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर 1 फरवरी 2026 की देर रात गोलीबारी हुई थी। हमलावरों ने शेट्टी टावर के बाहर कई राउंड फायरिंग की थी। घटना के समय रोहित शेट्टी अपने घर में मौजूद थे, हालांकि इस वारदात में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर और हरमन संधू के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में रोहित शेट्टी को पहले चेतावनी दिए जाने की बात भी कही गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैरी बॉक्सर की अमेरिकी हिरासत को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क के खिलाफ एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, हिरासत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और भारत को संभावित प्रत्यर्पण को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 12:39:29 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200626</guid><link>https://www.inhnews.in/news/rahul-gandhi-diwali-milan-chhattisgarh-congress-leaders</link><category>राज्य</category><title>राहुल गांधी के दीपावली मिलन समारोह में जुटे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिग्गज, सोनिया-प्रियंका से हुई मुलाकात</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित दीपावली मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात पर चर्चा की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित निवास पर आयोजित इस समारोह में यूपीए की चेयरपर्सन और सांसद सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी और सांसद सुखदेव भगत सहित देशभर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत प्रदेश कांग्रेस के कई प्रमुख नेता समारोह में पहुंचे। इस दौरान सभी नेताओं ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और आत्मीय मुलाकात की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए डॉ. चरणदास महंत ने दीपावली के संदेश को आपसी प्रेम, विश्वास और एकजुटता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अंधकार कितना भी गहरा हो, उम्मीद और विश्वास का एक दीपक उसे दूर कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महंत ने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि देश आज नफरत, वैमनस्य और विभाजनकारी राजनीति जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे दौर में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा और आपसी एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राहुल गांधी के आवास पर हुए इस दीपावली मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके संवाद और मेल-मिलाप के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 12:27:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200625</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cg-power-company-recruitment-2026-1501-vacancies</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, बिजली कंपनियों में 1501 पदों पर निकली भर्ती, 26 नवंबर तक करें आवेदन</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश की बिजली कंपनियों में बड़े पैमाने पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी की तीनों कंपनियों में अलग-अलग 38 प्रकार के पदों पर कुल 1501 रिक्तियां निकाली गई हैं। इसके लिए विस्तृत भर्ती विज्ञापन 5 नवंबर 2026 को जारी किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती अभियान में द्वितीय श्रेणी के 195 पद रखे गए हैं, जबकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 1306 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा अवसर डाटा एंट्री ऑपरेटर और कनिष्ठ अभियंता के पदों पर हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;6 नवंबर से आवेदन शुरू, 26 नवंबर है आखिरी तारीख&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बिजली कंपनियों की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 को शाम 8 बजे से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 26 नवंबर 2026 की रात 11:55 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क भी इसी समय सीमा के भीतर नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के जरिए जमा करना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भर्ती विज्ञापन के अनुसार, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य जरूरी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कनिष्ठ अभियंता के 167 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के 609 पद&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती में सबसे ज्यादा पद डाटा एंट्री ऑपरेटर के रखे गए हैं। तीनों बिजली कंपनियों को मिलाकर इस पद पर कुल 609 नियुक्तियां होंगी। इनमें जनरेशन कंपनी में 95, ट्रांसमिशन कंपनी में 64 और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में 450 पद शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं कनिष्ठ अभियंता इलेक्ट्रिकल के कुल 167 पदों पर भर्ती होगी। इनमें जनरेशन कंपनी के 11, ट्रांसमिशन कंपनी के 32 और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 124 पद निर्धारित किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इंजीनियरिंग से लेकर मेडिकल और सुरक्षा विभाग तक नौकरियां&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भर्ती में सहायक अभियंता के कुल 152 पद शामिल हैं। इनमें मैकेनिकल के 26, इलेक्ट्रिकल के 92, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन के 10, कंप्यूटर साइंस के 2, सूचना प्रौद्योगिकी के 2 और सिविल के 20 पद हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा फायर ऑफिसर के 1, सुरक्षा अधिकारी के 3, शिफ्ट केमिस्ट के 6 और प्रोग्रामर के 3 पद रखे गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कनिष्ठ अभियंता के अन्य पदों में मैकेनिकल के 12, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन के 9, कंप्यूटर साइंस का 1, सूचना प्रौद्योगिकी का 1 और सिविल के 26 पद शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आईटीआई और तकनीकी योग्यता वालों के लिए भी अवसर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तकनीकी और औद्योगिक श्रेणी में सब फायर ऑफिसर के 6, सुरक्षा निरीक्षक के 10 और सुरक्षा उप निरीक्षक के 19 पद हैं। वहीं अटेंडेंट प्लांट ग्रेड-III के अंतर्गत फिटर के 84, टर्नर के 36, इलेक्ट्रीशियन के 90, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक के 45 और इलेक्ट्रॉनिक्स के 45 पद रखे गए हैं। फायर अटेंडेंट ग्रेड-II के 45 पदों पर भी भर्ती होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मेडिकल, अकाउंट्स और अन्य विभागों में भी नियुक्तियां&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अन्य विभागों में लेखा अधिकारी/सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) के 15, चिकित्सा अधिकारी के 15 और सहायक विधि अधिकारी के 8 पद शामिल हैं। इसके अलावा सहायक औद्योगिक संबंध अधिकारी के 8, अंग्रेजी स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 12 और हिंदी स्टेनोग्राफर ग्रेड-III के 13 पद हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों में सहायक लैब तकनीशियन के 6, सहायक फार्मासिस्ट के 25, सहायक स्टाफ नर्स के 18, सहायक रेडियोग्राफर के 3, सहायक ड्रेसर के 5 और सहायक ईसीजी तकनीशियन के 3 पद शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस तरह छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों में इंजीनियरिंग, आईटीआई, कंप्यूटर, प्रशासन, सुरक्षा और मेडिकल क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर खुल गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित पद का भर्ती विज्ञापन पढ़कर अपनी योग्यता और पात्रता की जांच जरूर कर लें।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 10:51:09 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200624</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhanteras-7000-crore-business-chhattisgarh-gold-silver-vehicle-sales</link><category>राज्य</category><title>धनतेरस पर छत्तीसगढ़ में बरसा धन, एक दिन में 7 हजार करोड़ से ज्यादा की खरीदारी</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;धनतेरस के मौके पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में इस बार जमकर रौनक देखने को मिली। राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश के छोटे-बड़े शहरों तक सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, बर्तन और कपड़ों से लेकर मिठाई व गिफ्ट आइटम तक की दुकानों पर ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। कारोबारियों के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, धनतेरस के एक ही दिन में प्रदेश में 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सोना-चांदी की खरीदारी में 2500 करोड़ का कारोबार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पर सबसे ज्यादा चमक सराफा बाजार में देखने को मिली। सोने और चांदी की कीमतें ऊंची होने के बावजूद लोगों ने अपनी आर्थिक क्षमता के मुताबिक खरीदारी की। कारोबारियों के अनुसार, पूरे छत्तीसगढ़ में सोने-चांदी का कारोबार 2500 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इसमें अकेले रायपुर में करीब 1000 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सराफा कारोबारी लक्ष्मी नारायण लाहोटी के मुताबिक, इस बार सोने के मुकाबले चांदी के सिक्कों की मांग अधिक रही। अष्टलक्ष्मी लोटा, श्रीयंत्र, कुबेर यंत्र, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और चांदी के कछुए भी खूब बिके। कारोबारी हरख मालू ने बताया कि कीमतें ज्यादा होने के कारण ग्राहकों ने अपने बजट के हिसाब से सोना-चांदी खरीदा। कई लोगों ने पहले की तुलना में कम मात्रा में आभूषण खरीदे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक लाख से ज्यादा वाहन बिके&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पर वाहन बाजार में भी जबरदस्त उत्साह रहा। प्रदेशभर में एक ही दिन में एक लाख से ज्यादा दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान है। इनमें करीब 90 हजार दोपहिया वाहन और लगभग 10 हजार कारें शामिल हैं। कई ग्राहकों ने त्योहार से पहले ही वाहनों की बुकिंग करा ली थी और धनतेरस के दिन डिलीवरी ली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स पर भी बरसा पैसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बाजार में भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। एलईडी टीवी, कंप्यूटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे घरेलू उपकरणों के साथ महंगे स्मार्टफोन की खूब बिक्री हुई। मालवीय रोड व्यापारी संघ के राजेश वासवानी के मुताबिक, इस बार ग्रामीण क्षेत्रों से आए ग्राहकों ने भी महंगे मोबाइल और एलईडी टीवी खरीदे। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रदेशभर में करीब 1000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बर्तन, फर्नीचर, कपड़े और मिठाई की दुकानों पर भी भीड़&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते बर्तन बाजार में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। इसके अलावा फर्नीचर, लकड़ी के सामान, स्टील की अलमारियों, कपड़ों, मिठाइयों और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी देर रात तक रौनक बनी रही। इन सभी सेक्टरों को मिलाकर करीब 1000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रियल एस्टेट में खरीदारी की रफ्तार धीमी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जहां दूसरे बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर अपेक्षाकृत सुस्त रहा। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा समेत कई शहरों में प्रॉपर्टी की खरीदारी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बाजार में जारी मंदी के चलते प्लॉट और अन्य संपत्तियों की बिक्री सीमित रही। इस सेक्टर में कुल कारोबार का अनुमान करीब 300 करोड़ रुपये तक लगाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;त्योहारी सीजन में 15 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर पारवानी के मुताबिक, धनतेरस पर प्रदेश के लगभग सभी व्यापारिक क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी हुई है। एक दिन में ही 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ का कुल व्यापार 15 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;धनतेरस पर सोना-चांदी के भाव में भी गिरावट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खरीदारी के बीच सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने ग्राहकों को कुछ राहत दी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,677 रुपये घटकर करीब 1.41 लाख रुपये रह गया। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 4,432 रुपये गिरकर करीब 1.83 लाख रुपये पर आ गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गुरुवार को सोना करीब 1.44 लाख रुपये और चांदी 1.87 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। साल 2026 में अब तक सोने की कीमत में 10,934 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी 47,552 रुपये सस्ती हुई है। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुल मिलाकर धनतेरस पर छत्तीसगढ़ के बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह रहा। महंगे सोने-चांदी के बावजूद ग्राहकों ने त्योहार की परंपरा निभाई और वाहन, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स व घरेलू सामान की खरीदारी से कारोबार को नई रफ्तार दी।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 10:28:06 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200623</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhoti-diwali-narak-chaturdashi-yam-deepdan-puja-vidhi</link><category>अध्यात्म</category><title>छोटी दिवाली पर आज होगा यम दीपदान, जानिए नरक चतुर्दशी की पूजा विधि और महत्व</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव में छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व है। शनिवार को यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। नरक चतुर्दशी को रूप चौदस और यम चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, यमराज के नाम दीपदान और सुबह विशेष स्नान करने की परंपरा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश प्रचेता के अनुसार, शनिवार सुबह 10:48 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जो रविवार सुबह 11:28 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। छोटी दिवाली की शाम को यमराज के निमित्त दीपदान किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नरकासुर के वध से जुड़ी है नरक चतुर्दशी की मान्यता&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध से है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का अंत कर हजारों बंदियों को उसकी कैद से मुक्त कराया था। इसी विजय की स्मृति में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा कर उन्हें फूल, धूप, दीप और मिठाई अर्पित की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रूप चौदस पर उबटन और तेल से स्नान की परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;छोटी दिवाली को रूप चौदस भी कहा जाता है। इस दिन सुबह स्नान से पहले शरीर पर तिल का तेल और पारंपरिक उबटन लगाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में इसे आरोग्य, सौंदर्य और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि इस विधि से स्नान करने से शरीर और मन की शुद्धि होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दक्षिण दिशा में जलाया जाता है यमराज के नाम दीपक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य अनिता पाराशर के अनुसार, नरक चतुर्दशी पर यम दीपदान का विशेष महत्व है। शाम के समय घर के बाहर दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाकर यमराज से परिवार की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धार्मिक विश्वास है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक दीपदान करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। इसी परंपरा को यम दीपम भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हनुमान चालीसा का पाठ और दान करना भी शुभ&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;छोटी दिवाली पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ हनुमानजी की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और भोजन दान करने की परंपरा भी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस तरह छोटी दिवाली का पर्व केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भगवान श्रीकृष्ण की विजय का स्मरण, यमराज के निमित्त दीपदान, आरोग्य की कामना और जरूरतमंदों की सेवा जैसे धार्मिक कार्य शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Sat, 07 Nov 2026 09:56:14 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200622</guid><link>https://www.inhnews.in/news/kondagaon-iragaon-illegal-liquor-raid-excise-department</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में अवैध शराब पर आबकारी विभाग का छापा, मकान से 36 लीटर से ज्यादा शराब जब्त, आरोपी जेल पहुंचा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। केशकाल विकासखंड के ग्राम ईरागांव में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने एक रिहायशी मकान पर दबिश देकर अंग्रेजी और देशी शराब का बड़ा जखीरा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 36.380 बल्क लीटर शराब जब्त की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को जमानत नहीं मिलने पर जगदलपुर जेल भेज दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;ईरागांव में मकान के अंदर मिला शराब का जखीरा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, रायपुर से पहुंची आबकारी विभाग की राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम को ग्राम ईरागांव में अवैध तरीके से शराब जमा करने और बेचने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने गांव निवासी अमृतलाल नेगी के रिहायशी मकान में छापेमारी की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मकान की तलाशी के दौरान टीम को अलग-अलग ब्रांड की अंग्रेजी और देशी शराब मिली। मौके से 67 नग सिंबा केन बीयर, 6 नग मेडऑफ व्हिस्की और 10 नग पाव देशी मदिरा प्लेन शोले बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 36.380 बल्क लीटर बताई गई है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;शराब की अवैध रूप से बिक्री और भंडारण के मामले में आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। यहां से जमानत नहीं मिलने पर उसे जगदलपुर जेल भेज दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कांग्रेस नेता का पुत्र बताया जा रहा आरोपी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस कार्रवाई के बाद एक राजनीतिक पहलू भी चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार अमृतलाल नेगी एक कांग्रेस नेता का पुत्र है। हालांकि, विभाग की कार्रवाई अवैध शराब के भंडारण और बिक्री से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल मामले में आगे की विवेचना जारी है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 18:51:25 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200621</guid><link>https://www.inhnews.in/news/punjab-rajpura-karmabhoomi-express-train-fire</link><category>देश</category><title>पंजाब में कर्मभूमि एक्सप्रेस में लगी आग, 5वें डिब्बे तक फैला धुआं, यात्रियों में मची अफरा-तफरी</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;पंजाब। पंजाब के राजपुरा में शुक्रवार को कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जा रही ट्रेन के कुछ डिब्बों से अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को राजपुरा के पास रोक दिया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के इंजन से पांचवें कोच तक धुआं दिखाई दिया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कर्मभूमि एक्सप्रेस में कैसे लगी आग?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;यह घटना पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के नजदीक सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के आसपास की बताई जा रही है। ट्रेन में धुआं उठता देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में हलचल मच गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल ट्रेन को रोकने की कार्रवाई की गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। GRP अधिकारी गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, एक कोच के पंखे में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की संभावना है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;रेलवे कर्मचारियों और दमकल टीम ने संभाला मोर्चा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों और आपातकालीन टीमों ने मोर्चा संभाला। दमकल की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई की गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों और संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़ी विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कर्मभूमि एक्सप्रेस का बदला गया था ट्रेन नंबर&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस घटना में शामिल कर्मभूमि एक्सप्रेस का ट्रेन नंबर 12508 बताया गया है। यह ट्रेन अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच संचालित होती है। उत्तर रेलवे ने अगस्त 2026 में इस ट्रेन का नंबर बदलने का फैसला किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रेलवे के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, 14 अगस्त 2026 से ट्रेन का नया नंबर 12508 लागू हुआ। इससे पहले इसे 12408 नंबर से चलाया जाता था। वहीं, वापसी में न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर जाने वाली ट्रेन का नंबर 12507 निर्धारित किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यात्री ट्रेन की मौजूदा स्थिति और परिचालन से जुड़ी जानकारी NTES ऐप या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 17:52:18 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200620</guid><link>https://www.inhnews.in/news/delhi-ncr-pollution-grap-3-implemented-before-diwali</link><category>देश</category><title>दिल्ली-NCR में प्रदूषण का खतरनाक स्तर, दिवाली से पहले GRAP-3 लागू, कई गतिविधियों पर लगी रोक</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली। दिवाली से पहले दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर जहरीली होने लगी है। लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग की सब-कमेटी ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू करने का फैसला किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस फैसले के बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाली कई गतिविधियों पर सख्ती बढ़ जाएगी। खासतौर पर धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्यों और खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य हवा में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों को खराब वायु गुणवत्ता से राहत दिलाना है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;दिवाली से पहले बिगड़ी हवा, CAQM ने उठाया सख्त कदम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;त्योहारी सीजन के बीच दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण चिंता का विषय बन गया है। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद CAQM की सब-कमेटी ने स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद प्रदूषण को और गंभीर होने से रोकने के लिए GRAP-3 लागू करने का निर्णय लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;GRAP के तीसरे चरण के तहत प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। इसमें धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक के साथ-साथ खनन गतिविधियों पर भी पाबंदी शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;GRAP-3 लागू होने पर क्या-क्या बदलेगा?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;GRAP-3 के तहत दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर प्रतिबंध।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;प्रदूषण फैलाने वाले अन्य स्रोतों पर निगरानी और कार्रवाई।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने के निर्देश।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;h3&gt;AQI कितना होने पर लागू होता है GRAP-3?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति के आधार पर GRAP के अलग-अलग चरण लागू किए जाते हैं। GRAP-3 को आमतौर पर तब लागू किया जाता है, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 401 से 450 के बीच यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है या पहुंचने की आशंका होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, केवल AQI के आंकड़े ही इसके लागू होने का आधार नहीं होते। प्रदूषण की स्थिति और मौसम संबंधी पूर्वानुमान को देखते हुए CAQM एहतियातन भी इस चरण को लागू कर सकता है। दिवाली से पहले GRAP-3 लागू होने से दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। अब देखना होगा कि इन पाबंदियों से हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 17:33:54 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200619</guid><link>https://www.inhnews.in/news/nitin-nabin-chhattisgarh-visit-15-november-janajatiya-gaurav-diwas</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ आएंगे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, CM साय के न्योते पर 15 नवंबर को होगा दौरा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका पहला प्रदेश दौरा होगा। इस दौरान वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी की भी मौजूदगी रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नितिन नबीन का यह दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों ही लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उनके आगमन को लेकर भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में उत्साह है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;CM साय के बुलावे पर छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे BJP अध्यक्ष&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को प्रदेश में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद नितिन नबीन ने 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ आने की सहमति दी। वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। ऐसे में इस प्रवास को भाजपा के प्रदेश संगठन के साथ उनके संवाद और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;स्मृति ईरानी भी रहेंगी मौजूद&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;धरमजयगढ़ में होने वाले जनजातीय गौरव दिवस समारोह में नितिन नबीन के साथ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी शामिल होंगी। कार्यक्रम में आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को याद किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;15 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है जनजातीय गौरव दिवस?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;देश में हर साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में भी विशेष महत्व रखता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में उनकी जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान, संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;अंग्रेजों के खिलाफ भगवान बिरसा मुंडा ने किया था उलगुलान&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ आदिवासी समुदाय को संगठित किया था। उन्होंने जल, जंगल और जमीन पर जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जनजातीय गौरव दिवस पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा सहित उन तमाम आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने देश की आजादी और जनजातीय अधिकारों के लिए संघर्ष किया।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 17:02:21 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200618</guid><link>https://www.inhnews.in/news/congress-samvidhan-bachao-march-26-november-jp-nadda-sir-attack</link><category>देश</category><title>कांग्रेस निकालेगी ‘संविधान बचाओ मार्च’, खरगे-राहुल और प्रियंका होंगे शामिल; SIR पर जेपी नड्डा का पलटवार</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली। संविधान दिवस के मौके पर कांग्रेस 26 नवंबर को देश की राजधानी में ‘संविधान बचाओ मार्च’ निकालने की तैयारी कर रही है। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के सभी सांसद शामिल होंगे। इसके लिए विपक्षी दलों के सांसदों से भी बातचीत की जा रही है। संभावना है कि इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के नेता और सांसद भी इस मार्च में हिस्सा ले सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;SIR के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;दूसरी ओर, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बाहरी लोगों को सामान्य और वैध नागरिक के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। नड्डा के मुताबिक, कांग्रेस लंबे समय तक ऐसे लोगों के समर्थन के सहारे सत्ता में बनी रही।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;‘पहचान करो, नाम हटाओ और निर्वासित करो’&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा का रुख स्पष्ट है। पार्टी बाहरी लोगों की पहचान करने, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने और उन्हें देश से बाहर भेजने के पक्ष में है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का संदेश है—‘पहचान करो, नाम हटाओ और निर्वासित करो।’ वहीं, उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे बाहरी लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड दिलाकर उन्हें वैध पहचान देने की पैरवी कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर राजनीतिक हमला&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों की पहचान नहीं की जानी चाहिए और क्या उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए? इसके साथ ही उन्होंने लोगों से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को राजनीतिक रूप से सत्ता से बाहर करने की अपील की। संविधान दिवस पर कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च और SIR को लेकर भाजपा के हमले के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 16:38:59 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200617</guid><link>https://www.inhnews.in/news/isro-apprentice-recruitment-2026-apply-online</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>ISRO में अप्रेंटिसशिप का शानदार मौका! ग्रेजुएट से ITI पास तक कर सकते हैं आवेदन, जानें योग्यता और पूरी प्रक्रिया</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;ISRO Apprentice Recruitment 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में काम सीखने और प्रशिक्षण हासिल करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। ISRO के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR), श्रीहरिकोटा में अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती के तहत इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के साथ डिप्लोमा, ITI और वोकेशनल कोर्स कर चुके युवाओं को भी मौका दिया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इच्छुक उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 26 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि इस अप्रेंटिसशिप में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार अपनी संबंधित श्रेणी के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी ISRO के साथ प्रशिक्षण का अवसर तलाश रहे हैं, तो आवेदन की योग्यता, जरूरी दस्तावेज और चयन प्रक्रिया की जानकारी जरूर जान लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ISRO Apprentice Recruitment 2026: आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ISRO के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में अप्रेंटिसशिप के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन शुरू होने की तारीख: 6 नवंबर 2026&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन की अंतिम तारीख: 26 नवंबर 2026&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;प्रशिक्षण संस्थान: SDSC SHAR, श्रीहरिकोटा&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन-कौन कर सकता है आवेदन? जानें शैक्षणिक योग्यता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अप्रेंटिसशिप भर्ती में अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस: संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में BE या B.Tech की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. नॉन-इंजीनियरिंग ग्रेजुएट अप्रेंटिस: BA, B.Com और B.Sc जैसी स्नातक डिग्री वाले अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. टेक्नीशियन अप्रेंटिस: संबंधित इंजीनियरिंग या तकनीकी विषय में डिप्लोमा होना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. डिप्लोमा (DCCP): डिप्लोमा इन कमर्शियल एंड कंप्यूटर प्रैक्टिस की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. ट्रेड अप्रेंटिस: संबंधित ट्रेड में ITI या NCVT प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. वोकेशनल अप्रेंटिस: संबंधित विषय में निर्धारित दो वर्षीय वोकेशनल प्रमाणपत्र रखने वाले उम्मीदवार पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ध्यान रहे कि प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम अंक, पासिंग ईयर और अन्य पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ISRO भर्ती 2026: ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी करनी होगी। आवेदन करने का तरीका इस प्रकार है:&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले संबंधित NATS या अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर जाकर अपनी श्रेणी के अनुसार रजिस्ट्रेशन करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद UMANG पोर्टल पर जाएं।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;पोर्टल पर लॉगिन करके SDSC SHAR Apprenticeship सर्च करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार अप्रेंटिसशिप कैटेगरी चुनें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;जरूरी दस्तावेज अपलोड करके फॉर्म सबमिट कर दें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;भविष्य के लिए आवेदन का विवरण और कन्फर्मेशन सुरक्षित रख लें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 16:26:20 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200616</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhamtari-ghurawad-school-principal-students-complaint</link><category>राज्य</category><title>स्कूल में प्राचार्य की कथित मनमानी से परेशान हुए छात्र, ग्रामसभा में पहुंचकर की हटाने की मांग</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;धमतरी। जिस उम्र में बच्चों को स्कूल में पढ़ाई और अपने भविष्य की चिंता होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें अपने ही प्राचार्य के खिलाफ शिकायत लेकर ग्रामसभा पहुंचना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत घुरावड़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विवाद गहराता जा रहा है। यहां के छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य की कथित मनमानी और कार्यप्रणाली से नाराज होकर ग्रामसभा में शिकायत दर्ज कराई है। विद्यार्थियों ने प्राचार्य को पद से हटाने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्कूल परिसर में शराब पीने का वीडियो दिखाने का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्रामसभा में पहुंचे विद्यार्थियों और शाला नायक ने प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य के स्कूल आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों ने उनके नशे की हालत में स्कूल आने की शिकायत भी की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मामले को गंभीर बनाते हुए विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में प्राचार्य के कथित तौर पर शराब पीने का वीडियो भी ग्रामसभा में पेश किया। इसके अलावा छात्रों ने प्राचार्य के बेटे पर फोन के जरिए धमकाने का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कई सालों से शिकायत, फिर भी नहीं बदले हालात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्राम पंचायत के सरपंच महेश के मुताबिक, प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी छात्र-छात्राएं लिखित शिकायत कर चुके हैं। इस संबंध में कलेक्टर और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरपंच का कहना है कि पिछले कई वर्षों से शिकायतें सामने आने के बावजूद स्कूल की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। अब विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य को देखते हुए ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनपद सदस्य ने भी उठाए स्कूल की व्यवस्था पर सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले में जनपद सदस्य मौसमी मंडावी ने भी विद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि वे कई बार स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचीं, लेकिन उस दौरान प्राचार्य को विद्यार्थियों को पढ़ाते हुए नहीं देखा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्राचार्य के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामसभा अध्यक्ष ने भी स्वीकार किया कि प्राचार्य के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पंचायत की ओर से ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्यार्थियों के हित में जरूरी कदम उठाने और मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षा विभाग की भूमिका पर उठे सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घुरावड़ के सरकारी स्कूल में सामने आया यह विवाद अब केवल प्राचार्य को हटाने की मांग तक सीमित नहीं है। इसने सरकारी स्कूलों में अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रामीणों का सवाल है कि जब लंबे समय से विद्यार्थी और जनप्रतिनिधि शिकायत कर रहे हैं, तो अब तक विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई? क्या विद्यार्थियों की ओर से पेश किए गए वीडियो और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी? फिलहाल छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 16:19:16 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200615</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhanteras-2026-gold-silver-rate-today-6-november</link><category>देश</category><title>धनतेरस पर सोना खरीदने वालों को बड़ी राहत! ₹2,560 गिरा 24 कैरेट गोल्ड, जानें दिल्ली से भोपाल तक ताजा भाव</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;धनतेरस के त्योहार पर अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। त्योहारी सीजन के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर 2,560 रुपये सस्ता होकर 1,43,460 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में भी अच्छी-खासी कमी आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस पर गहने या सोने के सिक्के खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले जान लीजिए 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव और चांदी की कीमत।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज सोने का भाव: 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड हुआ सस्ता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;6 नवंबर 2026 को देशभर में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 2,560 रुपये घटकर 1,43,460 रुपये रह गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत में 10 ग्राम पर 2,350 रुपये की कमी आई है। 18 कैरेट सोना भी 1,930 रुपये सस्ता हुआ है। सोने के दामों में आई इस गिरावट के बाद धनतेरस की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;10 ग्राम सोने का ताजा भाव&lt;/h2&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;figure class="table"&gt;&lt;table&gt;&lt;thead&gt;&lt;tr&gt;&lt;th&gt;सोने की शुद्धता&lt;/th&gt;&lt;th&gt;आज का भाव&lt;/th&gt;&lt;th&gt;कीमत में गिरावट&lt;/th&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/thead&gt;&lt;tbody&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;24 कैरेट&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹1,43,460&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹2,560&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;22 कैरेट&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹1,31,500&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹2,350&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;18 कैरेट&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹1,07,590&lt;/td&gt;&lt;td&gt;₹1,930&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;/figure&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;कीमतें 10 ग्राम के हिसाब से हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली, मुंबई, भोपाल समेत शहरों में सोने के भाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोने की कीमतें हर शहर में स्थानीय टैक्स, बाजार की स्थिति और ज्वेलर्स के रेट के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। दिल्ली, मुंबई, भोपाल, जयपुर, लखनऊ, इंदौर, रायपुर और कोलकाता में खरीदारी करने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा भाव जरूर पता कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;धनतेरस पर चांदी की कीमत भी जान लीजिए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धनतेरस के दिन सोने के साथ चांदी खरीदने का भी विशेष महत्व है। Goodreturns के बताए गए आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को चांदी की कीमत 2,10,100 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी करने वाले ग्राहकों को स्थानीय बाजार के रेट की जानकारी लेना जरूरी है। चांदी के सिक्के, बर्तन और आभूषण खरीदने से पहले उनकी शुद्धता और वजन की जांच जरूर करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोना खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पर सोने की खरीदारी करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;शुद्धता की जांच: सोना खरीदते समय 22 या 24 कैरेट की शुद्धता जरूर जांचें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;BIS हॉलमार्क: आभूषण पर BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की पुष्टि करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;मेकिंग चार्ज: ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज की जानकारी पहले ही ले लें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;GST का हिसाब: सोने की कीमत के अलावा लागू GST भी बिल में जुड़ता है।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;पक्का बिल: खरीदारी के बाद वजन, कैरेट और कीमत का पूरा विवरण वाला बिल जरूर लें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 16:00:26 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200614</guid><link>https://www.inhnews.in/news/asian-champions-trophy-2026-india-beat-japan-4-1-sixth-title</link><category>खेल</category><title>एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत ने जापान को 4-1 से रौंदा, छठी बार जीता खिताब</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Asian Champions Trophy 2026:&lt;/strong&gt; भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के फाइनल में शानदार खेल दिखाते हुए एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित कर दी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड छठी बार टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। खास बात यह रही कि मुकाबले की शुरुआत में 0-1 से पिछड़ने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की और आखिरी क्वार्टर में लगातार गोल दागकर जापान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फाइनल मुकाबले में जापान ने आक्रामक शुरुआत करते हुए तीसरे मिनट में ही गोल कर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद जापानी टीम ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत रखा और भारतीय खिलाड़ियों को गोल करने के मौके नहीं दिए। मौजूदा चैंपियन भारत ने बराबरी के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन शुरुआती दो क्वार्टर में जापान की चुनौती बरकरार रही।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;शिलानंद लाकड़ा के गोल से भारत ने की दमदार वापसी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुकाबले का रुख तीसरे क्वार्टर में बदलना शुरू हुआ। भारतीय खिलाड़ी शिलानंद लाकड़ा ने शानदार फिनिशिंग करते हुए गेंद को जापान के गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने स्कोर 1-1 कर लिया। बराबरी हासिल करने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। खिलाड़ियों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और जापान के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। तीसरे क्वार्टर में मिले इस गोल ने भारत के लिए खिताबी जीत का रास्ता तैयार कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;आखिरी क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने दागे तीन गोल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;चौथे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। भारत ने एक के बाद एक तीन गोल करके मुकाबले को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। सबसे पहले दिलप्रीत सिंह ने शानदार गोल करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद जुगराज सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 3-1 कर दिया। लगातार दो गोल खाने के बाद जापान की टीम दबाव में आ गई और मुकाबले में वापसी की उसकी संभावनाएं कमजोर पड़ गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैच के अंतिम दौर में विवेक सागर प्रसाद ने चौथा गोल दागकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। जापानी गोलकीपर से मिले रिबाउंड का फायदा उठाते हुए विवेक ने स्ट्राइकिंग सर्किल के किनारे से शानदार शॉट लगाया। गेंद गोलकीपर के पैरों के बीच से निकलकर सीधे गोलपोस्ट में जा पहुंची। इसके साथ ही भारत ने 4-1 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;छठी बार खिताब जीतकर भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जापान के खिलाफ फाइनल में मिली इस जीत के साथ भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया। टीम ने छठी बार चैंपियन बनकर टूर्नामेंट के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस मुकाबले में भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका धैर्य और दबाव में शानदार प्रदर्शन रहा। शुरुआती मिनटों में पिछड़ने के बावजूद खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। तीसरे क्वार्टर में बराबरी करने के बाद भारत ने अंतिम क्वार्टर में अपने आक्रामक खेल से जापान को पूरी तरह पछाड़ दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह जीत भारतीय हॉकी के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम ने साबित कर दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वापसी करने और बड़े मुकाबलों में जीत हासिल करने का उसका जज्बा बरकरार है।&lt;br&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 15:46:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200613</guid><link>https://www.inhnews.in/news/karmabhoomi-express-train-fire-patiala-punjab</link><category>देश</category><title>कर्मभूमि एक्सप्रेस की पैंट्री कार में लगी आग, धुएं से घिरी ट्रेन; सभी यात्री सुरक्षित</title><description>&lt;p&gt;पंजाब के पटियाला में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। पंजाब से बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक आग लगने से यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना राजपुरा के पास सराय वंजारा गांव के नजदीक हुई। आग की सूचना मिलते ही ट्रेन में सवार यात्रियों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी यात्री के घायल या हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। घटना के बाद रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। रेलवे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पैंट्री कार से शुरू हुई आग, दूसरी बोगियों तक पहुंची लपटें&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु अग्रवाल के मुताबिक, कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने की शुरुआत पैंट्री कार से हुई थी। इसके बाद आग ने ट्रेन की कुछ अन्य बोगियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। डीसी ने बताया कि आग की सूचना मिलने के बाद ट्रेन में लगा फायर अलार्म सक्रिय हो गया था। अलार्म बजते ही यात्री सतर्क हो गए और अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से बाहर निकल आए। इसी वजह से अब तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;आग लगते ही यात्रियों में मची अफरा-तफरी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;चलती ट्रेन में आग लगने की खबर फैलते ही यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। कई यात्री जल्दबाजी में ट्रेन से नीचे उतरकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में ट्रेन के आसपास आसमान में उठता घना धुआं दिखाई दे रहा है। शुरुआती जानकारी में कुछ यात्रियों के आग की चपेट में आने की आशंका जताई गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल किसी के घायल होने या जान जाने की पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;रेलवे ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को आग लगने के सभी संभावित कारणों की पड़ताल करने को कहा गया है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पैंट्री कार में आग कैसे लगी और देखते ही देखते यह दूसरी बोगियों तक कैसे पहुंच गई।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;फेस्टिव सीजन में रेल यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;त्योहारी सीजन के दौरान देशभर में ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने की घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि समय रहते फायर अलार्म बजने और यात्रियों के ट्रेन से बाहर निकलने के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई। अब सभी की नजर रेलवे की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे आग लगने की असली वजह सामने आ सकेगी।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 15:21:18 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200612</guid><link>https://www.inhnews.in/news/rise-and-fall-season-2-winner-shahzad-poonawalla-prize-money</link><category>मनोरंजन</category><title>Rise and Fall Season 2 : शहजाद पूनावाला ने जीती ट्रॉफी, मिले 35 लाख रुपये; बिहार और असम के लिए करेंगे दान</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rise and Fall Season 2 Winner:&lt;/strong&gt; रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ को अपना विजेता मिल गया है। शहजाद पूनावाला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शो की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। फिनाले में उन्होंने प्रियंका चाहर चौधरी और गौतम गुलाटी जैसे मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। विजेता बनने पर शहजाद को चमचमाती ट्रॉफी के साथ 35 लाख रुपये की प्राइज मनी भी मिली है। हालांकि, उनकी जीत से ज्यादा चर्चा उस ऐलान की हो रही है, जिसमें उन्होंने इनामी राशि बिहार और असम में आई आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए देने की बात कही है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;रोमांचक मुकाबले के बाद शहजाद बने विजेता&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का ग्रैंड फिनाले 6 नवंबर 2026 को प्रसारित हुआ। इस बार शो के टॉप-6 फाइनलिस्ट के बीच विजेता बनने के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। फिनाले में शहजाद पूनावाला, गौतम गुलाटी, प्रियंका चाहर चौधरी, स्वरा भास्कर, करण पटेल और निहारिका तिवारी ने अपनी जगह बनाई थी। शहजाद ने ‘टिकट टू फिनाले’ चैलेंज जीतकर सबसे पहले फाइनल में एंट्री की थी। इसके बाद उन्होंने गौतम गुलाटी को भी फिनाले के लिए चुना। आखिरकार दर्शकों के फैसले के आधार पर शहजाद पूनावाला ने बाजी मार ली और सीजन 2 के विजेता बन गए।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;35 लाख की प्राइज मनी आपदा पीड़ितों को देंगे शहजाद&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ट्रॉफी जीतने के बाद शहजाद पूनावाला ने ऐसा ऐलान किया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने कहा कि शो में आने से पहले ही उन्होंने अपनी इनामी राशि को लेकर एक फैसला कर लिया था। शहजाद के मुताबिक, उन्होंने पहले ही कहा था कि उन्हें शो से जो भी प्राइज मनी मिलेगी, वह बिहार और असम में आई त्रासदी से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। इस तरह 35 लाख रुपये की पूरी राशि जरूरतमंदों की मदद के लिए देने का उनका इरादा है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;प्रियंका चाहर चौधरी बनीं पहली रनर-अप&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;शो के फिनाले में शहजाद पूनावाला ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं, प्रियंका चाहर चौधरी पहली रनर-अप रहीं, जबकि गौतम गुलाटी को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। स्वरा भास्कर चौथे और करण पटेल पांचवें स्थान पर रहे। फिनाले से पहले गौतम गुलाटी को विजेता का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, अंतिम नतीजों ने सभी को चौंका दिया और शहजाद पूनावाला ने ट्रॉफी अपने नाम कर ली।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;तेज प्रताप यादव ने गौतम गुलाटी को बताया असली विजेता&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;शहजाद पूनावाला की जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम गुलाटी को शो का असली विजेता बताया। उन्होंने शहजाद की जीत को बीजेपी से भी जोड़ते हुए दावा किया कि पार्टी की वजह से वह विजेता बने।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बयान के बाद शो के नतीजों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। वहीं, शहजाद की जीत ने दर्शकों के बीच भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। फिलहाल, तमाम चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं के बीच शहजाद पूनावाला ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ की ट्रॉफी जीत चुके हैं। अब उनकी 35 लाख रुपये की प्राइज मनी को बिहार और असम के आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए देने की घोषणा इस सीजन की सबसे चर्चित बातों में शामिल हो गई है।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 14:49:21 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200611</guid><link>https://www.inhnews.in/news/global-market-crash-indian-stock-market-sensex-nifty-rally</link><category>देश</category><title>दुनिया के शेयर बाजारों में मचा कोहराम, भारत में सेंसेक्स ने फिर छुआ 80 हजार का आंकड़ा</title><description>&lt;p&gt;वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। अमेरिका के Nasdaq में करीब 6 फीसदी की गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। जापान के शेयर बाजार में भी 6 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोरिया में बाजार लोअर सर्किट तक पहुंच गया। इसके उलट भारतीय शेयर बाजार में लगातार सातवें कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स एक बार फिर 80 हजार के आंकड़े के पार पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मचा हड़कंप&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट के चलते Nasdaq करीब 6 फीसदी तक फिसल गया। इस गिरावट से वैश्विक निवेशकों की करीब 3 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का मूल्य घट गया। एशियाई बाजारों की स्थिति भी कमजोर रही। जापान के शेयर बाजार में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि कारोबार लोअर सर्किट तक पहुंच गया। इसके बाद बाजार में करीब 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;भारतीय शेयर बाजार में लगातार सातवें दिन तेजी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जहां दुनिया के प्रमुख शेयर बाजार गिरावट से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह बना हुआ है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मजबूत बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 1,074 अंकों की छलांग लगाकर 80,376 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में 273 अंकों की तेजी दर्ज की गई और यह 24,800 के पार कारोबार करने लगा। बैंकिंग शेयरों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी करीब 810 अंक मजबूत होकर 58,500 के स्तर से ऊपर पहुंच गया। इस तेजी के साथ भारतीय बाजार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त का सिलसिला जारी रहा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों को हुआ नुकसान&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में जोरदार तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1 लाख करोड़ रुपये घट गया। आंकड़ों के मुताबिक, बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण 501 लाख करोड़ रुपये से कम होकर लगभग 500 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इससे साफ है कि सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी के बावजूद बाजार के सभी शेयरों में समान रूप से खरीदारी नहीं हुई।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;बीएसई सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों के शेयरों पर नजर डालें तो 21 शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि 9 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। तेजी के मामले में महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे आगे रहा। कंपनी के शेयरों में करीब 5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा ICICI बैंक के शेयर लगभग 4 फीसदी चढ़े, जबकि टाइटन के शेयरों में करीब 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। कुल मिलाकर, वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार की मजबूती ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, बाजार पूंजीकरण में आई गिरावट यह संकेत देती है कि तेजी के बावजूद चुनिंदा शेयरों में ही मजबूत खरीदारी देखने को मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 14:27:09 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200610</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cg-dhan-kharidi-2026-tuhar-token-app-new-rules</link><category>राज्य</category><title>धान खरीदी शुरू होने में बचे सिर्फ 10 दिन... 5 दिन पहले से कटेगा टोकन, खेतों में कटाई तेज</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। खरीदी की तारीख नजदीक आते ही किसान अपनी फसल की कटाई और बिक्री की तैयारी में जुट गए हैं। इस बार किसानों के लिए टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से 'तुंहर टोकन' एप के जरिए धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई व्यवस्था के तहत आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP के जरिए सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा इस बार टोकन जारी करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब किसानों को मिलने वाले टोकन की संख्या उनके पंजीकृत कृषि रकबे के आधार पर तय होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब मोबाइल से घर बैठे कटेगा धान खरीदी का टोकन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धान बेचने के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों और खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। सरकार ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए 'तुंहर टोकन' मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन की सुविधा दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;किसान अपने स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर से यह एप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद जरूरी जानकारी दर्ज करके घर बैठे धान बिक्री का टोकन प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस व्यवस्था का उद्देश्य टोकन वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाना और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ को कम करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आधार OTP के बिना नहीं मिलेगा टोकन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऑनलाइन टोकन व्यवस्था में किसानों का आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। आवेदन के दौरान किसान के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा। OTP का सत्यापन पूरा होने के बाद ही टोकन के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस व्यवस्था से फर्जी पंजीयन और टोकन वितरण में होने वाली संभावित गड़बड़ियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान खरीदी शुरू होने से पहले यह जांच लें कि उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है या नहीं। मोबाइल नंबर बंद होने या लिंक नहीं होने की स्थिति में टोकन बनवाते समय परेशानी हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जमीन के रकबे के हिसाब से मिलेंगे टोकन, जानें नया नियम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार धान खरीदी में टोकन वितरण की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले किसानों को सामान्य रूप से तीन टोकन जारी किए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब टोकन की संख्या को उनके पंजीकृत कृषि रकबे से जोड़ दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से टोकन जारी किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कितनी जमीन पर कितने टोकन मिलेंगे?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2 एकड़ से कम जमीन:&lt;/strong&gt; 1 टोकन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2 से 10 एकड़ तक जमीन:&lt;/strong&gt; 2 टोकन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 एकड़ से अधिक जमीन:&lt;/strong&gt; अधिकतम 3 टोकन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यानी अब किसान के नाम पर पंजीकृत कृषि भूमि का रकबा ही यह तय करेगा कि उसे धान बेचने के लिए कितने टोकन मिल सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टोकन कटवाने से पहले किसान जरूर जांच लें ये जानकारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई व्यवस्था में पंजीकृत कृषि रकबे की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में किसानों को टोकन के लिए आवेदन करने से पहले अपने पंजीयन में दर्ज जमीन का विवरण जरूर जांच लेना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यदि किसान के वास्तविक कृषि रकबे और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के विवरण में अंतर है, तो टोकन की संख्या निर्धारित करने में परेशानी हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने भूमि संबंधी दस्तावेजों और पंजीकृत रकबे का मिलान पहले ही कर लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि धान खरीदी के लिए उनका पंजीयन सही और अपडेटेड हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऐसे करें घर बैठे धान खरीदी के टोकन के लिए आवेदन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धान बिक्री का टोकन प्राप्त करने के लिए किसानों को 'तुंहर टोकन' एप का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले मोबाइल में Google Play Store खोलें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहां 'तुंहर टोकन' एप सर्च करके डाउनलोड करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एप में मांगी गई किसान पंजीयन संबंधी जानकारी दर्ज करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धान बिक्री के टोकन के लिए आवेदन करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;टोकन जारी होने के बाद उसमें दी गई खरीदी की तारीख और अन्य जानकारी देखें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बार ऑनलाइन टोकन और रकबे के आधार पर टोकन वितरण की नई व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। अब किसानों को अपने पंजीयन, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी पहले से दुरुस्त रखनी होगी, ताकि धान बेचने के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 13:55:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200609</guid><link>https://www.inhnews.in/news/e20-petrol-ethanol-blending-karnataka-test-31-percent</link><category>देश</category><title>E20 Petrol Controversy: पेट्रोल में 20% से ज्यादा इथेनॉल मिलने का दावा, कर्नाटक में जांच के दौरान 31.2% तक पहुंचा आंकड़ा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; देश में E20 पेट्रोल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरकार और तेल कंपनियां भले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का दावा कर रही हों, लेकिन कर्नाटक सरकार की एक जांच ने इस पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार का दावा है कि अलग-अलग पेट्रोल पंपों से लिए गए सैंपल की जांच में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। कुछ नमूनों में यह आंकड़ा 31.2 प्रतिशत तक पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), नायरा और शेल के पेट्रोल पंपों से कुल 63 सैंपल एकत्र किए गए थे। इनमें से सात जिलों में लिए गए नमूनों की जांच में तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलने का दावा किया गया है। अब राज्य सरकार इन जांच रिपोर्ट्स को केंद्र सरकार के पास भेजने की तैयारी कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तेल कंपनियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई कर्नाटक सरकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक सरकार ने बताया कि पेट्रोल में इथेनॉल की वास्तविक मात्रा का पता लगाने के लिए प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 63 नमूने जुटाए गए थे। शुरुआत में इन सैंपल को संबंधित तेल कंपनियों की प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार ने कंपनियों से पूछा था कि उनके पेट्रोल में इथेनॉल की कितनी मात्रा मौजूद है। हालांकि, राज्य सरकार का आरोप है कि कंपनियों की ओर से इस सवाल पर संतोषजनक और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके बाद कुछ नमूनों को निजी प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया। कर्नाटक सरकार के अनुसार, सात जिलों से मिले सैंपल की जांच में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक पाई गई। कुछ नमूनों में यह 30 प्रतिशत के पार भी पहुंच गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किस कंपनी के पेट्रोल में कितना इथेनॉल मिलने का दावा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक सरकार की ओर से सामने आए आंकड़ों में अलग-अलग कंपनियों के पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;figure class="table"&gt;&lt;table&gt;&lt;thead&gt;&lt;tr&gt;&lt;th&gt;तेल कंपनी&lt;/th&gt;&lt;th&gt;इथेनॉल की बताई गई मात्रा&lt;/th&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/thead&gt;&lt;tbody&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;इंडियन ऑयल (IOCL)&lt;/td&gt;&lt;td&gt;31.2%&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)&lt;/td&gt;&lt;td&gt;30.5%&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;भारत पेट्रोलियम (BPCL)&lt;/td&gt;&lt;td&gt;26.5%&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;नायरा&lt;/td&gt;&lt;td&gt;26.1%&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;tr&gt;&lt;td&gt;शेल&lt;/td&gt;&lt;td&gt;25.5%&lt;/td&gt;&lt;/tr&gt;&lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;/figure&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार का कहना है कि जांच में मिले ये आंकड़े निर्धारित 20 प्रतिशत ब्लेंडिंग सीमा से अधिक हैं। हालांकि, इन दावों पर संबंधित कंपनियों और केंद्र सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ज्यादा इथेनॉल से गाड़ियों को क्या होगा नुकसान?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने का असर वाहनों के प्रदर्शन और ईंधन दक्षता पर पड़ सकता है। खासकर ऐसे वाहनों में, जिन्हें अधिक इथेनॉल मिश्रण के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, माइलेज और कुछ पुर्जों की कार्यक्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इथेनॉल की अधिक मात्रा से कुछ वाहनों में ईंधन की खपत बढ़ सकती है। इसके अलावा वाहन की सर्विसिंग और मेंटेनेंस पर भी अतिरिक्त खर्च आने की संभावना जताई जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक सरकार का दावा है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण यदि वाहनों का माइलेज 10 प्रतिशत तक कम होता है, तो देशभर में वाहन मालिकों को हर साल करीब 62,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा, वाहनों की सर्विसिंग और रखरखाव पर बढ़ने वाले खर्च से लगभग 39,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान का अनुमान भी राज्य सरकार ने जताया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;केंद्र से मुआवजे के लिए स्पॉयलेज फंड बनाने की मांग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में कर्नाटक सरकार के मंत्री रिजवान अरशद ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पेट्रोल में निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल पाया जाता है और इससे वाहन मालिकों को नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने केंद्र सरकार से एक स्पॉयलेज फंड बनाने की मांग की है। इस फंड के जरिए तय सीमा से अधिक इथेनॉल वाला पेट्रोल इस्तेमाल करने के कारण प्रभावित वाहन मालिकों को मुआवजा या रिफंड देने की व्यवस्था की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल कर्नाटक सरकार इस जांच रिपोर्ट को केंद्र के सामने रखने की तैयारी कर रही है। ऐसे में अब निगाहें केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के जवाब पर टिकी हैं। अगर इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और वाहन मालिकों के हितों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 13:20:51 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200608</guid><link>https://www.inhnews.in/news/amazon-vs-tiktok-shop-ecommerce-war-online-shopping</link><category>देश</category><title>Amazon vs TikTok: अब सोशल मीडिया नहीं, ऑनलाइन शॉपिंग में भी होगी जंग! TikTok ने बनाया Amazon जैसा प्लेटफॉर्म</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;दुनिया की दो बड़ी टेक कंपनियों Amazon और TikTok के बीच मुकाबला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अब तक जहां Amazon ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए था, वहीं TikTok सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म के रूप में लोकप्रिय रहा है। लेकिन अब दोनों कंपनियां एक-दूसरे के कारोबार में सेंध लगाने की तैयारी कर रही हैं। टेक इंडस्ट्री में इस मुकाबले को ई-कॉमर्स और सोशल कॉमर्स की नई जंग के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस टकराव की शुरुआत Amazon की उस रणनीति से हुई, जिसमें कंपनी ने TikTok जैसे शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट को अपने शॉपिंग प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनाने की कोशिश की। कंपनी ने महसूस किया कि युवा ग्राहक अब केवल सर्च बार में प्रोडक्ट का नाम डालकर खरीदारी नहीं करना चाहते, बल्कि वीडियो देखकर उत्पादों को समझना और पसंद आने पर तुरंत खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Amazon ने शुरू की थी TikTok जैसी शॉपिंग की कोशिश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;युवाओं के बदलते शॉपिंग ट्रेंड को देखते हुए Amazon ने अपने मोबाइल ऐप में 'Amazon Inspire' नाम का फीचर पेश किया था। इसका मकसद यूजर्स को वीडियो और तस्वीरों के जरिए प्रोडक्ट दिखाना और उसी प्लेटफॉर्म पर खरीदारी का विकल्प देना था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह फीचर काफी हद तक TikTok और Instagram Reels की तरह काम करता था। इसमें यूजर्स मोबाइल स्क्रीन पर एक के बाद एक वर्टिकल वीडियो और फोटो स्वाइप करके देख सकते थे। पसंद आने वाले प्रोडक्ट को सीधे Amazon से खरीदा जा सकता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, यह प्रयोग कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक सफल नहीं रहा। आखिरकार Amazon ने 18 फरवरी 2025 को Inspire फीचर को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया। इसके साथ ही कंपनी का शॉर्ट वीडियो आधारित शॉपिंग का यह प्रयोग समाप्त हो गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TikTok ने Amazon के बिजनेस में लगाई सेंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब TikTok ने अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे ई-कॉमर्स बाजार में उतरने की तैयारी तेज कर दी है। ByteDance के स्वामित्व वाला यह प्लेटफॉर्म 'TikTok Shop' के जरिए Amazon जैसे स्थापित ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म को चुनौती दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;TikTok Shop को केवल वीडियो के जरिए सामान बेचने वाले फीचर तक सीमित नहीं रखा गया है। कंपनी इसे एक स्वतंत्र शॉपिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर रही है। इसकी शुरुआत सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में की जा चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को प्रोडक्ट सर्च करने, कैटलॉग देखने और खरीदारी के लिए कार्ट में सामान जोड़ने जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यानी अब ग्राहक TikTok पर सिर्फ मनोरंजन के लिए वीडियो नहीं देखेंगे, बल्कि अपनी जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वेयरहाउस से डिलीवरी तक TikTok की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;TikTok की सबसे बड़ी रणनीति सिर्फ ऑनलाइन प्रोडक्ट दिखाने तक सीमित नहीं है। कंपनी ई-कॉमर्स कारोबार के लिए लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी नेटवर्क को भी मजबूत कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके तहत वेयरहाउस, पैकेजिंग और डिलीवरी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है, ताकि विक्रेताओं के उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचाए जा सकें। इस तरह TikTok उस बिजनेस मॉडल की तरफ बढ़ रहा है, जिस पर Amazon ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या Amazon को मिलेगी TikTok से सीधी चुनौती?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Amazon और TikTok के बीच यह मुकाबला टेक इंडस्ट्री के लिए काफी दिलचस्प होने वाला है। एक तरफ Amazon के पास वर्षों का ई-कॉमर्स अनुभव, विशाल ग्राहक आधार और मजबूत डिलीवरी नेटवर्क है। दूसरी तरफ TikTok के पास करोड़ों यूजर्स तक पहुंचने वाला शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए खरीदारी को बढ़ावा देने की ताकत है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर TikTok अपने वीडियो आधारित शॉपिंग मॉडल को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाता है, तो ऑनलाइन खरीदारी का तरीका बदल सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ग्राहक पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता देते हैं या वीडियो देखते-देखते खरीदारी करने का नया तरीका अपनाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 13:11:24 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200607</guid><link>https://www.inhnews.in/news/right-to-recall-kya-hai-india-madhya-pradesh-election-process</link><category>देश</category><title>RigTo Recall: जनता को मिला चुने हुए प्रतिनिधि को हटाने का अधिकार, जानिए कैसे होती है वोटिंग और क्या हैं नियम</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मध्यप्रदेश: &lt;/strong&gt;लोकतंत्र में आमतौर पर जनता मतदान करके अपने प्रतिनिधियों को चुनती है और उन्हें पांच साल तक काम करने का मौका देती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ राज्यों में जनता के पास अपने चुने हुए प्रतिनिधि को कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाने का अधिकार भी है? इस व्यवस्था को राइट टू रिकॉल (Right To Recall) कहा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हाल ही में मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के जेरोन खालसा नगर परिषद में इसी व्यवस्था के तहत अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के खिलाफ मतदान कराया गया। उन पर अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराने और जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के आरोप लगाए गए। इस मामले में 15 में से 12 पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद नगर परिषद क्षेत्र में मतदान कराया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस चुनाव में मतदाताओं को किसी नए उम्मीदवार को चुनने के बजाय यह फैसला करना था कि मौजूदा अध्यक्ष को पद पर बनाए रखा जाए या उन्हें हटा दिया जाए। ऐसे में आइए समझते हैं कि राइट टू रिकॉल क्या है, भारत में यह किन पदों पर लागू होता है और इसके तहत किसी जनप्रतिनिधि को हटाने की पूरी प्रक्रिया क्या है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;क्या है राइट टू रिकॉल?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;राइट टू रिकॉल एक ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जिसके तहत मतदाताओं को अपने चुने हुए प्रतिनिधि को उसका कार्यकाल पूरा होने से पहले पद से हटाने का अधिकार मिलता है। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को उनके कामकाज के प्रति जवाबदेह बनाना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी नगर परिषद में जनता ने पांच साल के लिए अध्यक्ष चुना है। लेकिन कार्यकाल के दौरान लोगों को लगता है कि अध्यक्ष क्षेत्र का विकास नहीं करा रहे हैं, समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं या अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं। सामान्य चुनाव व्यवस्था में जनता को अगले चुनाव तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, राइट टू रिकॉल की व्यवस्था वाले राज्यों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करके उस प्रतिनिधि को समय से पहले हटाया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;क्या भारतीय संविधान में है राइट टू रिकॉल का प्रावधान?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;भारतीय संविधान में राइट टू रिकॉल को मौलिक अधिकार के रूप में स्पष्ट मान्यता नहीं दी गई है। हालांकि, राज्यों के कानूनों और स्थानीय निकायों से जुड़े प्रावधानों के माध्यम से इस व्यवस्था को लागू किया गया है। भारत में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं में देखने को मिलता है। अलग-अलग राज्यों में इसके नियम और पात्र पद अलग-अलग हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;किन जनप्रतिनिधियों को हटाने के लिए हो सकता है इस्तेमाल?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;राइट टू रिकॉल की व्यवस्था सभी निर्वाचित पदों पर लागू नहीं होती। भारत में यह मुख्य रूप से स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े पदों के लिए लागू है। इसके दायरे में अलग-अलग राज्यों के कानूनों के अनुसार नगर परिषद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचायतों के अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि इस पद के अंतर्गत आते हैं। हालांकि, सांसद और विधायक को हटाने के लिए भारत में इस तरह की सामान्य राइट टू रिकॉल व्यवस्था लागू नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;भारत के किन राज्यों में लागू है यह व्यवस्था?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;देश के सभी राज्यों में राइट टू रिकॉल का एक जैसा कानून नहीं है। कुछ राज्यों ने स्थानीय निकायों और पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को हटाने के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान किए हैं। इन राज्यों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और बिहार जैसे राज्य शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक राज्य में किन पदों पर यह व्यवस्था लागू होगी और इसकी प्रक्रिया क्या होगी, यह संबंधित राज्य के कानून पर निर्भर करता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कलेक्टर से निर्वाचन आयोग तक कैसे पहुंचता है प्रस्ताव?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;पार्षदों का आवश्यक समर्थन मिलने के बाद प्रस्ताव को जिले के कलेक्टर के पास प्रस्तुत किया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रक्रिया को आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नगर परिषद के निर्धारित संख्या में निर्वाचित पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रस्ताव को आवश्यक हस्ताक्षरों के साथ कलेक्टर के समक्ष पेश किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कलेक्टर प्रस्ताव और निर्धारित कानूनी शर्तों की जांच करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नियमानुसार प्रस्ताव को राज्य सरकार के समक्ष भेजा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुंचता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;निर्वाचन आयोग मतदान की तारीख और चुनाव संबंधी व्यवस्थाएं तय करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;निर्धारित क्षेत्र में मतदाताओं के बीच मतदान कराया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस तरह राइट टू रिकॉल की प्रक्रिया में आम जनता सीधे प्रस्ताव पेश नहीं करती, बल्कि निर्धारित नियमों के तहत निर्वाचित पार्षद इसकी शुरुआत करते हैं। अंतिम फैसला मतदान के जरिए होता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;राइट टू रिकॉल चुनाव में कैसे होती है वोटिंग?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अब सवाल उठता है कि आखिर इस तरह के चुनाव में मतदाता वोट कैसे डालते हैं? क्या सामान्य चुनाव की तरह उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्न होते हैं?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दरअसल, राइट टू रिकॉल चुनाव में मतदाताओं के सामने दो विकल्प रखे जाते हैं। इन विकल्पों को चुनाव चिह्नों के माध्यम से दर्शाया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. भरी हुई कुर्सी: इसका मतलब है कि मतदाता मौजूदा अध्यक्ष को पद पर बनाए रखना चाहता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. खाली कुर्सी: इसका अर्थ है कि मतदाता मौजूदा अध्यक्ष को पद से हटाने के पक्ष में है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मतदाता इन दोनों में से किसी एक विकल्प को चुनकर अपना वोट डालते हैं। इस चुनाव में संबंधित नगर परिषद या निकाय क्षेत्र के पात्र मतदाता हिस्सा लेते हैं। जेरोन खालसा नगर परिषद में भी अध्यक्ष को हटाने के लिए पूरे नगर परिषद क्षेत्र में मतदान कराया गया था। यहां कुल 7,799 मतदाता थे, जिनमें से 4,798 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कितने वोट मिलने पर अध्यक्ष की कुर्सी बचती है या चली जाती है?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;राइट टू रिकॉल चुनाव का सबसे अहम पहलू इसका परिणाम होता है। मतदान के बाद भरी हुई और खाली कुर्सी के पक्ष में पड़े वोटों की गिनती की जाती है। यदि भरी हुई कुर्सी के पक्ष में निर्धारित बहुमत मिल जाता है तो मौजूदा अध्यक्ष अपने पद पर बने रहते हैं। वहीं, यदि खाली कुर्सी के पक्ष में आवश्यक मत प्राप्त होते हैं तो अध्यक्ष को पद छोड़ना पड़ता है। &amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;क्या राइट टू रिकॉल चुनाव में भी होता है प्रचार?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सामान्य विधानसभा, लोकसभा या निकाय चुनावों की तरह राइट टू रिकॉल चुनाव में नए उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं होता। इसलिए यहां प्रचार का स्वरूप भी अलग होता है। इस चुनाव में पूरा जोर मौजूदा अध्यक्ष के कामकाज और उनके कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों पर रहता है। अध्यक्ष को हटाने के पक्ष में रहने वाले लोग जनता के बीच जाकर बताते हैं कि क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हुए, स्थानीय समस्याएं बनी हुई हैं और अध्यक्ष जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। वहीं, अध्यक्ष को पद पर बनाए रखने के समर्थक उनके कामकाज और उपलब्धियों को सामने रखते हैं। &amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;राइट टू रिकॉल क्यों है महत्वपूर्ण?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;राइट टू रिकॉल को स्थानीय लोकतंत्र में जवाबदेही बढ़ाने वाली व्यवस्था के तौर पर देखा जाता है। इसके जरिए निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह संदेश मिलता है कि चुनाव जीतने के बाद उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती, बल्कि उन्हें पूरे कार्यकाल में जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना होता है। हालांकि, इस व्यवस्था का इस्तेमाल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है। इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना है। &amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 12:55:17 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200606</guid><link>https://www.inhnews.in/news/delhi-pollution-supreme-court-30-cigarettes-aqi</link><category>देश</category><title>दिल्ली की जहरीली हवा पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, रोज 30 सिगरेट पीने जैसा खतरा! दिवाली के गिफ्ट पर भी चर्चा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p data-pm-slice="1 1 []"&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जाहिर की है। प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सवाल उठाया कि दिल्ली के खुशनुमा मौसम का आनंद तो हर कोई ले रहा है, लेकिन हवा को साफ रखने के लिए आखिर क्या प्रयास किए जा रहे हैं? सुनवाई में एमिकस क्यूरी अपराजिता ने प्रदूषण की भयावह स्थिति बताते हुए कहा कि दिल्ली के लोग हर दिन ऐसी हवा में सांस ले रहे हैं, जो करीब 30 सिगरेट पीने के बराबर नुकसान पहुंचा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने अदालत को बताया कि राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गंभीर श्रेणी में बना हुआ है और प्रदूषण का असर लोगों की सेहत के साथ उनकी आवाज पर भी पड़ रहा है। इस दौरान अदालत में वाहनों से निकलने वाले धुएं, पराली जलाने और किसानों की आर्थिक परेशानियों जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रदूषण के लिए सिर्फ पराली को जिम्मेदार ठहराना गलत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश के कारण दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ था। इस पर एमिकस क्यूरी ने स्पष्ट किया कि राजधानी की खराब हवा के लिए केवल पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनका कहना था कि दिल्ली पहले से ही प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है और पराली जलाने की घटनाएं स्थिति को और गंभीर बना देती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में परिवहन व्यवस्था भी शामिल है। इसके अलावा पराली जलाना भी प्रदूषण बढ़ाने वाला एक बड़ा कारक है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली में बाहर से आने वाले वाहन भी बढ़ा रहे प्रदूषण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर विशेष रूप से चिंता जताई गई। एमिकस क्यूरी ने कहा कि दिल्ली में वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। इस पर CJI ने कहा कि समस्या सिर्फ राजधानी में पंजीकृत गाड़ियों की नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से भी बड़ी संख्या में वाहन दिल्ली पहुंचते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की स्थिति और उनसे निकलने वाले धुएं की निगरानी करना बड़ी चुनौती है। कोई वाहन भले ही दिल्ली में केवल दो घंटे के लिए आए, लेकिन इस दौरान वह प्रदूषण फैलाने में योगदान दे चुका होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने अदालत को बताया कि सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठा रही है। प्रदूषण जांच केंद्रों पर पीयूसी (PUC) प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को जियो-टैग किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई और उन्हें रोकने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के पास मशीनें, लेकिन ईंधन खरीदने के पैसे नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनवाई में पराली जलाने की समस्या और किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। एमिकस क्यूरी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए कृषि मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराए हैं, लेकिन इन मशीनों को चलाने के लिए जरूरी ईंधन का खर्च उठाना छोटे किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि वाटर प्रिजर्वेशन एक्ट के कारण धान की बुवाई में देरी हुई, जिससे फसल कटाई और अगली फसल की तैयारी का समय भी प्रभावित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पर CJI ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आ रही है और किसान अब धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिवाली के गिफ्ट पर भी सुप्रीम कोर्ट में हुई चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान दिवाली पर उपहार देने की परंपरा का मुद्दा भी सामने आया। एक वकील ने टिप्पणी की कि शायद दिवाली पर गिफ्ट देने की परंपरा को बंद करने की जरूरत है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पर CJI ने इसे समाज में सांस्कृतिक बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि लोगों को समझना होगा कि हमारी वास्तविक संस्कृति क्या है और हमें किन परंपराओं को अपनाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने त्योहारों के बढ़ते व्यावसायीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों को केवल वस्तुओं और लेन-देन तक सीमित कर देना भी एक समस्या है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट की इस सुनवाई में साफ तौर पर सामने आया कि दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए केवल पराली जलाने पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है। वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, किसानों की समस्याओं और सामाजिक स्तर पर जागरूकता जैसे कई पहलुओं पर एक साथ काम करने की जरूरत है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 12:25:00 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200605</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cg-government-job-recruitment-2026-1703-posts-apply-online</link><category>राज्य</category><title>CG सरकारी नौकरी 2026: छत्तीसगढ़ में 1,703 पदों पर निकली भर्ती, 5 नवंबर से आवेदन शुरू</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने की दिशा में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CG Vyapam/संबंधित कर्मचारी चयन मंडल) ने समूह-2, तृतीय श्रेणी के अंतर्गत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कुल 1,703 पदों पर नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में सहायक ग्रेड-3, सहायक उप निरीक्षक, स्टेनो टाइपिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर और शीघ्रलेखक सहित कई पद शामिल हैं। खास बात यह है कि इन पदों पर चयन के लिए मंडल पहली बार लिखित परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;CG सरकारी भर्ती 2026: कुल 1,703 पदों पर होगी नियुक्ति&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जारी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग विभागों में कुल 1,703 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसमें सबसे ज्यादा रिक्तियां सहायक ग्रेड-3 के लिए निर्धारित की गई हैं। पदों का विवरण इस प्रकार है:&lt;br&gt;पद का नाम &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;रिक्तियां &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;सहायक ग्रेड-3 1,206&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सहायक उप निरीक्षक (जिला इकाई संवर्ग) &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 279 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; शीघ्रलेखक (हिंदी)30&lt;br&gt;उप निरीक्षक-अ (शीघ्रलेखक, सामान्य शाखा) &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;34 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;स्टेनो टाइपिस्ट 23&lt;br&gt;डाटा एंट्री ऑपरेटर 25 शीघ्रलेखक (द्विभाषी) &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 13 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;पंजीयक लिपिक 50&lt;br&gt;सहायक उप निरीक्षक-अ (सामान्य शाखा) &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; 40 &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;शीघ्रलेखक (अंग्रेजी) 3&lt;br&gt;कुल पद &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp;1,703&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;br&gt;27 नवंबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 5 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी 27 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं।आवेदन करते समय यदि किसी उम्मीदवार से फॉर्म में गलती हो जाती है, तो उसे निर्धारित अवधि में सुधार करने का मौका भी मिलेगा। आवेदन में संशोधन के लिए 28 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक शाम 5 बजे का समय तय किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;10 जनवरी 2027 को होगी लिखित परीक्षा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 10 जनवरी 2027 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक रहेगा। अभ्यर्थी 4 जनवरी 2027 से मंडल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;स्थानीय उम्मीदवारों को मिलेगी परीक्षा शुल्क में राहत&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती की एक महत्वपूर्ण सुविधा छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थियों के लिए भी रखी गई है। परीक्षा में शामिल होने वाले स्थानीय उम्मीदवारों को नियमानुसार परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। परीक्षा शुल्क की वापसी उसी बैंक खाते में की जाएगी, जिसके माध्यम से अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन करते समय भुगतान किया होगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कहां मिलेगी भर्ती की पूरी जानकारी?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;भर्ती में शामिल होने से पहले उम्मीदवारों को पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण संबंधी नियम, परीक्षा शुल्क और चयन प्रक्रिया की जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी जाती है। इन सभी जानकारियों के लिए अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी मूल विज्ञापन देख सकते हैं।&amp;nbsp;&lt;br&gt;&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;figure class="image"&gt;&lt;img style="aspect-ratio:620/800;" src="/Upload/News/2025-200605-8351.jpg" width="620" height="800"&gt;&lt;/figure&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 11:37:55 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200604</guid><link>https://www.inhnews.in/news/surayansh-sharma-indigo-cadet-pilot-solo-flight-arang-news</link><category>राज्य</category><title>आठ महीने की मेहनत लाई रंग, आरंग के सूर्यांश शर्मा का इंडिगो कैडेट पायलट प्रोग्राम में चयन</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आरंग:&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के ग्राम दरबा के रहने वाले सूर्यांश शर्मा ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सूर्यांश का चयन देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम में हुआ है। उनकी सफलता की खास बात यह है कि पायलट ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने महज 22 घंटे में अकेले विमान उड़ाने यानी सोलो फ्लाइट की उपलब्धि हासिल कर ली। उनकी इस कामयाबी से परिवार सहित पूरे आरंग क्षेत्र में खुशी का माहौल है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;आठ महीने की तैयारी के बाद हासिल किया मुकाम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सूर्यांश शर्मा, ग्राम दरबा निवासी सुशील शर्मा के पुत्र हैं। बचपन से पायलट बनने का सपना देखने वाले सूर्यांश ने इसे हकीकत में बदलने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने लगभग आठ महीने की तैयारी के दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की आवश्यक परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पास किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परीक्षाओं में सफलता के बाद उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। यहां इंटरव्यू सहित जरूरी चरणों को पूरा करने के बाद उनका चयन इंडिगो कैडेट पायलट प्रोग्राम के लिए हो गया। इस तरह उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;महज 22 घंटे की ट्रेनिंग में हासिल की सोलो फ्लाइट&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सूर्यांश शर्मा की उपलब्धियों में सबसे खास उनका सोलो फ्लाइट रिकॉर्ड है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने केवल 22 घंटे की उड़ान ट्रेनिंग के बाद अकेले विमान उड़ाने की अनुमति हासिल की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विमानन क्षेत्र में सोलो फ्लाइट का विशेष महत्व होता है। इस दौरान प्रशिक्षु पायलट बिना प्रशिक्षक के विमान का संचालन करता है। सूर्यांश की इस उपलब्धि को उनके प्रशिक्षण और पायलट बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;नीमच में जारी है पायलट बनने की ट्रेनिंग&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;फिलहाल सूर्यांश शर्मा रायपुर के सुंदर नगर में रहते हैं और मध्य प्रदेश के नीमच स्थित ट्रेनिंग सेंटर में इंडिगो के कैडेट पायलट प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका लक्ष्य विमानन क्षेत्र में अपना करियर बनाना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्राम दरबा से निकलकर पायलट बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे सूर्यांश की उपलब्धि ने स्थानीय युवाओं के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनकी सफलता से परिवार, गांव और आरंग विधानसभा क्षेत्र के लोगों में उत्साह है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सूर्यांश शर्मा ने अपनी मेहनत से यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं, तो बड़े से बड़ा सपना भी साकार किया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;br&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 11:11:46 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200603</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bijapur-wildlife-smuggling-pangolin-scales-leopard-skin-six-arrested</link><category>राज्य</category><title>वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद; 6 आरोपी हिरासत में</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बीजापुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर संरक्षित वन्यजीवों से जुड़े अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पैंगोलिन के 9.260 किलोग्राम शल्क और तेंदुए की एक खाल जब्त की गई है। मामले में छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;दो गांवों में वन विभाग की छापेमारी, छह लोग पकड़े गए&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को वन्यजीवों के अवैध कारोबार से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले थे। इसके बाद विभागीय टीम ने सबसे पहले गंगालूर तहसील के ग्राम रेड्डी में कार्रवाई की। यहां तलाशी के दौरान पैंगोलिन के कुल 9.260 किलोग्राम शल्क बरामद हुए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मौके से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पहली कार्रवाई के दौरान पूछताछ में सामने आए तथ्यों और मिले सुरागों के आधार पर वन विभाग ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद टीम ने बासागुड़ा क्षेत्र के ग्राम मल्लेपल्ली में दबिश दी। यहां तलाशी के दौरान तेंदुए की एक खाल बरामद की गई। इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;वन विभाग के अनुसार, पैंगोलिन और तेंदुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल हैं। इन प्रजातियों को अत्यधिक संरक्षण प्राप्त है। इनके शिकार, अंगों की खरीद-बिक्री और अवैध तस्करी जैसे अपराधों पर कानून के तहत कठोर दंड का प्रावधान है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। विभाग की कार्रवाई को जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वन विभाग की इस कार्रवाई से एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण को लेकर सख्ती की जरूरत सामने आई है।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 10:57:07 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200602</guid><link>https://www.inhnews.in/news/khunti-karra-truck-accident-7-people-died</link><category>देश</category><title>खूंटी में मौत बनकर दौड़ा तेज रफ्तार ट्रक, 4 महिलाओं और 3 बच्चों समेत 7 की दर्दनाक मौत</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Khunti Road Accident:&lt;/strong&gt; झारखंड के खूंटी जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने दर्दनाक हादसे को अंजाम दे दिया। कर्रा थाना क्षेत्र के जोने-लुदरू मोड़ के पास गुरुवार देर रात हुए इस भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;स्कूटी दुर्घटना के बाद मदद के लिए पहुंचे थे ग्रामीण&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9:30 बजे जोने-लुदरू मोड़ के पास एक स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरी। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के घरों और बस्ती से लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रामीणों का मकसद झाड़ियों में गिरे स्कूटी चालक की मदद करना और उसकी स्थिति का पता लगाना था। इसी दौरान तोरपा की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक वहां पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;बेकाबू ट्रक ने मचाई तबाही, पुलिया तोड़कर गड्ढे में फंसा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। स्थानीय लोगों ने चालक के नशे में होने की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्रक ने सड़क किनारे खड़े ग्रामीणों को जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग दूर जा गिरे। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।लोगों को टक्कर मारने के बाद ट्रक एक पुलिया को क्षतिग्रस्त करते हुए आगे बढ़ा और सड़क किनारे गड्ढे में जाकर फंस गया। इस बीच ट्रक चालक और उसका खलासी घटनास्थल से फरार हो गए।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;इलाज के दौरान 12 वर्षीय बच्चे की मौत, मृतकों की संख्या सात हुई&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने कर्रा और तोरपा थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से घायलों को खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अस्पताल में चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय सौरभ नायक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके बाद हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या सात हो गई।मृतकों में चार महिलाएं और तीन मासूम बच्चे बताए गए हैं। वहीं, खुशबू कुमारी नाम की एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;ट्रक जब्त, फरार चालक और खलासी की तलाश में पुलिस&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल और खूंटी सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक संख्या JH 02 AJ 1377 को अपने कब्जे में ले लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रारंभिक जांच के तहत प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फरार ट्रक चालक और खलासी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया है। उनके संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक ही हादसे में सात लोगों की मौत से जोने-लुदरू क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। जिन परिवारों के सदस्य किसी घायल की मदद के लिए घरों से निकले थे, उन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;br&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 10:39:30 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200601</guid><link>https://www.inhnews.in/news/sukma-villagers-protest-land-forest-rights-manish-kunjam</link><category>राज्य</category><title>सुकमा में जमीन और वन अधिकार को लेकर हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, मनीष कुंजाम ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुकमा।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जमीन, जंगल और वन अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हजारों ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। बस्तरिया राज मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को हड़मा स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा में सुकमा, छिंदगढ़ और कोंटा विकासखंड के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी, वनाधिकार पट्टा, जमीन पर वास्तविक कब्जे का अधिकार और खरीफ फसल को हुए नुकसान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे सुकमा जिले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जिला मुख्यालय पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना अहम माना जा रहा है। सभा में पूर्व विधायक और बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम भी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;जमीन और जंगल के अधिकार के लिए एकजुट हुए ग्रामीण&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हड़मा स्टेडियम में आयोजित आमसभा के दौरान अलग-अलग गांवों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई परिवार वर्षों से जमीन पर खेती और निवास कर रहे हैं, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें अपने अधिकार हासिल करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सभा में प्रमुख रूप से इन मुद्दों पर चर्चा हुई:&lt;br&gt;राजस्व अभिलेखों में दर्ज कथित गलत नामों को हटाना।&lt;br&gt;वास्तविक कब्जाधारी परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देना।&lt;br&gt;मालिक मकबूजा जमीन से जुड़े विवादों का समाधान।&lt;br&gt;पात्र आदिवासी परिवारों को वनाधिकार पट्टा उपलब्ध कराना।&lt;br&gt;सामुदायिक वन संसाधनों पर ग्राम सभाओं का अधिकार सुनिश्चित करना।&lt;br&gt;खरीफ फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि आदिवासी परिवारों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी और संदिग्ध पट्टों की जांच की मांग&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;जनसभा के बाद बस्तरिया राज मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र कलेक्टर के माध्यम से प्रशासन को सौंपा। इसमें जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच कर वास्तविक भूमि धारकों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की गई। मोर्चा के अनुसार, कोंटा विकासखंड के मुकरम, दरभायूड़ा, चितलनार, चिमलीपेंटा, गगनपल्ली, बिरला, मानीकोंटा, भेजी, बण्डा, फंदीगुड़ा और केरलापेंदा समेत कई गांवों में हजारों एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में अज्ञात व्यक्तियों के नाम दर्ज होने की शिकायत है। मोर्चा ने इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, गलत प्रविष्टियों को दुरुस्त करने और वास्तविक रूप से जमीन पर काबिज आदिवासी परिवारों के नाम पट्टे जारी करने की मांग रखी। &amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पात्र आदिवासी परिवारों को 10 एकड़ तक वनाधिकार पट्टा देने की मांग&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ग्रामीणों ने वनाधिकार मान्यता कानून के तहत पात्र परिवारों को नियमानुसार अधिकतम 10 एकड़ तक व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि वर्षों से जंगल और जमीन पर निर्भर रहने वाले परिवारों को कानूनी रूप से उनके अधिकार मिलने चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा मालिक मकबूजा व्यवस्था के अंतर्गत पेड़ों की कटाई के नाम पर खरीदी गई जमीनों की जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। मोर्चा ने वास्तविक भूमि स्वामियों को उनका अधिकार वापस दिलाने पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक ग्राम को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी करने की मांग की गई। इससे ग्राम सभाएं अपनी पारंपरिक वन संपदा का संरक्षण, प्रबंधन और कानून के दायरे में उसका उपयोग कर सकेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;फसल बर्बादी से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा और कर्ज माफी की मांग&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आमसभा में किसानों की आर्थिक परेशानियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मोर्चा ने बताया कि इस वर्ष अपर्याप्त बारिश और बाद में आए तूफान व चक्रवाती मौसम के चलते खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस स्थिति को देखते हुए पूरे सुकमा जिले को अकालग्रस्त घोषित करने की मांग की गई। ज्ञापन में प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे कराने, किसानों को उचित मुआवजा देने और तत्काल राहत कार्य शुरू करने की बात कही गई। इसके अलावा आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए कृषि ऋण माफ करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन: मनीष कुंजाम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक और बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम ने कहा कि हजारों ग्रामीणों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि जमीन और वन अधिकारों से जुड़ी समस्याएं गंभीर हैं। इनका समाधान समय रहते होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पांच सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करने और तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। कुंजाम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया और मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;नक्सल प्रभावित सुकमा में लोकतांत्रिक लामबंदी बनी चर्चा का विषय&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सुकमा में हजारों ग्रामीणों का एक साथ जिला मुख्यालय पहुंचना केवल जमीन और वन अधिकारों से जुड़ा प्रदर्शन नहीं, बल्कि जिले में बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल का भी संकेत माना जा रहा है। नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर विकास और लोकतांत्रिक गतिविधियों की ओर बढ़ रहे क्षेत्र में ग्रामीणों का इस तरह संगठित होकर अपनी मांगें रखना महत्वपूर्ण है। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर हैं कि पांच सूत्रीय ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर क्या कार्रवाई होती है और प्रभावित ग्रामीण परिवारों को कब तक राहत मिलती है।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 10:33:03 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200600</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bhopal-municipal-corporation-employees-strike-garbage-water-crisis</link><category>राज्य</category><title>भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल से बिगड़ी व्यवस्था, कचरे के ढेर के बीच पेयजल संकट का खतरा</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की व्यवस्थाओं को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार दूसरे दिन जारी इस आंदोलन के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। घरों से कचरा उठाने का काम बंद होने से सड़कों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। वहीं, जलप्रदाय विभाग के कर्मचारियों के भी आंदोलन में शामिल होने से अब लोगों के सामने पेयजल संकट की आशंका खड़ी हो गई है। नगर निगम के करीब 13 हजार कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करना, अनुकंपा नियुक्ति देना और अन्य लंबित मांगों का निराकरण शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा होने के बाद ही आंदोलन को लेकर अगला निर्णय लिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;400 से अधिक कचरा वाहन बंद, रोजाना 850 टन कचरा होता है जमा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे ज्यादा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। घरों से कचरा एकत्र करने वाली 400 से अधिक गाड़ियां फिलहाल गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में ये वाहन प्रतिदिन दो से तीन चक्कर लगाकर शहर के अलग-अलग इलाकों से कचरा उठाते हैं। भोपाल में प्रतिदिन लगभग 850 टन कचरा निकलता है। इसे शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर एकत्र करने के बाद कैप्सूल टैंकरों के माध्यम से आदमपुर छावनी स्थित कचरा निष्पादन केंद्र तक पहुंचाया जाता है। लेकिन दो दिनों से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कचरा घरों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा होने लगा है। कई इलाकों में डस्टबिन भर चुके हैं और कचरा सड़कों तक फैलने लगा है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन पर पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सफाई व्यवस्था के बाद अब जलप्रदाय विभाग पर भी हड़ताल का असर पड़ने की संभावना है। कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई रोकने की चेतावनी दी है। राजधानी में 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन हैं। ऐसे में यदि जलप्रदाय विभाग के कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो शहर के कई क्षेत्रों में पानी की नियमित आपूर्ति बाधित हो सकती है।&lt;br&gt;फिलहाल पेयजल सप्लाई बंद होने की आशंका के बीच नगर निगम के सामने इस व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;अटल भवन में भी ठप हुआ नगर निगम का कामकाज&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हड़ताल का प्रभाव केवल सफाई और जलप्रदाय तक सीमित नहीं है। नगर निगम मुख्यालय अटल भवन में भी कार्यालयीन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से विभिन्न विभागों का कामकाज रुक गया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय की बिजली आपूर्ति बंद कर परिसर में ताला लगा दिया था। कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी काम बंद रखने की बात कही है। इसका असर नगर निगम के सभी 85 वार्डों और 21 जोन में देखने को मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;भोपाल के साथ शिवपुरी और विदिशा में भी कर्मचारियों का प्रदर्शन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;नगर निगम कर्मचारियों का यह आंदोलन राजधानी तक सीमित नहीं है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के अनुसार, भोपाल में लगभग 7 हजार सफाईकर्मी और 6 हजार अन्य कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। आंदोलन में कंप्यूटर ऑपरेटर, लिपिक, जलप्रदाय, अग्निशमन, भवन अनुज्ञा, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। भोपाल के अलावा शिवपुरी और विदिशा सहित प्रदेश के अन्य शहरों में भी कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। शिवपुरी नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी आंदोलन में शामिल बताए जा रहे हैं। प्रदेशभर में एक लाख से अधिक कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मुख्यमंत्री से बातचीत पर टिकी आंदोलन की अगली रणनीति&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राजधानी की बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। एक तरफ शहर में कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित है, तो दूसरी तरफ पानी की सप्लाई को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ होने वाली संभावित मुलाकात पर टिकी हैं। बातचीत के बाद ही हड़ताल समाप्त होने या आंदोलन को आगे बढ़ाने के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 10:10:46 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200599</guid><link>https://www.inhnews.in/news/morning-breaking-dhanteras-school-holiday-pm-awas-scholarship-2026</link><category>राज्य</category><title>Morning Breaking: छत्तीसगढ़ में धनतेरस की धूम, 4,670 नए PM आवास मंजूर, स्कूलों में 11 नवंबर तक छुट्टी</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Morning Breaking: &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में आज यानी 6 नवंबर को धनतेरस का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। त्योहार को लेकर बाजारों में खरीदारी का माहौल है। वहीं, प्रदेश में शिक्षा, आवास और छात्र कल्याण से जुड़ी कई अहम खबरें भी सामने आई हैं। स्कूलों में दीपावली की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों नए घरों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने का एक और मौका दिया गया है। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ की आज की प्रमुख खबरें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;छत्तीसगढ़ में धनतेरस की धूम, बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;रायपुर। प्रदेशभर में आज धनतेरस का त्योहार पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए राजधानी रायपुर के बाजारों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य घरेलू सामानों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। मान्यता के अनुसार इस दिन नई वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इसी वजह से लोग अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, घरों में भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु सुख-समृद्धि, खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करेंगे। त्योहार को देखते हुए बाजारों में भी रौनक बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;स्कूलों में दीपावली की छुट्टियां शुरू, 11 नवंबर तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ के स्कूली विद्यार्थियों के लिए दीपावली की छुट्टियां आज 6 नवंबर से शुरू हो गई हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के संशोधित आदेश के अनुसार प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में इस बार कुल छह दिनों का अवकाश निर्धारित किया गया है। पहले शासन की ओर से दीपावली के लिए पांच दिन की छुट्टी घोषित की गई थी। बाद में आदेश में बदलाव करते हुए अवकाश की अवधि बढ़ाकर छह दिन कर दी गई। जारी कार्यक्रम के मुताबिक प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों में 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक दीपावली की छुट्टियां रहेंगी। इसके साथ ही डीएड, बीएड और एमएड कॉलेजों में भी इसी अवधि के दौरान अवकाश रहेगा। इस फैसले से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;PM आवास योजना: छत्तीसगढ़ को दीपावली का तोहफा, 4,670 नए घरों को मिली मंजूरी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रदेश में 4,670 अतिरिक्त आवासों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। ये नए आवास प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। इस मंजूरी के बाद शहरी क्षेत्र में आवास योजना का दायरा और बढ़ गया है। योजना के आंकड़ों के अनुसार, बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) श्रेणी में स्वीकृत मकानों की संख्या बढ़कर 60,623 हो गई है। वहीं, अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) श्रेणी के तहत अब तक 15,463 आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है। इस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में कुल 76,086 घरों के निर्माण को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। इस पहल से शहरी क्षेत्रों में अपने पक्के मकान का सपना देख रहे पात्र परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;महासमुंद। दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए दिव्यांगजन केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 नवंबर 2026 कर दी गई है। इससे पहले आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई थी। समय सीमा बढ़ाए जाने से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। उप संचालक संगीता सिंह के मुताबिक, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं के नियमित दिव्यांग छात्र-छात्राएं पात्र होंगे। इच्छुक विद्यार्थी नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे 30 नवंबर 2026 से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें, जिससे छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 09:57:06 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200598</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhanteras-2026-puja-vidhi-shubh-muhurat-puja-samagri</link><category>अध्यात्म</category><title>Dhanteras 2026: आज धनतेरस पर ऐसे करें भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;धनतेरस 2026: &lt;/strong&gt;आज 6 नवंबर शुक्रवार को पूरे देश में धनतेरस का पावन पर्व मनाया जा रहा है। दीपावली के पांच दिवसीय त्योहार का आगाज इसी दिन से होता है। हिंदू धर्म में धनतेरस का विशेष महत्व है। इस अवसर पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता भगवान कुबेर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शुभ समय में पूजा-अर्चना और खरीदारी करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही संध्याकाल में यमराज के निमित्त दीपदान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि यम दीपदान करने से परिवार पर अकाल मृत्यु का भय कम होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;धनतेरस 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कर परिवार की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति की कामना करते हैं। धनतेरस पर पूजा और खरीदारी के लिए शुभ समय का निर्धारण स्थानीय पंचांग के आधार पर किया जाता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पूजा 2026: पूजन से पहले तैयार रखें ये जरूरी सामग्री&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धनतेरस की पूजा को विधिपूर्वक संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक वस्तुओं को पहले से एकत्रित कर लेना चाहिए। पूजा सामग्री को मुख्य रूप से इन श्रेणियों में बांटा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. पूजा चौकी और स्थापना की सामग्री, लकड़ी की चौकी, लाल या पीले रंग का कपड़ा,साबुत चावल (अक्षत)।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. पूजा स्थल की शुद्धि के लिए पंचपात्र, आचमनी, गंगाजल, गुलाब की पंखुड़ियां।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. तिलक और पूजन सामग्री रोली और कुमकुम चंदन, कलावा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. भोग और प्रसाद &lt;!--StartFragment--&gt;के लिए&amp;nbsp;&lt;!--EndFragment--&gt;बताशे, खीर, पंचामृत, पान और सुपारी, लौंग।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. दीप प्रज्वलन और दीपदान चार मुख वाला मिट्टी का दीपक, 13 मिट्टी के दीपक, सरसों का तेल, गाय का घी, रूई की बातियां, इनके अलावा फूल, फल, मिठाई, धूप, कपूर, कलश और भगवान गणेश, धन्वंतरि, कुबेर तथा माता लक्ष्मी की प्रतिमाएं या तस्वीरें भी पूजा के लिए तैयार रखें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&amp;nbsp;इस क्रम से करें देवी-देवताओं की पूजा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;धनतेरस के दिन पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से करना शुभ माना जाता है। इसके बाद भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की आराधना की जाती है। अंत में माता लक्ष्मी का पूजन कर आरती और प्रसाद वितरण किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;1. सबसे पहले भगवान गणेश का करें पूजन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय माना गया है। इसलिए धनतेरस की पूजा शुरू करने से पहले गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर उनका ध्यान करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूजा स्थल पर दीपक और धूप जलाएं।&lt;br&gt;भगवान गणेश को हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।&lt;br&gt;मोदक या अन्य पसंदीदा मिठाई का भोग लगाएं।&lt;br&gt;परिवार की खुशहाली और पूजा की निर्विघ्न समाप्ति की प्रार्थना करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गणेश मंत्र:&lt;br&gt;ॐ गं गणपतये नमः।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;2. भगवान धन्वंतरि की आराधना से मांगें आरोग्य का आशीर्वाद&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;गणेश पूजन के बाद भगवान धन्वंतरि की पूजा करें। धार्मिक मान्यता में उन्हें आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। धनतेरस का पर्व उनके प्राकट्य से भी जुड़ा हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भगवान धन्वंतरि को पंचामृत अर्पित करें।&lt;br&gt;पुष्प, अक्षत और धूप से पूजन करें।&lt;br&gt;परिवार के सभी सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।&lt;br&gt;रोगों से मुक्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद मांगें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धन्वंतरि मंत्र:&lt;br&gt;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः॥&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;3. धन और संपन्नता के लिए करें कुबेर देव की पूजा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;भगवान धन्वंतरि के पूजन के बाद धन के अधिपति भगवान कुबेर की आराधना करें। उन्हें धन-धान्य और वैभव का रक्षक माना जाता है।&lt;br&gt;भगवान कुबेर को फूल और अक्षत चढ़ाएं।&lt;br&gt;पूजा स्थल पर कुछ सिक्के रखें।&lt;br&gt;धनतेरस पर खरीदे गए सोने-चांदी के आभूषण भी पूजन में शामिल कर सकते हैं।&lt;br&gt;परिवार की आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुबेर मंत्र:&lt;br&gt;ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;4. अंत में माता लक्ष्मी की करें विशेष आराधना&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;धनतेरस की पूजा में माता लक्ष्मी का पूजन विशेष महत्व रखता है। उन्हें धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।&lt;br&gt;रोली, कुमकुम और अक्षत से पूजन करें।&lt;br&gt;मिठाई, फल और बताशे का भोग लगाएं।&lt;br&gt;घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी की आरती करें।&lt;br&gt;घर में सुख, शांति और निरंतर समृद्धि बनाए रखने की कामना करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;माता लक्ष्मी मंत्र:&lt;br&gt;ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूजा के अंत में सभी देवी-देवताओं की आरती करें और परिवार के सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;धनतेरस पर खरीदारी और दीपदान का भी है विशेष महत्व&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;धनतेरस पर पूजा के साथ खरीदारी की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसके अलावा झाड़ू खरीदने की भी धार्मिक मान्यता है। मान्यता के अनुसार, इन वस्तुओं की खरीदारी से घर में बरकत और सकारात्मकता आती है। वहीं, शाम के समय यमराज के नाम से दीपदान किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ध्यान रखने योग्य बात:&lt;/strong&gt; पूजा और खरीदारी के शुभ समय में स्थान के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए किसी भी धार्मिक कार्य से पहले स्थानीय पंचांग का समय जरूर देख लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 08:23:51 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200597</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cristiano-ronaldo-international-football-retirement-portugal</link><category>खेल</category><title>क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास! 23 साल का सफर खत्म, पुर्तगाल की नंबर-7 जर्सी को कहेंगे अलविदा</title><description>&lt;p&gt;फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर संन्यास की घोषणा का दावा किया जा रहा है। करीब 23 वर्षों तक पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले रोनाल्डो ने अपने शानदार सफर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होगी। 234 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 146 गोल करने वाले रोनाल्डो पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं। उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरो कप का खिताब अपने नाम किया था। अगर यह घोषणा आधिकारिक रूप से पुष्ट होती है, तो राष्ट्रीय टीम के साथ उनका ऐतिहासिक सफर एक नए अध्याय में प्रवेश करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;23 साल का अंतरराष्ट्रीय सफर और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अगस्त 2003 में पुर्तगाल की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए डेब्यू किया था। उस समय उनकी उम्र केवल 18 वर्ष थी। शुरुआती दौर में अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता से उन्होंने पहचान बनाई। धीरे-धीरे वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने और कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रोनाल्डो ने 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा मैच खेलने और सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। उनकी उपलब्धियों में छह फीफा विश्व कप में हिस्सा लेना भी शामिल है। उन्होंने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के विश्व कप में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। वह छह अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर भी बने।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;यूरो कप 2016 की ऐतिहासिक जीत हमेशा रहेगी याद&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे यादगार पल साल 2016 में आया। फ्रांस में आयोजित यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप में पुर्तगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में पुर्तगाल का सामना मेजबान फ्रांस से हुआ था। मुकाबले में चोट के कारण रोनाल्डो को मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने कप्तान के तौर पर टीम का हौसला बढ़ाया। अतिरिक्त समय में पुर्तगाल ने 1-0 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इसके बाद पुर्तगाल ने 2019 और 2025 में यूएफा नेशंस लीग का खिताब जीतकर अपनी सफलता में दो और बड़ी ट्रॉफियां जोड़ीं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;भावुक संदेश के साथ नंबर-7 जर्सी को कहा अलविदा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करके अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई का ऐलान किया। अपने संदेश में उन्होंने पुर्तगाल की प्रतिष्ठित नंबर-7 जर्सी को लेकर भावुक बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात रही है। उन्होंने कभी इस जर्सी को केवल अपनी संपत्ति नहीं समझा, बल्कि इसे पूरे पुर्तगाल और वहां के लोगों की पहचान माना। रोनाल्डो ने अपने संदेश में यह भी कहा कि अब इस जर्सी को भविष्य की पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए गए 23 साल उनके जीवन का बेहद खास हिस्सा रहे हैं। उन्होंने प्रशंसकों, साथियों, कोच और टीम के सहयोगी स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि पुर्तगाल हमेशा उनके दिल में रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कोच जॉर्ज जीसस के साथ विवाद के बाद बढ़ी थीं अटकलें&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;रोनाल्डो के संन्यास की घोषणा से पहले पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में उनके और मुख्य कोच जॉर्ज जीसस के बीच मतभेद की खबरें चर्चा में थीं। मामला सितंबर में नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबले के बाद सामने आया। इस मैच में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत हासिल की थी, लेकिन रोनाल्डो को मैदान पर खेलने का अवसर नहीं मिला। मुकाबले के बाद रोनाल्डो सीधे ड्रेसिंग रूम चले गए। इसके बाद उनके ट्रेनिंग कैंप छोड़ने की खबर ने फुटबॉल जगत में हलचल मचा दी। इस घटनाक्रम के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;खेलने का मौका नहीं मिलने पर रोनाल्डो ने जताई थी नाराजगी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ट्रेनिंग कैंप छोड़ने के बाद रोनाल्डो ने एक विस्तृत बयान जारी किया था। इसमें उन्होंने कोच जॉर्ज जीसस पर पहले से तय योजना से पीछे हटने का आरोप लगाया था। रोनाल्डो के अनुसार, उन्हें नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में सब्स्टीट्यूट के रूप में उतारने की बात कही गई थी। इसी उम्मीद में उन्होंने वॉर्मअप भी किया, लेकिन बाद में उन्हें मैदान पर खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने इसे भरोसे से जुड़ा मामला बताया था। दूसरी ओर, कोच जॉर्ज जीसस ने स्वीकार किया कि रोनाल्डो को वॉर्मअप कराने के बाद मैदान पर नहीं उतारना उनकी गलती थी। इस घटनाक्रम के बाद पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए रोनाल्डो पर 30 दिनों का निलंबन और जुर्माना लगाया था। बाद में रोनाल्डो ने अपने व्यवहार के लिए प्रशंसकों से माफी भी मांगी और सजा स्वीकार की।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;अल नासर के लिए खेलते रहेंगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बावजूद रोनाल्डो का फुटबॉल करियर समाप्त नहीं हुआ है। वह सऊदी अरब के क्लब अल नासर की ओर से खेलना जारी रखेंगे। क्लब फुटबॉल में उनके सामने अभी भी कई लक्ष्य हैं। इनमें करियर के 1000 गोल पूरे करने का लक्ष्य सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। रोनाल्डो और लियोनेल मेसी ने पिछले दो दशकों में फुटबॉल को नई पहचान दी है। दोनों खिलाड़ियों के बीच प्रतिद्वंद्विता ने दुनिया भर के प्रशंसकों को लंबे समय तक रोमांचित किया। अब पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम में रोनाल्डो की कमी जरूर महसूस होगी। 146 गोल, 234 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और कई ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ उन्होंने अपने देश के फुटबॉल इतिहास में ऐसी जगह बनाई है, जिसे भुलाना आसान नहीं होगा।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 07:58:17 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200596</guid><link>https://www.inhnews.in/news/aaj-ka-rashifal-6-november-2026-horoscope-today</link><category>अध्यात्म</category><title>6 November Rashifal 2026: धनु राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ, मेष से मीन तक जानें सभी 12 राशियों का हाल</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;6 November Rashifal 2026: &lt;/strong&gt;आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग संभावनाएं लेकर आया है। किसी राशि के जातकों को करियर और कारोबार में तरक्की के अवसर मिलेंगे, तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों और पारिवारिक रिश्तों में सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। आज धनु राशि के जातकों के मान-सम्मान में वृद्धि होने के संकेत हैं। संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है और व्यापारिक गतिविधियों में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। वहीं, कुछ राशियों को जल्दबाजी, गुस्से और अनावश्यक खर्चों से बचना होगा। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा शुक्रवार का दिन।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मेष राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;कार्यक्षेत्र में आज का दिन सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आपकी मेहनत और कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित होंगे, मान-सम्मान में बढ़ोतरी संभव है। &amp;nbsp;गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। आर्थिक रूप से धन प्राप्त होगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;वृषभ राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आज भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। काम में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। मित्रों और परिचितों का सहयोग आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। स्वास्थ्य सामान्य बना रहेगा। &amp;nbsp;रुके हुए कारोबारी काम आगे बढ़ेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मिथुन राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;प्रेम संबंधों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं और पुराने अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। अचानक किसी यात्रा की योजना बन सकती है। आर्थिक बजट का ध्यान रखें। व्यापार में कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कर्क राशि&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;कामकाज के लिहाज से बेहतर दिन रहने की उम्मीद है। धन लाभ के अवसर बनेंगे। खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ा सकती है। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और लंबी दूरी की यात्रा फिलहाल टालने का प्रयास करें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;सिंह राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आर्थिक लेन-देन में विशेष सावधानी बरतनी होगी। किसी को भी पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह विचार करें। पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में सुधार लाने की कोशिश सफल हो सकती है। संतान की ओर से खुशी मिलने के संकेत हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कन्या राशि&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;करियर में किए गए प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है। आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। सफलता पाने के लिए मेहनत और आत्मविश्वास बनाए रखें। किसी महत्वपूर्ण फैसले में अपनी अंतरात्मा की आवाज को महत्व दें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;तुला राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;परिवार से जुड़े कई जरूरी काम पूरे हो सकते हैं। हालांकि, निवेश और पैसों के मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी होगा। आज स्वभाव में चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है, इसलिए बातचीत के दौरान संयम रखें। घरेलू खर्चों में बढ़ोतरी संभव है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;वृश्चिक राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;वाहन चलाते समय सावधानी रखें, क्योंकि चोट लगने की आशंका है। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना भी जरूरी होगा। पारिवारिक विवादों को बढ़ाने के बजाय बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें। व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;धनु राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आज का दिन आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से शुभ संकेत लेकर आया है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ सकता है। प्रॉपर्टी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मकर राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;भाग्य का सहयोग मिल सकता है। कामकाज में तेजी दिखाने और लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए दिन अच्छा रह सकता है। जीवनसाथी का साथ और सहयोग मिलेगा, जिससे मानसिक उलझनें कम हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कुंभ राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। दूर स्थान से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मित्रों और अनुभवी लोगों की सलाह से आपको कामकाज में फायदा हो सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का प्रयास करें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मीन राशि &amp;nbsp;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं। आपकी निर्णय लेने और नेतृत्व करने की क्षमता मजबूत होगी। भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए बचत पर ध्यान देना जरूरी है। &amp;nbsp;यात्रा से लाभ मिलने की संभावना है। &amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Fri, 06 Nov 2026 07:36:33 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200595</guid><link>https://www.inhnews.in/news/pendrawan-reservoir-mining-protest-farmers-gherao-water-resources-department</link><category>राज्य</category><title>पेंड्रावन जलाशय में खनन की अनुमति के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, जल संसाधन विभाग का किया घेराव</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मोहम्मद हसन // रायपुर: &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ के तिल्दा में पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में चूना पत्थर खनन की अनुमति के खिलाफ किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार, 5 नवंबर को पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने रैली निकालकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और खनन की अनुमति तत्काल निरस्त करने की मांग की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संघर्ष समिति ने प्रमुख अभियंता के नाम सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि किसानों के भारी विरोध के बावजूद जल संसाधन विभाग ने 23 जुलाई 2025 को अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को 1722 एकड़ क्षेत्र में लाइमस्टोन माइनिंग के लिए दोबारा एनओसी जारी कर दी। समिति का कहना है कि यह फैसला जलाशय की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला है और इससे क्षेत्र के किसानों के हित प्रभावित होंगे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;हाईकोर्ट के आदेश को लेकर उठाए सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;किसान संघर्ष समिति ने एनओसी जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। समिति के मुताबिक, 25 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट ने शासन को निर्देश दिया था कि यदि विभाग एनओसी पर दोबारा विचार करता है तो इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया जाए। यह समिति जलाशय पर खनन के संभावित प्रभावों की समीक्षा करेगी। संघर्ष समिति का आरोप है कि कोर्ट ने दोबारा एनओसी जारी करने के लिए कोई बाध्यता नहीं रखी थी, इसके बावजूद विभाग ने अनुमति जारी कर दी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;तकनीकी समिति की अनुशंसा पर भी उठे सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ज्ञापन में बताया गया कि जल संसाधन विभाग ने पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने 18 सितंबर 2024 को बंगोली रेस्ट हाउस में पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। समिति का आरोप है कि स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद खनन प्रस्ताव के पक्ष में एनओसी की अनुशंसा की गई। किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कंपनी और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;डेम सेफ्टी बोर्ड की रिपोर्ट का दिया हवाला&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;संघर्ष समिति ने डेम सेफ्टी बोर्ड की 4 मई 2025 को भेजी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें IIT रुड़की के अध्ययन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। समिति के अनुसार, अध्ययन से संबंधित पूर्व सहमति और टर्म्स ऑफ रेफरेंस डेम सेफ्टी बोर्ड के साथ साझा नहीं किए गए थे। ज्ञापन में दावा किया गया कि रिपोर्ट में खनन से पेंड्रावन जलाशय के अस्तित्व पर गंभीर खतरा होने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;एनओसी निरस्त नहीं हुई तो होगा चक्काजाम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;किसान संघर्ष समिति ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि पेंड्रावन जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में खनन के लिए जारी एनओसी निरस्त नहीं की गई तो रायपुर-बालोदाबाजार सड़क मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा। समिति ने जलाशय के संरक्षण और किसानों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रदर्शन में पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित आलोक शुक्ला, उधोराम वर्मा, अनिल नायक, घनश्याम वर्मा, कुंजलाल वर्मा, मनहरण वर्मा, प्रदीप मढ़रिया, हेमंत ठाकुर, देवव्रत नायक, प्रकाश सागरवंशी, अंकित वर्मा समेत बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 19:28:37 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200594</guid><link>https://www.inhnews.in/news/india-sri-lanka-2026-first-odi-shifted-from-delhi-to-visakhapatnam-bcci</link><category>देश</category><title>दिल्ली की प्रदूषित हवा का असर! भारत-श्रीलंका मैच का वेन्यू बदला, विशाखापट्टनम में होगा पहला वनडे</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;भारत और श्रीलंका के बीच दिसंबर 2026 में होने वाली व्हाइट बॉल सीरीज से पहले बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और अरुण जेटली स्टेडियम में चल रहे नवीनीकरण कार्य के चलते पहले वनडे मुकाबले को दिल्ली से विशाखापट्टनम शिफ्ट कर दिया गया है। यह मैच पहले 13 दिसंबर को दिल्ली में खेला जाना था, लेकिन अब इसकी मेजबानी विशाखापट्टनम का ACA-VDCA क्रिकेट स्टेडियम करेगा। BCCI ने गुरुवार, 5 नवंबर को आधिकारिक रिलीज जारी कर इसकी पुष्टि की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;DDCA के अनुरोध पर बदला गया वेन्यू&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) ने BCCI से पहले वनडे का स्थान बदलने का अनुरोध किया था। इसके साथ ही अरुण जेटली स्टेडियम में प्रस्तावित नवीनीकरण कार्य भी वेन्यू बदलने की एक वजह बना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BCCI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, संभावित मौसम संबंधी बाधाओं और स्टेडियम में होने वाले नवीनीकरण कार्यों को ध्यान में रखते हुए DDCA के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया है। अब 13 दिसंबर को होने वाला पहला वनडे विशाखापट्टनम में खेला जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत-श्रीलंका सीरीज का पूरा शेड्यूल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत और श्रीलंका के बीच इस दौरे पर तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे सीरीज की शुरुआत 13 दिसंबर से होगी, जबकि टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 दिसंबर को खेला जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वनडे सीरीज&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;13 दिसंबर 2026, रविवार — पहला वनडे, विशाखापट्टनम, दोपहर 2 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;16 दिसंबर 2026, बुधवार — दूसरा वनडे, बेंगलुरु, दोपहर 2 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;19 दिसंबर 2026, शनिवार — तीसरा वनडे, अहमदाबाद, दोपहर 2 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;टी20 सीरीज&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;22 दिसंबर 2026, मंगलवार — पहला टी20, राजकोट, शाम 7 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;24 दिसंबर 2026, गुरुवार — दूसरा टी20, कटक, शाम 7 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;27 दिसंबर 2026, रविवार — तीसरा टी20, पुणे, शाम 7 बजे&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;h2&gt;टीम इंडिया का ऐलान अभी नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत और श्रीलंका की इस व्हाइट बॉल सीरीज के लिए BCCI ने अभी तक भारतीय टीम की घोषणा नहीं की है। फिलहाल बोर्ड की ओर से मुकाबलों का कार्यक्रम और वेन्यू की जानकारी साझा की गई है। टीम चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों को आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में प्रदूषण और स्टेडियम के नवीनीकरण के चलते मैच का स्थान बदलने का यह फैसला सीरीज से पहले चर्चा में आ गया है। अब क्रिकेट फैंस की निगाहें विशाखापट्टनम में होने वाले पहले वनडे पर रहेंगी।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 19:22:00 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200593</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mungeli-piyush-singh-death-case-murder-or-suicide-postmortem-report</link><category>राज्य</category><title>युवक की हत्या या आत्महत्या? 2 महीने बाद भी नहीं खुला मौत का राज, परिवार ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सैय्यद वाजिद, मुंगेली।&lt;/strong&gt; जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरटापू-मोतिमपुर में निर्माणाधीन पुल पर युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटकी लाश मिलने के मामले में करीब दो महीने बाद भी मौत की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। शुरुआत में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह को लेकर स्पष्ट अभिमत नहीं मिलने से पुलिस की जांच उलझ गई है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने आत्महत्या की थी या उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया था। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए तीन युवकों पर संदेह जाहिर किया है और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। न्याय की आस में दो महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे परिजनों ने अब सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन और सीएमएचओ कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, ग्राम टेढ़ाधौरा निवासी 23 वर्षीय पीयूष सिंह कांति कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार के अधीन अमरटापू-मोतिमपुर में निर्माणाधीन पुल पर चौकीदार के रूप में काम करता था। बीते 20 अगस्त को निर्माण स्थल पर उसका शव फांसी के फंदे पर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका हुआ मिला था। घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों पर स्पष्ट राय नहीं मिलने के बाद मामला पेचीदा हो गया। अब पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच करने की बात कह रही है, लेकिन चिकित्सकीय अभिमत के अभाव में विवेचना आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;शव की स्थिति और डॉक्टर के बताए अनुसार परिजनों ने जताई हत्या की आशंका&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मृतक के परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बताए अनुसार और घटनास्थल पर शव जिस स्थिति में मिला था उससे उन्हें शुरू से ही हत्या की आशंका है। उनका दावा है कि पीयूष की हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिजनों ने युवक के साथ आखिरी समय में मौजूद रहे तीन युवकों पर संदेह जताते हुए उनके नाम सहित लिखित आवेदन पुलिस को सौंपा है।परिजनों ने जांच के शुरुआती चरण में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने उन परिस्थितियों और संदिग्ध बिंदुओं को गंभीरता से नहीं लिया, जिनसे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती थी। इस संबंध में परिजनों ने पुलिस को चार पन्नों का विस्तृत दस्तावेज सौंपा है, जिसमें उन तमाम बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर वे पीयूष की मौत को आत्महत्या के बजाय हत्या मान रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पीएम रिपोर्ट की फाइल बिलासपुर से रायपुर तक लगा रही चक्कर&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय अभिमत को लेकर खड़ा हो रहा है। परिजनों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई थी। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक जांच के लिए बिसरा सुरक्षित कर भेजा था। अब बिसरा रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों को चिकित्सकीय विशेषज्ञों के पास भेजकर मौत के कारणों पर अंतिम राय लेने की प्रक्रिया चल रही है।हैरानी की बात यह है कि घटना के करीब दो महीने बाद भी पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की ओर से स्पष्ट अभिमत सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम से संबंधित फाइल बिलासपुर से वापस मुंगेली पहुंची, लेकिन वहां भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उसे दोबारा रायपुर भेजे जाने की बात सामने आई है। ऐसे में मौत की असल वजह जानने के लिए परिजन लगातार इंतजार कर रहे हैं, वहीं चिकित्सकीय राय के अभाव में पुलिस की विवेचना भी आगे बढ़ने का इंतजार कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;हताश पिता का दर्द, न्याय की आस में सिस्टम के चक्कर काट रहा परिवार&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;बेटे की संदिग्ध मौत के दो महीने बाद भी जवाब नहीं मिलने से पिता पुष्पराज सिंह का धैर्य अब जवाब देने लगा है। उनका कहना है कि बेटे को न्याय दिलाने की उम्मीद लेकर वे लगातार पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन और निराशा ही हाथ लगी है। घर लौटने पर परिवार के सदस्य उनसे पूछते हैं कि बेटे की मौत की जांच में क्या हुआ, लेकिन उनके पास बताने के लिए कोई ठोस जवाब नहीं होता,पिता की पीड़ा यह है कि जिस बेटे की मौत का सच सामने आना चाहिए, उसी सच को जानने के लिए उन्हें महीनों से दफ्तरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। परिवार का आरोप है कि न्याय की उम्मीद में सरकारी व्यवस्था का दरवाजा खटखटाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। बेटे को खोने का गम और मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने की पीड़ा ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;सात दिन का अल्टीमेटम, सीएमएचओ कार्यालय घेराव की चेतावनी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;लगातार हो रही देरी से नाराज परिजनों ने अब स्वास्थ्य विभाग के सामने अपनी मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिवस के भीतर पीयूष सिंह की मौत के संबंध में स्पष्ट चिकित्सकीय अभिमत उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे और सीएमएचओ कार्यालय का घेराव करेंगे। उनका कहना है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी यदि मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाती है, तो आखिर पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद किससे करे?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल पीयूष सिंह की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे हत्या की साजिश थी, इसका खुलासा चिकित्सकीय अभिमत और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। लेकिन दो महीने से लंबित इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्टिंग प्रक्रिया और पुलिस विवेचना की गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सात दिन के अल्टीमेटम के बाद विभाग स्पष्ट राय देता है या फिर न्याय की आस में भटक रहे परिवार को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 18:30:11 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200592</guid><link>https://www.inhnews.in/news/neet-protest-police-action-supreme-court-hearing-jantar-mantar</link><category>देश</category><title>NEET प्रदर्शन में पुलिस की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पीड़ितों से शिकायत दर्ज कराने की अपील; 2 दिसंबर को अगली सुनवाई</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने शिकायतों की जांच के लिए गठित हाई पावर्ड कमेटी की कार्यप्रणाली पर जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए 13 अक्टूबर से ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जा चुका है। इस पोर्टल पर शिकायत करने वालों की पहचान गोपनीय रखने की व्यवस्था भी की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कमेटी की पहली रिपोर्ट के मुताबिक अब तक उसे बहुत कम शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अदालत ने याचिकाकर्ताओं से अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोग कमेटी को बता सकेंगे अपनी परेशानी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों को पुलिस की कार्रवाई या कथित अतिरिक्त बल प्रयोग से परेशानी हुई है, वे सीधे हाई पावर्ड कमेटी के सामने अपनी शिकायत रख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। खास बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को भी कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने की अनुमति दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे उन लोगों तक पहुंचें, जो प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित हुए थे। उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि कमेटी सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर तथ्यों के आधार पर जांच कर सके।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कम शिकायतें मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अदालत ने बताया कि शिकायतों के लिए पोर्टल शुरू होने के बावजूद कमेटी की शुरुआती रिपोर्ट में बहुत कम शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पीड़ितों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कमेटी का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से संबंधित शिकायतों की जांच करना और प्रभावित लोगों की बात सुनना है। अब अगली सुनवाई में कमेटी को प्राप्त शिकायतों और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;2 दिसंबर को फिर होगी सुनवाई&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। अगली सुनवाई में हाई पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट और शिकायतों की संख्या सहित जांच की स्थिति पर जानकारी सामने आ सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुआ था प्रदर्शन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;गौरतलब है कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जून-जुलाई के दौरान देशभर में छात्रों और अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी कड़ी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से भी प्रदर्शन आयोजित किया गया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी। इसके अलावा NEET विवाद से प्रभावित छात्रों और पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कथित बल प्रयोग को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित हाई पावर्ड कमेटी इन शिकायतों की जांच कर रही है। ऐसे में 2 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 17:21:52 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200591</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cm-vishnu-deo-sai-attack-congress-raipur-bjp-loktantra-bachao-rally</link><category>राज्य</category><title>रायपुर में BJP की रैली से कांग्रेस पर बरसे CM साय, बोले- "चुनाव हारते ही EVM और चुनाव आयोग को दोष देती है कांग्रेस"</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के जरिए कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला। सुभाष स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और मंत्री केदार कश्यप सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;चुनाव में हार का ठीकरा EVM और चुनाव आयोग पर फोड़ती है कांग्रेस: CM साय&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कांग्रेस की चुनावी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया में लोकतंत्र की जननी के रूप में पहचान मिली है और भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की वैश्विक स्तर पर सराहना होती है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस जब भी चुनाव में हारती है, तो अपनी कमियों पर विचार करने के बजाय कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग को निशाना बनाने लगती है। उन्होंने इसे कांग्रेस की दोहरी राजनीति करार दिया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;बैलेट पेपर से चुनाव हुआ, फिर भी उठाए सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के चुनावी रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधान परिषद के चुनाव में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। खास बात यह रही कि यह चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया गया था। इसके बावजूद चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस को हर चुनाव के बाद चुनावी प्रक्रिया पर आरोप लगाने के बजाय अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों के भरोसे को प्रभावित करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पदयात्रा के जरिए जनता तक पहुंचेगी भाजपा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से जनता के बीच जागरूकता फैलाने का लक्ष्य रखा है। पार्टी पदयात्रा के जरिए लोगों तक पहुंचेगी और लोकतंत्र की मजबूती का संदेश देगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और पार्टी की विचारधारा तथा संदेश को आम जनता तक पहुंचाने की अपील की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित इस रैली के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की राजनीति पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री के संबोधन में चुनावी हार, ईवीएम, चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस की भूमिका प्रमुख मुद्दे रहे।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 17:00:35 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200590</guid><link>https://www.inhnews.in/news/diwali-chhath-2026-inflation-sweets-almond-pista-tv-ac-price-hike</link><category>देश</category><title>दिवाली-छठ पर महंगाई का डबल अटैक! मिठाई 15% महंगी, बादाम-पिस्ता के दाम उछले, TV-AC खरीदना भी हुआ महंगा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;दिवाली और छठ के त्योहार से पहले बाजारों में खरीदारी की रफ्तार तेज हो गई है। घरों की सजावट, नए कपड़े, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए लोग बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार त्योहार की खुशियों के बीच महंगाई लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है। मिठाई से लेकर बादाम-पिस्ता और टीवी-एसी तक कई चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बाजार से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाइयां पिछले साल के मुकाबले 10 से 15 फीसदी तक महंगी हुई हैं, जबकि बादाम के दाम करीब 35 फीसदी बढ़ गए हैं। पिस्ता की कीमतों में तो लगभग दोगुनी तेजी दर्ज की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका असर मध्य प्रदेश समेत देशभर के बाजारों में त्योहार की खरीदारी पर पड़ सकता है। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की बढ़ती कीमतों ने भी आम परिवारों का बजट प्रभावित किया है। ऐसे में इस बार दिवाली और छठ की खरीदारी के लिए लोगों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TV और AC खरीदने का प्लान है तो बढ़ाएं बजट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी को शुभ माना जाता है। कई परिवार दिवाली पर नया टीवी, एसी या दूसरे घरेलू उपकरण खरीदते हैं। लेकिन इस बार इन उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, Haier, LG और Blue Star जैसी कंपनियों ने अपने कुछ घरेलू उत्पादों के दाम करीब 3 से 7 फीसदी तक बढ़ाए हैं। वहीं Havells India ने भी दिसंबर तिमाही में कुछ उत्पादों की कीमतों में 5 से 7 फीसदी तक इजाफा करने की योजना बताई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तांबे, एल्युमीनियम और अन्य जरूरी कलपुर्जों की लागत बढ़ी है। उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी का असर अब ग्राहकों को चुकाई जाने वाली कीमतों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, कीमतों में बदलाव कंपनी और मॉडल के अनुसार अलग-अलग है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मिठाई के डिब्बे खरीदने में भी खर्च होंगे ज्यादा पैसे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिवाली और छठ के मौके पर मिठाइयों की खरीदारी का खास महत्व होता है। घर आने वाले मेहमानों का स्वागत हो या रिश्तेदारों को उपहार देना, मिठाई के बिना त्योहार अधूरा माना जाता है। लेकिन इस बार मिठाई के शौकीनों को अपना बजट बढ़ाना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाइयों की कीमतों में करीब 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे दूध, खोया, चीनी और ड्राई फ्रूट्स की महंगी होती कीमतों को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। इसके अलावा पैकेजिंग और अन्य उत्पादन खर्च भी बढ़े हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिल्ली के कुछ मिठाई कारोबारियों ने कीमतों में लगभग 15 फीसदी तक बढ़ोतरी की जानकारी दी है, जबकि जयपुर में कुछ दुकानों पर मिठाइयां 10 से 12 फीसदी तक महंगी हुई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महंगे ड्राई फ्रूट्स का असर मिठाई के गिफ्ट पैक पर भी पड़ रहा है। खर्च नियंत्रित रखने के लिए कुछ कारोबारी बादाम और पिस्ता की जगह कद्दू, तरबूज और सूरजमुखी के बीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पिस्ता के दाम करीब दोगुने, अब 2100 रुपये किलो तक कीमत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी करने वालों के लिए इस बार सबसे बड़ा झटका पिस्ता की कीमतों में आई तेजी है। पिछले साल दिवाली के आसपास करीब 900 रुपये प्रति किलो मिलने वाला पिस्ता अब 1500 से 2100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Nuts and Dry Fruits Council (India) के अध्यक्ष गुंजन जैन के मुताबिक, पिस्ता की कीमतों में काफी तेजी आई है। बाजार में इसकी सप्लाई प्रभावित होने और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण लागत बढ़ने की बात सामने आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में फसल प्रभावित होने के साथ पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयात और माल ढुलाई की लागत पर भी असर पड़ा है। भारत अपनी ड्राई फ्रूट्स की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बादाम भी 35 फीसदी महंगे, एक किलो के लिए देने होंगे 1200 रुपये&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पिस्ता के बाद बादाम की कीमतों ने भी ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। Nuts and Dry Fruits Council (India) के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में बादाम के दाम करीब 35 फीसदी तक बढ़े हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पिछली दिवाली के दौरान बादाम लगभग 800 से 900 रुपये प्रति किलो मिल रहे थे, जबकि इस साल इनकी कीमत 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी एक किलो बादाम खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब 200 से 300 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ड्राई फ्रूट्स की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ घरेलू खरीदारी तक सीमित नहीं है। दिवाली और छठ पर उपहार के रूप में दिए जाने वाले ड्राई फ्रूट्स के पैकेट भी महंगे हो सकते हैं। कारोबारियों की लागत बढ़ने से गिफ्ट पैक की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दूध और चीनी की कीमतों ने बढ़ाई मिठाई कारोबारियों की परेशानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मिठाइयों के महंगे होने के पीछे दूध और चीनी की बढ़ती लागत भी एक बड़ी वजह है। बर्फी, रसगुल्ला, पेड़ा और खोया से बनने वाली दूसरी मिठाइयों में इन दोनों चीजों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाजार रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में चीनी की कीमत पिछले महीने 4800 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर करीब 5700 रुपये प्रति क्विंटल बताई जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। इसके बाद टोंड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बढ़ोतरी में 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे, जबकि एक रुपया सहकारी समितियों के संचालन खर्च के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, यह फैसला कर्नाटक के नंदिनी दूध पर लागू है, इसे देशभर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;साबुन, तेल और शैंपू भी महंगे, रोजमर्रा का बजट प्रभावित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;त्योहारों की खरीदारी के बीच आम लोगों को रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। साबुन, शैंपू, तेल और दूसरे पैक्ड उत्पादों की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Hindustan Unilever, Dabur और Marico जैसी कंपनियों ने अपने कुछ उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। कंपनियों ने इसके पीछे कच्चे माल और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी को वजह बताया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। त्योहार के दौरान जब घरों में सामान की खपत और खरीदारी दोनों बढ़ जाती हैं, तब छोटी-छोटी कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी कुल खर्च को काफी बढ़ा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पटाखे और पूजा सामग्री की कीमतों पर क्या है अपडेट?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिवाली की तैयारियों में पटाखे, दीये, सजावटी सामान और पूजा सामग्री भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, इन सभी उत्पादों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है, इसे लेकर फिलहाल कोई एक समान प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन सामानों के दाम शहर, बाजार, गुणवत्ता और दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत दूसरे शहरों में भी ग्राहकों को खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर कीमतों की तुलना करनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिवाली और छठ की खरीदारी में ऐसे बचाएं पैसे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के लिए खरीदारी की योजना पहले से बनाना जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;खरीदारी से पहले जरूरी सामानों की सूची तैयार करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के लिए अलग-अलग दुकानों के भाव पता करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;टीवी और एसी खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों की तुलना करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;गिफ्ट पैक खरीदते समय उसकी कीमत के साथ वजन और सामग्री भी जांचें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;बिना जरूरत महंगे सामान खरीदने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;त्योहार के लिए पहले से बजट तय करें और उसी के अनुसार खरीदारी करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 16:33:33 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200589</guid><link>https://www.inhnews.in/news/taraju-verification-vasooli-ration-shop-operators</link><category>राज्य</category><title>तराजू सत्यापन के नाम पर वसूली का आरोप, कहीं ₹1500 तो कहीं ₹5000 तक लिए पैसे; रसीद को लेकर भी विवाद</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डोंगरगढ़// &amp;nbsp;राजा शर्मा:&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में सरकारी राशन दुकानों के इलेक्ट्रॉनिक तराजू के सत्यापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नापतौल विभाग द्वारा आयोजित सत्यापन शिविर में राशन दुकान संचालकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने के आरोप लगे हैं। संचालकों का दावा है कि किसी से 1500 रुपये तो किसी से 5000 रुपये तक लिए गए, लेकिन भुगतान के बदले विधिवत रसीद नहीं दी गई। अब इस पूरे मामले में खाद्य विभाग और नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;सत्यापन शिविर में शुल्क वसूली पर उठे सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;दरअसल, डोंगरगढ़ विकासखंड में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजू की जांच और सत्यापन के लिए एक दिवसीय शिविर लगाया गया था। इसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के राशन दुकान संचालक अपने तराजू का सत्यापन कराने पहुंचे थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शिविर में प्रक्रिया पूरी कराने के दौरान भुगतान को लेकर विवाद सामने आया। राशन दुकान संचालकों का आरोप है कि हर साल आयोजित होने वाले इस शिविर में प्रति दुकान 1500 रुपये अग्रिम जमा कराए जाते हैं। बताया जा रहा है कि खाद्य विभाग द्वारा चयनित व्यक्ति संचालकों से राशि एकत्रित कर ऑनलाइन चालान के माध्यम से शासन के खाते में जमा करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन संचालकों का सवाल है कि जब भुगतान सरकारी खाते में किया जा रहा है, तो प्रत्येक दुकानदार को इसकी आधिकारिक रसीद क्यों नहीं मिल रही है?&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;दो साल से रसीद नहीं मिलने का आरोप&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;राशन दुकान संचालकों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से सत्यापन के नाम पर पैसे तो जमा कराए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भुगतान का विधिवत प्रमाण नहीं दिया जा रहा। कुछ संचालकों को रसीद दिए जाने की बात सामने आई है, जबकि कई लोग अब भी अपनी जमा राशि की रसीद के लिए परेशान हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्रामीण क्षेत्रों से शिविर में पहुंचे कुछ संचालकों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग दुकानों से 1500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक वसूले गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि तराजू सत्यापन का वास्तविक सरकारी शुल्क कितना निर्धारित है? यदि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली गई है, तो अतिरिक्त पैसे किस मद में जमा किए गए और उनका हिसाब कौन देगा?&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;अधिकारियों की गैरमौजूदगी में शिविर चलाने का आरोप&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल नापतौल विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं। राशन दुकान संचालकों का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर शिविर आयोजित होने के बावजूद विभाग का कोई अधिकृत अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहता। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर ऑपरेटर और मैकेनिक के भरोसे संचालित होने की बात कही जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहरी क्षेत्र के कुछ राशन दुकान संचालक ही शिविर में समन्वय बनाने और दूसरे संचालकों से राशि एकत्रित करने का काम करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यदि यह पूरी प्रक्रिया विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित हो रही है, तो अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही? और यदि कोई अनियमितता हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;सरकारी राशन व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;गौरतलब है कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाया जाता है। इन दुकानों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजू का सही माप देना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर उनका सत्यापन किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसे में सत्यापन जैसी जरूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि संचालकों द्वारा लगाए गए मनमानी वसूली और रसीद नहीं देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर मामला हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल राशन दुकान संचालकों के आरोपों ने डोंगरगढ़ में खाद्य विभाग और नापतौल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच के आदेश देता है या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि संचालकों से जमा कराई गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक कर उन्हें भुगतान की आधिकारिक रसीद उपलब्ध कराई जाती है या नहीं।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 16:20:50 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200588</guid><link>https://www.inhnews.in/news/indian-bank-apprentice-recruitment-2026-1500-vacancy-apply</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>इंडियन बैंक में 1500 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती, 25 नवंबर तक करें आवेदन; MP में 65 और छत्तीसगढ़ में 10 वैकेंसी</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए नौकरी पाने का अच्छा मौका आया है। इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अप्रेंटिसशिप के 1,500 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 नवंबर 2026 से शुरू हो रही है। योग्य अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती में ग्रेजुएशन पूरा कर चुके 20 से 28 साल तक के उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र होंगे। चयनित अभ्यर्थियों को एक साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें पोस्टिंग के स्थान के अनुसार हर महीने 12,300 से लेकर 15,000 रुपये तक स्टाइपेंड दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कितने पद?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इंडियन बैंक की इस भर्ती के तहत देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,500 अप्रेंटिस पद भरे जाएंगे। इनमें मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए 65 और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों के लिए 10 पद निर्धारित किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्यवार पदों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 285 और तमिलनाडु में 270 पद रखे गए हैं। अभ्यर्थी इस भर्ती के लिए केवल एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का चयन कर सकेंगे। पदों का श्रेणीवार और राज्यवार विवरण आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कौन कर सकता है आवेदन?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। ग्रेजुएशन का अंतिम परिणाम 1 अप्रैल 2022 से 1 नवंबर 2026 के बीच घोषित होना चाहिए। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 तक परीक्षा का रिजल्ट जारी हो जाना अनिवार्य है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 साल और अधिकतम 28 साल निर्धारित की गई है। उम्र की गणना 1 नवंबर 2026 के आधार पर होगी। यानी अभ्यर्थी का जन्म 2 नवंबर 1998 से 1 नवंबर 2006 के बीच होना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी। एससी और एसटी वर्ग को 5 साल, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) को 3 साल और दिव्यांग अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 10 साल की छूट दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;ऑनलाइन परीक्षा से होगा चयन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इंडियन बैंक अप्रेंटिस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन लिखित परीक्षा और स्थानीय भाषा की दक्षता परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऑनलाइन परीक्षा में कुल 100 सवाल पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा में रीजनिंग, कंप्यूटर नॉलेज, अंग्रेजी भाषा, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड और बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ी सामान्य जागरूकता के सवाल शामिल होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को स्थानीय भाषा दक्षता परीक्षा (LLPT) में शामिल होना होगा। उम्मीदवार ने जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, वहां की निर्धारित स्थानीय भाषा को पढ़ना, लिखना, बोलना और समझना आना चाहिए। हालांकि, आठवीं, दसवीं या बारहवीं कक्षा में संबंधित भाषा पढ़ने का प्रमाण देने वाले उम्मीदवारों को इस परीक्षा से छूट मिल सकती है। बैंक जरूरत पड़ने पर इंटरव्यू भी आयोजित कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;हर महीने मिलेगा 15 हजार रुपये तक स्टाइपेंड&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अप्रेंटिस पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 12 महीने तक ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड पोस्टिंग की जगह के आधार पर तय होगा।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;मेट्रो और शहरी शाखाओं में: 15,000 रुपये प्रतिमाह।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;ग्रामीण और अर्ध-शहरी शाखाओं में: 12,300 रुपये प्रतिमाह।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि यह भर्ती नियमित बैंक नौकरी के लिए नहीं, बल्कि अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण के लिए है। एक साल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बैंक में स्थायी या संविदा नौकरी का कोई अधिकार नहीं मिलेगा। इंडियन बैंक प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को नौकरी देने के लिए बाध्य नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;आवेदन के लिए कितनी देनी होगी फीस?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;आवेदन शुल्क उम्मीदवारों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस: 800 रुपये + जीएसटी।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;एससी, एसटी और दिव्यांग: 175 रुपये + जीएसटी।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;फीस का भुगतान ऑनलाइन करना होगा। एक बार जमा किया गया आवेदन शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;इंडियन बैंक भर्ती के लिए ऐसे भरें फॉर्म&lt;/h3&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट indianbank.bank.in पर जाएं।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;वेबसाइट के Career सेक्शन में जाकर Apprentice Recruitment 2026-27 का लिंक खोलें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़ें और New Registration पर क्लिक करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;अपना नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;मांगे गए दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान और हस्तलिखित घोषणा अपलोड करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट या डाउनलोड कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 16:05:59 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200587</guid><link>https://www.inhnews.in/news/nagaur-firecracker-godown-blast-two-dead</link><category>देश</category><title>पटाखा गोदाम में भीषण विस्फोट, 2 की मौत; धमाके से दहल उठा पूरा इलाका</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;राजस्थान के नागौर जिले में गुरुवार को एक पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घर तक इसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। विस्फोट के बाद गोदाम में आग लग गई, जिसे दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह घटना नागौर पुलिस थाना क्षेत्र के बड़ली गांव की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमाके के वक्त गोदाम में तीन लोग मौजूद थे। विस्फोट में दो लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे व्यक्ति को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। उसका इलाज नागौर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी आवाज लगभग दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के कारण गोदाम के आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के कुछ हिस्से आसपास के घरों तक जा गिरे। अचानक हुए धमाके से इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुलिस और दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और 108 एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। गोदाम में लगी आग को बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग पर काबू पाने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से शवों के अवशेष एकत्र किए और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भिजवाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मृतकों की पहचान मोहम्मद आमिर और मुजीब के रूप में हुई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मोहम्मद आमिर और मुजीब के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में बहनोई और साले बताए जा रहे हैं। गोदाम में मौजूद तीसरा व्यक्ति विस्फोट में घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लंबे समय से चल रहा था पटाखों और बारूद का कारोबार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सर्कल ऑफिसर जतिन जैन के मुताबिक, संबंधित स्थान पर लंबे समय से पटाखों और बारूद का गोदाम संचालित किया जा रहा था। शुरुआती जांच में बारूद में आग लगने को विस्फोट की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गोदाम संचालकों के पास लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, तहसीलदार नरसिंह टैंक ने बताया कि घटनास्थल पर लगी आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। विस्फोट की असली वजह, गोदाम में रखे विस्फोटक सामान की मात्रा और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन जांच के बाद ही सामने आएगा।&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 15:48:59 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200586</guid><link>https://www.inhnews.in/news/sunil-lodhi-eye-treatment-started-mohan-yadav-mp-news</link><category>राज्य</category><title> सुनील लोधी को मिली नई उम्मीद, मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से शुरू हुआ आंखों का इलाज</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के उभरते बुंदेली गायक सुनील लोधी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से आंखों की समस्या से जूझ रहे सुनील के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद उनके इलाज की दिशा में कदम उठाया गया है। इससे सुनील और उनके परिवार को नई उम्मीद मिली है। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सितंबर 2026 में सुनील लोधी और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सुनील की आंखों का बेहतर इलाज कराने के साथ संगीत की शिक्षा उपलब्ध कराने और एक लाख रुपये की सम्मान निधि देने का आश्वासन दिया था। अब आंखों के उपचार की प्रक्रिया शुरू होने से मुख्यमंत्री के आश्वासन को जमीन पर उतारने की शुरुआत हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;'हनुमान अंश' फिल्म में आवाज देकर बनाई पहचान&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सागर जिले के रहने वाले सुनील लोधी एक प्रतिभाशाली युवा बुंदेली गायक हैं। फिल्म 'हनुमान अंश' में अपनी आवाज देने के बाद उन्हें व्यापक पहचान मिली। उनकी गायकी ने बुंदेली संगीत प्रेमियों के साथ-साथ अन्य लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया। संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की चाह रखने वाले सुनील के सामने आंखों की परेशानी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस समस्या के कारण उनके भविष्य और संगीत के सफर को लेकर परिवार भी चिंतित था।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मुख्यमंत्री ने इलाज के साथ संगीत शिक्षा का भी दिया था भरोसा&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सितंबर 2026 में सुनील और उनके परिवार से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था। उन्होंने आंखों के उपचार की व्यवस्था कराने, संगीत की बेहतर शिक्षा दिलाने और एक लाख रुपये की आर्थिक सम्मान निधि देने की बात कही थी। इसी पहल के तहत अब सुनील के आंखों के उपचार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे उम्मीद की जा रही है कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से राहत मिलने के साथ अपनी संगीत प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;बुंदेली संगीत की प्रतिभा को मिलेगा नया प्रोत्साहन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सुनील लोधी की कहानी उन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो सीमित संसाधनों और व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद अपने हुनर के दम पर पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आंखों के इलाज की शुरुआत को सुनील के परिवार के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अभी उपचार में लगने वाले समय, आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया, संगीत शिक्षा की व्यवस्था और एक लाख रुपये की सम्मान निधि मिलने की तारीख को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, इलाज शुरू होने से सुनील और उनके परिवार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब सभी की नजरें उनके स्वास्थ्य में सुधार और संगीत के क्षेत्र में आगे की उपलब्धियों पर टिकी हैं।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 15:31:33 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200585</guid><link>https://www.inhnews.in/news/sbi-service-alert-6-november-2026-upi-yono-internet-banking-down</link><category>देश</category><title>SBI ग्राहकों के लिए जरूरी खबर! 6 नवंबर को बंद रहेंगी UPI और YONO समेत ये सेवाएं</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;SBI Service Alert: &lt;/strong&gt;देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। अगर आप भी SBI में खाता रखते हैं और रोजाना UPI, इंटरनेट बैंकिंग या YONO ऐप के जरिए पैसों का लेनदेन करते हैं, तो 6 नवंबर की रात आपको कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक ने निर्धारित तकनीकी रखरखाव (Scheduled Maintenance) के चलते अपनी कई डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने की जानकारी दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बैंक के अनुसार, यह मेंटेनेंस 6 नवंबर 2026 को रात 1:45 बजे से शुरू होकर सुबह 3 बजे तक चलेगा। इस दौरान करीब 75 मिनट तक SBI की कई ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी ट्रांजैक्शन निर्धारित समय से पहले ही पूरे कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;6 नवंबर को कितने बजे बंद रहेंगी SBI की ऑनलाइन सेवाएं?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से ग्राहकों को प्रस्तावित मेंटेनेंस की जानकारी दी है। बैंक के मुताबिक, 6 नवंबर 2026 को भारतीय समयानुसार रात 1:45 बजे से सुबह 3:00 बजे तक तकनीकी रखरखाव का काम किया जाएगा। इस दौरान बैंक की कई महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं पर अस्थायी रोक रहेगी। इनमें UPI से लेकर इंटरनेट बैंकिंग तक की सुविधाएं शामिल हैं। मेंटेनेंस के दौरान SBI UPI सर्विस, IMPS फंड ट्रांसफर, YONO SBI ऐप, इंटरनेट बैंकिंग, NEFT ट्रांजैक्शन, RTGS सर्विस प्रभावित रहेगी, इसका सीधा मतलब है कि निर्धारित समय के दौरान ग्राहक ऑनलाइन पैसे भेजने, बिल पेमेंट करने और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कुछ जरूरी काम नहीं कर पाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;SBI ग्राहकों को मिलती रहेंगी ये सुविधाएं&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के बावजूद ग्राहकों के लिए कुछ वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मेंटेनेंस के दौरान UPI Lite और ATM सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा। UPI Lite के माध्यम से ग्राहक छोटे डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। वहीं, अगर किसी को नकदी की जरूरत पड़ती है तो वह ATM जाकर पैसे निकाल सकता है। इसलिए रात में लेनदेन करने वाले ग्राहकों को सलाह है कि वे अपने पास जरूरत के अनुसार नकदी रखें और छोटे भुगतानों के लिए UPI Lite का विकल्प तैयार रखें।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पहले भी डिजिटल सेवाओं के लिए मेंटेनेंस कर चुका है SBI&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने डिजिटल बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित, बेहतर और सुचारू बनाए रखने के लिए समय-समय पर तकनीकी रखरखाव करता रहता है। इससे पहले 6 अक्टूबर 2026 को भी बैंक ने निर्धारित मेंटेनेंस के चलते अपनी कुछ सेवाएं 45 मिनट के लिए अस्थायी रूप से बंद रखी थीं। वहीं, 4 सितंबर 2026 को भी रात के समय करीब 45 मिनट तक तकनीकी रखरखाव किया गया था। बैंकिंग सिस्टम को अपडेट करने और तकनीकी समस्याओं को दूर रखने के लिए इस तरह का मेंटेनेंस जरूरी माना जाता है। आमतौर पर ग्राहकों को कम से कम असुविधा हो, इसलिए बैंक रात के समय यह प्रक्रिया पूरी करता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;SBI ग्राहकों को अभी क्या करना चाहिए?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अगर आप SBI की डिजिटल सेवाओं का नियमित इस्तेमाल करते हैं, तो 6 नवंबर की रात के लिए पहले से तैयारी करना बेहतर रहेगा।&lt;br&gt;जरूरी UPI पेमेंट रात 1:45 बजे से पहले कर लें।&lt;br&gt;किसी को पैसे ट्रांसफर करने हैं तो समय रहते लेनदेन पूरा करें।&lt;br&gt;बिजली, मोबाइल या अन्य बिलों का भुगतान पहले ही कर दें।&lt;br&gt;जरूरत पड़ने पर ATM से नकदी निकालकर रख लें।&lt;br&gt;छोटे भुगतानों के लिए UPI Lite का इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुल मिलाकर, SBI ग्राहकों को 6 नवंबर 2026 की रात 1:45 बजे से सुबह 3 बजे तक ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं में अस्थायी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आखिरी समय की परेशानी से बचने के लिए जरूरी डिजिटल ट्रांजैक्शन पहले ही निपटा लेना समझदारी होगी।&lt;br&gt;&lt;br&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 15:12:36 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200584</guid><link>https://www.inhnews.in/news/suryakumar-yadav-mumbai-captain-syed-mushtaq-ali-vijay-hazare-trophy</link><category>खेल</category><title>सूर्यकुमार यादव को मिली मुंबई की कप्तानी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में संभालेंगे टीम की कमान</title><description>&lt;p&gt;भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन बनाने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव अब घरेलू क्रिकेट में अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने के लिए तैयार हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उन्हें आगामी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी के लिए मुंबई टीम का कप्तान नियुक्त किया है। यानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी कप्तानी का लोहा मनवाने के बाद अब सूर्या घरेलू मैदान पर भी नई चुनौती का सामना करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की सीनियर चयन समिति ने दोनों सीमित ओवरों के टूर्नामेंट के लिए सूर्यकुमार यादव के नाम पर मुहर लगाई है। उनके अनुभव और आक्रामक खेल को देखते हुए चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि उनकी अगुवाई में मुंबई की टीम शानदार प्रदर्शन करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;रणजी टीम में नहीं मिली थी जगह, अब मिली बड़ी जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पिछले महीने उन्हें मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम में जगह नहीं दी गई थी। उन्होंने पूरे घरेलू सीजन में खेलने की इच्छा जताई थी, लेकिन चयनकर्ताओं ने रेड बॉल क्रिकेट के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किया। उस समय चयनकर्ताओं का तर्क था कि सूर्यकुमार ने हाल के दिनों में पर्याप्त प्रथम श्रेणी क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि, अब सीमित ओवरों के क्रिकेट में उन्हें टीम की कमान सौंपकर चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;14 नवंबर को हैदराबाद से भिड़ेगी मुंबई की टीम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई अपने अभियान की शुरुआत 14 नवंबर से करेगी। कोलकाता में होने वाले इस मुकाबले में मुंबई का सामना हैदराबाद की टीम से होगा। मुंबई को एलीट ग्रुप डी में रखा गया है। इस ग्रुप में हैदराबाद के अलावा छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ की टीमें भी शामिल हैं। टीम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 7 और 9 नवंबर को अभ्यास मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 9 नवंबर को मुंबई की आधिकारिक टीम का चयन होगा। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, खिलाड़ी 11 नवंबर को कोलकाता के लिए रवाना होंगे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्या के सामने घरेलू चुनौती&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सूर्यकुमार यादव के लिए यह घरेलू सीजन काफी अहम रहने वाला है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए गए अनुभव का इस्तेमाल मुंबई की टीम को मजबूत बनाने में करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सूर्यकुमार अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान पर लिए जाने वाले रणनीतिक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में मुंबई को उनसे दोहरी भूमिका निभाने की उम्मीद होगी। एक तरफ उन्हें बल्ले से टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाने होंगे, वहीं दूसरी ओर कप्तान के तौर पर खिलाड़ियों को एकजुट करके खिताबी अभियान को आगे बढ़ाना होगा। मुंबई का घरेलू क्रिकेट में गौरवशाली इतिहास रहा है। टीम ने कई बड़े टूर्नामेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय अनुभव से भरपूर सूर्यकुमार की कप्तानी टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;एमसीए प्रेसिडेंट कप में भी दिखा चुके हैं दम&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद सूर्यकुमार यादव ने घरेलू क्रिकेट में भी वापसी की थी। अक्टूबर में उन्होंने एमसीए प्रेसिडेंट कप टी20 प्रतियोगिता में एमआईजी क्रिकेट क्लब की ओर से हिस्सा लिया था। इस टूर्नामेंट के जरिए उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी लय हासिल करने की कोशिश की। अब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनकी नजरें बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी शानदार प्रदर्शन करने पर होंगी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;मुंबई को खिताब दिलाने की होगी जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;रणजी ट्रॉफी टीम से बाहर रहने के बाद सफेद गेंद के दोनों बड़े घरेलू टूर्नामेंट में कप्तानी मिलना सूर्यकुमार यादव के लिए एक नई शुरुआत की तरह है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और अब उनके सामने टीम को खिताबी सफलता दिलाने की चुनौती होगी। सूर्यकुमार की कप्तानी में मुंबई सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में कैसा प्रदर्शन करती है, इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें रहेंगी।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:41:33 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200583</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bank-of-baroda-recruitment-2026-837-vacancy</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>बैंक ऑफ बड़ौदा में 837 पदों पर निकली भर्ती, 24 नवंबर तक करें आवेदन, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;बैंकिंग सेक्टर में सरकारी बैंक के साथ काम करने का सपना देख रहे युवाओं और अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए नौकरी पाने का अच्छा मौका सामने आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज (WMS) विभाग में बड़े स्तर पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 837 पदों को भरा जाएगा। बैंक ने भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इच्छुक उम्मीदवार 24 नवंबर 2026 तक बैंक की आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर, टेरिटरी हेड और ग्रुप हेड समेत पांच अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। हालांकि, उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि ये नियुक्तियां स्थायी नहीं, बल्कि निश्चित अवधि के कॉन्ट्रैक्ट आधार पर होंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा में किन पदों पर होगी भर्ती?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक की ओर से जारी भर्ती अभियान में वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़े अलग-अलग पदों को शामिल किया गया है। इसके तहत कुल 837 रिक्तियों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भर्ती के प्रमुख पदों में शामिल हैं:&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;टेरिटरी हेड&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;ग्रुप हेड&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;अन्य वेल्थ मैनेजमेंट पद&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;p&gt;इन पदों पर नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों को बैंक के वेल्थ मैनेजमेंट और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन कर सकता है आवेदन? जानें शैक्षणिक योग्यता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा की इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। हालांकि, केवल स्नातक होना ही पर्याप्त नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवारों के पास संबंधित पद के अनुसार बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज या निवेश से जुड़े क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी होना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अलग-अलग पदों के लिए अनुभव की अवधि और शैक्षणिक योग्यता की शर्तें अलग निर्धारित की गई हैं। कुछ पदों के लिए संबंधित प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी अनिवार्य हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;50 साल तक के उम्मीदवारों को मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती में आयु सीमा पद के हिसाब से तय की गई है। कुछ पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष तक रखी गई है। वहीं, सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर सहित अन्य पदों के लिए अलग-अलग आयु सीमा लागू होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक विज्ञापन में अपने इच्छित पद की आयु सीमा, जरूरी अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा भर्ती 2026: ऐसे भरें ऑनलाइन फॉर्म&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:&lt;/p&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाएं।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;वेबसाइट के Careers सेक्शन में जाकर Current Opportunities विकल्प चुनें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;यहां Wealth Management Services Department Recruitment 2026 से संबंधित नोटिफिकेशन खोजें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;भर्ती विज्ञापन खोलकर पद के अनुसार योग्यता और अनुभव की जानकारी पढ़ें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;इसके बाद Apply Now लिंक पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;आवेदन फॉर्म में मांगी गई व्यक्तिगत, शैक्षणिक और कार्य अनुभव से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;निर्धारित साइज में फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div&gt;&lt;div&gt;&lt;p&gt;सभी जानकारियां जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें।&lt;/p&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;h2&gt;कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा की इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन एक से अधिक चरणों के आधार पर किया जा सकता है। सबसे पहले प्राप्त आवेदनों की जांच और शॉर्टलिस्टिंग होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके बाद बैंक अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन टेस्ट, साइकोमेट्रिक टेस्ट या अन्य मूल्यांकन प्रक्रिया आयोजित कर सकता है। इन चरणों में सफल और शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:33:10 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200582</guid><link>https://www.inhnews.in/news/election-commission-voter-list-update-2026-ssr</link><category>देश</category><title>6 राज्यों में वोटर लिस्ट का होगा रिवीजन, चुनाव आयोग का ऐलान; 21 जनवरी को आएगी फाइनल लिस्ट</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चुनाव आयोग ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का ऐलान कर दिया है। इस अभियान के जरिए वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, गलतियों को ठीक किया जाएगा और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग की इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जो पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं। आयोग ने इसके लिए पूरा कार्यक्रम भी तय कर दिया है। खास बात यह है कि 2027 में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी मतदाता बनने के लिए पहले से आवेदन करने का मौका मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किन 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग के मुताबिक, विशेष सारांश पुनरीक्षण अभियान में ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम के साथ दो केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाना है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी पात्र नागरिक को मतदान करने के अधिकार से वंचित न रहना पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2027 में 18 साल पूरे करने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग ने इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा युवाओं को एक और सुविधा दी गई है। जो नागरिक 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल के होंगे, वे भी पहले से आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस व्यवस्था से पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;30 नवंबर को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए तारीखें भी तय कर दी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संशोधित प्रारूप मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 30 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद नागरिक अपने नाम की जांच कर सकेंगे। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या नाम, पता और अन्य विवरण में कोई गलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;21 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी फाइनल वोटर लिस्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की ओर से इनका सत्यापन और निपटारा किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद अपडेटेड वोटर लिस्ट में पात्र मतदाताओं के नाम और संशोधित जानकारियां शामिल होंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चुनाव आयोग ने राज्यों को दिए जरूरी निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अभियान को तय समय में पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। आयोग ने पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस विशेष अभियान में नए मतदाताओं, खासकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के नाम जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।&lt;/p&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:26:30 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200581</guid><link>https://www.inhnews.in/news/election-commission-ssr-voter-list-revision-2026</link><category>देश</category><title>Voter List Update: 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण का ऐलान, जानें कब आएगी नई मतदाता सूची</title><description>&lt;p&gt;देश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेटेड बनाने के लिए चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, वोटर लिस्ट में मौजूद गलतियों को सुधारा जाएगा और अपात्र नामों की जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया में ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को शामिल किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिले।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;1 जनवरी 2027 होगी अर्हता तिथि, युवाओं को मिलेगा एडवांस आवेदन का मौका&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग ने विशेष पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की है। इसके अनुसार, इस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, आयोग ने युवाओं को पहले से आवेदन करने की सुविधा भी दी है। जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, वे भी अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कब जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट?&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विशेष पुनरीक्षण के बाद संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है या नाम, पता अथवा अन्य विवरण में कोई गलती है, तो निर्धारित अवधि के दौरान दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों का निपटारा करने के बाद चुनाव आयोग 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने पर विशेष ध्यान&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग के इस अभियान में युवा और पहली बार वोट डालने जा रहे मतदाताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग चाहता है कि 18 वर्ष की पात्रता हासिल करने वाला कोई भी नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। इसके साथ ही मौजूदा वोटर लिस्ट में दर्ज नाम, पते और अन्य जानकारियों की शुद्धता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। मतदाता अपनी जानकारी की जांच कर जरूरत के मुताबिक सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए निर्देश&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आयोग के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए, ताकि ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची निर्धारित तारीखों पर प्रकाशित की जा सके। इस विशेष पुनरीक्षण से नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा। साथ ही, मौजूदा मतदाता भी अपने नाम और व्यक्तिगत विवरण की जांच कर सकेंगे।&lt;/p&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:24:35 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">200580</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhanteras-gold-silver-price-hike-today</link><category>देश</category><title>धनतेरस से पहले सोना-चांदी में महंगाई का झटका! एक दिन में सोना ₹4,800 और चांदी ₹9,000 उछली, खरीदारी का बजट बिगड़ा</title><description>&lt;!--StartFragment--&gt;&lt;p&gt;धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई जोरदार तेजी ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहार पर सोने-चांदी के गहने और सिक्के खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में एक ही दिन में करीब 4,800 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चांदी भी 9,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाजार में आई इस तेजी ने त्योहारी खरीदारी का गणित बदल दिया है। खासकर उन लोगों के लिए मुश्किल बढ़ गई है, जो धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने के लिए पहले से बजट तय करके बैठे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का भाव कितना है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरुवार सुबह के बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,46,464 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,34,161 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गौर करने वाली बात यह है कि एक दिन पहले तक सोने की कीमत करीब 1,39,890 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी। अचानक आई इस तेजी से सोने की खरीदारी महंगी हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बता दें कि 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन इससे गहने नहीं बनाए जाते। ज्वेलरी तैयार करने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में गहने खरीदने वालों के लिए 22 कैरेट का भाव ज्यादा मायने रखता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चांदी की कीमत में भी जबरदस्त उछाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों ने भी खरीदारों को झटका दिया है। गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव एक दिन में 9,000 रुपये बढ़कर करीब 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुबह के बाजार आंकड़ों में चांदी की कीमत लगभग 1,92,995 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। चांदी में आई इस तेजी का असर उन लोगों पर भी पड़ेगा, जो धनतेरस पर चांदी के सिक्के, बर्तन और अन्य सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर एक दिन में क्यों महंगा हुआ सोना-चांदी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे घरेलू मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में हुई हलचल भी अहम वजह मानी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;त्योहारी सीजन के चलते कीमती धातुओं की मांग बढ़ रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 3 फीसदी की तेजी आई और यह 4,043.93 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, चांदी की कीमत में भी लगभग 4.5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 52.03 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में आई इस तेजी का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिला।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पिछले धनतेरस के मुकाबले कितना महंगा हुआ सोना?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस साल सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अक्टूबर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने के भाव में करीब 8 फीसदी तक गिरावट आई थी। हालांकि, अब एक बार फिर कीमतों में तेजी लौटती दिखाई दे रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पिछले साल के धनतेरस की तुलना में इस बार सोने की कीमतों में लगभग 5 से 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इससे पहले वाले धनतेरस के दौरान सोने की कीमतों में सालाना आधार पर करीब 65 फीसदी की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;!--EndFragment--&gt;</description><pubDate>Thu, 05 Nov 2026 14:11:20 +0530</pubDate></item></channel></rss>