﻿<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss xmlns:a10="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>inhnews.in</title><link>http://www.inhnews.in/</link><description>Online/TV News Channel</description><language>hi</language><copyright>© Copyright 2019 inhnews.in</copyright><managingEditor>info@inhnews.in</managingEditor><generator>inhnews.in</generator><item><guid isPermaLink="false">194021</guid><link>https://www.inhnews.in/news/3-accused-arrested-in-jagdalpur-with-16528-kg-of-pangolin-scales</link><category>राज्य</category><title>जगदलपुर में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा: 16.528 किलो पैंगोलिन शल्क के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;जगदलपुर।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। DRI (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की नागपुर यूनिट ने जगदलपुर में एक संगठित तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 16.528 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत बताई जा रही है। यह कार्रवाई मुंबई जोनल यूनिट के निर्देशन में की गई, जिसमें लंबे समय से सक्रिय एक सिंडिकेट को निशाना बनाया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कानूनी संरक्षण में है पैंगोलिन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अधिकारियों के अनुसार, पैंगोलिन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इस प्रजाति को देश में सर्वोच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है। इसके शल्क, मांस या किसी भी हिस्से की खरीद-फरोख्त पूरी तरह अवैध है। जब्त किए गए सभी शल्कों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वन विभाग को सौंप दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;DRI का लगातार अभियान जारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;DRI ने बताया कि वर्ष 2025 से अब तक उन्होंने देशभर में कई बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इनमें &amp;nbsp;उज्जैन (मध्य प्रदेश) में तेंदुए की खाल तस्करी गिरोह सिवनी में बाघ शावक की हत्या और अंगों की तस्करी शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;भोपाल में तेंदुए की खाल का मामला&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आंध्र प्रदेश के पिलेरु में पैंगोलिन शल्क तस्करी नेटवर्क इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ एजेंसियां लगातार सख्त रुख अपना रही हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;आगे की कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;गिरफ्तार आरोपियों को जगदलपुर वन विभाग के रेंज अधिकारी के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। जगदलपुर में हुई यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पैंगोलिन जैसे दुर्लभ जीवों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऐसे ऑपरेशन बेहद जरूरी हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:58:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194020</guid><link>https://www.inhnews.in/news/trump-tariff-threat-iran-talks-fail-trump-launches-tariff-terror-attack-on-china</link><category>दुनिया</category><title>Trump Tariff Threat: ईरान वार्ता फेल, चीन पर ट्रंप का ‘टैरिफ टेरर’ हमला, वैश्विक ट्रेड वॉर की आशंका तेज...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;इस्लामाबाद:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; Donald Trump ने एक बार फिर अपनी आक्रामक आर्थिक रणनीति का संकेत देते हुए &amp;lsquo;टैरिफ टेरर&amp;rsquo; की शुरुआत कर दी है। Islamabad में अमेरिका और Iran के बीच करीब 21 घंटे चली हाई-लेवल शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद वैश्विक तनाव तेजी से बढ़ गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;वार्ता विफल, ट्रंप का &amp;lsquo;प्लान B&amp;rsquo; एक्टिव&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अमेरिका-ईरान बातचीत के असफल होते ही ट्रंप प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म &amp;lsquo;ट्रुथ सोशल&amp;rsquo; के जरिए China को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह ईरान को सैन्य या लॉजिस्टिक सपोर्ट देना जारी रखता है, तो उसे अमेरिकी बाजार में भारी टैरिफ झेलना होगा। ट्रंप का मानना है कि ईरान की बढ़ती सैन्य ताकत के पीछे चीन और Russia जैसे देशों की भूमिका है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;&amp;lsquo;टैरिफ टेरर&amp;rsquo; से वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ट्रंप का नया टैरिफ प्लान उन देशों को निशाना बनाता है जो ईरान को हथियार या संसाधन मुहैया कराते हैं। ऐसे देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर अमेरिका हाई टैरिफ लगाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम खासतौर पर चीन के लिए बड़ा झटका हो सकता है क्योंकि ईरान के साथ उसके ऊर्जा और व्यापारिक संबंध मजबूत हैं। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ सकता है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Strait of Hormuz को लेकर भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है, जिससे ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग किया जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;ईरान-चीन-रूस गठजोड़ पर अमेरिकी नजर&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, चीन और रूस प्रत्यक्ष रूप से हथियार सप्लाई से बच रहे हैं, लेकिन अप्रत्यक्ष रास्तों से ईरान तक सैन्य सहायता पहुंचने की आशंका है। ट्रंप प्रशासन अब &amp;lsquo;सेकेंडरी सैंक्शन&amp;rsquo; और टैरिफ के जरिए इस गठजोड़ को तोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;बाजारों में घबराहट, ट्रेड वॉर का खतरा&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इस घटनाक्रम के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। निवेशकों में चिंता है कि यह तनाव एक बड़े वैश्विक ट्रेड वॉर का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा संतुलन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता ने अब सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और सामरिक टकराव का नया मोर्चा खोल दिया है। ट्रंप का &amp;lsquo;टैरिफ टेरर&amp;rsquo; जहां चीन को सीधे चुनौती देता है, वहीं पूरी दुनिया को संभावित ट्रेड वॉर और ऊर्जा संकट की ओर धकेल सकता है। आने वाले दिन वैश्विक राजनीति और बाजारों के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:39:51 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194019</guid><link>https://www.inhnews.in/news/major-crackdown-on-adulterated-paneer-in-chhattisgarh</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में नकली पनीर पर बड़ा एक्शन: रायपुर, धमतरी और बालोद में छापे, 560 किलो पनीर जब्त...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए खाद्य विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग की टीम ने रायपुर, धमतरी और बालोद में एक साथ छापेमार कार्रवाई करते हुए करीब 560 किलो नकली पनीर जब्त किया है। मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ स्थानों पर केमिकल और सस्ते पदार्थों से पनीर तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग ने विशेष टीम गठित कर एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;एलपी इंडस्ट्री में बड़ा खुलासा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजधानी रायपुर स्थित एलपी इंडस्ट्री में छापेमारी के दौरान टीम को चौंकाने वाली जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि यहां एसिटिक एसिड, पाम ऑयल और दूध पाउडर का उपयोग कर नकली पनीर तैयार किया जा रहा था। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार पनीर जब्त किया और सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;तीन जिलों में एक साथ कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खाद्य विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रही। टीम ने धमतरी और बालोद जिलों में भी छापे मारकर संदिग्ध डेयरी उत्पादों की जांच की। विभाग का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;पहले भी सामने आ चुके हैं चौंकाने वाले मामले&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;गौरतलब है कि हाल ही में कोरबा के घंटाघर चौपाटी से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई थी, जहां जूस में इस्तेमाल होने वाली बर्फ की सिल्ली में मरा हुआ मेंढक मिला था। इस घटना ने खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 16:15:29 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194018</guid><link>https://www.inhnews.in/news/record-applications-for-pm-surya-ghar-scheme</link><category>राज्य</category><title>PM सूर्य घर योजना में रिकॉर्ड आवेदन, लेकिन सोलर पैनल लगाने की रफ्तार धीमी, सिर्फ 25% घरों तक पहुंची सुविधा...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। योजना के तहत अब तक 1,80,229 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक हैं। हालांकि, आवेदन संख्या में तेजी के बावजूद सोलर पैनल इंस्टॉलेशन की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। अब तक केवल लगभग 25% आवेदनों पर ही सोलर पैनल लगाए जा सके हैं, जो योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;दो साल का लक्ष्य, लेकिन रफ्तार पीछे&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य के लिए दो वर्षों में 1.30 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। जबकि आवेदन इस लक्ष्य से आगे निकल चुके हैं, लेकिन इंस्टॉलेशन की धीमी गति के कारण पहले साल का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया। पहले वर्ष में करीब 65,000 सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य था, जिसे हासिल नहीं किया जा सका।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;डबल सब्सिडी से बढ़ा आकर्षण&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;योजना को लोकप्रिय बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। 3 किलोवाट सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार: ₹78,000, राज्य सरकार: ₹30,000 &amp;nbsp;साथ ही 1 और 2 किलोवाट सिस्टम पर भी दोनों स्तर की सब्सिडी लागू &amp;nbsp;की &amp;nbsp;गई राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी की घोषणा के बाद आवेदन में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;46 हजार से ज्यादा सोलर पैनल इंस्टॉल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 46,613 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। इन इंस्टॉलेशनों से 48,097 घरों को बिजली मिल रही है, जो एक दिलचस्प तथ्य है। अधिकारियों के अनुसार, कई जगहों पर एक ही आवेदन के जरिए पूरी बिल्डिंग या कई घरों को बिजली दी जा रही है, जिससे लाभार्थियों की संख्या बढ़ रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;वेंडर मौजूद, फिर भी धीमी रफ्तार&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य में 500 से अधिक अधिकृत वेंडर सोलर पैनल लगाने के लिए उपलब्ध हैं, इसके बावजूद इंस्टॉलेशन की गति अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। हालांकि, पिछले छह महीनों में स्थिति में सुधार हुआ है। जून 2025 तक केवल ~3,500 पैनल इंस्टॉल और वर्तमान में ~46,000+ इंस्टॉलेशन शामिल है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;क्या आगे लक्ष्य पूरा होगा?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि आवेदन संख्या को देखते हुए आने वाले समय में राज्य लक्ष्य से ज्यादा सोलर पैनल इंस्टॉल कर सकता है, बशर्ते कार्यान्वयन की गति में और सुधार किया जाए। PM सूर्य घर योजना छत्तीसगढ़ में तेजी से लोकप्रिय हो रही है, लेकिन इसकी असली सफलता तेज और प्रभावी इंस्टॉलेशन पर निर्भर करेगी। यदि वर्तमान चुनौतियों को दूर किया गया, तो यह योजना राज्य में बिजली आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 15:39:12 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194017</guid><link>https://www.inhnews.in/news/pbks-vs-srh-highlights-a-record-chase-of-220-runs</link><category>खेल</category><title>PBKS vs SRH Highlights: 220 रन का रिकॉर्ड चेज, पंजाब किंग्स की धमाकेदार जीत; श्रेयस अय्यर ने खेली मैच विनिंग पारी...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;PBKS vs SRH Highlights:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; IPL 2026 के 17वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की। मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मैच में पंजाब ने 220 रन का लक्ष्य 18.5 ओवर में हासिल कर लिया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी ने दिलाई जीत&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पंजाब किंग्स के कप्तान Shreyas Iyer ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 33 गेंदों में नाबाद 69 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;ओपनिंग में तूफान:प्रियांश और प्रभसिमरन का धमाका&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रन चेज की शुरुआत पंजाब के लिए बेहद शानदार रही। Priyansh Arya ने 20 गेंदों पर 57 रन (5 चौके, 5 छक्के) बनाए, Prabhsimran Singh ने 25 गेंदों पर 51 रन (4 चौके, 4 छक्के) ठोके दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 38 गेंदों पर 99 रन की विस्फोटक साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मिडिल ऑर्डर ने संभाली जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ओपनर्स के आउट होने के बाद Nehal Wadhera और अय्यर ने चौथे विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी कर जीत सुनिश्चित की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;SRH की पारी: अभिषेक शर्मा का तूफानी शो&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 219 रन बनाए। Abhishek Sharma ने 28 गेंदों पर 74 रन (8 छक्के), Travis Head ने 23 गेंदों पर 38 रन, दोनों के बीच 120 रन की ओपनिंग साझेदारी हुई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मिडिल ऑर्डर का योगदान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;Heinrich Klaasen 39 रन और Ishan Kishan &amp;ndash; 27 रन हालांकि अंत में टीम 220 का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;गेंदबाजी में पंजाब का प्रदर्शन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पंजाब के लिए Arshdeep Singh- 2 विकेट, Shashank Singh - 2 विकेट ने अहम समय पर विकेट लेकर SRH की रनगति को रोका।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;हेड टू हेड रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इन दोनों ही टीमों ने अब तक कुल मैच 25 खेलें है, जिसमें से 17 मैच SRH और 8 मैच &amp;nbsp;PBKS में जीता है, &amp;nbsp;हालांकि इस जीत के साथ पंजाब ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। यह मुकाबला IPL 2026 के सबसे रोमांचक हाई-स्कोरिंग मैचों में से एक रहा, जहां पंजाब किंग्स ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 220 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। टीम की यह लगातार अच्छी फॉर्म उन्हें प्लेऑफ की मजबूत दावेदार बना रही है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:57:19 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194016</guid><link>https://www.inhnews.in/news/borewells-open-the-administration-remains-unmoved-even-after-the-barnagar-tragedy</link><category>राज्य</category><title>बच्चों के लिए 'यमराज' बने खुले बोरवेल! बड़नगर हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;नागदा, राकेश कानूनगो: &lt;/strong&gt;बड़नगर के झलारिया गांव में मासूम भागीरथ की बोरवेल में गिरने से हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया, लेकिन नागदा और इसके ग्रामीण इलाकों में जिम्मेदार अब भी गहरी नींद में हैं। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों और बार-बार होते हादसों के बावजूद, नागदा शहर से लेकर गांवों तक खुले बोरवेल मासूमों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। शनिवार को जब हमारी टीम ने धरातल पर पड़ताल की, तो सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और भारी लापरवाही का मंजर नजर आया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;जहां मौत दे रही है दस्तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;दोपहर 2:30 बजे (चंद्रशेखर आजाद मार्ग, नागदा): &lt;/strong&gt;शहर के बीचों-बीच सड़क पर ही एक बोरिंग खुला मिला। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्लेटफॉर्म तो बना, पर वह टूट चुका है और ढक्कन नदारद है। स्थानीय लोगों ने इसे प्लास्टिक की चद्दर से ढका है, जिसे खेलते हुए बच्चे आसानी से हटा सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;दोपहर 3:30 बजे (ग्राम पाड़सुत्या):&lt;/strong&gt; यहां नई आबादी में एक सक्रिय बोरिंग मिला। लोहे का पाइप जमीन से ऊंचा तो है, लेकिन ऊपर से पूरी तरह खुला है। यहाँ ढक्कन लगाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;शाम 4:30 बजे (अमलावदिया): &lt;/strong&gt;यहां नियमों का पालन दिखाने की कोशिश तो हुई, लेकिन वह भी खोखली निकली। पीवीसी पाइप पर पत्थर रखा था, जिसे हटाते ही पाइप आसानी से बाहर आ गया। यानी सुरक्षा के नाम पर केवल धोखा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;शाम 5:00 बजे (लसुड़िया जयसिंह):&lt;/strong&gt; तालाब के पास जहां बच्चे खेल रहे थे, वहीं एक सक्रिय बोरिंग मिला। ढक्कन की जगह उसे बोरी से बांधकर पत्थर रख दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर जलने के बाद इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;शाम 5:30 बजे (लसुड़िया जयसिंह गांव के बीच):&lt;/strong&gt; घरों के बीच खाली प्लॉट पर एक सरकारी बोरिंग जमीन के समानांतर खुला मिला। यहां भी केवल एक पत्थर रखकर इतिश्री कर ली गई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट के नियमों की सरेआम धज्जियां&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि सरकारी महकमा खुद के कराए बोरिंग सुरक्षित नहीं कर पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में PHE विभाग और शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका ठेकेदारों से पुख्ता काम कराने में नाकाम रहे हैं। केसिंग पाइप जमीन से 0.30 मीटर ऊंचा हो, कंक्रीट का प्लेटफॉर्म हो, स्टील प्लेट से वेल्डिंग हो और पास में चेतावनी बोर्ड लगा हो। ढक्कन की जगह बोरी, वेल्डिंग की जगह पत्थर और चेतावनी बोर्ड का नामोनिशान तक नहीं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;दोषियों पर हो सकती है 10 साल तक की जेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नियमों के मुताबिक, बोरवेल खुला छोड़ने पर जमीन मालिक और ठेकेदार पर पुलिस केस दर्ज हो सकता है। इसमें 2 से 10 साल तक की सजा और भारी अर्थदंड का प्रावधान है, लेकिन कागजों में दफन इन नियमों का खौफ लापरवाही बरतने वालों में नहीं दिख रहा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;अब बैठकों का दौर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रंजना पाटीदार ने बताया कि राजस्व विभाग के पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ और जनपद पंचायत सीईओ को भी निर्देशित किया जा रहा है कि वे पंचायत सचिवों की बैठक लें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बोरवेल खुला न रहे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:47:02 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194015</guid><link>https://www.inhnews.in/news/legendary-singer-asha-bhosle-has-passed-away-at-the-age-of-92</link><category>मनोरंजन</category><title>नहीं रहीं दिग्गज सिंगर Asha Bhosle, 92 की उम्र में निधन, कल शिवाजी पार्क में राष्ट्रीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Asha Bhosle Passed Away: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;देश की दिग्गज और सदाबहार गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी आवाज़ ने करीब 7 दशकों तक भारतीय संगीत जगत पर राज किया और करोड़ों दिलों को छुआ। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अस्पताल में चल रहा था इलाज&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के अनुसार, आशा भोसले को 11 मार्च को मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था। उम्र संबंधी समस्याओं के चलते उनका इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मुंबई के Shivaji Park में कल शाम 4 बजे किया जाएगा। उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;ग्रैमी अवॉर्ड&amp;nbsp;के लिए हुईं थीं&amp;nbsp;नॉमिनेट&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय सिंगर आशा भोसले ही थीं, उन्होंने करियर में 20 से ज्यादा भाषाओं में लगभग 12000 से अधिक गाने गाए हैं. जिसके लिए गायिका को पद्मभूषण से नवाजा गया था.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;इंडस्ट्री में शोक की लहर&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री Hema Malini ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आशा जी ने उनके लिए कई यादगार गाने गाए थे और उनके साथ उनका रिश्ता बेहद खास था। हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि उनका Lata Mangeshkar और आशा भोसले के साथ जुड़ाव बेहद भावनात्मक रहा है। उनके जाने से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;7 दशकों तक चला सुरों का जादू&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आशा भोसले ने अपने करियर में हजारों गाने गाए और कई भाषाओं में अपनी आवाज़ दी। उनकी गायकी की विविधता और ऊर्जा ने उन्हें दुनिया भर में अलग पहचान दिलाई। वे भारतीय संगीत इतिहास की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक थीं। आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी आवाज़ और गाने हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:12:23 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194014</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhattisgarh-census-2026-27-first-phase-to-begin-on-may-1st</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ जनगणना 2026-27: 1 मई से शुरू होगा पहला चरण, 16 अप्रैल से करें Self-Enumeration, जानें पूरी प्रक्रिया...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2026-27 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत सरकार द्वारा आयोजित इस जनगणना का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक चलेगा। इस चरण में &amp;ldquo;मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना&amp;rdquo; का कार्य किया जाएगा, जो पूरी जनगणना प्रक्रिया का बेहद अहम हिस्सा माना जाता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;क्या होगा पहले चरण में?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पहले फेज के दौरान राज्यभर में आवासीय और गैर-आवासीय भवनों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसमें प्रत्येक मकान की संख्या और स्थिति, मकान का उपयोग (रहवासी या व्यावसायिक), निर्माण की प्रकृति, परिवारों की संख्या बुनियादी सुविधाएं (पानी, शौचालय, बिजली आदि) शामिल होंगे, यह डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं, शहरी-ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;Self-Enumeration की सुविधा (ऑनलाइन जनगणना)&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;डिजिटल इंडिया के तहत इस बार नागरिकों को Self-Enumeration यानी स्वयं जनगणना भरने का विकल्प भी दिया गया है। जो आगामी 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी, इसके साथ ही नागरिक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान की जानकारी खुद भर सकते हैं। एक Self-Enumeration ID प्राप्त करेंगे, यह ID जनगणना अधिकारी को दिखानी होगी, इसके बाद अधिकारी सत्यापन कर डेटा को अंतिम रूप देंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;घर-घर जाकर होगा सर्वे&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;1 मई से 30 मई के बीच अधिकृत जनगणना अधिकारी प्रत्येक घर का दौरा करेंगे, पहचान पत्र के साथ आएंगे, जानकारी का सत्यापन करेंगे, नागरिकों से अपील है कि वे केवल अधिकृत अधिकारियों को ही जानकारी दें।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी। डेटा का उपयोग केवल नीतिगत और सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग सिस्टम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, शिकायतों के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;क्यों जरूरी है जनगणना?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिससे सरकार को जनसंख्या का सटीक आंकड़ा, आवास और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति, योजनाओं को बेहतर और प्रभावी बनाने का आधार मिलता है, इसी डेटा के आधार पर भविष्य की नीतियां और विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2026-27 का पहला चरण बेहद महत्वपूर्ण है। नागरिकों की भागीदारी से ही यह प्रक्रिया सफल हो सकती है। यदि आप Self-Enumeration करना चाहते हैं, तो 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच ऑनलाइन जानकारी जरूर भरें और अपनी ID सुरक्षित रखें।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:21:36 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194013</guid><link>https://www.inhnews.in/news/asha-bhosle-health-update-hospitalized-due-to-chest-infection-condition-stable</link><category>मनोरंजन</category><title>Asha Bhosle Health Update: सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर, PM Modi ने जताई चिंता...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;Asha Bhosle Health Update:&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&amp;nbsp;भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका Asha Bhosle की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के प्रसिद्ध Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया है। 11 अप्रैल को अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;परिवार ने दिया हेल्थ अपडेट&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
गायिका की पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि आशा भोसले को थकान और सीने में संक्रमण की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में सुधार हो रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;दिल का दौरा पड़ने की खबरों पर स्पष्टता नहीं&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि आशा भोसले को दिल का दौरा पड़ा है, लेकिन परिवार की ओर से ऐसी किसी भी खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;PM मोदी ने जताई चिंता&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;&amp;nbsp;डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, आशा भोसले को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। शुरुआती संकेतों के अनुसार उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;संगीत की दुनिया की अमर आवाज&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Asha Bhosle भारतीय संगीत इंडस्ट्री की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाए हैं। उनका पहला गाना मराठी फिल्म &amp;lsquo;माझा बल&amp;rsquo; (1943) में था, जबकि हिंदी सिनेमा में उन्हें पहचान फिल्म &amp;lsquo;चुनरिया&amp;rsquo; (1948) से मिली।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;सम्मानों से सजी उपलब्धियां&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
आशा भोसले को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिनमें 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;फैंस कर रहे दुआएं&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
जैसे ही उनकी तबीयत की खबर सामने आई, देशभर में उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी। सभी को उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार है। आशा भोसले की तबीयत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। परिवार ने फैंस से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 11:52:14 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194012</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mp-gajendra-singh-patels-big-statement-on-the-monalisa-case</link><category>राज्य</category><title>Monalisa Case: मोनालिसा मामले में सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का बड़ा बयान</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;Monalisa Case:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;महेश्वर की चर्चित &amp;#39;वायरल गर्ल&amp;#39; मोनालिसा और फरमान के विवाह मामले में अब राजनीतिक और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस पूरे मामले में हुए नए खुलासे पर अपनी बात रखी है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में मोनालिसा के नाबालिग होने की पुष्टि हो गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;जांच में हुआ बड़ा खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने वीडियो में कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र महेश्वर की पारधी जनजाति समाज की बेटी मोनालिसा के मामले में उन्होंने पहले ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। सांसद के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवती नाबालिग थी और सुनियोजित तरीके से गलत दस्तावेजों के आधार पर उसका विवाह कराया गया था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;फरमान पर कानूनी शिकंजा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सांसद ने इस गंभीर मामले में त्वरित संज्ञान लेने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य का आभार व्यक्त किया है। सांसद ने जानकारी दी कि अब इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है। आरोपी फरमान के खिलाफ POCSO (पॉक्सो एक्ट), SC/ST (एट्रोसिटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;बेटियों की सुरक्षा पर अपील&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वीडियो के अंत में सांसद ने समाज से सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 11:20:39 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194011</guid><link>https://www.inhnews.in/news/big-change-in-voter-list-due-to-sir-campaign</link><category>देश</category><title>SIR अभियान: 12 राज्यों से 5.2 करोड़ मतदाता हटाए गए, UP में जुड़े 92 लाख नए वोटर...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;SIR Campaign:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 10.2% है। आयोग के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य फर्जी वोटिंग को रोकना और चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करना है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;51 करोड़ मतदाताओं की हुई जांच&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;SIR अभियान के दौरान करीब 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इसमें मृत मतदाता, दूसरे राज्य में स्थानांतरित लोग, डुप्लीकेट पंजीकरण, लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता श्रेणियों के नाम हटाए गए हैं, इस प्रक्रिया के बाद अब इन राज्यों में 45.8 करोड़ वैध मतदाता पंजीकृत हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;इन राज्यों में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आंकड़ों के अनुसार अंडमान-निकोबार: 16.6% नाम हटे उत्तर प्रदेश: 13.2%, गुजरात: 13.1%, छत्तीसगढ़: 11.3%, पश्चिम बंगाल: 10.9% (27 लाख नाम हटाए गए) वहीं, अन्य राज्यों में मध्य प्रदेश: 5.7%, राजस्थान: 5.4%, केरल: 2.5%, लक्षद्वीप: 0.3% गिरावट हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;6.5 करोड़ मतदाताओं ने कभी वोट नहीं किया&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अभियान के दौरान यह भी सामने आया कि 13 करोड़ मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, 3.1 करोड़ लोग दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके थे। करीब 6.5 करोड़ लोगों ने कभी मतदान नहीं किया, ऐसे मामलों को हटाकर सूची को अधिक विश्वसनीय बनाया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;2 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जहां एक तरफ नाम हटाए गए, वहीं दूसरी ओर 2 करोड़ नए मतदाताओं को जोड़ा भी गया। राज्यवार नए मतदाता उत्तर प्रदेश: 92.4 लाख (सबसे ज्यादा), तमिलनाडु: 35 लाख, केरल: 20.4 लाख, राजस्थान: 15.4 लाख, मध्य प्रदेश: 12.9 लाख, गुजरात: 12 लाख+ इनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के जरिए पंजीकरण कराया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;क्या है SIR अभियान का मकसद?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना,फर्जी मतदान पर रोक लगाना और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। SIR अभियान के जरिए देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां करोड़ों अयोग्य नाम हटाए गए, वहीं नए मतदाताओं को जोड़कर लोकतंत्र को और मजबूत किया गया है। खासकर उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में नए वोटर जुड़ना एक महत्वपूर्ण संकेत है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 11:16:18 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194010</guid><link>https://www.inhnews.in/news/no-salary-for-4-months-assistants-set-out-on-horseback-and-bicycle-to-save-their-jobs</link><category>राज्य</category><title>सिस्टम की मार: 4 महीने से वेतन नहीं, घोड़े-साइकिल पर ‘रोजगार’ बचाने निकले सहायक</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मुकेश प्रजापति,भैरूंदा : &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश में सरकारी दावों की पोल खोलती एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर अजब एमपी की गजब कहानी वाली कहावत सिद्ध होती है। भैरूंदा जनपद पंचायत के 68 ग्राम रोजगार सहायक पिछले 4 महीनों से वेतन के लिए मोहताज हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि बाइक में पेट्रोल डलवाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। अब ये कर्मचारी अपनी नौकरी और रोजगार बचाने के लिए कोई घोड़े पर तो कोई साइकिल चलाकर पंचायत कार्यालय पहुंच रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;घोड़े और साइकिल से &amp;#39;ड्यूटी&amp;#39;&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रशासनिक अनदेखी की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्राम पंचायत मुहाई के रोजगार सहायक मंशाराम ककोडीया अब घोड़े पर सवार होकर ड्यूटी करने पहुंच रहे हैं। वही खरसानिया के सुनील पंवार ने पेट्रोल के पैसे न होने पर साइकिल उठा ली है और कई किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं।&amp;nbsp;इन कर्मचारियों का कहना है कि 18 हजार रुपए का मानदेय समय पर न मिलने से वे अब पूरी तरह कंगाल हो चुके हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मध्यम वर्ग की टूटी कमर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वेतन न मिलने का असर सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इन कर्मचारियों की निजी जिंदगी नर्क बन गई है। कई सहायकों ने होम लोन और पर्सनल लोन ले रखे हैं। किस्तें बाउंस होने से बैंक का दबाव बढ़ रहा है और सिविल स्कोर खराब हो रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन बच्चों की स्कूल फीस, ड्रेस और किताबों के लिए इनके पास पैसे नहीं हैं। हालात ऐसे हैं कि अब किराना दुकानदारों ने भी उधार देना बंद कर दिया है, जिससे घर का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;बोझ सरकारी, पर जेब खाली&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रोजगार सहायकों का आरोप है कि सरकार उनसे मनरेगा के अलावा स्वास्थ्य, वन विभाग और अन्य तमाम सरकारी योजनाओं का काम लेती है। यानी काम का बोझ तो भारी है, लेकिन दाम के नाम पर पिछले चार महीनों से सन्नाटा पसरा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&amp;#39;नो पेमेंट, नो वर्क&amp;#39; की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ग्राम रोजगार सहायक संगठन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर साफ कह दिया है कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय जारी नहीं किया गया, तो पूरे ब्लॉक में काम बंद कर दिया जाएगा। जनपद पंचायत सीईओ संजय अग्रवाल के मुताबिक, फंड की कमी केवल भैरूंदा में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में है। शासन से बजट मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 10:26:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194009</guid><link>https://www.inhnews.in/news/suspicious-death-of-female-constable-in-raipur</link><category>राज्य</category><title>रायपुर में महिला आरक्षक की संदिग्ध मौत: पुलिस क्वार्टर में फंदे से लटकी मिली पूजा कुशवाहा की लाश, जांच जारी...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस क्वार्टर में एक महिला आरक्षक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे और इलाके में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला आज़ाद चौक थाना क्षेत्र का है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;महिला पुलिसकर्मी संदिग्ध मौत:&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शनिवार रात करीब 8:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पुलिस क्वार्टर में एक महिला पुलिसकर्मी संदिग्ध अवस्था में मृत पाई गई है। मृतक की पहचान पूजा कुशवाहा के रूप में हुई है, जो पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत थीं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जांच में जुटी पुलिस&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से केस की पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतका के सहकर्मियों और परिजनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह का पता लगाया जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मर्ग कायम, सच्चाई की तलाश जारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच प्रक्रिया जारी है। फिलहाल महिला आरक्षक द्वारा यह कदम उठाने के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;इलाके में फैली सनसनी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस घटना के बाद पुलिस क्वार्टर और आसपास के इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 10:23:26 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194008</guid><link>https://www.inhnews.in/news/morning-breaking-cabinet-meeting-scheduled-april-15-mega-health-campaign-bastar</link><category>राज्य</category><title>Morning Breaking: 15 अप्रैल को कैबिनेट की अहम बैठक, बस्तर में शुरू होगा मेगा हेल्थ अभियान, रायपुर में समर कैंप 2026 का ऐलान...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Morning Breaking: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर कई बड़े फैसलों और कार्यक्रमों की तैयारी चल रही है। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक से लेकर बस्तर में स्वास्थ्य महाअभियान और रायपुर में समर कैंप तक, कई अहम गतिविधियाँ तय की गई हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;15 अप्रैल को होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक 15 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना है। औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने पर चर्चा होगी, इसके साथ ही &amp;nbsp;&amp;ldquo;बस्तर रोडमैप 2.0&amp;rdquo; के तहत रोजगार के नए अवसर और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई जाएगी। किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता पर समीक्षा की जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;रायपुर में &amp;ldquo;समर कैंप 2026&amp;rdquo; का आयोजन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजधानी रायपुर के कला केंद्र में 15 अप्रैल से 30 मई तक समर कैंप 2026 आयोजित किया जाएगा। यह कैंप तीन चरणों में चलेगा। कैंप की मुख्य विशेषताएं संगीत, डांस, पेंटिंग और योग की ट्रेनिंग शतरंज और स्पोकन इंग्लिश की क्लासेस है, &amp;nbsp;सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक समय रहेगा, पंजीयन शुल्क ₹110 और प्रशिक्षण शुल्क ₹500 रखा गया है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;श्रीनगर में खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;24 से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। देशभर के खेल मंत्री शामिल होंगे, 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने पर चर्चा की जाएगी। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव भी भाग लेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बस्तर में शुरू होगा मेगा स्वास्थ्य महाअभियान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नक्सल प्रभाव कम होने के बाद अब बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल से शुरू होगा &amp;ldquo;मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान&amp;rdquo; अभियान की मुख्य बातों में लगभग 36 लाख लोगों को लाभ, घर-घर स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाए जाएंगे। गंभीर मरीजों को रायपुर रेफर किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 09:47:19 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194007</guid><link>https://www.inhnews.in/news/drinking-water-from-plastic-bottles-is-harmful-for-health</link><category>फैशन/लाइफ स्टाइल</category><title>Plastic Bottle Side Effects: प्लास्टिक के बोतल से पानी पीना सेहत के लिए है नुकसानदायक, इन बीमारियों के हो सकते है शिकार </title><description>&lt;p&gt;भारत सहित देश के अधिकतर जगहों में लोग पानी पीने के लिए प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल करते है। जो की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। दरअसल, प्लास्टिक की बोतलों में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं जो शरीर के हार्मोन बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं। जिसकी वजह से आप कई गंभीर बीमारियों के शिकार बन सकते है। इसलिए आप प्लास्टिक की बोतल की जगह कांच, कॉपर या स्टेनलेस स्टील की बोतल का उपयोग करें। इससे आपका स्वस्थ ठीक रहेगा और आप बीमारियों से भी दूर रहेंगे। तो चलिए जानते है कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से आप किन बीमारियों के शिकार बन सकते है। .. &amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कैंसर का हो सकता है खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से इसमें मौजूद खतरनाक केमिकल्स हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, जो हमें कई तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्लास्टिक में मौजूद हानिकारक केमिकल्स जैसे सीसा, कैडमियम और पारा के शरीर में जाने में कैंसर, विकलांगता जैसी गंभीर समस्याओं की संभावना काफी बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रतिरोधक क्षतमा पर पड़ सकता है असर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्लास्टिक की बोतल में रखा पानी पीने से न सिर्फ गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि इसका हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। दरअसल, प्लास्टिक में मौजूद हानिकारक केमिकल्स पानी के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, जिससे हमारा इम्युन सिस्टम कमजोर हो सकता है&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रजनन संबंधी समस्याएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;लगातार प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से इसमें मौजूद केमिकल्स से महिलाओं और पुरुषों को प्रजनन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। दरअसल, हानिकारक केमिकल्स की वजह से ओवरी से संबंधित बीमारियां, ब्रेस्ट कैंसर, कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा प्लास्टिक की बोतल का पानी पीने से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या में भी कम हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;धीमा जहर है प्लास्टिक के बोतल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्लास्टिक में कई तरह के हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में अगर इसमें पानी रखा जाए,तो इसमें फ्लोराइड, आर्सेनिक और एल्यूमीनियम जैसे हानिकारक तत्व उपन्न होते हैं, जिसका सेवन करने से यह हमारे शरीर में स्लो प्वाइजन की तरह काम करता है। इससे आपका स्वास्थ्य धीरे-धीरे खराब होने लगता है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 20:51:09 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194006</guid><link>https://www.inhnews.in/news/a-major-change-is-coming-to-whatsapp</link><category>जरा हटके </category><title>WhatsApp में बड़ा बदलाव आने वाला: Chats स्क्रीन पर ही मिलेगा Status का नया अनुभव</title><description>&lt;p data-end="84" data-start="0" style="text-align:justify"&gt;दुनिया भर में करोड़ों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला WhatsApp एक बार फिर अपने प्लेटफॉर्म में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। इस बार कंपनी यूजर्स के अनुभव को और ज्यादा सरल और तेज बनाने के लिए Status फीचर को नए तरीके से पेश करने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले अपडेट में Status देखने और पोस्ट करने का पूरा तरीका बदल सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="491" data-section-id="yapfjs" data-start="461" style="text-align:justify"&gt;Chats स्क्रीन बनेगा नया हब&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="760" data-start="493" style="text-align:justify"&gt;अब तक WhatsApp में Status देखने के लिए यूजर्स को अलग से Status टैब में जाना पड़ता है, लेकिन नए अपडेट के बाद यह प्रक्रिया बदल सकती है। कंपनी Chats स्क्रीन पर ही एक नया सेक्शन जोड़ने की योजना बना रही है, जहां यूजर्स को उनके कॉन्टैक्ट्स के ताजा Status अपडेट दिखाई देंगे।&lt;/p&gt;

&lt;p data-end="1004" data-start="762" style="text-align:justify"&gt;इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर्स को बार-बार टैब बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चैटिंग करते-करते ही वे आसानी से Status अपडेट देख सकेंगे। बताया जा रहा है कि यूजर्स केवल स्क्रीन को नीचे की ओर खींचकर (pull down) इन अपडेट्स को एक्सेस कर पाएंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="1045" data-section-id="skihv1" data-start="1011" style="text-align:justify"&gt;टेस्टिंग स्टेज में है नया फीचर&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="1240" data-start="1047" style="text-align:justify"&gt;फिलहाल यह फीचर अभी पूरी तरह तैयार नहीं है और टेस्टिंग के दौर में है। iPhone यूजर्स के लिए इसे TestFlight के जरिए कुछ वर्जन में देखा गया है, जबकि Android प्लेटफॉर्म पर भी इसका डेवलपमेंट जारी है।&lt;/p&gt;

&lt;p data-end="1409" data-start="1242" style="text-align:justify"&gt;कंपनी की ओर से अभी तक इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन टेक रिपोर्ट्स के मुताबिक यह साफ है कि WhatsApp इस बदलाव को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="1460" data-section-id="ljlsjt" data-start="1416" style="text-align:justify"&gt;Navigation बार में भी दिख सकते हैं बदलाव&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="1625" data-start="1462" style="text-align:justify"&gt;नए डिजाइन के साथ WhatsApp अपने Navigation बार में भी बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां एक खास सेक्शन जोड़ा जा सकता है जो केवल Status अपडेट्स के लिए होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p data-end="1912" data-start="1627" style="text-align:justify"&gt;इस सेक्शन में यूजर्स को सबसे पहले उन लोगों के Status दिख सकते हैं जिनसे वे सबसे ज्यादा बातचीत करते हैं। इससे यूजर्स को ज्यादा प्रासंगिक कंटेंट पहले देखने को मिलेगा। साथ ही, म्यूट किए गए Status अपडेट्स को अलग से देखने का विकल्प भी दिया जा सकता है, जिससे यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="1950" data-section-id="1cmhnw9" data-start="1919" style="text-align:justify"&gt;Status पोस्ट करना होगा आसान&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="2155" data-start="1952" style="text-align:justify"&gt;इस अपडेट का एक और बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स सीधे Chats स्क्रीन से ही अपना Status पोस्ट कर सकेंगे। अभी के मुकाबले यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी, क्योंकि यूजर्स को अलग टैब में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।&lt;/p&gt;

&lt;p data-end="2354" data-start="2157" style="text-align:justify"&gt;इस बदलाव से WhatsApp एक ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म बन सकता है, जहां चैटिंग और Status दोनों का अनुभव एक ही जगह मिलेगा। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो नियमित रूप से Status अपडेट करते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="2402" data-section-id="1w5eknd" data-start="2361" style="text-align:justify"&gt;लॉन्च डेट को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="2635" data-start="2404" style="text-align:justify"&gt;हालांकि यह फीचर काफी चर्चा में है, लेकिन इसकी लॉन्च डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। WhatsApp आमतौर पर अपने नए फीचर्स को पहले सीमित यूजर्स के बीच टेस्ट करता है और उसके बाद धीरे-धीरे सभी के लिए जारी करता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 data-end="2677" data-section-id="15rvfpg" data-start="2642" style="text-align:justify"&gt;यूजर्स को मिल सकता है नया अनुभव&lt;/h3&gt;

&lt;p data-end="2832" data-start="2679" style="text-align:justify"&gt;WhatsApp समय-समय पर अपने प्लेटफॉर्म में नए बदलाव करता रहता है ताकि यूजर्स को बेहतर अनुभव मिल सके। यह नया अपडेट भी उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p data-end="3069" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="2834" style="text-align:justify"&gt;अगर यह फीचर सफलतापूर्वक लॉन्च होता है, तो यूजर्स के लिए ऐप का इस्तेमाल पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इस नए बदलाव को कितना पसंद करते हैं और यह उनके रोजमर्रा के इस्तेमाल को कैसे प्रभावित करता है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 19:37:35 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194005</guid><link>https://www.inhnews.in/news/3-day-unnat-krishi-mahotsav-inaugurated-in-raisen</link><category>राज्य</category><title>RAISEN NEWS : 3 दिवसीय 'उन्नत कृषि महोत्स' का CM मोहन और रक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ, 'ई-फॉर्म्स' एप भी किया लॉन्च </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायसेन &lt;/strong&gt;: मध्य प्रदेश के रायसेन में 3 दिवसीय &amp;#39;उन्नत कृषि महोत्स&amp;#39; का शुभारंभ आज से हो चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्जलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। साथ ही जनता को संबोधित कर कृषि का महत्व और किसानों को बीज से बाजार और प्रयोगशाला से खेती तक की जानकारी दी। साथ ही किसानों के लिए &amp;#39;ई-फॉर्म्स&amp;#39; एप भी लॉन्च किया गया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;देश कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस तीन दिवस कार्यक्रम का आयोजन शहर के दशहरा मैदान में किया गया है। जहां जनता को संबोधित करते हुए&amp;nbsp;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग छवि बन रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों मध्य प्रदेश में बीईएमएल के पहले रेल कारखाने का भूमिपूजन हुआ है. वे मध्यप्रदेश के लिए शुभंकर हैं. देश कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है. सीएम ने आगे कहा कि&amp;nbsp;रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन किसान भाइयों के लिए अद्भुत है. प्रदेश में विकास का कारवां निरंतर जारी रखने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्पित हैं.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं-&amp;nbsp;रक्षा मंत्री &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि रायसेन की धरती पर उन्नत कृषि महोत्सव किसानों की तकदीर बदलने के लिए लाभकारी सिद्ध होगा. यह कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी. मध्य प्रदेश विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री&amp;nbsp; ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. गांवों के युवा इससे जुड़ेंगे तो खेती गर्व का विषय बनेगा और हमारे किसान आन-बान और शान से जीवन जीएंगे.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मेले में लगाएं गए 350 से अधिक स्टॉल&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;किसानों के लिए आयोजित इस मेले में लगभग 350 से अधिक स्टॉल लगाएं गए है। जहां किसानों को उन्नत कृषि करने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही &amp;nbsp;कृषि, बागवानी,सिंचाई उर्वरक, कीटनाशक,कृषि उपकरण, डिजिटल खेती,और फसल बीमा से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इतना ही नहीं आयोजन स्थल को तीन बड़े हेंगरो में बांटा गया है। पहले हैंगर में सेमिनार हाल और उन्नत कृषि की तकनीक देश के बड़े बड़े कृषि वैज्ञानिक देंगे।तो वहीं दूसरे हैंगर में पशुपालन संबंधी और &amp;nbsp;तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए हैं। जहां तकनीक और सिंचाई योजनाओं का सीधा प्रसारण के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही तीसरे हैंगर में विभिन्न कृषि स्टार्टअप कंपनी और संस्थान भी किसान सम्मेलन के माध्यम से किसानों को नई तकनीक स्रोतों की जानकारी दी जाएगी।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 19:31:47 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194004</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bollywood-celebrities-attended-the-scindia-family-dinner-party-in-gwalior</link><category>राज्य</category><title>GWALIOR NEWS : सिंधिया के जयविलास पैलेस में हुई डिनर पार्टी, दिया मिर्जा- अदिति रॉय हैदरी सहित पहुंचे कई सेलेब्रिटीज़ </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ग्वालियर &lt;/strong&gt;: &amp;nbsp;सिंधिया घराने की बहू और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया (priyadarshini raje scindia) ने हाल ही में बॉलीवुड सितारों और शाही मेहमानों के लिए एक खास डिनर रखा था। जिसमे प्रियदर्शनी राजे सिंधिया और महान आर्यमन सिंधिया ने खुद अपने हाथों से मेहमानों को शाही थाली परोसी और उनका स्वागत किया। जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिनर का आयोजन जय विलास महल में किया गया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;डिनर का आयोजन जय विलास महल में किया गया। जिसमे रॉयल मेहमान के साथ साथ देश-विदेश के खास मेहमान शामिल हुए और मध्य प्रदेश की आत्मा, संस्कृति और शाही मेहमाननवाज़ी को करीब से महसूस किया। डिनर जितना शानदार था उतना ही सिंधिया परिवार का स्वागत और सत्कार था।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;डिनर में कई सेलिब्रिटी हुए शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस खास डिनर पार्टी में एक्ट्रेस अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ, दीया मिर्जा, सयानी गुप्ता, गुनीत मोंगा, राहुल मिश्रा, फाल्गुनी पीकॉक, जोरावर कालरा, और नायब मिधा शामिल हुए। इस दौरान मेहमानों ने रॉयल फैमिली के साथ खास पल बिताए। इससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयविलास पैलेस में &amp;#39;रॉब रिपोर्ट इंडिया&amp;#39; का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि ग्वालियर के जयविलास पैलेस में रॉब रिपोर्ट इंडिया द्वारा दो दिवस इवेंट आयोजित किया गया था। जिसमे देश-विदेश के खास मेहमान जुटे थे। जहां सभी ने रॉयल खाने का लुफ्त उठाया। साथ ही महल की भव्यता और सजावट आकर्षण का केंद्र बना। कार्यक्रम का आयोजन 8 और 9 अप्रैल को किया गया था।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या है रॉब रिपोर्ट ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;रॉब रिपोर्ट एक वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित लग्जरी लाइफस्टाइल मैगजीन है। 1976 में शुरू हुई यह पत्रिका आज पेंस्के मीडिया कॉर्पोरेशन के स्वामित्व में है। यह हाई-एंड ब्रांड्स और लग्जरी अनुभवों को मंच देती है। ऑटोमोबाइल, एविएशन और रियल एस्टेट जैसी जानकारी इसमें शामिल होती है। ऐसे आयोजन शाही विरासत को जीवंत रखते हैं। साथ ही ग्वालियर को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दिलाते हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 18:53:58 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194003</guid><link>https://www.inhnews.in/news/tragic-boat-accident-in-vrindavan-boat-capsizes</link><category>देश</category><title>वृंदावन में दर्दनाक नाव हादसा, यमुना में पलटी बोट; कई की मौत, रेस्क्यू जारी</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यमुना नदी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भरी एक मोटर बोट पलट गई, जिससे कई लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देर रात तक बचाव कार्य जारी रहा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घटना केशी घाट के पास हुई, जो प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2:45 बजे नाव नदी में चल रही थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पास के पोंटून पुल से टकरा गई। टक्कर के बाद नाव पलट गई और उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नदी में गिरे सभी यात्री, कई की मौत&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बताया जा रहा है कि नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रेस्क्यू टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कई लोग गहरे पानी में डूब गए। इस हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक बताई जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सबसे दुखद बात यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं, जिससे उनके घरों में मातम पसरा हुआ है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कई घंटे बाद निकाली गई बोट&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हादसे के बाद बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यमुना नदी में गहराई और दलदली हालात के कारण बोट को निकालना आसान नहीं था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मिलकर लगातार प्रयास किए और करीब पांच घंटे की मेहनत के बाद नाव को बाहर निकाला गया। देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलता रहा और लापता लोगों की तलाश जारी रही।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अब भी जारी है तलाश अभियान&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद कुछ लोग अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक बचाव कार्य जारी रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुआवजे का ऐलान&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हादसे के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हादसे की वजह पर जांच जारी&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का कारण तेज हवा और नाव का असंतुलित होना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हवा तेज हो गई, जिससे नाव डगमगाने लगी और उसकी गति भी बढ़ गई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसी दौरान नाव पोंटून पुल से टकरा गई, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया। हालांकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस हादसे के बाद नदी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक लोग सवार थे? क्या सुरक्षा उपकरण मौजूद थे? इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 18:19:47 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194002</guid><link>https://www.inhnews.in/news/azad-statue-controversy-in-ambikapur</link><category>राज्य</category><title>अंबिकापुर में आजाद प्रतिमा विवाद: युवक कांग्रेस नेता पर FIR, सियासत गरमाई</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पूरे मामले में सरगुजा युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विकल झा के खिलाफ कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई नगर निगम के सहायक अभियंता की शिकायत के आधार पर की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस के अनुसार, विकल झा पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, भड़काऊ बयान देने और सोशल मीडिया पर ऐसा वीडियो साझा करने का आरोप है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ टिप्पणियां विवादित रही हैं, जिनसे माहौल बिगड़ने की आशंका जताई गई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले हुआ अनावरण&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के मुताबिक, 9 अप्रैल को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रतिमा का आधिकारिक अनावरण प्रस्तावित था। लेकिन इससे एक दिन पहले ही विकल झा ने नगर निगम पर प्रतिमा की अनदेखी का आरोप लगाते हुए खुद ही प्रतिमा का अनावरण कर दिया। इस कदम के बाद मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ गया और प्रदेशभर में इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;राजनीतिक बयानबाजी तेज&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रतिमा अनावरण को लेकर हुए इस घटनाक्रम के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। एक ओर जहां युवक कांग्रेस इस मामले को अपनी पहल बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्रवाई को नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बेमेतरा में भी हुई कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस पूरे विवाद के बीच बेमेतरा जिले में भी युवक कांग्रेस से जुड़े एक अन्य नेता पर कार्रवाई की गई है। यहां पुलिस ने युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रांजल तिवारी को हिरासत में लिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बताया जा रहा है कि शहर में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही थी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियातन कदम उठाते हुए यह कार्रवाई की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कानून-व्यवस्था पर प्रशासन की नजर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैलाने और बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:18:30 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194001</guid><link>https://www.inhnews.in/news/4-killed-in-shivpuri-road-accident</link><category>राज्य</category><title>SHIVPURI NEWS : दुखद ! शिवपुरी में खून से लाल हुई सड़क, खड़े ऑटो पर पलटा ट्रक, 4 की मौत </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शिवपुरी &lt;/strong&gt;: मध्य प्रदेश के शिवपुरी से सड़क हादसे की दुखद खबर सामने आ रही है। जहां शनिवार दोपहर हुए एक्सीडेंट में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जिसमे नवविवाहित जोड़ा भी शामिल है। बताया जा रहा है कि सभी लोग शादी के बाद ऑटो से राजगढ़ गांव जा रहे थे। इस दौरान ऑटो पर लोडेड ट्रक पलट गया। जिसकी वजह से सभी की मौके पर मौत हो गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;टोंगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास हुआ हादसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह हादसा शिवपुरी जिले के &amp;nbsp;सिरसौद थाना अंतर्गत टोंगरा रोड पर हुआ। जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया जा रहा है कि इस दुखद हादसे में दूल्हा वीरेंद्र शाक्य, दुल्हन राजेश्वरी शाक्य, दूल्हे की मां अन्वेश शाक्य, परिवार की एक अन्य सदस्य की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका इलाज जारी है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शुक्रवार को हुई थी शादी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, तेंदुआ थाना क्षेत्र के राजगढ़ गांव निवासी 25 वर्षीय वीरेंद्र शाक्य की शादी शुक्रवार को शिवपुरी की संजय कॉलोनी निवासी राजेश्वरी शाक्य से हुई थी. दोनों ने परिवार की मौजूदगी में मंदिर में विवाह किया था और शनिवार को अपने गांव लौट रहे थे. इस दौरान शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़े ऑटो पर अचानक एक लोडेड ट्रक पलट गया। जिसकी वजह से सभी की मौके पर मौत हो गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुर्गी दाना से भरा हुआ था&amp;nbsp; ट्रक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;हादसे के बाद से आरोपी चालक जहां मौके से फरार है। तो वही मामले की बारीकी से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ट्रक मुर्गी दाना से भरा हुआ था। इस वजह से अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश जारी है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:12:57 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">194000</guid><link>https://www.inhnews.in/news/excise-department-accused-of-extortion-in-bilaspur</link><category>राज्य</category><title>बिलासपुर में आबकारी विभाग पर वसूली के आरोप, बीयर बार संचालकों से लाखों की उगाही का मामला</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आबकारी विभाग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा बीयर बार संचालकों से लाइसेंस नवीनीकरण के अलावा अतिरिक्त रकम वसूली जा रही है। बताया जा रहा है कि एक-एक बार संचालक से करीब 2 से 2.5 लाख रुपये तक की राशि &amp;lsquo;सिस्टम&amp;rsquo; के नाम पर ली गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बीयर बार संचालकों से कथित वसूली&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले में करीब 20 से 22 बीयर बार संचालित हो रहे हैं। इन बार संचालकों का आरोप है कि नियमित लाइसेंस फीस के अलावा भी उनसे अतिरिक्त रकम मांगी गई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बताया जा रहा है कि यह रकम किसी आधिकारिक शुल्क के रूप में नहीं, बल्कि अनौपचारिक तौर पर &amp;lsquo;सिस्टम&amp;rsquo; के नाम पर वसूली गई है। हालांकि, इस कथित सिस्टम का स्पष्ट अर्थ क्या है, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अन्य जिलों में भी चर्चा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की वसूली का मामला सिर्फ बिलासपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की गतिविधियों की चर्चा हो रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बताया जा रहा है कि पहले रायपुर और दुर्ग में भी इसी तरह के आरोप सामने आ चुके हैं। वहां मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कुछ मामलों में कथित तौर पर रकम वापस भी की गई थी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;शिकायत की तैयारी और बढ़ती हलचल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले को लेकर अब बार संचालकों के बीच नाराजगी बढ़ने लगी है। चर्चा है कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत जिला कलेक्टर से की गई है या जल्द की जा सकती है। इसके अलावा, यह मुद्दा जिले के प्रभारी मंत्री के संज्ञान में भी लाया गया है। यदि शिकायत पर कार्रवाई होती है, तो मामले की जांच तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;राशि कहां गई, उठ रहे सवाल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि लाइसेंस नवीनीकरण की आधिकारिक फीस तो सरकारी खजाने में जमा हो जाती है, लेकिन जो अतिरिक्त रकम ली गई है, वह कहां गई?&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसको लेकर अब व्यापारियों और आम लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि यदि यह वसूली वैध नहीं थी, तो इसकी जवाबदेही किसकी है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;संभावित घोटाले की आशंका&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;लगातार सामने आ रही जानकारियों के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं यह मामला किसी बड़े घोटाले का रूप न ले ले। फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 16:40:58 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193999</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bjp-leaders-assault-a-woman-in-anuppur</link><category>राज्य</category><title>ANUPPUR NEWS : बड़ी खबर ! बीजेपी नेताओ ने महिला के साथ की मारपीट, वीडियो वायरल, FIR दर्ज </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अनूपपुर: &lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मध्यप्रदेश के अनूपपुर से इस वक़्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां बीते दिन बीजेपी नेताओं ने मूनलाइट रेस्टोरेंट महिला संचालक पिंकी पटेल &amp;nbsp;के साथ मारपीट की। पिंकी बीती रात अपने होटल में थी। तभी कुछ लोग होटल में घुसे और महिला संचालक के साथ मारपीट करने लगे। हालांकि इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव &amp;nbsp;करने का प्रयास किया, लेकिन बीजेपी नेताओं ने अपने घमंड में किसी की नहीं सुनी और महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आरोपी मौके से फरार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे वारदात को अंजाम भाजपा जिला मंडल अध्यक्ष निरंजन शुक्ला, देवानंद शुक्ला और अन्य दो लोगो ने दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वहीं घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार चल रहे है। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के लगाएं नारे&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इधर, वीडियो वायरल होने के बाद महिला के समर्थन में लोग आये और थाना कोतवाली में घेराव कर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाएं। हालांकि इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी लगातार लोगों को समझाइसा देने का प्रयास कर रही है। विवाद की वजह फ़िलहाल सामने नहीं आई है। वही पुलिस मामले की जांच कर रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 15:19:36 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193998</guid><link>https://www.inhnews.in/news/crackdown-on-fertilizer-black-marketing-4-shops</link><category>राज्य</category><title>खाद की कालाबाजारी पर सख्ती: बिलासपुर में 4 दुकानें सील, 21 दिन बिक्री बंद</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति का असर अब भारत के कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर उर्वरक (खाद) की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में खाद की कालाबाजारी (Fertilizer Black Marketing) पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को सील कर दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की उड़नदस्ता टीम ने तखतपुर ब्लॉक और गनियारी क्षेत्र में स्थित खाद दुकानों की जांच की। मेसर्स किसान सेवा केंद्र तखतपुर में मशीन रिकॉर्ड के अनुसार 750 बोरी यूरिया दर्ज थी, लेकिन मौके पर केवल 550 बोरी ही पाई गई। करीब 200 बोरी यूरिया का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे गड़बड़ी की आशंका और मजबूत हो गई। इसी तरह मेसर्स अमन कृषि केंद्र, गनियारी में भी मशीन में 1679 बोरी यूरिया दर्ज थी, लेकिन वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नियमों का उल्लंघन, दुकानों पर कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जांच के दौरान पाया गया कि दोनों दुकानों में भंडारण और वितरण से जुड़े रजिस्टर अपडेट नहीं थे। यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का सीधा उल्लंघन है। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और 21 दिनों तक खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पहले भी हो चुकी है कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इससे पहले 8 अप्रैल को मस्तूरी ब्लॉक के जोंधरा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। मेसर्स प्रजापति खाद भंडार में बिल और वितरण में अंतर पाया गया, वहीं मेसर्स चंदेल ट्रेडर्स में बिना पॉस मशीन के बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी सामने आई थी। इन दोनों दुकानों पर भी 21 दिनों की रोक लगाई गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;संभागीय संयुक्त संचालक आरके राठौर ने कहा कि किसानों को तय दर पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम नंबर 07752-470814 जारी किया गया है, जहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;क्यों बढ़ रही है कालाबाजारी की आशंका&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जिले में कुल 184 निजी खाद विक्रेता और 75 सहकारी समितियां हैं। वर्तमान में खाद का एक बड़ा हिस्सा निजी दुकानदारों के पास है, जो कुल स्टॉक का लगभग 38.71% है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खरीफ सीजन की तैयारी के चलते खाद की मांग तेजी से बढ़ रही है। सहकारी समितियों के पास 14,406 मीट्रिक टन और निजी विक्रेताओं के पास 5,577 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अब तक सहकारी समितियों से 545 मीट्रिक टन और निजी दुकानों से 564 मीट्रिक टन खाद की बिक्री हो चुकी है। ऐसे में बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण कालाबाजारी की आशंका बनी हुई है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:43:43 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193997</guid><link>https://www.inhnews.in/news/on-april-12-cm-mohan-will-release-the-35th-installment-of-the-ladli-behna-yojana</link><category>राज्य</category><title>Ladli Behna Yojana: आ गई तारीख ! लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त इस दिन होगी जारी, खाते में आएंगे इतने रूपए </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश की मोहन सरकार कल यानि की 12 अप्रैल को लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी करने जा रहे है। यह राशि प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी की जाएगी। जिसको लेकर तैयारी पूरी कर ली गई हैं। योजना के तहत इस बार बहनों के खाते में सीधे 1500 रुपए डाले जायेंगे।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;115 करोड़ रुपए के काम का करेंगे लोकार्पण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह राशि सीएम मोहन &amp;nbsp;सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से ट्रांसफर करेंगे। इतना ही नहीं इस दौरान सीएम मोहन कई महत्वपूर्ण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इसमें 115 करोड़ रुपए के लोकार्पण के काम शामिल हैं। इसमें सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा), पार्वती नदी पर घाट निर्माण, जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार, मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिद्दीगंज में उपतहसील भवन, आष्टा में राजस्व कार्यालय और आष्टा-शुजालपुर रोड पर पुल का लोकार्पण किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;69 करोड़ रुपए के कार्यों का करेंगे भूमिपूजन&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इसके साथ ही मुख्यमंत्री 69 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इसमें स्कूल भवन निर्माण, पुलिस आवास निर्माण, इछावर में छात्रावास निर्माण, सड़कें और सामुदायिक भवन, अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल परियोजना शामिल हैं। आष्टा शहर में भी विकास कार्य किए जाएंगे, जिनमें आरसीसी नाला निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, सब्जी मंडी का विकास और पांडू शिला क्षेत्र का सुंदरीकरण शामिल है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जून 2023 में की गई योजना की शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि योजना के तहत अभी तक सरकार द्वारा 34 किस्त जारी कर दी है है। तो वही कल 35वीं किस्त जारी की जाएगी। योजना की शुरुआत पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा जून 2023 में की गई थी। तब महिलाओं को 1000 रूपए प्रतिमाह दिए जाते है। इसके बाद राशि बढाकर 1250 की गई। तो वही अब 1500 रूपए महिलाओं को दिए जा रहे है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:51:15 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193996</guid><link>https://www.inhnews.in/news/actress-sara-arjun-visited-mahakal-with-her-family</link><category>राज्य</category><title>ujjain news : अभिनेत्री सारा अर्जुन ने परिवार संग किये महाकाल के दर्शन, भस्म आरती में हुई शामिल, नंदी के कानों में कही मनोकामना </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उज्जैन &lt;/strong&gt;: फिल्म &amp;#39;धुरंधर&amp;#39; फेम एक्ट्रेस सारा अर्जुन आज अपने परिवार के संग बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंची। जहां सभी ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया। साथ ही नंदी हॉल में बैठकर महादेव के नाम के जयकारे भी लगाएं और नंदी के कानों में अपनी मनोकामना कही। जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;एक्ट्रेस करीब 2 घंटे तक मंदिर में रही &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;अभिनेत्री सारा अर्जुन शनिवार तड़के 4 बजे&amp;nbsp;के करीब अपने पिता एक्टर राज अर्जुन और मां सान्या अर्जुन के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा का आशीर्वाद लिया। एक्ट्रेस करीब 2 घंटे तक मंदिर में रही और इसके बाद रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि सारा पहली बार महाकाल के दर्शन के लिए आई है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महाकाल के दर्शन कर मिला&amp;nbsp;सुकून &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;दर्शन के बाद सारा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि महाकाल के दर्शन कर उन्हें बेहद सुकून मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ खास नहीं मांगा, बस सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;100 से अधिक विज्ञापनों में काम कर चुकी है सारा &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज एक टॉडलर (नन्हीं बच्ची) के तौर पर की थी और 6 साल की उम्र से पहले ही वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों में नजर आ चुकी थीं. उन्हें घर-घर में पहचान &amp;#39;क्लिनिक प्लस&amp;#39; के विज्ञापन से मिली थी. इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म &amp;#39;देइवा थिरुमगल&amp;#39; और मणिरत्नम की &amp;#39;पोन्नियिन सेलवन&amp;#39; में ऐश्वर्या राय के बचपन का किरदार निभाकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. अब मात्र 20 साल की उम्र में रणवीर सिंह के साथ &amp;#39;धुरंधर&amp;#39; फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों (2025 और 2026) में काम कर उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली है। सारा अर्जुन मशहूर साउथ एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं और उनकी माता सान्या कथक नृत्यागना हैं।&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:20:21 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193995</guid><link>https://www.inhnews.in/news/government-job-opportunity-recruitment-announced</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>सरकारी नौकरी का बड़ा मौका: SECL में 1055 पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए कुल 1055 रिक्त पदों को भरा जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 14 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन पदों पर होगी भर्ती&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जारी जानकारी के अनुसार, यह भर्ती माइनिंग और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े पदों के लिए है। इसमें माइनिंग सिरदार, डिप्टी सर्वेयर और असिस्टेंट फोरमैन (इलेक्ट्रिकल) जैसे पद शामिल हैं। इन पदों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, खासकर उन उम्मीदवारों को जो तकनीकी योग्यता रखते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;योग्यता और आयु सीमा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा या तकनीकी योग्यता होना अनिवार्य है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;आवेदन शुल्क&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए शुल्क: 1180 रुपये&lt;br /&gt;
एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है&lt;br /&gt;
कैसे होगा चयन&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के जरिए किया जाएगा। इस परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। इस भर्ती में इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी रहेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;वेतन और सुविधाएं&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;चयनित उम्मीदवारों को लगभग 47 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:19:14 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193994</guid><link>https://www.inhnews.in/news/forest-guards-attacked-in-mungeli-villagers-launch</link><category>राज्य</category><title>फॉरेस्ट गार्डों पर हमला: अवैध खनन जांच के दौरान ग्रामीणों ने किया हमला, चार घायल</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां लोरमी वन परिक्षेत्र के झिरिया जंगल में ड्यूटी पर तैनात फॉरेस्ट गार्डों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हमले में चारों कर्मचारी बुरी तरह घायल हो गए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जांच के दौरान बिगड़े हालात&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों की जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए और देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ ने फॉरेस्ट गार्डों पर हमला कर दिया। हमला इतना उग्र था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में किसी कर्मचारी का सिर फट गया, तो किसी के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;घायलों को किया गया रेफर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घटना के बाद सभी घायल कर्मचारियों को तुरंत लोरमी के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि घायल फॉरेस्ट गार्डों की हाल ही में इस क्षेत्र में नई पोस्टिंग हुई थी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;घटना को लेकर उठे सवाल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस घटना के बाद कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। यदि वन विभाग की टीम अवैध खनन की जांच के लिए गई थी, तो ग्रामीणों ने अचानक इतना आक्रामक रुख क्यों अपनाया? क्या टीम और ग्रामीणों के बीच पहले से कोई विवाद था, या फिर यह किसी गलतफहमी का परिणाम है? साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज हुई है या नहीं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;रहस्य बना हुआ है बरकरार&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पूरे मामले में अभी तक स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। यह केवल अवैध खनन से जुड़ा मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है, इसकी जांच की जा रही है।फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। इस घटना ने न सिर्फ वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता बढ़ा दी है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 12:42:19 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193993</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bilaspur-jharsuguda-4th-line-work</link><category>राज्य</category><title>बिलासपुर-झारसुगड़ा चौथी लाइन का काम, 10 ट्रेनें रद्द, 14 प्रभावित</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;बिलासपुर-झारसुगड़ा रेलखंड के बीच निर्माणाधीन चौथी रेलवे लाइन को अकलतरा रेलवे स्टेशन से जोड़ने का कार्य 11 अप्रैल से 18 अप्रैल तक किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;10 लोकल और मेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस अवधि में बिलासपुर, रायगढ़, गेवरा रोड, कोरबा और रायपुर के बीच चलने वाली कुल 10 लोकल और मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इससे दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;14 ट्रेनों का संचालन रहेगा प्रभावित&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रेलवे के अनुसार, इस दौरान कुल 14 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से चलाया जाएगा, जबकि कुछ के समय और मार्ग में बदलाव किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;गोंदिया-झारसुगड़ा पैसेंजर आंशिक रूप से चलेगी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;गोंदिया से झारसुगड़ा और झारसुगड़ा से गोंदिया के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को इस अवधि में केवल बिलासपुर तक ही चलाया जाएगा। यानी बिलासपुर से झारसुगड़ा के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;हसदेव एक्सप्रेस बनेगी पैसेंजर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कोरबा-रायपुर के बीच चलने वाली हसदेव एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 18250/18249 और 18252/18251) को 11 से 18 अप्रैल तक कोरबा से बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाया जाएगा। वहीं बिलासपुर से रायपुर के बीच यह एक्सप्रेस की तरह ही संचालित होगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पहले बदला गया था शेड्यूल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रेलवे प्रशासन ने पहले इस कार्य को 3 से 10 अप्रैल के बीच करने का निर्णय लिया था, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर सभी ट्रेनों को बहाल कर दिया गया था। अब पुनः इसे 11 से 18 अप्रैल तक करने का फैसला लिया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन-किन ट्रेनों पर असर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस दौरान बिलासपुर-रायगढ़, रायपुर-गेवरा रोड, कोरबा-रायपुर, बिलासपुर-कोरबा और बिलासपुर-गेवरा रोड रूट की कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:40:06 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193992</guid><link>https://www.inhnews.in/news/advanced-agriculture-festival-to-be-held-in-raisen-from-april-11-to-13</link><category>राज्य</category><title>MP NEWS : रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक होगा उन्नत कृषि महोत्सव, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM मोहन करेंगे उद्घाटन </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायसेन &lt;/strong&gt;: मध्य प्रदेश के रायसेन में कल यानि की 11 अप्रैल से उन्नत कृषि महोत्सव&amp;rsquo; शुरू होने जा रहा है। जिसको लेकर तैयारी जहां पूरी कर ली गई। तो वही महोत्सव का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। जिसमे बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शिवराज सिंह चौहान ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को बीज से बाजार तक, प्रयोगशाला से खेत तक की हर जानकारी दी जाएगी। ताकि किसानों को खेती करने में किसी तरह की दिक्कत न हो। इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी। शिवराज ने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ मेला नहीं, बल्कि किसानों के लिए आधुनिक खेती सीखने का बड़ा प्रशिक्षण मंच होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत करना, किसानों की आय बढ़ाना और हर नागरिक तक पोषणयुक्त भोजन पहुंचाना है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से की खास अपील &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इतना ही नहीं मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की है वो बड़ी संख्या में इस महोत्सव में शामिल हों, नई तकनीक सीखें और अपनी खेती को आधुनिक बनाकर आय बढ़ाएं। कार्यक्रम में किसानों को फर्टिलाइजर सब्सिडी, फसल बीमा, फार्मर आईडी और मौसम से होने वाले नुकसान से राहत जैसी योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी। तो वही महोत्सव के अंतिम दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्य आतिथ्य के रूप में मौजूद रहेंगे।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;20 तकनीकी सत्र और लाइव डेमो&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;महोत्सव के दौरान 20 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृषि मशीनीकरण, प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन, एआई तकनीक और बागवानी जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही किसानों को मशीनों और नई तकनीकों के लाइव डेमो भी दिखाए जाएंगे, ताकि वे इन्हें आसानी से समझ सकें।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 21:14:06 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193991</guid><link>https://www.inhnews.in/news/three-year-old-innocent-bhagirath-dies-after-falling-into-a-borewell</link><category>राज्य</category><title>UJJAIN NEWS : बोरवेल में फंसे भागीरथ की नहीं बची जान,  22 घंटा चला रेस्क्यू, CM ने जताया दुःख  </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उज्जैन :&lt;/strong&gt; राजस्थान के रहने वाले भागीरथ की उज्जैन में बोरवेल में गिरने की वजह से मौत हो गई। 2 साल के भागीरथ देवासी को पिछले 22 घंटे से बचाने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन &amp;nbsp;60 फीट गहराई में फंसे रहें की वजह से बच्चे की मौत हो गई। घटना गुरुवार शाम करीब साढ़े 7 बजे की है। जिसपर&amp;nbsp;सीएम मोहन यादव ने दुख जताया है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;strong&gt;परिवार में टूटा दुखों का पहाड़&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बच्चे की मौत से परिवार में जहां दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तो वही मौसम को बचाने के लिए NDRF और SDRF की टीम JCB मशीनों की मदद से लगातरा खोदाई कर रहे थे। इतना ही नहीं बच्चे को बचाने के लिए पाइप से ऑक्सीजन भी दी जा रही थी। लेकिन फिर भी बच्चे की जान नहीं बच सकी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बोरवेल लगभग 200 फिट गहरा था&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, बोरवेल लगभग 200 फिट गहरा था और बच्चा करीब 60 से 70 फिट गहराई में फसा हुआ था। हालांकि सुबह तक किसी तरह 40 फिट तक खोदाई की जा चुकी थी। लेकिन बीच में जटिल चट्टान आने की वजह रेस्क्यू में देरी हो गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बड़नगर तहसील के झलारिया में खेलते समय हुआ हादसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि उज्जैन के बड़नगर तहसील के झलारिया में खेलते समय 3 साल का बच्चा भागीरथ बोरवेल में गिर गया। हालांकि इस दौरान बच्चे की मां ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बच्चा गहराई में जा चुका था।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 20:31:45 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193990</guid><link>https://www.inhnews.in/news/newly-married-woman-body-found-hanging-in-balaghat</link><category>राज्य</category><title>MP NEWS :  बालाघाट में नवविवाहित का फंदे पर लटका मिला शव, ग्वालियर में होमगार्ड सैनिक को ट्रक ने कुचला</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ग्वालियर :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़क पार कर रहे होमगार्ड सैनिक को तेज रफ़्तार ट्रक ने कुचल कर मौत के घाट उत्तार दिया। सैनिक परिवहन विभाग के फ्लाइंग स्कॉट पर तैनात था और घटना के समय हाईवे पर ड्यूटी कर रह था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के भेज मामले में आगे की जांच शुरू की।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घटना पनिहार थाना क्षेत्र की&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;घटना पनिहार थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि तेज रफ़्तार ट्रक ग्वालियर पनिहार हाईवे से कही जा रहा था। इस दौरान सड़क पार कर रहे सैनिक देवेन्द्र मिश्रा हादसे का शिकार हो गए और उनकी मौके पर मौत हो गई। वही हादसे के बाद आरोपी चालक आयशर ट्रक के साथ मौके से फरार हो गया। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नवविवाहित महिला का संदिग्ध हालात में मिला शव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;दूसरी घटना बालाघाट की है। जहां शुक्रवार को एक नवविवाहित का शव उसकी ही बैडरूम में फंदे से लटका मिला। हालांकि हादसे की जानकारी लगते ही परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, सुसाइड की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और केस दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;26 वर्षीय मोनिका राणा ने बेडरूम में लगाई फांसी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;26 वर्षीय मोनिका राणा ने फांसी क्यों लगाई फ़िलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। तो वही घटना को मायके पक्ष ने हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए है। फ़िलहाल पुलिस ने सभी के बयान दर्ज कर लिए है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। मामला थाना ग्रामीण अंतर्गत नवेगांव का है।&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:28:25 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193989</guid><link>https://www.inhnews.in/news/yatharth-hospital-turns-4-trust-superior-care</link><category>राज्य</category><title>यथार्थ अस्पताल के 4 साल: भरोसा, बेहतर इलाज और अब कैंसर रिसर्च सेंटर की तैयारी</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में यथार्थ ग्रुप का अस्पताल बीते चार वर्षों में क्षेत्रवासियों के लिए भरोसे का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। अस्पताल ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर बुंदेलखंड क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को नई दिशा दी है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अस्पताल के 4वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भूतपूर्व सैनिकों के साथ यह दिन मनाया गया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने अपने चार वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;करीब चार साल पहले शुरू हुए इस अस्पताल ने टीकमगढ़ के साथ-साथ निवाड़ी, छतरपुर, बांदा, ललितपुर और झांसी जैसे आसपास के जिलों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराया है। पहले जहां गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली या ग्वालियर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब लोग पहले यथार्थ अस्पताल में ही परामर्श लेना उचित समझते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p class="image-align-center"&gt;&lt;img alt="" height="284" src="/upload/static/images/10(31).jpg" width="446" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;आयुष्मान योजना से गरीबों को राहत&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अस्पताल के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त या कम खर्च में इलाज की सुविधा मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कैंसर रिसर्च सेंटर खोलने की तैयारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अस्पताल के संचालक डॉ. कपिल त्यागी ने बताया कि यथार्थ ग्रुप का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अस्पताल का विस्तार कर इसे एक बड़े कैंसर रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से बुंदेलखंड के मरीजों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अस्पताल के डायरेक्टर नितिन चौधरी ने कहा कि उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। साथ ही, गरीब और जरूरतमंद वर्ग को महानगरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। कार्यक्रम के अंत में अस्पताल के मैनेजर विकास सांडिल्य ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:14:27 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193988</guid><link>https://www.inhnews.in/news/which-keeps-water-cooler-in-summer-red-or-black-pot</link><category>जरा हटके </category><title>लाल और काले मटके में जानें क्या होता है फर्क, गर्मी में कौन रखता है पानी को ज्यादा ठंडा?</title><description>&lt;p&gt;गर्मी का मौसम शुरू होने के चलते लोगों को अधिक प्यास लगी है। जिसे बुझाने के लिए लोग ठंडे पानी का सहारा लेते है। आमिर लोग जहां प्यास बुझाने के लिए &amp;nbsp;फ्रिज या आरो का इस्तेमाल करते है। तो वही गरीब लोग मटके के पानी का सेवन करते है। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल हमेशा आता है कि दोनों मटके में से कौन सा मटका ज्यादा अच्छा होता है और कौन सा मटका पानी को ज्यादा देर तक ठंडा रखता है काला या लाल। तो चलिए जानते है कौन सा मटका है ज्यादा बेहतर,,,,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लाल मटके फायदे:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;aside&gt;लाल मटके की मिट्टी में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिससे पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है.&lt;/aside&gt;

&lt;p&gt;यह पानी में मॉडरेट मिनरल्स जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम मिलाने में मदद करता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;लाल मटके का पानी पाचन के लिए अच्छा माना जाता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह लू, एसिडिटी और डिहाइड्रेशन से बचाने में भी मदद करता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;लाल मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा और स्वादिष्ट होता है, जो शरीर के पीएच स्तर को संतुलित करता है&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;strong&gt;काले मटके के फायदे:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;काले रंग की वजह से यह गर्मी ज्यादा सोखता है और पानी को जल्दी ठंडा करता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;तेज गर्मी में इसका पानी लाल मटके की तुलना में ज्यादा ठंडा महसूस होता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इसकी बनावट थोड़ी मजबूत होती है, जो इसे ज्यादा टिकाऊ बनाती है&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह शरीर को तुरंत ठंडक देता है और पसीने की समस्या में राहत देता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;काली मिट्टी से बने मटके न केवल लंबे समय तक पानी को ठंडा रखते हैं, बल्कि इस पानी में बैक्टीरिया कम पनपते हैं. जिससे पानी स्वच्छ बना रहता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;काला मटका पानी मिनरल्स और पोषक तत्वों से भरपूर होने की वजह से पाचन और एसिडिटी की समस्या होने पर राहत देता है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मटके का पानी सेहत के लिए कितना फायदेमंद&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p dir="ltr"&gt;मिट्टी के मटके का पानी पाचन तंत्र को शांत करता है.&lt;/p&gt;

&lt;p dir="ltr"&gt;फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके का पानी गले को नुकसान नहीं पहुंचाता.&lt;/p&gt;

&lt;p dir="ltr"&gt;इनमें नेचुरल कूलिंग रहती है. बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के पानी को ठंडा करता है.&lt;/p&gt;

&lt;p dir="ltr"&gt;कुछ रिसर्च के अनुसार मिट्टी के मटके में रखा पानी शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है.&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:17:22 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193987</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mp-board-result-2026-10th-12th-result-date-update</link><category>राज्य</category><title>MP Board Result 2026: 10वीं-12वीं के रिजल्ट की तैयारी पूरी, जल्द जारी होंगे नतीजे</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बोर्ड जल्द ही हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने की तैयारी में है। ऐसे में लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस साल एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में लगभग 16 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब बोर्ड की ओर से जारी संकेतों से यह साफ हो गया है कि परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रिजल्ट जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बोर्ड द्वारा जारी हालिया नोटिस से यह संकेत मिला है कि कॉपियों के मूल्यांकन का काम लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही, रिजल्ट तैयार करने और डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सूत्रों के अनुसार, एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 को अप्रैल महीने के मध्य तक जारी किया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि 10वीं का रिजल्ट पहले जारी किया जाएगा, जबकि 12वीं का रिजल्ट भी कुछ ही दिनों के अंतराल में घोषित कर दिया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ऑनलाइन जारी होगा रिजल्ट&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें रोल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रिजल्ट देखने के लिए छात्र निम्नलिखित वेबसाइट्स का उपयोग कर सकते हैं:&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;a href="https://mpbse.mponline.gov.in/MPBSE/MPBSE"&gt;mpbse.mponline.gov.in&lt;/a&gt;&amp;nbsp;इन वेबसाइट्स के माध्यम से छात्र न केवल अपना रिजल्ट देख पाएंगे, बल्कि स्कोरकार्ड डाउनलोड भी कर सकेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;डिजिलॉकर से भी देख सकेंगे परिणाम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वेबसाइट के अलावा छात्र डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म का भी उपयोग कर सकते हैं। इस माध्यम से वे अपना डिजिटल मार्कशीट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। डिजिलॉकर के जरिए रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपने मोबाइल नंबर या आधार से लॉगिन करना होगा और संबंधित बोर्ड का चयन करना होगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;छात्रों के लिए जरूरी निर्देश&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रिजल्ट जारी होने के समय वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक होने की संभावना रहती है, जिससे साइट धीमी हो सकती है। ऐसे में छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है और कुछ समय बाद दोबारा प्रयास करना चाहिए। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड को पहले से तैयार रखें ताकि रोल नंबर डालते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;करियर के लिए अहम होगा रिजल्ट&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;10वीं और 12वीं का रिजल्ट छात्रों के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। 10वीं के छात्र आगे की स्ट्रीम चुनने के लिए इस रिजल्ट पर निर्भर रहते हैं, जबकि 12वीं के छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा तय करते हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:16:27 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193986</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bank-of-baroda-recruitment-for-104-posts</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>BANK JOB 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी का शानदार मौका, 104 पदों पर निकाली गई भर्ती, 16 अप्रैल अंतिम तिथि</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sarkari naukri in bank of baroda&lt;/strong&gt;:&amp;nbsp;बैंकिंग सेक्टर में अगर आप भी करियर बनाना चाहते है, तो ये खबर आपके लिए है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने डिप्टी मैनेजर, एवीपी और अन्य पदों पर कुल 104 रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है। जिसके लिए आवेदन 27 मार्च से शुरू हो गए है और 16 अप्रैल 2026 तक जारी रहेंगे। कैंडिडेट्स जो इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते है वो फटाफट आधिकारिक वेबसाइट http://www.bankofbaroda.bank.in/ पर जाकर फॉर्म भरे। बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट या फाइनेंस से जुड़े क्षेत्र में जो उम्मीदवार काम करना चाहते हैं उनके लिए यह अच्छा मौका है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पदों का विवरण:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;​एवीपी (AVP II) &amp;ndash; ग्रुप हेड: 04 पद&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;​एवीपी (AVP II) &amp;ndash; टेरिटरी हेड: 17 पद&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;​डिप्टी मैनेजर &amp;ndash; सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर: 70 पद&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;​डिप्टी मैनेजर &amp;ndash; वेल्थ स्ट्रैटेजिस्ट: 13 पद&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;​शैक्षणिक योग्यता:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए। उच्च पदों के लिए मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन या NISM/IRDA जैसे प्रोफेशनल सर्टिफिकेट को प्राथमिकता दी जाएगी। डिप्टी मैनेजर पदों के लिए कम से कम 3 साल का अनुभव और एवीपी पदों के लिए 6 से 10 साल तक का संबंधित क्षेत्र में अनुभव अनिवार्य है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चयन प्रक्रिया:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ऑनलाइन टेस्ट, साइकोमेट्रिक पर्सनल/इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सैलरी कितनी मिलेगी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान मिलेगा. वेतन ₹29,200 से ₹92,300 प्रति माह तक होगा. इसके अलावा अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आयु सीमा:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;न्यूनतम आयु 24 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष निर्धारित की गई है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आवेदन शुल्क:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;​सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस: 850 रुपये (प्लस टैक्स) निर्धारित किया गया है। एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला उम्मीदवार: 175 रुपये (प्लस टैक्स) रखा गया है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:29:29 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193985</guid><link>https://www.inhnews.in/news/nitish-kumar-becomes-rajya-sabha-mp;-set-to-step-down</link><category>देश</category><title>बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार बने राज्यसभा सांसद, जल्द छोड़ेंगे मुख्यमंत्री पद</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। राज्य के मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब वे राज्य की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने जा रहे हैं। इस फैसले के साथ ही बिहार में लंबे समय से चल रहा उनका नेतृत्व अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही नए मुख्यमंत्री की घोषणा होने की संभावना है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;राज्यसभा में एंट्री, नई जिम्मेदारी की शुरुआत&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शुक्रवार को संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस शपथ के साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि अब उनकी भूमिका राज्य की बजाय राष्ट्रीय राजनीति में अधिक देखने को मिलेगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सोच-समझकर उठाया गया है और इसके पीछे भविष्य की बड़ी रणनीति छिपी हो सकती है। दिल्ली में उनकी सक्रियता बढ़ने के संकेत पहले से ही मिल रहे थे, जो अब स्पष्ट हो चुके हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलें तेज&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि वर्तमान मुख्यमंत्री राज्यसभा पहुंच चुके हैं, वैसे ही नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, एनडीए गठबंधन 14 अप्रैल को एक अहम बैठक कर सकता है, जिसमें नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि वे राज्य की सत्ता से पूरी तरह हटने की तैयारी कर चुके हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;दिल्ली में सक्रिय रहने का इरादा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शपथ ग्रहण से पहले ही उन्होंने दिल्ली पहुंचकर यह साफ कर दिया था कि अब वे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य में उन्होंने काफी काम कर लिया है और अब नई जिम्मेदारी संभालने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे, जिससे बिहार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ हो जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नई पीढ़ी को मिलेगा मौका&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि अब राज्य में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी। उनका मानना है कि नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने से विकास की गति और तेज होगी। इस बीच बीजेपी और जेडीयू के बीच नए मुख्यमंत्री को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। कई नामों पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उनका राजनीतिक करियर बेहद लंबा और सफल रहा है। उन्होंने 1985 में विधायक के रूप में अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे केंद्र सरकार में मंत्री भी बने और 2005 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। तब से लेकर अब तक उन्होंने राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाई और विकास के कई बड़े फैसले लिए। उनके नाम बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बिहार के लिए चुनौती और अवसर दोनों&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अब जब राज्य की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है, तो यह बिहार के लिए एक नई शुरुआत भी हो सकती है। जहां एक ओर एनडीए को नए नेता के साथ अपनी रणनीति तय करनी होगी, वहीं जेडीयू के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:08:02 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193984</guid><link>https://www.inhnews.in/news/tribals-erupt-in-a-great-battle-over-the-ken-betwa-project-driving-out-the-administration</link><category>राज्य</category><title>Ken-Betwa Project: केन-बेतवा प्रोजेक्ट पर 'महा-संग्राम' भड़के आदिवासी, प्रशासन को खदेड़ा</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;Ken-Betwa Project:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब मुआवजे के विवाद और भारी जनाक्रोश की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। छतरपुर में अपनी जमीन और हक की लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों का &amp;#39;चिता आंदोलन&amp;#39; आज उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने और उनके राशन-पानी पर रोक लगाने की कोशिश की। उग्र हुई हजारों की भीड़ के सामने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;भड़का आदिवासियों का गुस्सा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी और किसान लंबे समय से मुआवजे में हो रही धांधली और विसंगतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से &amp;#39;चिता आंदोलन&amp;#39; कर रहे हैं। आज प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पर पहुँची। आरोप है कि टीम ने ग्रामीणों को वहां से खदेड़ने का प्रयास किया और उनके खाने-पीने की सामग्री को रोक दिया। जैसे ही राशन रोकने की खबर फैली, हजारों की संख्या में मौजूद आदिवासी महिलाएं और पुरुष डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;पैदल और गाड़ियों से भागे अफसर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस कदर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। उग्र भीड़ को अपनी ओर बढ़ता देख पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल और जीपों से भागते नजर आए। ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद फिलहाल प्रशासन मौके से पूरी तरह पीछे हट गया है, लेकिन इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;तो अंजाम बुरा होगा...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों और किसानों के हक की यह लड़ाई अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। यदि प्रशासन ने उनके लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने या भूखा मारने की कोशिश की, तो आने वाले समय में हालात और अधिक बेकाबू हो सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;क्या है केन-बेतवा परियोजना का विवाद?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;दरअसल, इस परियोजना के कारण कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजे के वितरण में भारी भेदभाव और भ्रष्टाचार हुआ है। पात्र किसानों को उचित राशि नहीं मिल रही है, जिससे वे अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:37:00 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193983</guid><link>https://www.inhnews.in/news/ipl-2026-rr-vs-rcb-clash-in-guwahati-pitch-report-details</link><category>खेल</category><title>IPL 2026 RR vs RCB: गुवाहाटी में भिड़ंत, जानें हेड टू हेड रिकॉर्ड, संभावित प्लेइंग XI, पिच रिपोर्ट डिटेल्स...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;IPL 2026 RR vs RCB Match Preview: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 16वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच खेला जाएगा। यह हाई-वोल्टेज मैच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में होगा। दोनों टीमें इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। राजस्थान ने अपने शुरुआती तीनों मैच जीतकर 6 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल में टॉप पोजिशन हासिल की है, जबकि बेंगलुरु ने दो मैच जीतकर मजबूत शुरुआत की है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;RR vs RCB Head to Head&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
हाल के रिकॉर्ड में भी बेंगलुरु का पलड़ा थोड़ा भारी है। IPL 2023 के बाद खेले गए 6 मुकाबलों में RCB ने 4 बार जीत दर्ज की है। वहीं इन दोनों टीम के बीच अब तक 31 खेले गए हैं, &amp;nbsp;जिसमें से RCB से 17 और RR ने 14 मैच जीता है&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पिच रिपोर्ट - बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, गुवाहाटी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;गुवाहाटी की पिच बल्लेबाजों के लिए काफी अनुकूल मानी जाती है। गेंद का बाउंस अच्छा रहता है, स्ट्रोक प्ले करना आसान होता है, इसके साथ ही &amp;nbsp;हाई स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद हाल ही में इसी मैदान पर राजस्थान ने 11 ओवर के मैच में 150 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी ताकत दिखाई थी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मौसम अपडेट&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना नहीं है, दिन में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, और बादल छाए रह सकते हैं। यानि फैंस को पूरा मैच देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;संभावित प्लेइंग XI&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान रॉयल्स (RR): &lt;/strong&gt;यशस्वी जायसवाल,जोस बटलर, संजू सैमसन (कप्तान),रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, ध्रुव जुरेल, रविचंद्रन अश्विन, ट्रेंट बोल्ट, आवेश खान, युजवेंद्र चहल, संदीप शर्मा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): &lt;/strong&gt;विराट कोहली, फाफ डु प्लेसिस, रजत पाटीदार, ग्लेन मैक्सवेल, कैमरून ग्रीन, दिनेश कार्तिक, महिपाल लोमरोर, मोहम्मद सिराज, रीस टॉपली, कर्ण शर्मा, यश दयाल।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;लाइव स्ट्रीमिंग और प्रसारण&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ये टीवी में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क, लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार (ऐप और वेबसाइट) पर प्रसारण होगा, &amp;nbsp;मैच टाइम शाम 7:30 बजे (IST) रहेगी।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&lt;span style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#000000"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:24px"&gt;मैच का रोमांच क्यों खास?&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;दोनों टीमें अब तक अजेय रही है, बल्लेबाजी फ्रेंडली पिच कोहली vs चहल और बटलर vs सिराज जैसे दिलचस्प मुकाबले हुए हैं, ऐसे में RR vs RCB का यह मुकाबला IPL 2026 के सबसे रोमांचक मैचों में से एक हो सकता है। दोनों टीमों की फॉर्म और गुवाहाटी की पिच को देखते हुए फैंस को हाई-स्कोरिंग थ्रिलर देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:57:19 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193982</guid><link>https://www.inhnews.in/news/ration-distribution-system-collapses-in-chhattisgarh</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था चरमराई, कई दुकानों में खत्म हुआ स्टॉक</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली इन दिनों अव्यवस्था का सामना कर रही है। राज्य सरकार द्वारा तीन महीने का राशन एक साथ देने की नई व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी तैयारी अधूरी नजर आ रही है। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में राशन दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं स्टॉक की कमी के चलते कई लोगों को बिना राशन लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;तीन माह का राशन एक साथ, लेकिन व्यवस्था कमजोर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य में 7 अप्रैल से विशेष अभियान के तहत अप्रैल, मई और जून महीने का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सुविधा देना और वितरण प्रक्रिया को सरल बनाना था। इसके लिए खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और मार्कफेड को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि सभी दुकानों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, इन निर्देशों के बावजूद कई दुकानों में समय पर पर्याप्त अनाज नहीं पहुंच पाया। स्थिति यह है कि कुछ स्थानों पर केवल अप्रैल महीने का ही आंशिक स्टॉक उपलब्ध है, जबकि अगले दो महीनों का अनाज अभी तक पूरी तरह नहीं पहुंच सका है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;परिवहन की कमी बनी बड़ी वजह&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के अनुसार, इस अव्यवस्था के पीछे मुख्य कारण परिवहन व्यवस्था में कमी है। नागरिक आपूर्ति निगम के तहत काम कर रही ट्रांसपोर्ट एजेंसियां पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इसके चलते गोदामों से राशन दुकानों तक अनाज पहुंचाने में देरी हो रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीने के लिए लगभग 60 से 65 प्रतिशत तक ही अनाज दुकानों में पहुंच पाया है, जबकि मई और जून के लिए यह आंकड़ा 25 प्रतिशत से भी कम है। यही वजह है कि जैसे ही लोग राशन लेने पहुंचते हैं, स्टॉक जल्दी खत्म हो जाता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;लंबी कतारें और खाली हाथ लौटते लोग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रायपुर की कई उचित मूल्य दुकानों में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी जब काउंटर तक पहुंचते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि अनाज खत्म हो चुका है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और वे व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कई हितग्राहियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य अच्छा था, लेकिन सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कलेक्टर का निरीक्षण, फिर भी स्थिति जस की तस&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर गौरव सिंह लगातार राशन दुकानों का निरीक्षण कर रहे हैं। वे दुकानों में उपलब्ध स्टॉक की जांच कर रहे हैं और जहां कमी मिल रही है, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दे रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, निरीक्षण के दौरान भी कई दुकानों में स्टॉक खत्म पाया गया। दुकानदारों ने अधिकारियों को कई बार सूचना दी, लेकिन समय पर आपूर्ति नहीं हो पाई। इससे साफ है कि जमीनी स्तर पर समन्वय की कमी बनी हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अन्य जरूरी सामग्री भी हुई खत्म&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई दुकानों में केवल चावल ही नहीं, बल्कि शक्कर और नमक जैसी आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध नहीं हैं। दुकानदारों ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:45:10 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193981</guid><link>https://www.inhnews.in/news/anant-ambani-s-31st-birthday-becomes-a-celebration-of-service</link><category>मनोरंजन</category><title>अनंत अंबानी का 31वां बर्थडे बना सेवा का उत्सव: 1 लाख गायों को छप्पन भोग, हाथियों के लिए फल भोज की दावत...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;देश के सबसे चर्चित उद्योगपति परिवारों में से एक Mukesh Ambani के छोटे बेटे Anant Ambani का 31वां जन्मदिन इस बार सिर्फ एक सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि सेवा और दान का बड़ा उदाहरण बन गया। अनंत अंबानी ने अपने खास दिन को समाजसेवा के साथ जोड़ते हुए देशभर में कई अनोखी पहल की, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;1 लाख गायों को छप्पन भोग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अनंत अंबानी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर देशभर की 1 लाख से अधिक गायों को छप्पन भोग खिलाने का आयोजन कराया। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गायों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था दिखाई दे रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जयपुर में हाथियों के लिए ग्रैंड फल दावत&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजस्थान के जयपुर के बाहरी इलाकों में 100 से ज्यादा हाथियों के लिए खास फल भोज का आयोजन किया गया। लगभग 3000 फलों की व्यवस्था तरबूज, केला, सेब, संतरा, पपीता और हरा चारा शामिल है, तीन हाथियों ने 2.5 फीट ऊंचा केक काटा है। इतना ही नहीं, हाथियों के महावतों को भी कपड़े, जूते और राशन किट देकर सम्मानित किया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मंदिरों में करोड़ों का दान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;धार्मिक आस्था दिखाते हुए अनंत अंबानी ने कई मंदिरों को उदार दान दिया, Guruvayur Temple को 3 करोड़ रुपये, Rajarajeshwaram Temple के जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ रुपये स्कूल बच्चों और जरूरतमंदों की मदद की है, हैदराबाद के 1.07 लाख सरकारी स्कूलों के बच्चों को भोजन स्कूल किट का वितरण किया साथ ही 12 से 15 हजार लोगों के लिए फ्री फूड सेवा भी उपलब्ध कराई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जामनगर में सितारों से सजी पार्टी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सेवा के साथ-साथ अनंत अंबानी ने जामनगर स्थित वंतारा में एक भव्य पार्टी भी आयोजित की, जिसमें बॉलीवुड के &amp;nbsp;Salman Khan, Shah Rukh Khan, Ranveer Singh सहित कई बड़े सितारे शामिल हुए, यह पार्टी भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;रॉयल सेलिब्रेशन नहीं, सेवा भावना का संदेश&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अनंत अंबानी का यह जन्मदिन सिर्फ एक रॉयल सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का संदेश भी देता है। गायों से लेकर हाथियों तक और आम लोगों से लेकर बच्चों तक हर वर्ग को शामिल कर उन्होंने अपने इस खास दिन को यादगार बना दिया।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:21:57 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193980</guid><link>https://www.inhnews.in/news/a-truck-crushed-a-youth-on-the-barwah-bypass</link><category>राज्य</category><title>Mp news: बड़वाह बायपास पर भीषण सड़क हादसा, तेज रफ़्तार ट्रक ने युवक को रौंदा, आरोपी गिरफ्तार </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बड़वाह: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के बड़वाह में गुरुवार रात को रफ़्तार का कहर देखने को मिला। जहां देर रात हुए हादसे में 28 वर्षीय कुलदीप की मौत हो गई। कुलदीप पिकअप वाहन में सब्जी भर रहा था। इस दौरान तेज रफ्तार ट्राले ने पिकअप वाहन सहित युवक को टक्कर मार दी। जिसकी वजह से कुलदीप की मौके पर मौत हो गई। जबकि पिकअप रास्ते पर पलट गया। हादसा इंदौर इच्छापुर निर्माणाधीन फोरलेन हायवे पर हुआ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ट्रक गलत दिशा से आ रहा था&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;दरअसल, तेज रफ़्तार ट्रक गलत दिशा से आ रहा था। इस दौरान पिकअप वाहन में सब्जी भर रहे कुलदीप को ट्रक ने टक्कर मार दी। कुलदीप अपनी लोडिंग पिकअप वाहन में सब्जी भरकर इंदौर जाने की तैयारी कर रहा था और रास्ते में किसी काम से रूका था। इस दौरान यह हादसा हुआ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने केस किया दर्ज&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इतना ही नहीं हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवा ले कर दिया। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त करवाईं की मांग की। जानकारी के अनुसार, एक्सीडेंट के बाद आरोपी ने महेश्वर रोड पर टोल टैक्स के पास अन्य वाहनों को भी टक्कर मारी जिसकी वजह से कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:58:38 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193979</guid><link>https://www.inhnews.in/news/no-more-scholarships-without-aadhaar-linkage</link><category>राज्य</category><title>अब बिना आधार लिंक नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप! UGC का नया नियम छात्रों के लिए जरूरी</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;देशभर के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और फेलोशिप से जुड़ा एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब किसी भी तरह की छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए यह नया नियम लागू किया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस नई व्यवस्था के तहत अब सभी स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि आधार आधारित पेमेंट सिस्टम के जरिए ही जारी की जाएगी। यानी पैसा सीधे उसी बैंक खाते में ट्रांसफर होगा, जो आधार से जुड़ा होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभ सीधे पात्र छात्र तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;डीबीटी सिस्टम से होगा भुगतान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई प्रक्रिया को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत लागू किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को बिना किसी देरी और बिचौलियों के सीधे उनके खाते में राशि उपलब्ध कराना है। इस सिस्टम के जरिए भुगतान तेज, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;UGC का मानना है कि आधार आधारित भुगतान प्रणाली से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और सही लाभार्थियों तक ही पैसा पहुंचेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;छात्रों के लिए जारी हुई एडवाइजरी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;UGC ने सभी छात्रों और शोधार्थियों को निर्देश दिया है कि वे स्कॉलरशिप एवं फेलोशिप मैनेजमेंट पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी जल्द से जल्द अपडेट करें। इसके तहत आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक करना और पोर्टल पर सही विवरण दर्ज करना जरूरी होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जिन छात्रों ने अभी तक आधार को अपने बैंक खाते से नहीं जोड़ा है, उन्हें तुरंत यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। अगर किसी को प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है, तो पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप गाइड उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर छात्र ईमेल के माध्यम से भी सहायता ले सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;डेडलाइन का रखें ध्यान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 अप्रैल 2026 तक की समय सीमा तय की गई है। छात्रों को इस तारीख से पहले हर हाल में अपना आधार लिंक और डिटेल्स अपडेट करना होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके बाद संबंधित संस्थानों के नोडल अधिकारियों को 20 अप्रैल तक सभी विवरणों का सत्यापन और अनुमोदन करने का निर्देश दिया गया है। ताकि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में छात्रों को समय पर स्कॉलरशिप का भुगतान किया जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नियम लागू नहीं किया तो अटक सकता है पैसा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;यदि कोई छात्र निर्धारित समय सीमा तक आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसकी स्कॉलरशिप या फेलोशिप की राशि रोक दी जा सकती है। इसलिए छात्रों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;दरअसल, कुछ राज्यों और विश्वविद्यालयों में यह नियम पहले से लागू किया जा चुका है, खासकर UGC NET फेलोशिप पाने वाले छात्रों के लिए। अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है, जिससे एक समान प्रणाली बनाई जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:47:04 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193978</guid><link>https://www.inhnews.in/news/a-total-of-26-ias-officers-including-collectors-of-14-districts-have-been-transferred-in-mp</link><category>राज्य</category><title>IAS Transfer news: MP में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 26 IAS अफसरों के हुए तबादले, IAS प्रियंक मिश्रा भोपाल के नए कलेक्टर</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल&lt;/strong&gt; : मध्य प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ। जिसके चलते प्रदेश के 26 IAS अफसरों के हुए तबादलें कर दिए गए। इसके साथ ही भोपाल कलेक्टर का जिम्मा कौशलेंद्र विक्रम सिंह से लेकर IAS प्रियंक मिश्रा को सौप दिया गया है। तो वही कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। जिसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया गया है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;14 कलेक्टर समेत 26 IAS अधिकारियों के हुए तबादले&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;राज्य सरकार ने 14 जिलों के कलेक्टर समेत कुल 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. यह फैसला गुरुवार को लिया गया। ज&amp;zwj;िन ज&amp;zwj;िलों के कलेक्&amp;zwj;टर बदले गए हैं, उनमें सागर, धार, रीवा, भोपाल, नर्मदापुरम, सिवनी, &amp;nbsp;शिवपुरी, उमरिया, श्योपुर, मैहर, दमोह, मंडला, झाबुआ व बैतूल आद&amp;zwj;ि ज&amp;zwj;िले शाम&amp;zwj;िल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;इन&amp;nbsp;महिला आईएएस का हुआ ट्रांसफर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इसके साथ ही इस फेरबदल में जिन 9 महिला आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए है। उनमे शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पाटले, नेहा मीणा, रानी बटाड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इन जिलों को मिले नए कलेक्टर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;धार:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;राजीव रंजन मीना को धार का नया कलेक्टर बनाया गया है।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;रीवा:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी रीवा के नए कलेक्टर होंगे।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;सागर&lt;/strong&gt;: श्रीमती प्रतिभा पाल को रीवा से हटाकर सागर कलेक्टर बनाया गया है।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;सिवनी&lt;/strong&gt;: श्रीमती नेहा मीना को सिवनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;शिवपुरी:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;अर्पित वर्मा अब शिवपुरी के नए कलेक्टर होंगे।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;झाबुआ:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;डॉ. योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ की कमान दी गई है।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;दमोह:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;प्रताप नारायण यादव दमोह के नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;बैतूल:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:41:23 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193977</guid><link>https://www.inhnews.in/news/strict-enforcement-of-traffic-rules-in-chhattisgarh</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: जुर्माना नहीं भरने वालों को कोर्ट से नोटिस, कैमरों से हो रही निगरानी</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने चालान काटने के साथ-साथ जुर्माना नहीं भरने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जनवरी से 31 मार्च के बीच ऐसे करीब 40 हजार वाहन मालिकों की पहचान की गई है, जिन्होंने नियम तोड़ने के बाद भी जुर्माना जमा नहीं किया। अब इन सभी को कोर्ट के जरिए चालान भेजा जा रहा है, ताकि जुर्माने की राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;ऑनलाइन भुगतान में मदद के लिए हेल्प डेस्क&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभाग के अनुसार, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ऑनलाइन चालान भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी जिला परिवहन कार्यालयों में हेल्प डेस्क शुरू किए गए हैं। यहां लोगों को चालान जमा करने में सहायता दी जा रही है। इसके बावजूद जो लोग भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामलों को कोर्ट में भेजा जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कैमरों से हो रही निगरानी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए टोल प्लाजा और प्रमुख स्थानों पर स्वचलित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे उन वाहनों की पहचान करते हैं जिनकी फिटनेस, बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र अपडेट नहीं होते। कैमरे में आने के कुछ ही मिनटों के भीतर वाहन मालिक को चालान की सूचना मोबाइल पर भेज दी जाती है, जिससे तुरंत जानकारी मिल जाती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कैमरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य में पहले से ही करीब 175 स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा अगले तीन महीनों में 320 और स्थानों पर कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। इससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर और प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सड़क हादसों को रोकने की कोशिश&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में 6 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी। औसतन हर दिन 16 से 17 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इन हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना बताया गया है। इसी वजह से निगरानी को और सख्त किया जा रहा है, ताकि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;स्पीड कैमरों से ओवरस्पीड पर नजर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजधानी रायपुर के कई प्रमुख इलाकों जैसे तेलीबंधा, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद में लेजर बेस्ड स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे दूर से ही वाहन की गति और नंबर प्लेट रिकॉर्ड कर लेते हैं। एक सप्ताह के भीतर ही मंदिर हसौद क्षेत्र में 500 से अधिक ओवरस्पीड के मामले सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर भारी वाहन शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा उल्लंघन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मंदिर हसौद और नवा रायपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा ओवरस्पीड के मामले दर्ज किए गए हैं। यहां वाहन चालक निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज गति से वाहन चलाते पाए गए हैं। शहर के अंदर भी कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक गति देखने को मिली है, जिसके चलते चालान की संख्या बढ़ी है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:59:10 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193976</guid><link>https://www.inhnews.in/news/patwaris-fierce-form-warned-the-police-officer-from-the-stage</link><category>राज्य</category><title>Jitu Patwari Chhatarpur: पटवारी का रौद्र रूप, मंच से थानेदार को दी चेतावनी </title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;Jitu Patwari Chhatarpur: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का एक नया और आक्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पटवारी मंच से ही पुलिस अधिकारी को &amp;#39;हड़काते&amp;#39; नजर आए। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि पुलिस भाजपा के दबाव में काम करना बंद करे, वरना भविष्य में इसका खामियाजा भुगतना होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;याद रखना, यही गरीब सबक सिखाएंगे&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बड़ा मलहरा क्षेत्र में आयोजित संत रविदास मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जीतू पटवारी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इसी दौरान मंच पर भाषण देते हुए उनकी नजर बमनौरा थाना प्रभारी शिशिर तिवारी पर पड़ी। पटवारी ने बीच संबोधन में ही उनसे सवाल-जवाब शुरू कर दिए पटवारी ने टीआई से उनका थाना पूछा और फिर कड़े लहजे में कहा कि प्रशासन भाजपा के दबाव में आकर गरीबों पर जुल्म न करे। उन्होंने आगे कहा, याद रखना, आज भले ही सत्ता का रसूख हो, लेकिन यही गरीब 3 साल बाद ऐसा सबक सिखाएंगे कि याद रखोगे।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;दबाव का लगाया आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाषण के अंत में उन्होंने &amp;quot;भारत माता की जय&amp;quot; के नारे के साथ अपनी बात खत्म की।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;वीडियो वायरल, छिड़ी जंग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है। पटवारी समर्थकों का कहना है कि पटवारी ने गरीबों के हक में निडर होकर अपनी बात रखी है। वही सत्ता पक्ष और विरोधियों ने इसे प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल गिराने और सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया है। फिलहाल तीखी बयानबाजी पर पुलिस प्रशासन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:50:25 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193975</guid><link>https://www.inhnews.in/news/3-year-old-bhagirath-remains-trapped-in-a-borewell</link><category>राज्य</category><title>3 साल का मासूम भागीरथ अब भी बोरवेल में फसा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कलेक्टर- SP मौके पर मौजूद</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उज्जैन&lt;/strong&gt;: मध्य प्रदेश के उज्जैन का रहने वाला 3 साल का मासूम भागीरथ अब भी बोरवेल में फंसा हुआ है। जिसे बचाने के लिए प्रशासन जहां लगातार प्रयास कर रही है। तो वही दूसरी तरफ कलेक्टर और एसपी मौके पर मौजूद है। जो हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इतना ही नहीं बच्चे को पाइप से ऑक्सीजन दी जा रही। साथ ही मौके पर 2 एम्बुलेंस भी तैनात किये गए है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;40 फिट तक हुई&amp;nbsp;खोदाई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार अभी तक बोरवेल की खोदाई 40 फिट तक हो चुकी है। लेकिन मासूम 70 फिट की गहराई पर फंसा हुआ है। जिसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। भोपाल की NDRF की टीम और हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF टीम साथ मिलकर जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे है। ताकि जल्द से जल्द बच्चे को बाहर निकाल सके।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जटिल चट्टान बनी बाधा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;JCB मशीनों की मदद से जहां बोरवेल की खोदाई की जा रही है। तो वही जटिल चट्टान बीच में आने की वजह से फ़िलहाल गड्ढा खोदने का काम रोका दिया गया है। हालांकि मासूम को बाहर निकालने के लिए लोहे का हुक डाला गया है। जिसमे बच्चे का एक हाथ फंस गया है, तो वही दूसरे हाथ के लिए भी हुक डालने का काम जारी है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खेलते खेलते बच्चा बोरवेल में गिरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार, उज्जैन के बड़नगर तहसील के झलारिया में खेलते समय 3 साल का बच्चा भागीरथ बोरवेल में गिर गया। हालांकि इस दौरान बच्चे की मां ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बच्चा गहराई में जा चुका था। घटना गुरुवार की रात करीब 7 बजे की है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बोरवेल लगभग 200 फिट गहरा&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी, राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। इनका परिवार पिछले तीन दिन से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजन के अनुसार, बच्चा दीवार के पास खेल रहा था। उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया। बताया जा रहा है कि बोरवेल लगभग 200 फिट गहरा है। बच्चे को सलामत बाहर निकालने के लिए जहां प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। तो वही मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:44:30 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193974</guid><link>https://www.inhnews.in/news/jitu-patwari-will-fast-in-front-of-shivraj-singhs-house</link><category>राज्य</category><title>Jitu Patwari PC: जीतू पटवारी करेंगे ​शिवराज सिंह के घर के सामने उपवास </title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;Jitu Patwari PC:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज राजधानी भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरते हुए उन्हें झूठ की मशीन करार दिया और किसानों के मुद्दे पर उनके घर के सामने उपवास करने का ऐलान किया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;किसानों को ठगने का 8 गुना बड़ा झूठ&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जीतू पटवारी ने आंकड़ों के साथ शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि पांव-पांव वाले भैया ने मध्य प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी करने का झूठ एक लाख बार बोला होगा। लेकिन संसद में तो उन्होंने हद कर दी, जब आय को 8 गुना करने की बात कही। पटवारी ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी एक महीना लेट कर मोदी की गारंटी को दरकिनार किया गया, जिसका सीधा फायदा भाजपा समर्थित व्यापारियों को हुआ। करीब 15 लाख क्विंटल गेहूं खुले बाजार में कम दामों पर बिक गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज जो खाद और बारदाने का संकट है, वह शिवराज जी की ही देन है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;वल्लभ भवन में भ्रष्टाचार का आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि मध्य प्रदेश में हर महीने होने वाले थोकबंद तबादले केवल लेन-देन का नतीजा हैं। वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है। तबादला उद्योग के जरिए केवल अवैध वसूली की जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मुरैना कांड पर बोले पटवारी&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जीतू पटवारी ने कहा कि मुरैना की घटनाओं से साफ है कि भाजपा नेता और उनके रिश्तेदार हर तरह के अवैध और गलत कामों में लिप्त हैं। वही इंदौर में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, कांग्रेस को राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। राष्ट्रगीत पर हमें न कभी आपत्ति थी, न है और न रहेगी। हर व्यक्ति को संवैधानिक अधिकार है। पार्षद पर पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह जल्द बताया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;आंदोलन की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी। वे जल्द ही कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के घेराव के साथ वहां उपवास पर बैठेंगे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:39:57 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193973</guid><link>https://www.inhnews.in/news/18-000-bombs-4-000-targetsthe-full-account-of-a-40-day-israel-iran-war</link><category>दुनिया</category><title>ईरान पर इजरायल का बड़ा खुलासा: 18,000 बम, 4000 टारगेट- 40 दिन की जंग का पूरा हिसाब...</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;Israel-Iran War: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल ने ईरान के खिलाफ चलाए गए अपने सैन्य अभियान का बड़ा खुलासा किया है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, 40 दिनों तक चले &amp;lsquo;ऑपरेशन रोरिंग लायन&amp;rsquo; के दौरान ईरान पर 18,000 से अधिक बम गिराए गए और 4,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;40 दिन की जंग का पूरा आंकड़ा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;IDF की रिपोर्ट के मुताबिक 18,000+ बम गिराए गए, 4,000+ टारगेट हिट किए गए। &amp;nbsp;10,800+ स्ट्राइक पॉइंट्स पर हमले और 6,700+ सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हुए। 8,500+ एयर सॉर्टीज (उड़ानें) 1,000+ मिशन सीधे ईरान की सीमा के भीतर &amp;nbsp;किया है, इजरायल का दावा है कि इन हमलों से ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा सिस्टम और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;&amp;lsquo;ऑपरेशन रोरिंग लायन&amp;rsquo; क्या है?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;lsquo;ऑपरेशन रोरिंग लायन&amp;rsquo; इजरायल का एक बड़ा एयर स्ट्राइक अभियान है, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है। इस ऑपरेशन के तहत रणनीतिक ठिकानों, मिसाइल फैक्ट्रियों और रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सीजफायर के बावजूद हमले जारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर तय हुआ है, लेकिन इजरायल ने अपने हमले नहीं रोके हैं। खासतौर पर दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक जारी हैं। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं करेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सीजफायर पर क्या है स्थिति?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ईरान का दावा: अमेरिका ने उसकी 10 शर्तें मान लीं। ईरान ने इसे अपनी &amp;ldquo;रणनीतिक जीत&amp;rdquo; बताया इजरायल का रुख: सीजफायर अस्थायी है, इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, यह युद्धविराम सिर्फ &amp;ldquo;री-ग्रुपिंग&amp;rdquo; का मौका है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी सैन्य तैयारी मजबूत कर रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;आगे क्या?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में तनाव अभी कम नहीं होगा। लेबनान और सीरिया में संघर्ष बढ़ सकता है, बड़े स्तर पर युद्ध की आशंका बनी हुई है। इजरायल द्वारा जारी आंकड़े इस संघर्ष की तीव्रता को दर्शाते हैं। जहां एक ओर सीजफायर की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि मध्य पूर्व में हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:22:00 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">193972</guid><link>https://www.inhnews.in/news/controversy-deepens-over-anganwadi-saree-distribution</link><category>राज्य</category><title>आंगनबाड़ी साड़ी वितरण पर बढ़ा विवाद: गुणवत्ता को लेकर सवाल, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिए जांच के आदेश</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दिए गए इस वितरण में गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल अब राजनीतिक मुद्दा बनते जा रहे हैं। एक तरफ जहां कार्यकर्ता साड़ियों की खराब गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, वहीं सरकार ने मामले में जांच और सुधार का आश्वासन दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;निर्धारित माप से छोटी और क्वालिटी भी खराब :&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रदेश के कई जिलों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने शिकायत की है कि उन्हें जो साड़ियां दी गई हैं, वे मानकों के अनुरूप नहीं हैं। आरोप है कि साड़ियों का आकार निर्धारित माप से छोटा है और कपड़े की गुणवत्ता भी काफी कमजोर है। कुछ जगहों पर यह भी शिकायत सामने आई है कि साड़ियों का रंग धोने के बाद निकल रहा है, जिससे उनका उपयोग करना मुश्किल हो रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मंत्री रजवाड़े ने स्वयं की परिक्षण निकली कमी :&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इन शिकायतों के सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों से गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिली हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सभी साड़ियां खराब नहीं हैं। मंत्री के अनुसार, उन्होंने स्वयं साड़ी का परीक्षण किया और उसमें कोई गंभीर कमी नहीं पाई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;खराब साड़ियों को बदलकर नई साड़ियां देने का आदेश :&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि जहां-जहां से शिकायतें आई हैं, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को खराब साड़ियों को बदलकर नई साड़ियां देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि अगर किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मामले ने लिया राजनीतिक रंग :&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय साड़ी वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं होती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय दी जाने वाली साड़ियों की गुणवत्ता इतनी खराब होती थी कि उनका उपयोग करने के बजाय लोग अन्य कामों में इस्तेमाल करते थे।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वहीं, दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है और इसे भ्रष्टाचार तथा लापरवाही का मामला बता रहा है। साड़ी वितरण को लेकर उठे इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है और दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:57:49 +0530</pubDate></item></channel></rss>