﻿<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss xmlns:a10="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>inhnews.in</title><link>http://www.inhnews.in/</link><description>Online/TV News Channel</description><language>hi</language><copyright>© Copyright 2019 inhnews.in</copyright><managingEditor>info@inhnews.in</managingEditor><generator>inhnews.in</generator><item><guid isPermaLink="false">197726</guid><link>https://www.inhnews.in/news/rahul-navin-ed-director-tenure-extension-2027</link><category>देश</category><title>Rahul Navin ED Director: मोदी सरकार ने बढ़ाया राहुल नवीन का कार्यकाल, बड़े वित्तीय मामलों की जांच पर रहेगी नजर</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन के कार्यकाल को एक और साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है। नए आदेश के मुताबिक राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक ED निदेशक के पद पर बने रहेंगे। उनका विस्तारित कार्यकाल 13 अगस्त 2026 से प्रभावी माना जाएगा और यह अगले आदेश तक लागू रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;1993 बैच के IRS अधिकारी हैं राहुल नवीन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राहुल नवीन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1993 बैच के अधिकारी हैं। वह आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की Swinburne University of Technology से MBA की डिग्री भी हासिल की है। राहुल नवीन को अंतरराष्ट्रीय कराधान, प्रत्यक्ष कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग जैसे वित्तीय एवं कर संबंधी जटिल मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;2023 में मिली थी ED की कमान&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राहुल नवीन को सितंबर 2023 में प्रवर्तन निदेशालय का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके बाद अगस्त 2024 में उन्हें ED का स्थायी निदेशक बनाया गया। अब केंद्र सरकार के ताजा फैसले के बाद वह अगस्त 2027 तक एजेंसी का नेतृत्व करेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;कई बड़े वित्तीय मामलों की जांच&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राहुल नवीन के नेतृत्व में प्रवर्तन निदेशालय ने कई चर्चित वित्तीय मामलों में जांच और कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक, अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामले और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से संबंधित जांच भी शामिल हैं। इसके साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों से कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी ED की कार्रवाई सामने आई है। धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत संपत्तियों की जब्ती और संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी एजेंसी ने काम किया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पुराने मामलों के निपटारे पर भी जोर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राहुल नवीन के कार्यकाल में लंबित मामलों को कम करने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। इनमें पुराने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम यानी FERA से जुड़े मामलों के निपटारे के साथ-साथ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी FEMA के तहत कंपाउंडिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;क्या है ED निदेशक के कार्यकाल का नियम?&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक की नियुक्ति सामान्य तौर पर शुरुआती दो वर्ष के लिए होती है। मौजूदा प्रावधानों के तहत जरूरत के अनुसार इसके बाद एक-एक साल के अधिकतम तीन सेवा विस्तार दिए जा सकते हैं। राहुल नवीन को मिला ताजा विस्तार इसी व्यवस्था के तहत किया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब राहुल नवीन के नेतृत्व में ED की ओर से चल रही महत्वपूर्ण वित्तीय अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांचों पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 09:38:15 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197725</guid><link>https://www.inhnews.in/news/morning-breaking-cm-sais-visit-raipur-the-second-monday-sawan</link><category>राज्य</category><title>Morning Breaking: CM साय का रायपुर दौरा,  सावन के दूसरा सोमवार, कांग्रेस का प्रदर्शन और बस्तर में विजय शर्मा की तिरंगा यात्रा </title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Morning Breaking: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज का दिन कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहने वाला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। वहीं, शहर में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन करेगी। इसके अलावा आज सावन माह का दूसरा सोमवार है। इस दिन सोम प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है, जिसके चलते शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल सकती है। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रस्तावित तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा को लेकर भी तैयारियां चर्चा में हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;रायपुर में आज निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजधानी रायपुर में आज भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होकर गुजरेगी। इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी है। मुख्यमंत्री साय सुबह 9:50 बजे ग्राम बगिया से रायपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद करीब 11:15 बजे पुलिस लाइन हेलीपेड पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे सरदार बलवीर सिंह इनडोर स्टेडियम के लिए रवाना होंगे। इनडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद तिरंगा यात्रा आगे बढ़ेगी। यात्रा का दोपहर करीब 1 बजे सुभाष स्टेडियम में समापन होगा। समापन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;15 अगस्त को इन जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी राज्य में तैयारियां जारी हैं। 15 अगस्त को रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ध्वजारोहण करेंगे। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में ध्वजारोहण करेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर में तिरंगा फहराएंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्री, विधायक और सांसद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;सावन का दूसरा सोमवार, सोम प्रदोष का भी संयोग&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आज सावन माह का दूसरा सोमवार है। सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार सोमवार के साथ सोम प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है, जिससे धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व और बढ़ गया है। मान्यता के अनुसार श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेते हैं। भगवान शिव का जल, दूध और गंगाजल से अभिषेक किया जाता है। पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित किए जाते हैं। भक्त भगवान शिव की आराधना के दौरान &amp;#39;ॐ नमः शिवाय&amp;#39; और महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;रायपुर में बढ़ते अपराध के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस आज प्रदर्शन करने जा रही है। कांग्रेस का दावा है कि रायपुर में पिछले सात दिनों के दौरान छह हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी और पुतला दहन भी किया जाएगा। प्रदर्शन का आयोजन सुबह 11:30 बजे अंबेडकर चौक के पास प्रस्तावित है। कांग्रेस का आरोप है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;12 से 14 अगस्त तक बस्तर में &amp;#39;तिरंगा यात्रा&amp;#39;&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 12 से 14 अगस्त तक तीन दिवसीय &amp;#39;बस्तर तिरंगा यात्रा&amp;#39; निकालेंगे। यह यात्रा बस्तर के उन इलाकों से होकर गुजरेगी, जो लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। प्रस्तावित यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक जाएगी। कर्रेगुट्टा क्षेत्र को लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के प्रभाव वाले इलाके के तौर पर जाना जाता रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य बस्तर के संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तिरंगे के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक विश्वास का संदेश पहुंचाना बताया जा रहा है।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 09:05:03 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197724</guid><link>https://www.inhnews.in/news/ranchi-student-protest-resignation-3-jpsc-members</link><category>देश</category><title>Ranchi Student Protest: तीसरी वार्ता भी बेनतीजा, JPSC के 3 सदस्यों का इस्तीफा</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रांची: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 14वीं JPSC PT और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच छात्रों और सरकार के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। करीब पांच घंटे चली बैठक के बावजूद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन पाई। इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों के इस्तीफे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। छात्रों ने वार्ता विफल होने के बाद सोमवार को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इलाके में प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;5 घंटे की बैठक के बाद भी नहीं निकला समाधान&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रविवार शाम स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की विशेष समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। करीब पांच घंटे चली इस बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए। सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया जा चुका है। सरकार के मुताबिक 14वीं JPSC PT परीक्षा और ACF परीक्षा रद्द करने तथा TDPL एजेंसी से जुड़े मामले की जांच सहित करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार किया गया है। हालांकि, छात्र प्रतिनिधि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग पर कायम हैं। इसी मुद्दे पर वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छात्र आंदोलन के बीच JPSC में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। आयोग की तीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके त्यागपत्र राजभवन भेजे गए, जिन्हें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंजूर कर लिया। बताया जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID टीम ने इन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन किया था। इसी बीच उनका इस्तीफा सामने आया। इससे पहले आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी 22 जुलाई को अपने पद से हट चुके हैं। ऐसे में JPSC के शीर्ष स्तर पर अब व्यापक पुनर्गठन की स्थिति बन गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;CBI जांच पर सरकार ने बताया कानूनी पेंच&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने के कारण राज्य सरकार के सामने CBI जांच को लेकर कानूनी अड़चन है। सरकार ने इसके विकल्प के तौर पर कई प्रस्ताव छात्रों के सामने रखे हैं। इनमें वित्तीय लेन-देन की ED जांच, दोषियों को 90 दिनों के भीतर सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच समिति बनाने का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन छात्र संगठनों ने इन विकल्पों को स्वीकार नहीं किया और CBI जांच तथा JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की अपनी मांग दोहराई।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;आज विधानसभा मार्च का ऐलान&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वार्ता विफल होने के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार को नई विधानसभा की ओर मार्च करने की घोषणा की है। मोराबादी मैदान और पुरानी विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के जुटने की सूचना है। आंदोलन स्थल पर छह छात्र कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। वहीं, संभावित विधानसभा मार्च को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। प्रशासन ने छात्रों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन से बचने की अपील की है। मुख्यमंत्री की ओर से भी कहा गया है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए किया जाना चाहिए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच अगली बातचीत होती है या आंदोलन विधानसभा मार्च के साथ और बड़ा रूप लेता है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 08:15:11 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197723</guid><link>https://www.inhnews.in/news/10-august-rashifal-2026-libra-natives-gain-from-property</link><category>अध्यात्म</category><title>10 August Rashifal 2026: तुला राशि वालों को मिलेगा प्रॉपर्टी का लाभ, जानें आपकी राशि में क्या हैं योग</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;10 August Rashifal 2026:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के अनुसार आज का दिन कई राशियों के लिए भाग्यवर्धक रहने वाला है। तुला राशि के जातकों को प्रॉपर्टी के मामलों में बड़ा लाभ मिल सकता है, वहीं कुछ राशियों को सेहत और लेन-देन में सतर्क रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मेष राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
कार्यक्षेत्र में आज आपकी मेहनत रंग लाएगी और सफलता के योग बन रहे हैं। प्रॉपर्टी से संबंधित किसी सौदे में बड़ा लाभ हो सकता है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;वृष राशि&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;लंबे समय से अटके हुए कार्य आज पूरे होंगे। अचानक धन लाभ का योग बन रहा है। किसी जरूरी काम से यात्रा करनी पड़ सकती है। व्यापार में तरक्की होगी, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मिथुन राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp; &amp;nbsp;&lt;br /&gt;
रिश्तेदारों के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत में नरमी बरतें। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी। व्यापारिक फैसलों में सावधानी रखें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;कर्क राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। किसी प्रिय मित्र की मदद से कार्य सफल होंगे। दूर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। गुस्से पर नियंत्रण रखना आपके हित में रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;सिंह राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
आज किसी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। फिजूलखर्च बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है। संतान के स्वास्थ्य या पढ़ाई को लेकर चिंता रह सकती है। व्यापार में नया निवेश करने से बचें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;कन्या राशि&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आर्थिक रूप से आज का दिन काफी अच्छा रहेगा। बनाई गई योजनाएं सफल होंगी और मन की परेशानियां दूर होंगी। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। व्यापार में गति आएगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;तुला राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
तुला राशि वालों के लिए आज का दिन प्रॉपर्टी से जुड़ा लाभ लेकर आया है। परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। हालांकि, दूसरों से विवाद से बचें और सेहत का ध्यान रखें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;वृश्चिक राशि&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अधूरे पड़े काम दोस्तों की मदद से पूरे होंगे। परिजनों और रिश्तेदारों के साथ संबंधों में सुधार आएगा। पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;धनु राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। दूर की यात्रा से लाभ के संकेत हैं। व्यापार में हर काम सतर्कता के साथ करें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मकर राशि&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आज किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। नई सोच के साथ आगे बढ़ने का दिन है। पुरानी योजनाएं फिर से शुरू हो सकती हैं। व्यापारिक लाभ बढ़ाने के लिए प्रयासों को और तेज करना होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;कुंभ राशि&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;करियर में नए अवसर या नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है। परिवार के सहयोग से मानसिक तनाव दूर होगा। हालांकि, व्यापारिक सौदों में थोड़ी सतर्कता बरतें, नुकसान की आशंका है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;मीन राशि&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp; &amp;nbsp;&lt;br /&gt;
करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। दोस्तों की सही सलाह आपके काम आएगी। आत्मविश्वास के बल पर आप कठिन कार्यों को भी आसान बना लेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 07:56:38 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197722</guid><link>https://www.inhnews.in/news/students-assembly-march-in-ranchi-today</link><category>देश</category><title>JSSC-CGL की CBI जांच पर अड़े छात्र, आज विधानसभा घेराव; रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;रांची। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र आज, 10 अगस्त को रांची में विधानसभा मार्च निकालने जा रहे हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च की तैयारी&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास पहुंचने की अपील की है। इसके बाद वहां से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च करेंगे। विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नई विधानसभा परिसर के आसपास करीब 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गई है। झारखंड हाईकोर्ट को इस प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर रखा गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;सरकार ने कहा- 98 फीसदी मांगें मानीं&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर की बातचीत हुई। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा वार्ता में शामिल हुए। सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इनमें 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और ACF परीक्षा रद्द करने, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच तथा परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;JSSC-CGL और CBI जांच पर फंसा पेंच&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छात्र प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अनुसार JSSC-CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी। सरकार का कहना है कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने अथवा सीधे CBI जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं है। सरकार ने इसके विकल्प के तौर पर वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव रखा। हालांकि, छात्र प्रतिनिधियों ने इन विकल्पों को स्वीकार नहीं किया।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;छात्रों का ऐलान- CBI जांच के बिना आंदोलन नहीं रुकेगा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ पूरे मामले की CBI जांच का लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता कुणाल ने कहा कि विधानसभा घेराव का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा और CBI जांच की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। परीक्षा विवाद के बीच इन इस्तीफों को भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। सिटी एसपी पारस राणा ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को परेशानी नहीं होगी, लेकिन हिंसा या उपद्रव की स्थिति में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही &amp;#39;पैलेट गन&amp;#39; के इस्तेमाल की खबरों को पुलिस ने खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में पेंटबॉल गन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आपात स्थिति में उपद्रव करने वालों पर सॉफ्ट कलर बॉल दागकर उनकी पहचान करने में मदद मिलती है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;अब सभी की नजर आज के विधानसभा मार्च पर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकार और छात्रों के बीच बातचीत विफल होने के बाद अब सबकी नजर आज होने वाले विधानसभा मार्च पर है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है, जबकि छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का दावा किया है। JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद विधानसभा मार्च के बाद किस दिशा में जाता है, यह देखना अहम होगा।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 07:29:42 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197721</guid><link>https://www.inhnews.in/news/herd-of-3-elephants-enters-girls-hostel</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में हाथियों का खौफ: कन्या छात्रावास में घुसा 3 हाथियों का दल, बाल-बाल बचे 58 बच्चे</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;पेंड्रा।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही वनमंडल में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर तीन हाथी कन्या छात्रावास परिसर में पहुंच गए। हाथियों ने छात्रावास की बाउंड्रीवाल को कई जगह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा गार्ड रूम के दरवाजे और खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा। हाथियों के छात्रावास परिसर में घुसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। छात्रावास में रह रहे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;58 बच्चों को रात में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हाथियों की मौजूदगी के बीच छात्रावास में रह रहे 58 बच्चों को रात करीब 12 बजे दूसरे छात्रावास में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया गया। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की तत्परता के चलते सभी बच्चों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पांच जगह से टूटी छात्रावास की बाउंड्रीवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बताया जा रहा है कि हाथियों ने छात्रावास की बाउंड्रीवाल को करीब पांच स्थानों पर तोड़ दिया। खास बात यह है कि इस परिसर की बाउंड्रीवाल को हाथियों द्वारा पहले भी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। बार-बार दीवार टूटने की घटनाओं ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाथियों के बार-बार परिसर तक पहुंचने से छात्रावास में रहने वाले बच्चों और कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;कटहल की खुशबू बनी हाथियों के पहुंचने की वजह&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वन विभाग के अनुसार छात्रावास परिसर में लगे कटहल के पेड़ों पर पके हुए फल मौजूद थे। इनकी तेज खुशबू हाथियों को परिसर की ओर आकर्षित कर रही थी। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन निकलने के बाद परिसर में लगे कटहल के पके फलों को तोड़कर अलग कर दिया। वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों को आकर्षित करने वाले कारणों को हटाकर उन्हें छात्रावास परिसर से दूर रखा जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;रातभर निगरानी करता रहा वन विभाग&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम रातभर इलाके में मौजूद रही। टीम लगातार हाथियों की निगरानी करती रही और उन्हें छात्रावास तथा आसपास के आबादी वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास किया गया। प्रशासन और वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि हाथियों के आसपास जाने, उन्हें देखने के लिए भीड़ लगाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने से बचें। वन्य हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही किसी संभावित हादसे को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 18:05:17 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197720</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cg-independence-day-2026-cm-sai-flag-hoisting-raipur</link><category>राज्य</category><title> Independence Day 2026: रायपुर में CM साय करेंगे ध्वजारोहण; 33 जिलों के लिए तय हुए स्वतंत्रता दिवस के मुख्य अतिथि</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;रायपुर।&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 के आयोजन को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 15 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। वहीं प्रदेश के अन्य 32 जिला मुख्यालयों में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मुख्य अतिथियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से 9 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;जिला मुख्यालयों में होगा ध्वजारोहण&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकारी कार्यक्रम के मुताबिक, जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले समारोह में निर्धारित मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संदेश का वाचन किया जाएगा। शासन ने संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मुख्य अतिथि से आवश्यक समन्वय और परामर्श के बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह की विस्तृत रूपरेखा तय करें। समारोह में स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भी भागीदारी रहेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;CM साय रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;स्वतंत्रता दिवस के मुख्य राज्य स्तरीय आयोजन के लिए रायपुर को केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी में तिरंगा फहराएंगे और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देंगे। वहीं अन्य जिलों में राज्य सरकार के मंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। सरकार की ओर से सभी जिला मुख्यालयों के लिए मुख्य अतिथियों की व्यवस्था तय कर दी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;15 अगस्त को प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;15 अगस्त को छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ध्वजारोहण के साथ विभिन्न सांस्कृतिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी जिला मुख्यालयों में कार्यक्रमों का संचालन निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। मुख्य अतिथि के ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन समारोह का प्रमुख हिस्सा होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;img alt="DD" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/WhatsA_2026_08_09_050826.jpeg" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 17:31:37 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197719</guid><link>https://www.inhnews.in/news/microbeat-citizen-inchargesdeployed-bhopal</link><category>राज्य</category><title>भोपाल में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा! गुप्त रूप से तैनात होंगे ‘माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी’</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अपराध, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था में नया प्रयोग शुरू होने जा रहा है। भोपाल पुलिस अब शहर के अलग-अलग इलाकों में भरोसेमंद नागरिकों को गोपनीय तरीके से &amp;lsquo;माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी&amp;rsquo; के रूप में जोड़ने की तैयारी कर रही है। ये नागरिक अपने इलाके में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगे। इस नई व्यवस्था का मकसद अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध की आशंका और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहले पहुंचाना है। पुलिस का मानना है कि स्थानीय लोग अपने क्षेत्र की गतिविधियों से सबसे ज्यादा परिचित होते हैं, इसलिए उन्हें पुलिसिंग से जोड़ने पर सूचनाएं तेजी से मिल सकती हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;हर इलाके की गतिविधियों पर रहेगी नजर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;माइक्रो बीट नागरिक प्रभारी अपने क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की आवाजाही, नशाखोरी, अपराधियों की सक्रियता और असामाजिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस को देंगे। इसके साथ ही ऐसे स्थानीय विवादों की सूचना भी दी जाएगी, जिनके बढ़ने पर भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। पुलिस के मुताबिक, नागरिकों से मिलने वाली स्थानीय स्तर की जानकारी संभावित अपराधों की पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मददगार साबित हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पुलिस की लापरवाही की भी होगी रिपोर्ट&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई माइक्रो बीट व्यवस्था की एक अहम विशेषता पुलिस की जवाबदेही से जुड़ी है। यदि नागरिक प्रभारी किसी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी पुलिस को देता है और संबंधित बीट अधिकारी या पुलिसकर्मी की ओर से कार्रवाई में लापरवाही बरती जाती है, तो इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकेगी। गंभीर मामलों में ऐसी रिपोर्ट पुलिस के शीर्ष अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर तक भी पहुंच सकती है। इससे जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;गोपनीय रहेगा नागरिक प्रभारियों का चयन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भोपाल पुलिस प्रत्येक माइक्रो बीट के लिए ऐसे नागरिकों का गोपनीय पैनल तैयार कर रही है, जिनकी छवि साफ-सुथरी हो और जो अपने क्षेत्र में सामाजिक रूप से सक्रिय एवं विश्वसनीय माने जाते हों। चयनित नागरिकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि वे बिना किसी दबाव या भय के अपने क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकें।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;अपराध रोकने में माइक्रो बीट की अहम भूमिका&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिसिंग व्यवस्था में माइक्रो बीट को जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है। पुलिस का मानना है कि यदि किसी क्षेत्र से समय पर और विश्वसनीय सूचना मिल जाए तो संभावित अपराध को शुरुआती स्तर पर ही रोकने की कोशिश की जा सकती है। इस व्यवस्था से पुलिस को इलाके में सक्रिय अपराधियों, नशे से जुड़ी गतिविधियों और स्थानीय विवादों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;हर महीने होगी व्यवस्था की समीक्षा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भोपाल पुलिस इस पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी भी करेगी। नागरिक प्रभारियों से प्राप्त सूचनाओं, उन पर हुई पुलिस कार्रवाई और शिकायतों की मासिक स्तर पर उच्चाधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जाएगा कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कितनी तेजी से कार्रवाई की और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पुलिस का लक्ष्य&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई माइक्रो बीट व्यवस्था के जरिए भोपाल पुलिस अपराधियों पर निगरानी मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया से जोड़ना चाहती है। पुलिस का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का नेटवर्क मजबूत कर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 17:14:45 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197718</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bhopal-city-bus-bcll-bus-number-decreased-356-to-60</link><category>राज्य</category><title>सिटी बसों का संकट गहराया, चार साल में 356 से घटकर 60 हुई बसें; विपक्ष ने उठाए सवाल</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के तहत संचालित सिटी बसों की संख्या पिछले चार वर्षों में करीब 356 से घटकर लगभग 60 रह जाने का दावा किया गया है। बसों की संख्या में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा असर शहर के रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ने की बात कही जा रही है। विपक्ष का दावा है कि सिटी बसों की कमी के कारण करीब 1.5 लाख दैनिक यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, 150 से अधिक बसों के गैराज में खड़े होने और बस ऑपरेटरों से जुड़े विवादों को भी सेवा में गिरावट की प्रमुख वजह बताया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;चार साल में तेजी से घट गईं सिटी बसें&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए BCLL के तहत बड़ी संख्या में सिटी बसों का संचालन किया जाता रहा है। विपक्ष के मुताबिक चार साल पहले जहां करीब 356 बसें सेवा में थीं, वहीं अब इनकी संख्या घटकर लगभग 60 रह गई है। विपक्ष का आरोप है कि बस ऑपरेटरों के भुगतान, अनुबंध की शर्तों और प्रशासनिक स्तर पर पैदा हुई समस्याओं के चलते बस संचालन प्रभावित हुआ। कई बसों के लंबे समय से गैराज में खड़े होने का भी दावा किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;गैराज में खड़ी 150 से ज्यादा बसों का दावा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विपक्ष ने आरोप लगाया है कि 150 से ज्यादा सिटी बसें गैराज में खड़ी हैं, जबकि कुछ अन्य बसें नियमित संचालन के लिए फिट नहीं रह गई हैं। ऑपरेटरों और नगर निगम के बीच भुगतान एवं अनुबंध से जुड़े विवादों को भी बस सेवा में आई गिरावट से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, ये दावे विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;1.5 लाख यात्रियों पर असर का दावा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भोपाल की सिटी बसें शहर के अलग-अलग इलाकों को जोड़ने के साथ रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए आवागमन का साधन हैं। विपक्ष का कहना है कि बसों की संख्या में भारी कमी से करीब 1.5 लाख दैनिक यात्रियों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। बसों की कमी के कारण यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे सफर का खर्च और समय दोनों बढ़ने की बात कही जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;15 हजार करोड़ रुपये के खर्च पर विपक्ष ने उठाए सवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नगर निगम के कामकाज को लेकर विपक्ष ने पिछले चार वर्षों में हुए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के खर्च पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि बड़े बजट के बावजूद शहर में सड़क, पानी, सफाई और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी हैं। विपक्ष के मुताबिक कई क्षेत्रों में खराब सड़कों, कम दबाव या दूषित पानी की शिकायतों और यातायात-अतिक्रमण जैसी समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;हॉकर्स कॉर्नर और सफाई व्यवस्था भी निशाने पर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विपक्ष ने सभी 85 वार्डों में हॉकर्स कॉर्नर विकसित करने की योजना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दावा है कि योजना के तहत करीब 22 से 23 हॉकर्स कॉर्नर ही तैयार हो सके हैं। कुछ स्थानों पर बाद में अतिक्रमण की शिकायतें सामने आने की बात भी कही गई है। इसके अलावा कचरा संग्रहण, सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव और सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आदमपुर लैंडफिल की स्थिति को लेकर विपक्ष ने नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधा है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी सवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने भोपाल के MP नगर, न्यू मार्केट, करोंद, अरेरा हिल्स, चौक बाजार और पुराने शहर के कई इलाकों में सड़कों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं।उनका आरोप है कि कुछ अवैध कॉलोनियों से टैक्स वसूली के बावजूद वहां रहने वाले लोगों को पर्याप्त नागरिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;मेयर मालती राय ने गिनाईं नगर निगम की उपलब्धियां&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वहीं, मेयर मालती राय ने नगर निगम के कामकाज का बचाव करते हुए कहा है कि चुनौतियों के बावजूद भोपाल के विकास के लिए लगातार काम किया गया है। मेयर की ओर से उपलब्धियों में नीमच में 10 मेगावाट का सोलर पावर प्रोजेक्ट, स्वच्छता रैंकिंग में सुधार, CNG कचरा वाहनों की तैनाती और तुलसी नगर में आठ मंजिला नए नगर निगम मुख्यालय का निर्माण शामिल बताया गया है। इस तरह भोपाल में सिटी बसों की घटती संख्या और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति आने वाले समय में नगर निगम के लिए अहम मुद्दा बन सकती है। एक तरफ विपक्ष बस सेवा, सफाई, सड़क और नागरिक सुविधाओं को लेकर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ महापौर प्रशासन की उपलब्धियां गिना रही हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 16:36:43 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197717</guid><link>https://www.inhnews.in/news/surguja-malaria-74-cases-health-department-alert</link><category>राज्य</category><title>सरगुजा के कई गांवों में मलेरिया की दस्तक, 74 संक्रमित मरीजों की पहचान; घर-घर हो रही जांच</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;अंबिकापुर।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के लूंड्रा, लखनपुर और उदयपुर क्षेत्र के कई गांवों में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य अमला अब प्रभावित इलाकों में व्यापक जांच और रोकथाम अभियान चला रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, लूंड्रा और उदयपुर क्षेत्र में 74 लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों में बढ़ी निगरानी&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरगुजा के कई दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में बुखार तथा मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। मतरिंगा, खर्रानगर, मुसरडांड सहित आसपास के गांवों में स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता बढ़ाई गई है। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्यकर्मी लगातार पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कर रहे हैं। संदिग्ध मरीजों की पहचान के साथ संक्रमण की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज बना चुनौती&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग बीमारी के शुरुआती लक्षण सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार लेते रहे, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग तक कई मामलों की जानकारी समय पर नहीं पहुंच सकी। अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं, ताकि संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान की जा सके और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;घर-घर पहुंचकर हो रही मलेरिया जांच&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मलेरिया संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्यकर्मी प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर जांच अभियान चला रहे हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की RDT किट के माध्यम से जांच की जा रही है। जांच के दौरान संदिग्ध या पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पॉजिटिव मरीजों का तत्काल उपचार&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में मलेरिया की पुष्टि होने वाले मरीजों का समय पर उपचार शुरू किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और लगातार बुखार रहने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;संक्रमण की चेन तोड़ना विभाग की प्राथमिकता&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द मरीजों की पहचान, समय पर उपचार और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने पर है। दूरस्थ गांवों में लगातार निगरानी और जांच अभियान के जरिए मलेरिया के मामलों पर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 15:38:52 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197716</guid><link>https://www.inhnews.in/news/nmdc-steel-recruitment-2026-recruitment-102-posts-cg</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>NMDC Steel Recruitment 2026: छत्तीसगढ़ में 102 पदों पर भर्ती, 11 अगस्त तक आवेदन का मौका</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;बस्तर। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बस्तर के नगरनार स्थित NMDC Steel Limited ने Executive Trainee के 102 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती Employment Notification No. 05/2026 के तहत आयोजित की जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार NMDC Steel की इस भर्ती के लिए 11 अगस्त 2026 की रात 11:45 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया को अच्छी तरह जांच लेना चाहिए।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;102 पदों पर होगी भर्ती&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;NMDC Steel की Executive Trainee भर्ती में इंजीनियरिंग के अलावा Finance और Human Resources जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। विभागवार पदों का विवरण इस प्रकार है&amp;mdash;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 51 पद&lt;br /&gt;
इलेक्ट्रिकल: 22 पद&lt;br /&gt;
केमिकल: 4 पद&lt;br /&gt;
सिविल: 3 पद&lt;br /&gt;
कंप्यूटर एवं IT: 4 पद&lt;br /&gt;
इंस्ट्रूमेंटेशन: 2 पद&lt;br /&gt;
मेटलर्जी: 3 पद&lt;br /&gt;
सेरामिक्स: 3 पद&lt;br /&gt;
फाइनेंस: 7 पद&lt;br /&gt;
HR: 3 पद&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस तरह कुल 102 Executive Trainee पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;अलग-अलग पदों के लिए अलग शैक्षणिक योग्यता&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इंजीनियरिंग से संबंधित पदों के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड या ब्रांच में B.E. या B.Tech डिग्री होना जरूरी है। कंप्यूटर एवं IT से जुड़े पदों के लिए संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री के साथ MCA या कंप्यूटर से संबंधित दो वर्षीय PG Diploma को भी पात्रता में शामिल किया गया है। वहीं Finance पद के लिए Graduation के साथ CA/ICWA या MBA (Finance) की योग्यता निर्धारित की गई है। HR पदों के लिए Graduation के बाद MBA (HR) या संबंधित PG Diploma की आवश्यकता होगी।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;27 वर्ष तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा सामान्यतः 27 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। अभ्यर्थियों को आयु सीमा की गणना और श्रेणीवार छूट से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जरूर देखनी चाहिए।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;CBT के बाद GD और इंटरव्यू से होगा चयन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;NMDC Steel Executive Trainee भर्ती में उम्मीदवारों का चयन एक से अधिक चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले अभ्यर्थियों को Computer Based Test (CBT) देना होगा। CBT में सफल रहने वाले उम्मीदवारों को आगे Group Discussion (GD) और Interview के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन निर्धारित चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थी के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;छह महीने की ट्रेनिंग के बाद Assistant Manager पद&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;चयनित उम्मीदवारों को शुरुआत में छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उम्मीदवारों को ₹50,000 बेसिक पे के साथ IDA का प्रावधान मिलेगा। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को नियमित नियुक्ति के तहत Assistant Manager के पद पर रखा जाएगा। इस पद का वेतनमान ₹60,000 से ₹1,80,000 तक निर्धारित किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;11 अगस्त 2026 तक कर सकते हैं आवेदन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;NMDC Steel की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 11 अगस्त 2026 रात 11:45 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें। आवेदन से पहले शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण, दस्तावेज और चयन प्रक्रिया से संबंधित सभी नियमों को आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में ध्यानपूर्वक पढ़ लें।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;महत्वपूर्ण तिथियां&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आवेदन शुरू: 22 जुलाई 2026&lt;br /&gt;
आवेदन की अंतिम तारीख: 11 अगस्त 2026&lt;br /&gt;
अंतिम समय: रात 11:45 बजे&lt;br /&gt;
कुल पद: 102&lt;br /&gt;
पद: Executive Trainee&lt;br /&gt;
नियुक्ति के बाद पद: Assistant Manager&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 15:17:44 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197715</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mp-teacher-vacancy-questions-raised-regarding-appointments</link><category>राज्य</category><title>MP Teacher Bharti: परीक्षा देने की अनुमति, अब नियुक्ति पर सवाल; D.El.Ed अभ्यर्थियों ने DPI में किया प्रदर्शन</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;भोपाल: &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अभ्यर्थियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान आवेदन फॉर्म में मौजूद क्लॉज 49 के तहत उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। अब नियुक्ति की प्रक्रिया के दौरान उनकी पात्रता पर सवाल उठाए जाने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले को लेकर D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों ने भोपाल स्थित DPI परिसर में प्रदर्शन किया और विभाग से क्लॉज 49 को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देते समय दस्तावेज सत्यापन के दौरान मार्कशीट या डिग्री प्रस्तुत करने की बात कही गई थी।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;क्लॉज 49 को लेकर क्या है अभ्यर्थियों की दलील?&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, शिक्षक भर्ती के आवेदन फॉर्म में क्लॉज 49 के तहत D.El.Ed अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया था। उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय तक योग्यता पूरी करने के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने इसी प्रावधान को ध्यान में रखते हुए भर्ती परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा की तैयारी और आवेदन प्रक्रिया में उन्होंने समय और धन खर्च किया। अब नियुक्ति के चरण में पात्रता पर सवाल उठने से उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;नियम 12.7 ने बढ़ाया विवाद&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;दूसरी ओर, विभाग की ओर से रूल बुक की कंडिका 12.7 का हवाला दिया जा रहा है। इसी प्रावधान को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग के बीच मतभेद सामने आया है। अभ्यर्थियों के मुताबिक नियम 12.7 में आवेदन की अंतिम तारीख तक निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता पूरी होने की बात कही गई है। विभाग इसी आधार पर पात्रता का आकलन कर रहा है। यही स्थिति अब विवाद का मुख्य कारण बन गई है। एक ओर भर्ती आवेदन में D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का प्रावधान बताए जाने का दावा है, वहीं दूसरी ओर नियम 12.7 के आधार पर निर्धारित तिथि तक योग्यता पूरी होना जरूरी बताया जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;अभ्यर्थियों का सवाल-परीक्षा के लिए पात्र तो नियुक्ति में अयोग्य क्यों?&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;D.El.Ed अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उन्हें भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी, तो नियुक्ति के समय उनकी पात्रता पर आपत्ति क्यों उठाई जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आवेदन की अंतिम तारीख तक D.El.Ed पूरा होना अनिवार्य था, तो भर्ती आवेदन में क्लॉज 49 को शामिल करने का उद्देश्य क्या था? साथ ही, यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान मार्कशीट या डिग्री प्रस्तुत करने की व्यवस्था थी, तो अब नियुक्ति के समय अलग स्थिति क्यों बनाई जा रही है?&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;स्पष्ट आदेश की मांग&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की है कि विभाग इस पूरे मामले में क्लॉज 49 और नियम 12.7 की स्थिति स्पष्ट करते हुए लिखित आदेश या सर्कुलर जारी करे। उनका कहना है कि नियमों की अलग-अलग व्याख्या के कारण भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ है। अभ्यर्थियों की नजर अब स्कूल शिक्षा विभाग और सरकार के अगले फैसले पर है। उनका कहना है कि जब तक पात्रता को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 14:24:07 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197714</guid><link>https://www.inhnews.in/news/durg-mineral-department-cancelled-42-mining-leases</link><category>राज्य</category><title>दुर्ग में खनन पर प्रशासन की सख्ती, 42 पट्टे निरस्त; चूना पत्थर की 27 खदानों पर कार्रवाई</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;दुर्ग।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खनिज विभाग ने लंबे समय से बंद पड़ी और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाली खदानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर की मंजूरी के बाद जिला खनिज प्रशासन ने 42 खदानों के उत्खनन पट्टे निरस्त करने का आदेश जारी किया है। निरस्त किए गए पट्टों में 27 चूना पत्थर, 12 मिट्टी, 2 क्वार्टजाइट और 1 डोलोमाइट खदान शामिल हैं। विभागीय जांच के दौरान इन खदानों में लंबे समय से खनन और खनिज प्रेषण का काम बंद पाया गया था।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;12 महीने से ज्यादा समय से बंद था खनन&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खनिज विभाग ने जिले में स्वीकृत गौण खनिज उत्खनन पट्टों से संबंधित दस्तावेजों, नस्तियों और खदानों का परीक्षण किया। मैदानी निरीक्षण के दौरान कई खदानों में लगातार 12 महीने से अधिक समय तक उत्पादन और खनिज प्रेषण बंद मिला।कुछ पट्टेदारों द्वारा विभाग को आवश्यक मासिक विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया था। जांच में ऐसे पट्टे छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के तहत लैप्स की श्रेणी में पाए गए।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;क्या कहता है नियम 51 (6)?&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 51 (6) के तहत यदि पट्टा निष्पादन की तारीख से एक वर्ष के भीतर खनन गतिविधियां शुरू नहीं होती हैं या खनन शुरू होने के बाद लगातार 12 महीने तक गतिविधियां बंद रहती हैं, तो सक्षम प्राधिकारी नियमानुसार उत्खनन पट्टे को निरस्त घोषित कर सकता है, इसी प्रावधान के आधार पर दुर्ग जिले में जांच के बाद 42 उत्खनन पट्टों को निरस्त किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;42 निरस्त पट्टों में 27 चूना पत्थर के&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खनिज विभाग की कार्रवाई में सबसे अधिक चूना पत्थर की 27 खदानें शामिल हैं। इसके अलावा 12 मिट्टी, 2 क्वार्टजाइट और 1 डोलोमाइट खदान का पट्टा भी निरस्त किया गया है। ये खदानें दुर्ग जिले के पतोरा, सेलूद, गुढ़ियारी, चुनकट्टा, परसाही, अचानकपुर, ढौर, धौराभांठा, केसरा, सिकोला, मगरघटा, कुम्हारी, घुघसीडीह, कचांदूर, खुरसुल, चंगोरी, पेण्ड्रीतराई, कंदई, राजपुर और अकोला समेत विभिन्न ग्रामों में स्थित हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;नियमों की अनदेखी पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खनिज विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी खदानों और खनन नियमों का पालन नहीं करने वाले पट्टेदारों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। विभाग ने दस्तावेजी जांच और मैदानी निरीक्षण के आधार पर नियमों के तहत कार्रवाई की है। खनिज विभाग के मुताबिक खनिज संसाधनों का उत्खनन निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार करना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि तक खनन बंद रहने या नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित पट्टेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 13:42:39 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197713</guid><link>https://www.inhnews.in/news/samay-raina-assam-flood-donation-10-lakh-cm-himanta-fir-demand</link><category>देश</category><title>समय रैना ने असम के लिए बढ़ाया मदद का हाथ, ₹10 लाख किए दान; हिमंत के पोस्ट पर लोगों ने की खास अपील</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Samay Raina Assam Flood Donation: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;असम इन दिनों भीषण बाढ़ की चुनौती से जूझ रहा है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे मुश्किल वक्त में राहत और बचाव कार्यों के लिए कई लोग और सेलिब्रिटीज मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में कॉमेडियन समय रैना ने असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए बड़ा योगदान दिया है। समय रैना ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये दान किए हैं। उनके इस सहयोग की जानकारी असम मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया के जरिए साझा की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी समय रैना का आभार जताया।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;राहत कोष में दिए 10 लाख रुपये&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच समय रैना ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी और राहत कार्यों में योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी समय रैना के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मुश्किल हालात में राहत अभियान के लिए उनका सहयोग महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;असम में बाढ़ से बिगड़े हालात&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;असम में बाढ़ का संकट लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। कई इलाकों में पानी भरने के कारण बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियों की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में इस साल अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1.55 लाख लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;समय रैना का असम से पुराना विवाद भी चर्चा में&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;समय रैना का असम से जुड़ा नाम इससे पहले साल 2025 में भी विवादों में आया था। उनके शो &amp;#39;इंडियाज गॉट लैटेंट&amp;#39; के एक एपिसोड में कथित आपत्तिजनक बातचीत को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इस मामले में असम पुलिस ने समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। मामला काफी समय तक चर्चा में रहा था।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;CM के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उठी FIR वापस लेने की मांग&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अब जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समय रैना के राहत कोष में योगदान की तारीफ की, तो सोशल मीडिया पर पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया। मुख्यमंत्री के पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने समय रैना के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की अपील की। एक यूजर ने लिखा कि मुख्यमंत्री को समय का केस वापस ले लेना चाहिए, जबकि दूसरे यूजर ने भी इसी तरह FIR वापस लेने की मांग की। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठी ये मांगें यूजर्स की प्रतिक्रियाएं हैं, इन्हें सरकार की ओर से FIR वापस लेने के किसी फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;कई सितारे भी असम की मदद के लिए आगे आए&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;असम बाढ़ के बीच समय रैना के अलावा कई अन्य फिल्मी सितारों ने भी राहत कार्यों में सहयोग किया है। अभिनेता कार्तिक आर्यन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। वहीं अभिनेता रणदीप हुड्डा बाढ़ प्रभावित शिवसागर पहुंचे और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। अभिनेत्री भूमि पेडनेकर भी असम में राहत प्रयासों से जुड़ने के लिए पहुंचीं। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के बीच सेलिब्रिटीज की ओर से की जा रही मदद से राहत अभियानों को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर समर्थन मिल रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 13:25:31 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197712</guid><link>https://www.inhnews.in/news/sagar-tmt-plant-furnace-blast-urla-raipur-worker-injured</link><category>राज्य</category><title>सागर TMT में फर्नेस ब्लास्ट से हड़कंप, पुलिस ने लिया संज्ञान; कंपनी प्रबंधन पर दर्ज हुआ मामला</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;धरसींवा/रायपुर। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;औद्योगिक क्षेत्र उरला के ग्राम कनहेरा स्थित सागर TMT प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट की घटना सामने आने के बाद फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे में कुछ मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि एक घायल मजदूर का इलाज अभी जारी है। घटना को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि प्लांट प्रबंधन ने कथित तौर पर हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को नहीं दी। पुलिस तक घटना की जानकारी बाहरी माध्यम से पहुंची, जिसके बाद उरला पुलिस ने मामले में जांच शुरू की।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;बाहरी सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घटना की जानकारी मिलने के बाद उरला पुलिस की टीम निजी अस्पताल पहुंची और घायल मजदूरों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, थाने में प्लांट प्रबंधन की ओर से हादसे की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी। उरला थाना प्रभारी रोहित मलेकर के मुताबिक, पुलिस ने मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए घायलों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी और घटना की जानकारी छिपाने के आरोपों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धारा 289 और 239 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;निजी अस्पताल में घायल मजदूर का इलाज&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;फर्नेस ब्लास्ट के बाद घायल मजदूरों को तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक मजदूर का इलाज फिलहाल जारी बताया जा रहा है। हादसे के बाद प्लांट में सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;श्रम विभाग की भूमिका पर भी सवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घटना के बाद श्रम विभाग की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में सवाल है कि हादसे की जानकारी विभाग तक समय पर क्यों नहीं पहुंची और क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जा रही थी?&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;सुरक्षा नियमों की निगरानी पर उठे सवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सागर TMT प्लांट की घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों के पालन और उनकी निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। श्रमिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी लापरवाही की स्थिति में मजदूरों की जान जोखिम में पड़ सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हादसे को लेकर श्रम सतर्कता समिति धरसींवा के सदस्यों ने भी मामले को गंभीरता से उठाने की तैयारी की है। समिति की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर लिखित शिकायत देने की बात कही जा रही है। समिति दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और घायल मजदूरों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;फिलहाल पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटना की जानकारी छिपाने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 12:03:21 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197711</guid><link>https://www.inhnews.in/news/harika-rao-naidu-cjp-compensation-education-reform</link><category>राज्य</category><title>जगदलपुर की हरिका राव नायडू की मौत के बाद CJP ने उठाई मुआवजे और शिक्षा सुधार की मांग</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;जगदलपुर। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;NEET परीक्षा में असफलता के बाद जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू की मौत ने एक बार फिर परीक्षा के दबाव, विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर बहस छेड़ दी है। घटना के बाद अब परिवार की पीड़ा के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठने लगी है। इसी सिलसिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छत्तीसगढ़ प्रमुख महेंद्र भारद्वाज अपनी टीम के साथ जगदलपुर के आड़ावाल स्थित हरिका के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;हरिका के परिवार से मिला CJP प्रतिनिधिमंडल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;CJP की टीम ने हरिका के परिजनों से बातचीत के दौरान पूरे मामले की जानकारी ली। पार्टी की ओर से परिवार को भरोसा दिलाया गया कि वह इस मुद्दे को आगे उठाएगी और जरूरत पड़ने पर परिवार के साथ खड़ी रहेगी। CJP ने केंद्र और राज्य सरकार से हरिका के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। CJP प्रमुख महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि उन तमाम विद्यार्थियों और युवाओं की चिंता से जुड़ा विषय है, जो पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य को लेकर लगातार दबाव का सामना कर रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;अगस्त-सितंबर से शुरू होगा &amp;lsquo;क्या बोलती पब्लिक&amp;rsquo; अभियान&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;महेंद्र भारद्वाज के मुताबिक CJP अगस्त-सितंबर से &amp;lsquo;क्या बोलती पब्लिक&amp;rsquo; अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस अभियान के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और अन्य लोकतांत्रिक मुद्दों पर युवाओं तथा आम लोगों की राय सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल परीक्षा प्रणाली में बदलाव तक सीमित नहीं होना चाहिए। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, किताबें, जरूरी संसाधन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;दादा बोले- पोती को खोने की भरपाई कोई नहीं कर सकता&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हरिका के दादा प्रकाश राव नायडू ने भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पोती को खोने का दर्द किसी मुआवजे से खत्म नहीं हो सकता, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;परीक्षा में असफलता को जीवन का अंत न मानने का माहौल जरूरी&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हरिका की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। साथ ही इस घटना ने शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को लेकर भी गंभीर चर्चा को जन्म दिया है। जरूरत इस बात की है कि विद्यार्थियों के लिए ऐसा शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाए, जहां परीक्षा में सफलता और असफलता को जीवन के अंतिम निर्णय के रूप में न देखा जाए। विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और सरकार के स्तर पर विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास जरूरी हैं। हरिका के मामले को लेकर CJP ने इसे आगे उठाने की बात कही है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित संस्थाएं परीक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों पर पड़ने वाले शैक्षणिक दबाव को लेकर क्या कदम उठाती हैं।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 11:52:01 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197710</guid><link>https://www.inhnews.in/news/aiims-bhopal-new-director-dr-narendra-kotwal-appointment</link><category>राज्य</category><title>AIIMS भोपाल को मिला नया डायरेक्टर, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉ. नरेंद्र कोटवाल संभालेंगे कमान</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;मध्य प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान AIIMS भोपाल को अब नया पूर्णकालिक निदेशक मिल गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉ. नरेंद्र कोटवाल को एम्स भोपाल का नया डायरेक्टर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से 7 अगस्त को जारी अधिसूचना के बाद उनकी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। डॉ. नरेंद्र कोटवाल वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ. माधबानंद कर की जगह पदभार संभालेंगे। सरकारी आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। दोनों में से जो भी पहले होगा, उसी के आधार पर उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;AFMC पुणे के डायरेक्टर और कमांडेंट रह चुके हैं डॉ. कोटवाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डॉ. नरेंद्र कोटवाल को चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ सैन्य प्रशासन का भी लंबा अनुभव है। वह विशेषज्ञ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और भारतीय सशस्त्र बलों की मेडिकल सेवाओं में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। AIIMS भोपाल की जिम्मेदारी मिलने से पहले डॉ. कोटवाल आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे के डायरेक्टर और कमांडेंट रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने मेडिकल एजुकेशन, अस्पताल प्रशासन और सैन्य चिकित्सा सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। वर्तमान में उनका जुड़ाव पंचकूला स्थित एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से बताया गया है। बड़े चिकित्सा संस्थानों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासन का उनका अनुभव AIIMS भोपाल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;डॉ. माधबानंद कर का अतिरिक्त प्रभार होगा समाप्त&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;डॉ. नरेंद्र कोटवाल की नियुक्ति के साथ ही AIIMS भोपाल के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ. माधबानंद कर की जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी। अब संस्थान को स्थायी और पूर्णकालिक नेतृत्व मिलेगा। AIIMS भोपाल में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं, मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में डॉ. कोटवाल के सैन्य चिकित्सा और प्रशासनिक अनुभव से संस्थान को लाभ मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;तीन साल या 70 वर्ष की उम्र तक रहेगा कार्यकाल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक डॉ. नरेंद्र कोटवाल का कार्यकाल तीन साल या 70 वर्ष की आयु तक रहेगा। इनमें से जो भी अवधि पहले पूरी होगी, उसी समय उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अब डॉ. कोटवाल के पदभार ग्रहण करने के बाद AIIMS भोपाल में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक सुधार, शिक्षा और रिसर्च से जुड़ी उनकी प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 10:54:23 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197709</guid><link>https://www.inhnews.in/news/heavy-rain-alert-rain-becomes-disaster-assam-himachal-delhi</link><category>देश</category><title>देशभर में बारिश का कहर! असम में 98 मौतें, हिमाचल में 153 सड़कें बंद</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Weather Update: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं बाढ़ से हालात बिगड़े हैं तो कहीं भूस्खलन और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है, जबकि करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। 13 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़कें बंद होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;दिल्ली में अगस्त की बारिश ने बनाया नया रिकॉर्ड&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सफदरजंग मौसम केंद्र में अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त की औसत 226.8 मिलीमीटर बारिश से अधिक है। लगातार बारिश के कारण दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। कालिंदी कुंज, आईटीओ और महरौली-बदरपुर रोड जैसे इलाकों में वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;हिमाचल में भारी बारिश से सड़क संपर्क प्रभावित&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन ने परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है। राज्य में 153 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा जलापूर्ति योजनाओं और बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;असम में बाढ़ से हालात गंभीर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;असम में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है। 13 जिलों में करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित हैं और मृतकों की संख्या 98 तक पहुंच गई है। प्रशासन अब प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे शुरू करने की तैयारी में है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और जरूरी सहायता पहुंचाना है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;नागालैंड में जलभराव, करंट की चपेट में छात्र की मौत&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नागालैंड के दीमापुर में भी भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के पानी के घरों में घुसने के दौरान बिजली के संपर्क में आने से एक कॉलेज छात्र की मौत की जानकारी सामने आई है। एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। बाढ़ग्रस्त इलाकों से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;केरल से जम्मू-कश्मीर तक बारिश का असर&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;दक्षिण भारत में केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम समेत कुछ जिलों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन कई लोग अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखा गया। हरियाणा के फरीदाबाद में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी और सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई। पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगह बारिश का दौर जारी है। वहीं जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के चलते अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;लोगों को सतर्क रहने की सलाह&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। मौसम में अचानक बदलाव होने पर यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियों की जानकारी लेना जरूरी है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 09:48:08 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197708</guid><link>https://www.inhnews.in/news/morning-breaking-cm-sai-visit-jashpur-sanjay-singh-reach-gariaband</link><category>राज्य</category><title>Morning Breaking: CM का जशपुर दौरा, संजय सिंह आएंगे छग, हर घर तिरंगा अभियान, कांग्रेस क्रांति दिवस  </title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;span style="font-size:18px"&gt;&lt;strong&gt;Morning Breaking:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ में आज का दिन राजनीतिक, सामाजिक और देशभक्ति से जुड़े कई अहम आयोजनों के नाम रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह गरियाबंद पहुंचेंगे। प्रदेश में आज से &amp;lsquo;हर घर तिरंगा&amp;rsquo; अभियान की शुरुआत होगी। इसके साथ ही कांग्रेस प्रदेशभर में क्रांति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करेगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक और युवा कांग्रेस के स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम भी आज सुर्खियों में रहेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जशपुर दौरा&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह करीब 11:30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से जशपुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्यमंत्री कुनकुरी पहुंचेंगे, जहां अग्रसेन भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री अपने गृह ग्राम बगिया पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;गरियाबंद पहुंचेंगे AAP सांसद संजय सिंह&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे। वे विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। संजय सिंह सुबह करीब 9:30 बजे नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस से गरियाबंद के लिए रवाना होंगे। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। गरियाबंद में कृषि उपज मंडी में आयोजित सभा को भी वे संबोधित करेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;आज से &amp;lsquo;हर घर तिरंगा&amp;rsquo; अभियान&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता से जुड़े कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो रही है। प्रदेश में 17 अगस्त तक विभिन्न राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के तहत 7 से 15 अगस्त तक &amp;lsquo;वंदे मातरम्&amp;rsquo; गायन और 9 से 17 अगस्त तक &amp;lsquo;हर घर तिरंगा&amp;rsquo; अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा 14 अगस्त को &amp;lsquo;विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस&amp;rsquo; के रूप में मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;कांग्रेस मनाएगी क्रांति दिवस&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कांग्रेस आज क्रांति दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। जिला, शहर और नगर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रमों के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और स्वतंत्रता सेनानियों के चित्रों पर माल्यार्पण किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजन को लेकर संबंधित इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;बिलासपुर चैंबर में बैठक से पहले इस्तीफों से हलचल&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बिलासपुर संभाग में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी समिति की बैठक से पहले संगठनात्मक स्तर पर हलचल देखने को मिली है। संभाग के कार्यकारी अध्यक्ष कमल सोनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय ने भी बिलासपुर चैंबर से इस्तीफा दिया है। बिलासपुर में 9 अगस्त को सुबह 11 बजे से चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रस्तावित है।&lt;/p&gt;

&lt;h2 style="text-align:justify"&gt;युवा कांग्रेस के स्थापना दिवस पर होगा ध्वजारोहण&lt;/h2&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भारतीय युवा कांग्रेस के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम रायपुर स्थित शहर जिला कांग्रेस भवन में सुबह 10 बजे होगा। कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष सहित युवा कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sun, 09 Aug 2026 09:35:55 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197707</guid><link>https://www.inhnews.in/news/tantric-ritual-performed-on-high-court-chief-justice-photograph-at-cremation-ground-in-bilaspur</link><category>राज्य</category><title>CG NEWS : श्मशान में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर पर हुई तंत्र क्रिया, मचा हड़कप, हिरासत में युवक</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बिलासपुर &lt;/strong&gt;: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में देर रात श्मशान में हुई तंत्र क्रिया से शहर में हड़कप मच गया है। यह तंत्र क्रिया छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर के साथ की गई। जिसकी जानकारी सामने आने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और एक युवक को हिरासत लेकर उससे पूछताछ शुरू की। घटना देवरी इलाके की बताई जा रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तंत्र क्रिया से जुड़ी सामग्री&amp;nbsp;बरामद&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि जब श्मशान में कुछ लोग कथित तंत्र क्रिया कर रहे थे। तब कुछ ग्रामीणों की उनपर नजर पड़ी। जिसके बाद वो तुरंत मौके पर पहुंचे और एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग मौके से भाग निकले। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मौके से मरी हुई मछलियां, नींबू, नारियल मिला&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;ग्रामीणों के मुताबिक, मौके से मरी हुई मछलियां, नींबू, नारियल, माला और सिंदूर सहित कुछ पूजा सामग्री मिली है। साथ ही मौके पर&amp;nbsp;हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीरें समेत दो अन्य युवकों की भी तस्वीरें मिली है। हालांकि इन तस्वीरों का इस घटना से संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फरार लोगों की तलाश में जुटी पुलिस &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्रारंभिक चर्चा में मामले को जेल में बंद एक रिश्तेदार को जमानत दिलाने की कथित कोशिश से जोड़ा जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर फरार लोगों की तलाश में जुटी है।&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 21:45:50 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197706</guid><link>https://www.inhnews.in/news/pilgrim-on-the-way-to-visit-nagdwari-dies-in-road-accident-in-chhindwara</link><category>राज्य</category><title>CHHINDWARA NEWS : नागद्वारी दर्शन करने जा रहे श्रद्धालु की सड़क हादसे में मौत, क्षत-विक्षत हालत में मिला शव, जांच जारी </title><description>&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;&lt;strong&gt;छिंदवाड़ा :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में शुक्रवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में नागपुर के युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक अपने दोस्तों के साथ पैदल नागपुर से पचमढ़ी के नागद्वारी दर्शन के लिए जा रहा था। इस दौरान तेज रफ़्तार ट्रक ने उसे कुचल दिया। जिसकी वजह से उसकी मौके पर मौत हो गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;&lt;strong&gt;उमरानाला चौकी क्षेत्र की घटना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;हादसा छिंदवाड़ा के उमरानाला चौकी क्षेत्र के सिमरिया मंदिर के पास हुआ। जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षत-विक्षत हालत में शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसा इतना ज्यादा भीषण था कि शव को देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;&lt;strong&gt;दस्तावेजों के आधार पर हुई मृतक की&amp;nbsp;पहचान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;हादसे में जान गंवाने वाले रिटायर्ड पुलिसकर्मी की पहचान नागपुर के हिंगना निवासी कैलाश काचौरे के रूप में हुई है। कैलाश काचौरे पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त थे। वर्तमान में वे ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। नागद्वारी दर्शन के लिए निकले कैलाश की हादसे में मौत के बाद उनके साथ जा रहे श्रद्धालुओं की यात्रा दुख में बदल गई।&lt;/p&gt;

&lt;p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 21:20:45 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197705</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dont-wear-these-colors-during-sawan-even-by-mistake</link><category>अध्यात्म</category><title>SAWAN 2026: सावन में इन रंगों को भूलकर भी न पहने, महादेव खुश होने की जगह रूठ जाएंगे, बढ़ जाएगी परेशनी </title><description>&lt;p aria-label="Translated text: Which colors are considered auspicious to wear during Sawan?" data-placeholder="Translation" data-ved="2ahUKEwinqpWfmJGWAxWbkeEIHdPVJa0Q3ewLegQIDRAV" dir="ltr" id="tw-target-text" role="text" tabindex="-1"&gt;Which colors are considered auspicious to wear during Sawan : सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ के साथ खान-पान और दिनचर्या को लेकर भी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इतना ही नहीं सावन में रंगों का भी काफी महत्व है। क्योकि रंगे अपने जीवन में और घर-परिवार में सुख-समृद्धि लेकर आएंगे। वही कुछ रंग ऐसे है जिनसे बचके रहना चाहिए। तो चलिए जानते है सावन में कौन सा रंग पहनना शुभ माना जाता है और कौन सा नहीं &amp;nbsp;,,,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सावन में पहनें ये शुभ रंग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;अब जानते हैं कौन से रंग सावन में पहनना शुभ माना जाता है. सबसे पहला है हरा रंग. हरा रंग प्रकृति की हरियाली जैसा ही ताजगी और समृद्धि लेकर आता है. इसे पहनकर आपके मन में नई ऊर्जा और प्रसन्नता का संचार होता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;दूसरा है सफेद रंग. यह रंग शांति, सादगी और शुद्धता का प्रतीक है. सफेद कपड़े पहनकर मन भी शांत रहता है और पूजा-पाठ में ध्यान अच्छे से लगता है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;तीसरा है पीला रंग. पीला ज्ञान, उत्साह और सकारात्मक सोच को बढ़ाता है. सावन में खासकर सोमवार के दिन पीले या हरे रंग के कपड़े पहनकर भगवान शिव की पूजा करना बेहद शुभ माना गया है. इससे जीवन में तरक्की और सुख-शांति आती है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सावन में इन रंगों से बनाकर रखे दूरी&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;सावन में वैसे तो आप सभी रंग के कपडे पहन सकते है। लेकिन कुछ ऐसे रंग के कपड़े भी हैं, जिनको सावन में बिलकुल नहीं पहनना चाहिए. माना जाता है कि इन रंगों के कपड़ों से भगवान शिव नाराज होते हैं। जिसमे काले, भूरे और ग्रे रंग शामिल है। ऐसे में सावन महा में इन रंगो से बनाकर रखे दूरी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 20:38:49 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197704</guid><link>https://www.inhnews.in/news/jabalpur-kolkata-direct-flight-launched</link><category>राज्य</category><title>MP NEWS :  मप्र में हवाई सेवा का विस्तार ! जबलपुर-कोलकाता के बीच सीधी उड़ान शुरू,  वाटर कैनन से हुआ भव्य स्वागत </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जबलपुर :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदश में हवाई सेवा को बेहतर करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज से जबलपुर और कोलकाता के बीच सीधी उडान सेवा शुरू हो गई है। जिसका संचालन हफ्ते में 3 दिन होगा। इतना ही नहीं अब यात्री दोनों शहर का सफर महज दो से ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यात्रियों का बचेगा समय&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;एलायंस एयर की इस सौगात से न सिर्फ अब यात्रियों का समय बचेगा। बल्कि मध्य प्रदेश और अन्य महा नगरों के बीच भी हवाई संपर्क बेहतर होगा। बता दें कि पहले दिन की इस पहली उड़ान में कुल 17 यात्री कोलकाता से जबलपुर पहुंचे, तो वही 28 यात्रियों बने जबलपुर से कोलकाता का सफर किया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वाटर कैनन से भव्य सौगात&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि शनिवार को कोलकाता से उड़ान भरकर यह विमान सुबह 9:35 बजे डुमना विमानतल की जमीन पर उतरा तो प्रशासन और एविएशन अधिकारियों ने वाटर कैनन की मानार्थ सलामी देकर इसका भव्य स्वागत किया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उड़ान भरेगी विमान&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;फिलहाल यह विमान सेवा सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। सीधी उड़ान शुरू होने से जबलपुर के साथ ही महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को भी कोलकाता के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के लिहाज से भी इस हवाई सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुबह 7:05 बजे कोलकाता से उड़ान भरेगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;जारी शेड्यूल के अनुसार एलायंस एयर का एटीआर-72 विमान सुबह 7:05 बजे कोलकाता से उड़ान भरकर सुबह 9:35 बजे जबलपुर पहुंचेगा। इसके बाद विमान सुबह 10:00 बजे जबलपुर से रवाना होकर दोपहर 12:35 बजे कोलकाता पहुंचेगा। दोनों शहरों के बीच यात्रा करीब ढाई घंटे में पूरी हो सकेगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 19:56:50 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197703</guid><link>https://www.inhnews.in/news/sen-samaj-community-building-50-lakh-vishnu-dev-sai</link><category>राज्य</category><title>सेन समाज को बड़ी सौगात, सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए; नया रायपुर में संत सेन महाराज के नाम पर होगा चौक</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; राजधानी रायपुर में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेन समाज के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा नया रायपुर में संत शिरोमणि सेन महाराज के नाम पर चौक का नामकरण करने की बात भी कही।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े समुदायों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सेन समाज के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने सेन समाज की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के माध्यम से समाज के लोगों के कल्याण और कौशल विकास के लिए पहले भी कई पहल की गई हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सैलून व्यवसाय से जुड़े लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चालित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नया रायपुर में संत सेन महाराज के नाम पर चौक&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में संत शिरोमणि सेन महाराज के नाम पर चौक का नामकरण किया जाएगा। इसके लिए नामकरण समिति गठित किए जाने की जानकारी भी दी गई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही है और सरकार समाज के विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कर्पूरी ठाकुर के विचारों का किया उल्लेख&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए काम करने वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हुनर और श्रम से जुड़े लोगों को सम्मान देने की दिशा में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने कहा कि हुनरमंद लोगों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से पारंपरिक व्यवसायों को नई मजबूती मिल सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सरकार की योजनाओं का किया बखान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और बड़ी संख्या में मकानों का निर्माण जारी है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने किसानों के लिए धान खरीदी, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री के अनुसार, महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। अब तक योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजे जाने की बात भी उन्होंने कही।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;युवाओं के लिए रोजगार पर सरकार का जोर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न विभागों में 20 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली, सहकारिता समेत कई विभागों में युवाओं को रोजगार के अवसर दिए गए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति के जरिए करीब डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी भी उन्होंने दी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया रामलला दर्शन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना दोबारा शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके अलावा भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बढ़ा पारिश्रमिक और चरण पादुका योजना जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;80 हजार घरों में लगे सोलर सिस्टम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर बताया कि प्रदेश में करीब 80 हजार घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इनमें लगभग 40 हजार घरों का बिजली बिल शून्य आने का दावा किया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;घर बैठे 700 से ज्यादा सरकारी सेवाएं&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मुख्यमंत्री ने नागरिक सुविधाओं के लिए शुरू किए गए सेवा सेतु का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। लोग मोबाइल के जरिए जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र समेत कई सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, करीब 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं और शिकायतों के समाधान के लिए अलग-अलग स्तर निर्धारित किए गए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सेन समाज के युवाओं को बांटी गई किट&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कार्यक्रम के दौरान सेन समाज के प्रशिक्षित युवाओं को किट भी वितरित की गई। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सेन समाज के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज ने पारंपरिक रूप से लोगों के जीवन के विभिन्न संस्कारों और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सेन समाज के युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने कार्यक्रम को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री के सामने समाज की विभिन्न मांगें रखीं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कार्यक्रम में विधायक रिकेश सेन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विभिन्न निगमों और आयोगों के पदाधिकारी तथा प्रदेशभर से आए सेन समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 19:40:04 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197702</guid><link>https://www.inhnews.in/news/one-youth-died-and-two-others-were-injured-after-a-dilapidated-wall-collapsed-in-raisen</link><category>राज्य</category><title>RAISEN NEWS : रायसेन में जर्जर दीवार बनी जानलेवा, मलबे में दबने से ग्रामीण की मौत</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायसेन&lt;/strong&gt;। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बम्हौरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडाली में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बारिश के चलते वर्षों पुरानी मिट्टी की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। जिसकी चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि 2 का इलाज अस्पताल में जारी है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 बजे के आस पास हुआ हादसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;हादसा गुरुवार देर रात करीब 10 बजे के आस पास हुआ। बताया जा रहा है कि वर्षों पुरानी जर्जर मिट्टी की दीवार के पास 3 ग्रामीण बैठे हुए थे , तभी अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। जिसकी चपेट में आने से तीनो मलबे में दब गए। जिनकी चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनो को सिलवानी सिविल अस्पताल लेकर गए। जहां सेक्टर ने एक को मृत घोषित कर दिया। जबकि 2 का इलाज अस्पताल में जारी है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने मृतक की पहचान &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;पुलिस ने मृतक की पहचान &amp;nbsp;48 वर्षीय हाकम सिंह अहिरवार के रूप में की है। जबकि इस हादसे में धन सिंह अहिरवार की कमर में गंभीर चोट आई है। उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने घायल को बेहतर उपचार के लिए रायसेन जिला अस्पताल रेफर किया है। वहीं अशोक अहिरवार के हाथ में चोट लगी है। जिसका इलाज जारी है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जर्जर दीवार लंबे समय से खतरा बनी हुई थी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर दीवार लंबे समय से खतरा बनी हुई थी, लेकिन समय रहते उसे हटाया नहीं गया। थाना प्रभारी प्रीतम सिंह राजपूत ने बताया कि जर्जर मिट्टी की दीवार गिरने से हादसा हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 19:32:09 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197701</guid><link>https://www.inhnews.in/news/lionel-messi-father-jorge-messi-death-68</link><category>खेल</category><title>Lionel Messi के सिर से उठा पिता का साया, 68 की उम्र में Jorge Messi का निधन </title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे जॉर्ज मेसी का इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से मेसी परिवार और फुटबॉल जगत में शोक की लहर है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जॉर्ज मेसी सिर्फ लियोनेल मेसी के पिता ही नहीं थे, बल्कि उनके करियर के शुरुआती दौर में सबसे मजबूत सहारा भी रहे। उन्होंने मेसी के फुटबॉलर बनने के सफर में अहम भूमिका निभाई और लंबे समय तक उनके एजेंट के तौर पर भी काम किया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मेसी के बचपन में पिता ने निभाई बड़ी भूमिका&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;लियोनेल मेसी के बचपन में उनके सामने कई चुनौतियां आईं। उन्हें ग्रोथ हार्मोन की कमी से जुड़ी समस्या के इलाज की जरूरत थी। उस समय जॉर्ज मेसी ने बेटे के इलाज और फुटबॉल करियर को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मेसी उस दौर में अर्जेंटीना के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज की युवा टीम से जुड़े हुए थे। परिवार ने उनके इलाज और भविष्य को लेकर काफी संघर्ष किया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बेटे के साथ स्पेन पहुंचे थे जॉर्ज मेसी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जब लियोनेल मेसी ने यूरोप जाकर फुटबॉल में अपना भविष्य बनाने का फैसला किया, तब उनके पिता भी उनके साथ स्पेन चले गए। कम उम्र में मेसी के सामने नई जगह और नई परिस्थितियों में खुद को साबित करने की चुनौती थी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जॉर्ज मेसी ने बेटे के साथ रहकर इस मुश्किल दौर में उनका हौसला बढ़ाया। बाद में बार्सिलोना में मेसी के करियर ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और वह दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल हो गए।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;मेसी के करियर को पर्दे के पीछे से संभाला&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जॉर्ज मेसी लंबे समय तक अपने बेटे के एजेंट रहे। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट, ट्रांसफर और करियर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला। हालांकि वह सार्वजनिक तौर पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहते थे और मीडिया से भी दूरी बनाए रखते थे।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके बावजूद मेसी के करियर में उनका प्रभाव लगातार बना रहा। परिवार के खास मौकों और बेटे से जुड़े कुछ पलों को वह कभी-कभी सोशल मीडिया के जरिए साझा करते थे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;2026 FIFA World Cup के दौरान सामने आई थी बीमारी की खबर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट्स के दौरान जॉर्ज मेसी अक्सर परिवार के साथ लियोनेल मेसी का मैच देखने पहुंचते थे। हालांकि 2026 FIFA World Cup के दौरान उनकी गैरमौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसी दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि जॉर्ज मेसी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अब उनके निधन की खबर ने मेसी परिवार के लिए बेहद भावुक समय पैदा कर दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;लियोनेल मेसी के फुटबॉल करियर की कहानी में उनके पिता का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण माना जाएगा। बचपन से लेकर विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने के सफर में जॉर्ज मेसी लगातार उनके साथ खड़े रहे।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 18:29:37 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197700</guid><link>https://www.inhnews.in/news/jpsc-exam-2025-supreme-court-cbi-inquiry-omr-controversy</link><category>देश</category><title>JPSC परीक्षा विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 2025 प्रीलिम्स रद्द कर CBI जांच की मांग</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की वर्ष 2025 की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए हरिशरण देवगन नाम के याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। याचिका में JPSC प्रारंभिक परीक्षा-2025 को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने के साथ ही पूरे मामले की CBI जांच की मांग की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिकाकर्ता ने जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध भी किया है। इसके अलावा परीक्षा से जुड़े मूल दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;OMR कार्बन कॉपी सामने आने के बाद उठा विवाद&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला 2 जुलाई को उस समय चर्चा में आया, जब एक सफल अभ्यर्थी की OMR कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। आरोप लगाया गया कि संबंधित अभ्यर्थी ने पेपर-1 में केवल 48 सवाल हल किए थे, इसके बावजूद उसे अगले चरण के लिए सफल घोषित कर दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;OMR कॉपी सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। मामले की जांच झारखंड सरकार ने CID को सौंप दी, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस जांच पर असंतोष जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र 25 जुलाई से रांची में आंदोलन कर रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट से परीक्षा दोबारा कराने की मांग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिका वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दाखिल की गई है। इसमें JPSC प्रारंभिक परीक्षा-2025 को रद्द कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ दोबारा आयोजित करने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिकाकर्ता का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है। इसी वजह से मामले की जांच राज्य एजेंसी के बजाय CBI से कराने का अनुरोध किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सेवानिवृत्त जजों की निगरानी में जांच की मांग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिका में एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी रखी गई है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज या झारखंड से बाहर के किसी हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने का अनुरोध किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिकाकर्ता ने परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग की है। इसमें OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शामिल है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;OMR से लेकर CCTV तक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिका में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को संरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। इसमें मूल OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, अभ्यर्थियों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज, प्रश्नपत्रों के डिस्पैच से जुड़े रजिस्टर, स्कैनिंग रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को भी सुरक्षित रखने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों की पहचान की मांग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिकाकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि जांच में यह पता लगाया जाए कि कथित अनियमितता में शामिल अभ्यर्थियों और बिना किसी गलती के परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की अलग-अलग पहचान संभव है या नहीं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद JPSC परीक्षा की प्रक्रिया, कथित OMR अनियमितता और जांच की निष्पक्षता को लेकर आगे की न्यायिक कार्रवाई पर सबकी नजर है। हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:07:36 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197699</guid><link>https://www.inhnews.in/news/in-chhatarpur-a-neighbor-murdered-a-woman-and-dumped-her-body-on-a-garbage-heap</link><category>राज्य</category><title>CHHATARPUR NEWS : छतरपुर में महिला की 2 टुकड़ों में मिली लाश, 4 अगस्त से थी लापता, पडोसी ने इस वजह से की हत्या </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;छतरपुर :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश के छतरपुर से हत्या का एक सनसनी खेज मामला सामने आया है। जहां एक महिला का शव पुलिस को दो टुकड़ो में &amp;nbsp;कचरे के ढेर में मिला। बताया जा रहा है कि महिला 04 अगस्त से लापता थी। जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। घटना से क्षेत्र में जहां सनसनी फ़ैल गई है। वही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लाठी मारकर महिला की हत्या&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;घटना छतरपुर जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र की है। जहां पुलिस को 40 वर्षीय रुखसाना खान का शव कचरे के ढेर में मिला। जानकारी के अनुसार, जिस दिन महिला गायब हुई उस दिन महिला अपने पडोसी के साथ बैठकर दारू पी रही थी। नशा ज्यादा होने के चलते महिला पडोसी के साथ गली गलौज करने लगी। जिससे नाराज पडोसी ने महिला की लाठी मारकर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके दो टुकड़े कर कचरे में फेंक दिया।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अंधरे में दो टुकड़े कर कचरे के ढेर में फेका शव&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;पुलिस ने आरोपी की पहचान बुद्ध अहिरवार के रूप में की है। जो की मृतक महिला के पति का दोस्त था। आरोपी ने बताया कि महिला उसके घर शराब पीने आई थी और गाली गलौज कर रही थी। जिसके चलते उसने उसकी हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगाने के लिए रात के अंधरे में दो टुकड़े कर कचरे के ढेर में फेक दिया। मामला सूरजपुरा रोड गांव का है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;05 अगस्त को मिले थे महिला के शव के टुकड़े &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बुद्ध अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है।&amp;nbsp;बता दे कि 05 अगस्त को महिला के शव के टुकड़े कचरे में मिले थे। जबकि 04 अगस्त से महिला लापता थी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:02:07 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197698</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cg-teacher-transfer-list-2026-700-transfer-400-hold</link><category>राज्य</category><title>शिक्षक तबादला सूची आई सामने: 700 शिक्षकों को नई जगह मिली पोस्टिंग, 400 पर फैसला बाकी</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने अहम अपडेट जारी किया है। विभागीय जांच और कई चरणों की समीक्षा के बाद करीब 700 शिक्षकों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं। वहीं करीब 400 नामों को अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन मामलों को निर्धारित नियमों और स्कूलों की जरूरतों के आधार पर रोका गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान यह ध्यान रखा कि शिक्षकों के तबादले का असर स्कूलों की पढ़ाई और विद्यार्थियों की शैक्षणिक व्यवस्था पर न पड़े। इसी वजह से प्रारंभिक सूची में शामिल सभी नामों को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;1600 नामों से शुरू हुई थी तबादला प्रक्रिया&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए तैयार की गई शुरुआती सूची में करीब 1,600 नाम शामिल थे। इसके बाद विभाग ने सभी मामलों की समीक्षा शुरू की। स्कूलों में उपलब्ध पद, छात्र संख्या, शिक्षक-छात्र अनुपात और अन्य निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए सूची में बदलाव किया गया। जांच के बाद करीब 1,000 नामों की संशोधित सूची तैयार हुई। अंतिम परीक्षण में करीब 400 प्रकरणों को रोक दिया गया, जबकि लगभग 700 शिक्षकों के स्थानांतरण को मंजूरी देते हुए आदेश जारी किए गए।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन मामलों में रोका गया तबादला?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;शिक्षा विभाग ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता नहीं दी, जिनसे संबंधित विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना थी। खासतौर पर एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के तबादले पर रोक रखी गई। इसके अलावा ऐसे शिक्षकों के मामलों को भी अंतिम सूची से बाहर किया गया, जिनके स्थानांतरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी हो सकती थी। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में पदस्थ शिक्षक और अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के कुछ प्रकरणों का भी परीक्षण किया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;विद्यार्थियों की पढ़ाई को रखा गया सबसे ऊपर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभाग का मुख्य उद्देश्य तबादले की प्रक्रिया के साथ स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को बनाए रखना रहा। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करते हुए यह देखा कि संबंधित शिक्षक के जाने के बाद स्कूल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध रहेगा या नहीं।विभिन्न स्तरों से मिली अनुशंसाओं और शिक्षकों के आवेदनों के आधार पर तैयार प्रस्तावों की विभागीय जांच की गई। इसके बाद पात्र मामलों को अंतिम स्वीकृति दी गई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;आगे ऑनलाइन हो सकती है शिक्षक ट्रांसफर प्रक्रिया&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मौजूदा तबादला प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग भविष्य में शिक्षकों के स्थानांतरण को ऑनलाइन करने की दिशा में भी विचार कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में शिक्षक निर्धारित पोर्टल के जरिए खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन सिस्टम लागू होने पर आवेदन, दस्तावेज सत्यापन, प्रकरण की स्थिति और विभागीय कार्रवाई की निगरानी डिजिटल तरीके से की जा सकेगी। इससे पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;दूसरे राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम को लागू करने से पहले शिक्षा विभाग दूसरे राज्यों में चल रही व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल करीब 700 शिक्षकों के तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित शिक्षकों को नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा। वहीं जिन करीब 400 नामों को रोका गया है, उनके मामलों को लेकर आगे विभागीय स्तर पर क्या निर्णय होता है, इस पर नजर बनी हुई है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 16:11:18 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197697</guid><link>https://www.inhnews.in/news/heavy-rain-alert-for-rewa-satna-and-panna-in-mp</link><category>राज्य</category><title>MP Weather:  MP के रीवा-सतना-पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट, 52 जिलों में में होंगी बूंदाबांदी, जानें आपके शहर का हाल </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून की गतिविधियां तेज होने जा रही है। जिसके चलते प्रदेश के 52 जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार है। तो वही पन्ना, सतना और रीवा में अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। इन जिलों में करीब 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा, जिसमें आज पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. रीवा, सतना, पन्ना, शहडोल, उमरिया, मंडला, डिंडोरी, कटनी और जबलपुर जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिमी हिस्से में भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन, देवास, धार, उज्जैन, रतलाम और नर्मदापुरम में भी बारिश हो सकती है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सामान्य बारिश की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 16.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, यह आंकड़ा सामान्य बारिश की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का सिस्टम सक्रिय रहने पर इस कमी में कुछ सुधार हो सकता है। भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 15:30:02 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197696</guid><link>https://www.inhnews.in/news/cgpsc-2021-selected-candidates-supreme-court-relief</link><category>राज्य</category><title>CGPSC 2021: चयनित अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, CBI जांच में दागी नहीं तो मिलेगी सशर्त नियुक्ति</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2021 के चयनित अभ्यर्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा गया है, जिसमें CBI जांच के दौरान किसी तरह की प्रतिकूल सामग्री नहीं मिलने वाले चयनित अभ्यर्थियों को सशर्त नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है, जो चयनित होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की जांच के कारण नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;171 पदों के लिए हुई थी CGPSC भर्ती&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;CGPSC ने वर्ष 2021 में राज्य सेवा परीक्षा के जरिए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार, जेल अधीक्षक सहित अलग-अलग विभागों में कुल 171 पदों पर भर्ती निकाली थी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 मई 2023 को अंतिम चयन सूची जारी की गई थी। हालांकि, इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगने से चयनित उम्मीदवारों की नियुक्तियां विवाद में फंस गईं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद शुरू हुई CBI जांच&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;चयन सूची सामने आने के बाद भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;याचिका में आरोप लगाया गया था कि कुछ प्रभावशाली लोगों, अधिकारियों और PSC से जुड़े व्यक्तियों के करीबी अभ्यर्थियों को कथित तौर पर लाभ पहुंचाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की सिफारिश पर जांच CBI को सौंप दी गई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;CBI जांच के कारण अटक गईं कई नियुक्तियां&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;CBI जांच शुरू होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई। कुछ विभागों में नियुक्तियां हुईं, लेकिन डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे पदों पर चयनित कई उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं मिल सकी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नियुक्ति में देरी के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों राणा विजय, अमित कुमार भारद्वाज, प्रज्ञा नायक सहित अन्य ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;हाई कोर्ट ने कहा- पूरी मेरिट लिस्ट को दोषी नहीं माना जा सकता&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने CBI की जांच की प्रगति रिपोर्ट पर भी विचार किया। सामने आया कि जांच एजेंसी ने चयन सूची में शामिल सभी उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है, बल्कि कुछ सीमित अभ्यर्थियों के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसी आधार पर हाई कोर्ट ने माना कि जिन चयनित उम्मीदवारों के खिलाफ कोई ठोस प्रतिकूल सामग्री नहीं मिली है, उन्हें केवल पूरी भर्ती प्रक्रिया पर लगे आरोपों के कारण नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सिंगल बेंच ने ऐसे अभ्यर्थियों को 60 दिनों के भीतर सशर्त नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। साथ ही नियुक्ति पत्र में यह शर्त रखने को कहा गया था कि यदि भविष्य में CBI जांच के दौरान किसी उम्मीदवार के खिलाफ प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;डिवीजन बेंच ने भी बरकरार रखा था आदेश&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दाखिल की थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील खारिज करते हुए सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके बाद राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका यानी SLP दाखिल की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की SLP की खारिज&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष हुई। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की ओर से हुई देरी को माफ करने के बाद मामले पर सुनवाई की।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए राज्य सरकार की SLP खारिज कर दी। इस फैसले के साथ ही CBI जांच के दायरे से बाहर रहे चयनित अभ्यर्थियों के लिए सशर्त नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन अभ्यर्थियों को मिलेगा फायदा?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लाभ उन चयनित अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिनके खिलाफ CBI की जांच में फिलहाल कोई प्रतिकूल तथ्य सामने नहीं आया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति पूरी तरह बिना शर्त नहीं होगी। भविष्य में जांच के दौरान यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित अभ्यर्थी की सेवा पर कार्रवाई की जा सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस फैसले से CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे कई चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 15:18:57 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197695</guid><link>https://www.inhnews.in/news/students-took-to-the-streets-to-protest-against-the-bus-fare-hike</link><category>राज्य</category><title>VIDISHA NEWS : बस किराया बढ़ने से बढ़ी परेशानी, स्कूल जाने वाले बच्चों ने सड़क पर किया प्रदर्शन</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सिरोंज: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश सहित देशभर में बढ़ती महंगाई ने आम जनता का हाल बेहाल कर दिया है। राशन से लेकर बिजली और अब बसों का किराया बढ़ने से लोगों का गुस्सा सातवे आसमान पर पहुंच गया है। इसी के चलते आज विदिशा ज़िले के सिरोंज में किराया वृद्धि को लेकर स्कूली बच्चे सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही न्यूनतम बस किराया पहले जैसे करने की मांग की।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बस चलाओ और हमारी पढ़ाई बचाओ&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मामला सिरोंज तहसील के गेहूंखेड़ी गांव का है। जहां किराया वृद्धि के विरोध में स्कूली बच्चे सड़क पर उतर आए और बस के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही किराया कम करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि पुराने किराए पर बस चलाओ और हमारी पढ़ाई बचाओ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि किराया वृद्धि के चलते जबसे ज्यादा परेशानी रोज उप डाउन करने वाले यात्री और स्कूली बच्चो को हो रही है। बच्चों का कहना है कि पहले न्यूनतम बस किराया 5 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। आसपास के गांवों से स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 मिनट बाद बच्चों ने प्रदर्शन किया समाप्त&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;करीब 10 मिनट तक किये प्रदर्शन के बाद बस चालक और कंडक्टर ने उन्हें समझाया कि किराए में बदलाव सरकारी आदेश के तहत किया गया है। इसी दौरान बस संचालक नरेंद्र सोनी ने बच्चों की समस्या सुनी और राहत देने का फैसला किया। उन्होंने स्कूल जाने वाले बच्चों से पुराना किराया ही लेने की घोषणा की। आश्वासन मिलने के बाद बच्चों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 15:05:53 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197694</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhattisgarh-24-dfo-transfer-forest-department-major</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में 24 DFO बदले, वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; कई वन मंडलों की कमान नई टीम के हाथ</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ के वन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने 24 डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग वन मंडलों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। DFO स्तर पर हुए इस बदलाव से कई वन मंडलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल गया है। लंबे समय से एक ही जगह पर जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ अधिकारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कई वन मंडलों में बदली कमान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकार के तबादला आदेश के बाद प्रदेश के अलग-अलग वन मंडलों में DFO की जिम्मेदारियां बदलेंगी। नई पदस्थापना पाने वाले अधिकारियों को संबंधित वन मंडल में पहुंचकर विभागीय कामकाज की कमान संभालनी होगी। वन मंडल स्तर पर DFO की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। वन संरक्षण, विभागीय योजनाओं का संचालन, वन अपराधों पर नियंत्रण और मैदानी अमले के कामकाज की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां भी इसी स्तर पर होती हैं।&lt;/p&gt;

&lt;figure&gt;&lt;img alt="  DD" height="506" loading="lazy" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/WhatsA_2026_08_08_024613.jpeg" title="  DD" width="960" /&gt;&lt;/figure&gt;

&lt;figure&gt;&lt;img alt="DD" height="506" loading="lazy" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/WhatsA_2026_08_08_024631.jpeg" title="DD" width="960" /&gt;&lt;/figure&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;वन संरक्षण और प्रशासनिक कामकाज पर रहेगा फोकस&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;DFO के तबादले के बाद वन विभाग के मैदानी कामकाज में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में वन संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने के साथ विभागीय योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी। सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को विभागीय व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;नई पोस्टिंग पर जल्द संभालेंगे जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नई जगह कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके साथ ही वन मंडलों में प्रशासनिक कामकाज का नया दौर शुरू होगा। फिलहाल इस फेरबदल के बाद विभागीय स्तर पर नई जिम्मेदारियों के अनुसार कामकाज को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 14:56:12 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197693</guid><link>https://www.inhnews.in/news/suspicious-death-of-a-13-year-old-schoolgirl-in-the-capital</link><category>राज्य</category><title>BHOPAL NEWS : राजधानी में 13 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत, नस कटी, शरीर पर चोट के निशान, फंदे पर लटका मिला शव </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल :&lt;/strong&gt; मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस वक़्त हड़कप मच गया जब एक 13 साल की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश उसके ही घर के पास मिली। छात्रा शुक्रवार सुबह स्कूल जाने का कहकर घर से निकली थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। इतना ही नहीं छात्रा के शरीर पर गहरे चोट के निशान है। साथ ही हाथों की नस भी कटी हुई मिली। जिससे मामला और भी संगीन हो गया है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुबह 10:40 को घर से निकली थी छात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे खाना खाकर स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। जब वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने रात करीब 8:00 बजे एमपी नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थे कि शुक्रवार शाम करीब 6:38 बजे घर के ठीक बगल में स्थित सरकारी क्वार्टर के एक कमरे में किशोरी का शव फंदे से लटकता मिला।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इंग्लिश में लिखा मिला सुसाइड नोट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;पुलिस को मौके पर इंग्लिश में लिखा हुआ एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसके आधार पर आगे की जांच &amp;nbsp;की जा रही है। एमपी नगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। साथ ही मृतका के परिजनों, दोस्तों, स्कूल के सहपाठियों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। ताकि कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस को मिले सबूतों के अनुसार मामला हत्या का लगा रहा है न कि आत्मत्या का।&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 14:20:42 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197692</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bastar-nilegondi-12-tribals-return-to-sanatan-dharma</link><category>राज्य</category><title>बस्तर में 12 ग्रामीणों की ‘घर वापसी’, ईसाई धर्म छोड़कर सनातन परंपरा में लौटे</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में 12 ग्रामीणों के सनातन धर्म में लौटने का मामला सामने आया है। दरभा ब्लॉक के बोदेनार पंचायत के नीलेगोंदी गांव में ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर अपने मूल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने की घोषणा की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुई पूजा-अर्चना&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के अनुसार, नीलेगोंदी गांव के 12 ग्रामीण कुछ वर्ष पहले ईसाई धर्म में शामिल हुए थे। अब उन्होंने अपनी पारंपरिक मान्यताओं और सांस्कृतिक पहचान से दोबारा जुड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद गांव में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस दौरान माटी पुजारी, पेरमा, कोटवार और पटेल सहित गांव के अन्य प्रमुख लोगों की मौजूदगी में पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कराया गया। पूजा-अनुष्ठान के बाद ग्रामीणों ने सनातन परंपरा को अपनाने की बात कही।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;संस्कृति और परंपरा से जुड़ने की बात&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घर वापसी के दौरान ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय संस्कृति, रीति-रिवाजों और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं से जुड़े रहने की बात कही। कार्यक्रम के बाद गांव में लोगों ने एक-दूसरे को बधाई भी दी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बस्तर अपनी आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है। ऐसे में नीलेगोंदी में हुई यह घर वापसी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बस्तर में धर्म परिवर्तन और घर वापसी का मुद्दा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बस्तर क्षेत्र में धर्म परिवर्तन और घर वापसी का मुद्दा समय-समय पर सामने आता रहा है। हालांकि, किसी भी धर्म से जुड़े बदलाव को लेकर स्थानीय परिस्थितियों और संबंधित लोगों के व्यक्तिगत निर्णय को समझना महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नीलेगोंदी में 12 ग्रामीणों की सनातन परंपरा में वापसी को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल, इस मामले में किसी तरह के विवाद या दबाव की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 14:08:39 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197691</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhattisgarh-rural-employment-scheme-peak-agriculture</link><category>राज्य</category><title>खेती के पीक सीजन में रोजगार गारंटी के काम पर रोक, सरकार ने जारी किया नया आदेश</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ में खरीफ और रबी फसलों की बुआई-कटाई के दौरान ग्रामीण रोजगार योजना के तहत होने वाले कार्यों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 3 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी कर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में पीक एग्रीकल्चरल सीजन तय कर दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इन अधिसूचित अवधियों में &amp;lsquo;विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)&amp;rsquo; के तहत नए कार्यों को न तो शुरू किया जाएगा और न ही उन्हें स्वीकृति दी जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;1 जुलाई से लागू है नई ग्रामीण रोजगार योजना&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी है। यह व्यवस्था वर्ष 2025 में पारित कानून के तहत मनरेगा की जगह लागू की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य सरकार ने इसी नई व्यवस्था के प्रावधानों के तहत कृषि के व्यस्त समय को चिह्नित करते हुए काम बंद रखने का कैलेंडर जारी किया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जुलाई की बुआई अवधि को क्यों नहीं किया शामिल?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अधिसूचना में बताया गया है कि नई योजना 1 जुलाई से लागू हुई, जबकि खरीफ फसलों की बुआई का शुरुआती पीक पीरियड 1 से 15 जुलाई तक था। यह अवधि अधिसूचना जारी होने से पहले ही निकल चुकी थी।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसी वजह से जुलाई की इस अवधि को प्रतिबंधित कृषि मौसम की सूची में शामिल नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकार ने कार्यक्रम अधिकारियों, जिला कार्यक्रम समन्वयकों और योजना लागू करने वाली सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अधिसूचित पीक सीजन के दौरान किसी भी ग्राम पंचायत में योजना के तहत नया काम शुरू न किया जाए।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके अलावा विकसित ग्राम पंचायत योजना और वार्षिक श्रम मांग तैयार करते समय भी प्रस्तावित कार्यों की तारीख प्रतिबंधित अवधि से बाहर रखने को कहा गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;छत्तीसगढ़ में इन तारीखों पर नहीं शुरू होंगे नए काम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;राज्य के तीन कृषि-जलवायु क्षेत्रों में कृषि कार्यों के चरम समय को ध्यान में रखते हुए प्रमुख प्रतिबंधित अवधि इस प्रकार निर्धारित की गई है:&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खरीफ फसलों की कटाई: 1 नवंबर से 15 नवंबर&lt;br /&gt;
रबी फसलों की बुआई: 16 नवंबर से 30 नवंबर&lt;br /&gt;
रबी फसलों की कटाई: 16 मार्च से 30 मार्च&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इन अवधियों में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत कोई नया काम शुरू या स्वीकृत नहीं किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन क्षेत्रों पर लागू होगा नियम?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए लागू होगी। इनमें छत्तीसगढ़ मैदानी क्षेत्र के 20 जिले, बस्तर पठार के 7 जिले और सरगुजा उत्तरी क्षेत्र के 6 जिले शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अलग-अलग क्षेत्रों में खेती के पैटर्न और फसलों को ध्यान में रखते हुए कृषि मौसम निर्धारित किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन फसलों को ध्यान में रखकर बना कैलेंडर?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कृषि सीजन तय करते समय राज्य में उगाई जाने वाली प्रमुख खरीफ और रबी फसलों को आधार बनाया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मैदानी क्षेत्रों में धान, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन जैसी खरीफ फसलों के साथ गेहूं, चना, सरसों, अलसी और सब्जियों को ध्यान में रखा गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वहीं बस्तर क्षेत्र में कोदो, कुटकी और रागी जैसी पारंपरिक फसलों को भी कृषि कैलेंडर में शामिल किया गया है। सरगुजा क्षेत्र के लिए स्थानीय फसल चक्र और खेती के पैटर्न को आधार बनाया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किन भुगतानों पर नहीं होगी रोक?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पीक सीजन में नए रोजगार कार्यों पर रोक रहेगी, लेकिन कुछ जरूरी भुगतान जारी रहेंगे। इनमें बेरोजगारी भत्ता, मजदूरी में देरी पर देय क्षतिपूर्ति, प्रशासनिक खर्च और योजना संचालन से जुड़े भुगतान शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वहीं प्राकृतिक आपदा या अन्य असाधारण परिस्थितियों में राज्य सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार प्रतिबंधित अवधि में छूट देने का निर्णय ले सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किसानों को क्या फायदा, मजदूरों पर क्या असर?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सरकार का मानना है कि बुआई और कटाई के दौरान खेतों में मजदूरों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। ऐसे समय में ग्रामीण रोजगार योजना के काम चलने से कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई व्यवस्था का उद्देश्य कृषि कार्य और ग्रामीण रोजगार योजना के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। हालांकि, प्रतिबंधित अवधि के बाहर ग्रामीण परिवारों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराना भी अहम होगा, ताकि उनकी आय पर प्रतिकूल असर न पड़े।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 13:40:22 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197690</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhattisgarh-religious-comment-controversy</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में धार्मिक टिप्पणी पर सियासत गरम, अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद BJP-कांग्रेस आमने-सामने</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;भगवान शिव और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस ने मामले में अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;BJP ने पुलिस से की दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर डीसीपी तारकेश्वर पटेल को ज्ञापन सौंपा था। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय सहित अन्य नेताओं ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अजय चंद्राकर ने धर्मांतरण से जोड़ा मामला&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इस मामले को धर्मांतरण के मुद्दे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने अरुण पन्नालाल पर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए और मामले की विस्तृत जांच की मांग की। चंद्राकर ने कथित फंडिंग के स्रोत और विदेशी फंडिंग की संभावनाओं की भी जांच किए जाने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कांग्रेस ने BJP और RSS पर लगाए आरोप&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वहीं, अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि बजरंग दल और RSS से जुड़े लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी गतिविधियों की निंदा करती है और सरकार को पूरे मामले पर आत्ममंथन करना चाहिए। शुक्ला ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के नाम पर लोगों को कथित तौर पर उकसाए जाने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने सभी धर्मों और संत-महात्माओं के सम्मान की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि देश सभी लोगों का है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;गिरफ्तारी के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सोशल मीडिया पर कथित धार्मिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। भाजपा मामले को धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है, जबकि कांग्रेस गिरफ्तारी और सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए राजनीतिक आरोपों और सोशल मीडिया टिप्पणियों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 13:07:43 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197689</guid><link>https://www.inhnews.in/news/recruitment-for-206-posts-at-bank-of-baroda</link><category>जॉब अलर्ट</category><title>BOB Vacancy 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने SO सहित विभिन पदों पर निकाली भर्ती, 26 अगस्त से पहले करें आवेदन, देखें डिटेल </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bank of Baroda Recruitment 2026:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 206 पदों पर भर्ती निकाली है। जिसके लिए आवेदन 26 अगस्त 2026 तक जारी &amp;nbsp;रहेंगे। कैंडिडेट्स जो भी इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते है वो &amp;nbsp;आधिकारिक पोर्टल bankofbaroda.bank.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;ये भर्ती डिजिटल बैंकिंग, फैसिलिटी मैनेजमेंट (सिविल व इलेक्ट्रिकल), इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी, डेटा मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट व टैक्स प्लानिंग तथा सिक्योरिटी विभाग में मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर और टेक्निकल मैनेजर के पदों पर की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट पर विजिट करे।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 13:05:18 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197688</guid><link>https://www.inhnews.in/news/spider-man-brand-new-day-box-office-border-2-dhurandhar-2</link><category>मनोरंजन</category><title>Spider-Man Brand New Day Box Office: 9वें दिन भी छाया टॉम हॉलैंड का जादू, ‘बॉर्डर 2’ का रिकॉर्ड टूटा</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;strong&gt;Spider-Man Brand New Day Box Office Collection:&lt;/strong&gt; टॉम हॉलैंड की फिल्म &amp;lsquo;स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे&amp;rsquo; भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। फिल्म ने दूसरे हफ्ते में भी कमाई की रफ्तार बनाए रखी है। 9वें दिन के शुरुआती आंकड़ों के बाद फिल्म ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मार्वल के इस सुपरहीरो ने महज 9 दिनों में सनी देओल की &amp;lsquo;बॉर्डर 2&amp;rsquo; की लाइफटाइम कमाई को पीछे छोड़ दिया है। अब फिल्म की नजर भारतीय बॉक्स ऑफिस की बड़ी ब्लॉकबस्टर &amp;lsquo;धुरंधर 2&amp;rsquo; पर है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;9वें दिन भी जारी रही कमाई की रफ्तार&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सैकनिल्क के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, &amp;lsquo;स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे&amp;rsquo; ने रिलीज के 9वें दिन भारत में करीब 14.50 करोड़ रुपये नेट का कलेक्शन किया। इस कमाई के साथ फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन लगभग 349.25 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 417.63 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यानी फिल्म अब भारत में 350 करोड़ रुपये नेट क्लब में शामिल होने से बेहद करीब है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;lsquo;बॉर्डर 2&amp;rsquo; का रिकॉर्ड हुआ पीछे&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;lsquo;स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे&amp;rsquo; के लिए 9वां दिन खास रहा। फिल्म ने इसी दिन सनी देओल की &amp;lsquo;बॉर्डर 2&amp;rsquo; के लाइफटाइम इंडिया नेट कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। &amp;lsquo;बॉर्डर 2&amp;rsquo; ने भारत में करीब 329.43 करोड़ रुपये का लाइफटाइम नेट कलेक्शन किया था। वहीं &amp;lsquo;स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे&amp;rsquo; 9 दिनों में ही लगभग 349.25 करोड़ रुपये कमा चुकी है। इस तरह हॉलीवुड की इस फिल्म ने बॉलीवुड की एक बड़ी हिट को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इंग्लिश वर्जन सबसे आगे&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भारत में फिल्म को सबसे ज्यादा फायदा इसके अंग्रेजी वर्जन से मिला है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, अंग्रेजी वर्जन ने करीब 191.35 करोड़ रुपये नेट का कारोबार किया है। वहीं हिंदी डब वर्जन से फिल्म को लगभग 124.40 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ वर्जन ने भी फिल्म के कुल कलेक्शन में योगदान दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;क्या &amp;lsquo;धुरंधर 2&amp;rsquo; को दे पाएगी टक्कर?&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;lsquo;बॉर्डर 2&amp;rsquo; को पछाड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या टॉम हॉलैंड की फिल्म &amp;lsquo;धुरंधर 2&amp;rsquo; के कलेक्शन के करीब पहुंच पाएगी? &amp;lsquo;धुरंधर 2&amp;rsquo; का लाइफटाइम कलेक्शन करीब 1149.30 करोड़ रुपये बताया गया है। दोनों फिल्मों के आंकड़ों में अभी काफी बड़ा अंतर है। इसलिए &amp;lsquo;स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे&amp;rsquo; के लिए इस आंकड़े तक पहुंचना आसान नहीं होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;फिलहाल फिल्म जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उससे इतना जरूर साफ है कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इसका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। अब देखना होगा कि दूसरे हफ्ते के अंत तक टॉम हॉलैंड की फिल्म कितने करोड़ का आंकड़ा पार करती है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 12:22:32 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197687</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mp-forest-personnel-firing-rule-magisterial-inquiry-before-fir</link><category>राज्य</category><title>MP में वनकर्मियों की फायरिंग पर बदले नियम, सीधे FIR नहीं; पहले होगी मजिस्ट्रियल जांच</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;भोपाल: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान हथियार चलाने वाले वन विभाग के कर्मचारियों को लेकर सरकार ने नई प्रक्रिया अपनाई है। अब किसी वनकर्मी द्वारा ड्यूटी के दौरान गोली चलाने की घटना सामने आने पर सीधे FIR दर्ज करने के बजाय पहले मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। जांच में यह तय किया जाएगा कि हथियार का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया और फायरिंग नियमों के तहत जरूरी थी या नहीं। मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पहले जांच, फिर तय होगी FIR&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई व्यवस्था के तहत फायरिंग की हर घटना को एक ही नजरिए से नहीं देखा जाएगा। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि वनकर्मी किस परिस्थिति में था, उसके सामने क्या स्थिति थी और क्या हथियार चलाना आवश्यक था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;यदि जांच में फायरिंग को परिस्थितियों के अनुरूप और नियमों के तहत उचित पाया जाता है, तो केवल गोली चलाने के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि वनकर्मियों को हथियार इस्तेमाल करने की खुली छूट मिल गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;गलत फायरिंग मिली तो होगी आपराधिक कार्रवाई&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;यदि मजिस्ट्रियल जांच में सामने आता है कि वनकर्मी ने अनावश्यक, अनुचित या नियमों के विपरीत गोली चलाई, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। यानी नई प्रक्रिया में वनकर्मियों के ड्यूटी के दौरान लिए गए फैसले की परिस्थितियों की जांच पहले होगी, लेकिन गलत तरीके से हथियार चलाने पर जवाबदेही से राहत नहीं मिलेगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और BNSS के तहत प्रक्रिया&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वनकर्मियों द्वारा हथियार इस्तेमाल किए जाने से जुड़े मामलों में अपनाई जा रही यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के अनुरूप बताई जा रही है। मजिस्ट्रियल जांच में घटना की परिस्थितियों, फायरिंग की आवश्यकता, वनकर्मी की भूमिका और कार्रवाई की वैधता जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि आपराधिक केस की जरूरत है या नहीं।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;जंगलों में किन परिस्थितियों में हथियार चलाते हैं वनकर्मी?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वन क्षेत्रों में तस्करी, अवैध शिकार, अतिक्रमण और अन्य वन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन अमले को कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में हथियारों का इस्तेमाल भी करना पड़ सकता है। सरकार की नई व्यवस्था का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान परिस्थितियों के अनुसार लिए गए फैसलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;वनकर्मियों को राहत के साथ जवाबदेही भी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;नई प्रक्रिया को एक तरफ वनकर्मियों के लिए कानूनी सुरक्षा की व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट है कि हथियार के गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा। यानी फायरिंग हुई तो सीधे FIR नहीं, पहले जांच होगी; लेकिन जांच में गलती साबित हुई तो आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 12:02:11 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197686</guid><link>https://www.inhnews.in/news/bastar-farmer-fraud-24-lakh-maize-payment-34-farmers</link><category>राज्य</category><title>बस्तर में 34 किसानों से 24 लाख की मक्का खरीदी, भुगतान नहीं किया; कारोबारी गिरफ्तार</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;बस्तर: &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में किसानों से मक्का खरीदने के बाद कथित तौर पर भुगतान नहीं करने का मामला सामने आया है। भानपुरी थाना क्षेत्र के चेराकूर, कुंगारपाल और खड़गा गांव के 34 किसानों ने एक कारोबारी पर उनकी फसल की करीब 24 लाख रुपये की रकम नहीं चुकाने का आरोप लगाया है। किसानों की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कारोबारी सहदेव मंडावी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;34 किसानों से खरीदा गया था मक्का&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में सहदेव मंडावी ने क्षेत्र के किसानों से बड़ी मात्रा में मक्का खरीदा था। किसानों की फसल की कुल कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई जा रही है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;किसानों का आरोप है कि मक्का सौंपने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया गया। शुरुआत में कारोबारी ने जल्द रकम देने की बात कही, लेकिन समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;कई महीने इंतजार करने के बाद किसानों ने मामले की शिकायत पुलिस से की।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कोंडागांव में आयुष एग्रोटेक फर्म चलाने का दावा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सहदेव मंडावी कोंडागांव जिले के पल्लारी में &amp;lsquo;आयुष एग्रोटेक&amp;rsquo; नाम से फर्म संचालित करता है। इसी फर्म के माध्यम से किसानों से मक्का खरीदी का सौदा किए जाने की जानकारी सामने आई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;किसानों के मुताबिक, फसल की डिलीवरी के बाद भुगतान को लेकर लगातार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत की रकम नहीं मिल सकी।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसानों ने भानपुरी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;किसानों के भुगतान को लेकर उठे सवाल&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मक्का खरीदी से जुड़े इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में किसानों और निजी कारोबारियों के बीच होने वाले फसल सौदों में भुगतान व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;किसानों का कहना है कि फसल बेचने के बाद समय पर भुगतान नहीं मिलने से खेती से जुड़े खर्च और घरेलू जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। फिलहाल पुलिस मामले में खरीदी, भुगतान और कारोबारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:58:33 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197685</guid><link>https://www.inhnews.in/news/raipur-pds-rice-scam-1225-quintal-rice-missing-fir</link><category>राज्य</category><title>रायपुर में PDS चावल की बड़ी गड़बड़ी! रिकॉर्ड में 1225 क्विंटल, दुकान से गायब मिला स्टॉक; FIR दर्ज</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की एक उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर चावल की कमी का मामला सामने आया है। मंदिर हसौद क्षेत्र के सेरीखेड़ी गांव की राशन दुकान में जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला। खाद्य विभाग के अनुसार कुल 1225 क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिला, जिसकी कीमत करीब 50 लाख 9 हजार 956 रुपये आंकी गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले में विभाग की शिकायत पर मंदिर हसौद पुलिस ने संबंधित महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और दो विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब रिकॉर्ड, खाद्यान्न वितरण और कथित वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;रिकॉर्ड में हजारों क्विंटल चावल, मौके पर स्टॉक बेहद कम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खाद्य विभाग के मुताबिक, सेरीखेड़ी की उचित मूल्य दुकान आईडी 4420001044 से संचालित हो रही थी। इसका संचालन श्रीराधा मोहन महिला स्वयं सहायता समूह के पास था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक में 1012.42 क्विंटल चावल दर्ज पाया गया। इसके अलावा नमक और शक्कर का स्टॉक भी रिकॉर्ड में दर्ज था। लेकिन जब अधिकारियों ने दुकान में मौजूद खाद्यान्न का वास्तविक सत्यापन किया तो चावल की मात्रा महज 35 क्विंटल मिली।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस सत्यापन के बाद ही रिकॉर्ड में दर्ज चावल और मौके पर उपलब्ध चावल के बीच बड़ा अंतर सामने आया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;पहले नोटिस, फिर दोबारा जांच में बढ़ी कमी&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खाद्य विभाग ने स्टॉक में कमी मिलने के बाद दुकान संचालक को 3 नवंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही दुकान को निलंबित कर अस्थायी व्यवस्था के तहत दूसरी समिति से संबद्ध कर दिया गया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बाद में 23 नवंबर 2025 को दुकान का दोबारा भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान दुकान में चावल का स्टॉक नहीं मिला, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1186.25 क्विंटल चावल उपलब्ध दिखाया जा रहा था।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभाग ने ऑफलाइन वितरण, मध्यान्ह भोजन और अन्य रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न को भी जांच में शामिल किया। इन सभी को मिलाकर चावल की कुल कमी 1225 क्विंटल बताई गई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;ऑफलाइन वितरण और राशन कार्ड एंट्री भी जांच के घेरे में&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जांच रिपोर्ट में कुछ खाद्यान्न के ऑफलाइन वितरण का भी उल्लेख है। इसमें कल्याणकारी संस्था के लिए 8.25 क्विंटल चावल, अक्टूबर-नवंबर के मध्यान्ह भोजन के लिए 12 क्विंटल चावल और कुछ राशन कार्डों में कथित फर्जी एंट्री से संबंधित करीब 18.50 क्विंटल खाद्यान्न शामिल बताया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;खाद्य विभाग अब यह जांच कर रहा है कि रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न वास्तव में कहां गया और वितरण व्यवस्था में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;50 लाख से ज्यादा की राशि की रिकवरी प्रस्तावित&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभाग ने चावल की कीमत 4089.76 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निर्धारित की है। 1225 क्विंटल चावल के हिसाब से कुल राशि करीब 50 लाख 9 हजार 956 रुपये बनती है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;विभाग के मुताबिक संबंधित संचालक से इस राशि की वसूली की जानी थी, लेकिन नोटिस के बावजूद न तो चावल की कमी पूरी की गई और न ही निर्धारित राशि जमा कराई गई।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अध्यक्ष और दो विक्रेताओं के खिलाफ FIR&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मामले में मंदिर हसौद पुलिस ने खाद्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस अब मामले में दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन एंट्री, खाद्यान्न वितरण और संभावित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:55:42 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197684</guid><link>https://www.inhnews.in/news/kanker-snake-bite-viral-video-youth-rides-bike-with-snake-14-km</link><category>राज्य</category><title>सांप ने काटा तो उसी को गले में डाल लिया! 14 KM बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचा युवक, वीडियो वायरल</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;कांकेर:&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर इलाके से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी को भी अपनी आंखों पर यकीन करना मुश्किल हो जाए। एक युवक को सांप ने काट लिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के लिए उसने जो तरीका अपनाया, वह चर्चा का विषय बन गया। युवक ने उसी जिंदा सांप को अपने गले में डाल लिया और करीब 14 किलोमीटर तक बाइक चलाकर अस्पताल पहुंच गया।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;सांप ने काटा तो युवक ने उसे गले में डाल लिया&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;जानकारी के मुताबिक, पखांजूर क्षेत्र में रेस्क्यू के दौरान युवक को सांप ने काट लिया था। सांप के काटने के बाद युवक ने उसे पकड़ लिया और गले में डाल लिया। बताया जा रहा है कि उसका मकसद अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को सांप की पहचान कराने का था, ताकि डॉक्टरों को इलाज में मदद मिल सके।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, सांप की पहचान के लिए उठाया गया यह कदम बेहद जोखिम भरा था। जिंदा सांप को शरीर के इतने करीब रखना किसी भी स्थिति में खतरनाक हो सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;14 किलोमीटर तक गले में सांप लेकर चलाता रहा बाइक&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक बाइक चला रहा है और उसके गले में सांप लिपटा हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि युवक इसी हालत में करीब 14 किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुंचा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;वीडियो सामने आने के बाद लोग भी इस घटना को देखकर हैरान हैं। किसी के लिए यह सांप की पहचान कराने का तरीका था, तो किसी के लिए जान जोखिम में डालने वाला फैसला।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शुरू किया इलाज&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;सांप के काटने के बाद युवक अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। सांप की पहचान होने से उसके जहर की प्रकृति का अंदाजा लगाने और उपचार में मदद मिलने की बात सामने आई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक सांप के काटने की स्थिति में सांप को पकड़ने या उसके साथ अस्पताल जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे दोबारा काटे जाने का खतरा बढ़ सकता है। बेहतर है कि पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए और सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखी जाए।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;वीडियो देखकर लोगों ने पूछा- आखिर इतनी हिम्मत आई कहां से?&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। गले में सांप लपेटकर बाइक चलाते युवक को देखकर लोग हैरान हैं। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सांप के काटने के बाद लोग किस तरह की सावधानी बरतें।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;महत्वपूर्ण बात: सांप के काटने पर उसे पकड़ने या अस्पताल साथ ले जाने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। पीड़ित को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या चिकित्सा केंद्र ले जाना सबसे जरूरी है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:46:32 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197683</guid><link>https://www.inhnews.in/news/dhamtari-police-transfer-si-constable-cyber-police-station</link><category>राज्य</category><title>साइबर क्राइम पर फोकस, धमतरी पुलिस में बड़ा फेरबदल; कई कर्मचारियों का ट्रांसफर</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;धमतरी।&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक भावना पांडे ने जिले के अलग-अलग थानों, चौकियों और पुलिस शाखाओं में तैनात उपनिरीक्षक (SI) से लेकर आरक्षक स्तर तक के कर्मचारियों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;लंबे समय से एक ही जगह तैनात कर्मचारियों का तबादला&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस विभाग में किए गए इस फेरबदल के तहत कई थानों और चौकियों में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को दूसरी जगह भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य पुलिस बल की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर करना है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;तबादले के बाद संबंधित पुलिसकर्मी अपनी नई पदस्थापना वाले स्थान पर कार्यभार संभालेंगे। इससे थानों और चौकियों में पुलिस बल की उपलब्धता तथा जिम्मेदारियों का भी नए सिरे से संतुलन बनाया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;साइबर अपराध से निपटने पर खास फोकस&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस तबादला सूची की सबसे अहम बात जिले के साइबर थाना से जुड़ी है। लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों को देखते हुए नवगठित साइबर थाने में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;साइबर थाना मजबूत होने से ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और अन्य साइबर मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस विभाग का यह कदम जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;धमतरी पुलिस में किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग स्तर के पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना से थानों और चौकियों में काम का बेहतर वितरण होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;पुलिस विभाग का फोकस एक ओर जहां पारंपरिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने पर है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए संसाधनों और पुलिस बल को मजबूत किया जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;img alt="Transfer orders issued" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/2_2026_08_08_110606.jpg" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;img alt="Transfer orders issued" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/3_2026_08_08_110624.jpg" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;img alt="Transfer orders issued" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/4_2026_08_08_110642.jpg" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;img alt="Transfer orders issued" src="https://img.haribhoomi.com/uploadimage/library/free_files/jpg/5_2026_08_08_110705.jpg" /&gt;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:30:35 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197682</guid><link>https://www.inhnews.in/news/russia-oil-sanctions-2026-us-senate-india-china-tariff</link><category>दुनिया</category><title>रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका का शिकंजा, भारत-चीन पर 100% टैरिफ का खतरा</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदार देशों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। बिल के पक्ष में 86 सीनेटरों ने वोट किया, जबकि 11 ने इसका विरोध किया।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस विधेयक का नाम बदलकर &amp;#39;लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026&amp;#39; कर दिया गया है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था और उसके ऊर्जा कारोबार को समर्थन देने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;भारत और चीन समेत इन देशों पर पड़ सकता है असर&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के खिलाफ 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है, जो रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले प्रमुख देशों में चीन और भारत के अलावा अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। ऐसे में बिल के लागू होने पर इन देशों के अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध प्रभावित होने की आशंका है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है मकसद&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इस विधेयक के पीछे मुख्य उद्देश्य रूस को आर्थिक रूप से दबाव में लाना और यूक्रेन युद्ध के बीच उसकी ऊर्जा आय को सीमित करना बताया जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;बिल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, बड़े उद्योगपतियों और प्रमुख वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंधों को और मजबूत करने के प्रावधान भी शामिल हैं।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसका संदेश साफ है कि अमेरिका रूस से ऊर्जा कारोबार करने वाले देशों पर दबाव बढ़ाकर उन्हें रूस के साथ व्यापारिक संबंधों और अमेरिकी बाजार के बीच विकल्प चुनने के लिए मजबूर करना चाहता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;बिल में ईरान के खिलाफ भी सख्त प्रावधान&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;रूस के अलावा इस विधेयक में ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को भी विस्तार दिया गया है। प्रस्ताव में Iran Sanctions Act, 1996 की अवधि को बढ़ाकर 2031 तक करने का प्रावधान है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;इसके तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने या उसके साथ कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों पर प्रतिबंध और आर्थिक कार्रवाई का खतरा बना रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में होगी अगली परीक्षा&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अमेरिकी सीनेट से भारी बहुमत से पारित होने के बाद अब यह विधेयक हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा। वहां मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;हालांकि, बिल को लेकर अमेरिका में राजनीतिक मतभेद भी सामने आए हैं। कुछ डेमोक्रेट नेताओं ने चिंता जताई है कि कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने के मामले में बहुत व्यापक अधिकार दे सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अगर यह विधेयक कानून बनता है, तो रूस से तेल खरीदने वाले देशों और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। खासतौर पर भारत और चीन जैसे बड़े ऊर्जा खरीदारों के लिए यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:16:17 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197681</guid><link>https://www.inhnews.in/news/if-you-want-to-get-rid-of-glasses-try-these-remedies</link><category>फैशन/लाइफ स्टाइल</category><title>Health Tips : चश्मे से चाहते है छुटकारा, तो डाइट में शामिल करें ये चीजे, जल्द बढ़ जाएगी आखों की रौशनी </title><description>&lt;article&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Eyesight incresing tips: &lt;/strong&gt;आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में अधिकांश लोग घंटों कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के सामने बिताते हैं। लगातार स्क्रीन देखने, पर्याप्त आराम न मिलने और असंतुलित दिनचर्या के कारण आंखों में थकान, सूखापन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। जो की बढ़ती उम्र के साथ और भी आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकती है और आगे चलके लोगों को चश्मे और दवाइयों का सहारा लेना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;ऐसे में आज हम आपको आखों की रौशनी बढ़ाने के लिए कुछ नेचुरल तरीकों के बारे में बताने जा रहे है। जिन्हे इस्तिमाल करके आप जल्द से जल्द अपनी आखों की रोशनी बढ़ा सकते है। तो चलिए जानते है उन उपायों के बारे में , ,,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;एक्सरसाइज&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;आंखों की सेहत के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना भी बहुत जरूरी माना जाता है। नियमित रूप से व्यायाम करने वाले लोगों में आंखों की रोशनी काफी अच्छी होती है। व्यायाम करने से वजन भी कंट्रोल में रहता है। वजन बढ़ने के कारण टाइप टू डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है। इसलिए रोज व्यायाम करें और अपनी आंखों को स्वस्थ रखें।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सरसों का तेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;सरसों का तेल इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। पैर के तलवों पर करीब 10 मिनट तक रोजाना मालिश करके सोएं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;त्रिफला&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;त्रिफला चूर्ण आंखों की रोशनी को बढ़ाने में काफी सहायक होता है। इसके लिए आप रात में पानी में भिगोकर इसको सुबह छानकर उस पानी से आंखों को धोएं।&lt;/p&gt;
&lt;/article&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;संतरे और गाजर का जूस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आप संतरे और गाजर के जूस का सेवन भी कर सकते हैं. आप चाहें तो इनका सेवन ऐसे भी कर सकते हैं. खाने के बाद या फिर किसी भी समय 1 संतरे और गाजर का सेवन आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद &amp;nbsp;कर सकता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मेथी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मेथी का सेवन या फिर सुबह खाली पेट इसके पानी का सेवन करना भी आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए आप रात को मेथी को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गुलाब जल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;गुलाब जल त्वचा को निखारने के साथ-साथ आंखों के लिए काफी कारगर माना जाता है। गुलाब जल आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप गुलाब जल की दो तीन बूंद को हफ्ते में दो से तीन बार आंखों में डाल सकते हैं। यह आंखों के नीचे मौजूद डार्क सर्कल को साफ करने के लिए भी काफी मददगार साबित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पालक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;पालक कई ऐसे गुणों से भरपूर होती है जो हमारे पूरे स्वास्थय के लिए फायदेमंद होता है. इसमें आयरन, जिंक, विटामिन ए और ई पाया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद कर सकता है. आप पालक की सब्जी, सूप या फिर इसके जूस का सेवन भी कर सकते हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बादाम और शकरकंद&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम का सेवन करना चाहिए. वहीं शाम के समय शकरकंद खानी चाहिए. इन दोनों चीजों का सेवन आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद कर सकता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 07 Aug 2026 21:32:38 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197680</guid><link>https://www.inhnews.in/news/young-woman-hangs-herself-in-maihar-for-unknown-reasons</link><category>राज्य</category><title>Maihar  news : मैहर में अज्ञात कारणों के चलते युवती ने लगाई फांसी, फंदे पर शव लटका देख परिजनों के उड़े होश </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मैहर: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के मैहर में उस वक़्त हड़कप मच गया जब एक युवती ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। युवती का शव जब परिजनों ने फंदे से लटका देखा तो उनके होश उड़ गए और आनन फानन में उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना मैहर के ग्राम पिपरा डोलनी की है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कारण अज्ञात&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि आत्महत्या के समय मृतका खुशी सेन घर पर अकेली थी और परिजन किसी काम से बाहर गए थे। वापस लौटे तो उनकी बेटी का शव उन्हें फंदे से लटका हुआ मिला। जांच के दौरान पुलिस को मौके पर किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस वजह से कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घर में अकेली थी युवती&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;घटना की जानकारी देते हुए मृतक युवती के माता पिता ने बताया कि सुबह 11 बजे वो काम से बाहर गए थे और दोपहर 2:30 बजे जब वे वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो युवती फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कार्रवाई जारी&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;पुलिस ने केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फ़िलहाल पुलिस दोस्तों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 07 Aug 2026 21:12:46 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197679</guid><link>https://www.inhnews.in/news/a-young-man-on-a-motorcycle-died-after-being-hit-by-an-unidentified-vehicle-in-chhatarpur</link><category>राज्य</category><title>Chhatarpur news : छतरपुर में रफ़्तार का कहर, बाइक सवार युवक को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, हुई मौत </title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;छतरपुर&lt;/strong&gt; : मध्य प्रदेश के छतरपुर में सड़क हादसे का शिकार होने के चलते एक युवक की मौत हो गई। युवक बाइक से पटोरी गांव से छतरपुर की ओर जा रहा था। तभी विपरीत दिशा से आ रही अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसकी वजह से युवक की घटना स्थल पर मौत हो गई। हादसा गुरुवार रात करीब 8:30 बजे के आस पास हुआ।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय धनीराम कुशवाहा मोटरसाइकिल से अपने गांव पटोरी से छतरपुर आ रहे थे। इसी दौरान अनगौर के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। खून से लथपथ युवक को मौके पर मौजूद लोग तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हादसा गुलगंज थाना क्षेत्र के अनगौर के पास हुआ&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;एक्सीडेंट की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। वही हादसे के बाद से मौके से फरार अज्ञात वाहन की भी तलाश की जा रही है। हादसा गुलगंज थाना क्षेत्र के अनगौर के पास की है।&amp;nbsp;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 07 Aug 2026 20:50:46 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197678</guid><link>https://www.inhnews.in/news/mp-tet-will-be-held-in-september-october</link><category>राज्य</category><title>MP TET Exam:  मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा का शेड्यूल जारी, सितंबर-अक्टूबर में होगी TET</title><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल : &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) &amp;nbsp;ने एमपी टीईटी के लिए परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह परीक्षा सितंबर-अक्टूबर के बीच आयोजित होगी। जिसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। तो वही इस परीक्षा में करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही परीक्षा&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किया जा रहा है। न्यायालय के निर्देश के बाद अब कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा की तारीखों का कार्यक्रम जारी कर दिया है।&amp;nbsp;हालांकि अभी तक आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। लेकिन जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिसके जरिए अब टीचर्स को अपनी योग्यता साबित करनी होगी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ESB ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) को प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग ने परीक्षा का सिलेबस भी ईएसबी को उपलब्ध करा दिया है।&amp;nbsp;परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद शिक्षकों के बीच यह असमंजस बना हुआ है कि किन शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अभ्यर्थियों में बढ़ी हलचल &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;बता दें कि TET परीक्षा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में भी हलचल बढ़ गई है।&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 07 Aug 2026 20:29:34 +0530</pubDate></item><item><guid isPermaLink="false">197677</guid><link>https://www.inhnews.in/news/chhattisgarh-ias-transfer-2026-new-posting-order</link><category>राज्य</category><title>छत्तीसगढ़ में 5 IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना, राज्य शासन ने जारी किया आदेश</title><description>&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;span style="color:#c0392b"&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वर्ष 2020 और 2024 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में फेज-2 प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। 21 अगस्त 2026 को कार्यमुक्त होने के बाद उन्हें नए पदस्थापना स्थल पर पदस्थ किया जाएगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style="text-align:justify"&gt;इन अधिकारियों की हुई नई पोस्टिंग&lt;/h3&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;अनिकेत अशोक फडतरे (IAS 2020)&lt;br /&gt;
वर्तमान पदस्थापना: सहायक कलेक्टर, जशपुर&lt;br /&gt;
नई पदस्थापना: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मैनपुर, जिला- गरियाबंद&lt;br /&gt;
अरविंद कुमार टी. (IAS 2024)&lt;br /&gt;
वर्तमान पदस्थापना: सहायक कलेक्टर, बिलासपुर&lt;br /&gt;
नई पदस्थापना: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भटापारा, जिला- बलौदाबाजार-भाटापारा&lt;br /&gt;
अक्षय दोशी (IAS 2024)&lt;br /&gt;
वर्तमान पदस्थापना: सहायक कलेक्टर, रायगढ़&lt;br /&gt;
नई पदस्थापना: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), डोंगरगढ़, जिला- राजनांदगांव&lt;br /&gt;
क्षितिज गुरुस्के (IAS 2024)&lt;br /&gt;
वर्तमान पदस्थापना: सहायक कलेक्टर, कवर्धा&lt;br /&gt;
नई पदस्थापना: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा, जिला- रायगढ़&lt;br /&gt;
विपिन दुबे (IAS 2024)&lt;br /&gt;
वर्तमान पदस्थापना: सहायक कलेक्टर, बस्तर&lt;br /&gt;
नई पदस्थापना: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा, जिला- कोरबा&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&lt;img alt="" src="https://thebigul.com/wp-content/uploads/2026/08/Screenshot_2026-08-07-19-29-06-84_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7.jpg" /&gt;&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;21 अगस्त से संभालेंगे नई जिम्मेदारी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, सभी अधिकारी 21 अगस्त 2026 को प्रशिक्षण से कार्यमुक्त होने के बाद अपने-अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इन नियुक्तियों के साथ राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।&lt;/p&gt;

&lt;p style="text-align:justify"&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description><pubDate>Fri, 07 Aug 2026 19:49:31 +0530</pubDate></item></channel></rss>