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मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता की भस्म पर एक संख्या लिखता है, जो 94 है। यह परंपरा आम लोगों को नहीं पता होती। इसे केवल खांटी बनारसी या आसपास के क्षेत्र के लोग ही समझते हैं। बाहर से आए परिजन या शवदाह करने वाले अक्सर इसके अर्थ से अनजान रहते हैं।
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मोरक्को में मिली करीब 7.7 लाख साल पुरानी हड्डियों ने एक ऐसा राज खोला है, जिसने मानव इतिहास को ही बदल दिया है। मोरक्को के कैसाब्लांका शहर के पास वैज्ञानिकों को इंसानों के बहुत पुराने अवशेष मिले हैं।
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दरअसल, रेलवे ने कोचों की पहचान और रखरखाव के लिए यह 5 अंकों का कोड सिस्टम अपनाया है, ताकि किसी भी डिब्बे की जानकारी तुरंत हासिल की जा सके। यह कोड हर कोच के बाहर साफ-साफ लिखा होता है।
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साल 2025 के विदा होते ही लोग 2026 की योजनाओं में जुट गए हैं। नौकरीपेशा वर्ग से लेकर व्यापारी और विद्यार्थी तक, सभी को नए साल के अवकाश, व्रत और त्योहारों का बेसब्री से इंतजार रहता है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में भी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों की भरमार रहेगी। होली, दिवाली, नवरात्रि, रक्षाबंधन से लेकर एकादशी और अमावस्या तक, पूरा साल आस्था और उत्सवों से भरा रहेगा।
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मिट्टी के बर्तन में बना खाना सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। इसलिए प्राचीन काल में मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाया जाता था इसलिए लोग पहले बीमार भी कम पड़ते थे।
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सोशल मीडिया पर अक्सर विदेशी पर्यटकों के भारत अनुभवों से जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं। कुछ वीडियो में भारत की संस्कृति, खानपान और मेहमाननवाजी की तारीफ होती है...
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अगर आप ठंड के दिनों में गरम पानी से नहाते है तो आपको थकान से राहत मिलती है। साथ ही गर्म पानी आपको ठंड से बचाने में मदद भी करता है। हालांकि गर्म पानी का ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है।
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जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी की चर्चा होती रहती है, वहीं दूसरी ओर दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं, जिनकी मुद्रा के सामने रुपया कहीं ज्यादा ताकतवर नजर आता है। ऐसा ही एक देश है सूडान, जिसकी आधिकारिक मुद्रा सूडानी पाउंड के मुकाबले भारतीय रुपया कई गुना मजबूत स्थिति में है।
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सतनामी समाज के लिए 18 दिसंबर का दिन बेहद खास है। क्योकि आज ही के दिन यानि की 18 दिसंबर 1756 को छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में गुरु घासीदास बाबा जी का जन्म हुआ था।
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जब भी महंगाई या लग्जरी की बात होती है, तो जेहन में कार, बंगला या हीरे-जवाहरात आते हैं। लेकिन जापान में उगने वाला एक खास फल ऐसा भी है, जिसकी कीमत कई बार एक नई कार से ज्यादा हो जाती है। इस फल का नाम है युबारी किंग मेलन, जिसे दुनिया का सबसे महंगा फल माना जाता है।
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बोर्ड फिल्म को A, U, UA, S सर्टिफिकेट देती है। जिसके आधार पर ही दर्शक फिल्म को थ्रेटर में देख पाते है। यह सर्टिफिकेट अक्सर फिल्म के शुरू होने के दौरान कुछ सेकंड के लिए दिखाई जाती है। जिसमें कलाकारों के नाम, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, मूवी का नाम आदि की जानकारी दी जाती है।
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Countries For Higher Salary: दुनिया भर में जेंडर पे गैप यानी महिलाओं और पुरुषों की कमाई में अंतर एक बड़ा मुद्दा रहा है। अधिकतर देशों में महिलाएं अपनी काबिलियत और मेहनत के बावजूद पुरुषों से कम कमाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं.....
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दरअसल, शादी की अंगूठी बाएं हाथ की चौथी अंगुली में पहनाने की शुरुआत
रोमन एरा में हुई थी और एक रोमन कपल ने इस प्रथा को प्राम्भ किया था।उनका मानना था कि इस उंगली की नसें सीधे दिल से जुड़ी होती हैं। तभी इसे 'vena amoris' और vein of love भी कहा जाता है।
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भारतीय इतिहास में टीपू सुल्तान का नाम सिर्फ उनके रणकौशल, साहस और अंग्रेजों को चुनौती देने वाली रणनीतियों के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि उनकी अनोखी तलवारें आज भी इतिहास प्रेमियों को उतना ही रोमांचित करती हैं। वजन, डिज़ाइन, नीलामी और इनके गायब होने की रहस्यमय कहानियों ने इन तलवारों को एक अनोखा स्थान दे दिया है। आखिर टीपू की तलवार कितनी भारी थी और वर्तमान में ये धरोहरें कहां मौजूद हैं,आइए जानते हैं।
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दुनिया में कई सड़कें अपने निर्माण, खूबसूरती और खतरनाक रास्तों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन रूस में मौजूद एक हाईवे अपने भयावह इतिहास के कारण आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है। यह है कोलयमा हाईवे, जिसे दुनिया भर में रोड ऑफ बोन्स यानी हड्डियों की सड़क के नाम से जाना जाता है। इसके नीचे हजारों नहीं, बल्कि लाखों इंसानों के अवशेष दबे होने की बात इतिहास दर्ज करता है।
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