Padma Awards 2026: हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा करती है। इस बार कुल 131 हस्तियों को पद्म सम्मानों से नवाजा गया है। जिनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। इस सूची में मशहूर अभिनेता धर्मेन्द्र, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है।
ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, इन तीनों पुरस्कारों में आखिर अंतर क्या है। आइए, इसे सरल भाषा में समझते हैं।
पद्म विभूषण
पद्म विभूषण, पद्म पुरस्कारों की श्रेणी में सबसे ऊपर है और भारत रत्न के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट योगदान दिया हो। इनका कार्य राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डालता है। आमतौर पर यह सम्मान जीवन भर की उपलब्धियों को देखते हुए सीमित संख्या में दिया जाता है।
पद्म भूषण
पद्म भूषण, पद्म पुरस्कारों में दूसरा स्थान रखता है। यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उच्च कोटि की विशेष सेवा प्रदान की हो। इसका प्रभाव मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है। पद्म विभूषण की तुलना में इसकी संख्या थोड़ी अधिक होती है।
पद्म श्री
पद्म श्री देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है और सबसे व्यापक स्तर पर दिया जाता है। यह उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता, लोक कलाकार, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोग और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाली शख्सियतें भी शामिल होती हैं।
क्या मिलता है पद्म पुरस्कार के साथ?
पद्म पुरस्कार एक पुरूस्कार है। इनमें किसी प्रकार की नकद राशि, पेंशन या सरकारी सुविधा शामिल नहीं होती। हालांकि, कई बार राज्य सरकारें या सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर सम्मान या विशेष सुविधाएं प्रदान कर सकती हैं। कुल मिलाकर, पद्म पुरस्कार उन व्यक्तियों के लिए हैं जिन्होंने अपने समर्पण और कार्यों से देश का नाम रोशन किया है, चाहे वह बड़े मंच पर हो या समाज के सबसे निचले स्तर पर।