MP Assembly : मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान भोपाल के कथित ‘90 डिग्री ब्रिज’ का मुद्दा जमकर गूंजा। तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भोपाल में बना 90 डिग्री का पुल प्रदेश ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इंजीनियरों को करो सम्मानित
परमार ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की छवि प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़ी रही है और ऐसे पुल को किस तकनीकी के तहत स्वीकृति दी गई, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यदि 90 डिग्री का पुल तकनीकी रूप से सही है, तो इसे बनाने वाले इंजीनियरों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना चाहिए।
मंत्री राकेश सिंह का जवाब
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि 90 डिग्री का ब्रिज बनना अपने आप में गलत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि देश और दुनिया के कई शहरों में भी इस प्रकार के ब्रिज और सड़कें मौजूद हैं। इसे नाकाबिलियत बताना उचित नहीं है।
पुल सही तो निलंबन क्यो?
मंत्री राकेश सिंह के जवाब पर पलटवार करते हुए विधायक परमार ने कहा कि यदि पुल पूरी तरह सही था तो संबंधित इंजीनियरों को निलंबित क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही तर्कों में उलझी हुई नजर आती है।
मेट्रो पार्किंग पर उठे सवाल
बहस के दौरान महेश परमार ने भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मेट्रो जैसी योजना में पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं की गई। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भविष्य में AI से गाड़ियां पार्क कराई जाएंगी?
मंत्री जी का जवाब
विधायक परमार के सवाल पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मेट्रो परियोजना पीडब्ल्यूडी के अधीन नहीं आती, बल्कि यह शहरी विकास विभाग का विषय है। परमार ने जवाब में कहा कि विभागों के बीच जिम्मेदारी तय होना चाहिए।
उज्जैन पर टिप्पणी
परमार ने यह भी आरोप लगाया कि उज्जैन में भगवान मंगलनाथ मंदिर का शिखर निर्माण लंबे समय से लंबित है और सड़कों के विकास की गति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनकी आय में 200 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
मंत्री राकेश सिंह का जवाब
मंत्री राकेश सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और तकनीकी मानकों के अनुसार ही निर्माण कार्य किए जाते हैं।
विधायक अभिलाष पांडे की मांग
सदन में चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने प्रदेश में फायर सेफ्टी एक्ट लागू करने की मांग उठाई। जिसपर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 3 महीने पहले ही इस विषय पर बैठक की थी। नए मॉडल के तहत अगले 3 महीने में नया कानून लागू किया जाएगा। हम प्लानिंग कर रहे हैं कि ऐसी जगह फायर स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे 5 मिनट पर मौके फायर ब्रिगेड पहुंच जाए। इसलिए नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे, नए फायर सिस्टम लगाए जाएंगे।