भोपाल : राजधानी भोपाल में जहां आज ईद की खुशियां मनाई जा रही है। तो वही दूसरी तरफ ‘यूं कोई बेवफा नहीं होता’ लिखने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र ने 91 साल में दुनिया को अलविदा कह दिया। बशीर बद्र की मौत को शायर की दुनिया में जहां बड़ी क्षति मानी जा रही है। तो वही सीएम मोहन ने शायर बशीर बद्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर दिवंगत को शांति दे
मशहूर शायर बशीर बद्र के निधन को लेकर सीएम मोहन ने X पर लिखा कि 'पद्म श्री' से सम्मानित, प्रसिद्ध शायर डॉ. बशीर बद्र जी के निधन पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी साथ ही कहा कि मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से जीवन को संवेदनशीलता, अपनत्व और मानवता के साथ जीने का संदेश दिया। अपनी शायरी से जिंदगी को बेहद आसान बनाने के सूत्र दिए। ईश्वर दिवंगत को शांति और परिजनों व प्रशंसकों को यह दु:ख सहने की शक्ति दें।
गुरुवार दोपहर 12 बजे हुआ निधन
बता दें कि बशीर बद्र का निधन आज भोपाल में दोपहर करीब 12 बजे हुआ। वे लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से जूझ रहे थे. उनकी याददाश्त काफी कमजोर हो चुकी थी। डॉ. बशीर बद्र उर्दू शायरी की दुनिया का बड़ा नाम थे. उनकी गजलें और शेर आम लोगों से लेकर साहित्य प्रेमियों तक के बीच बेहद लोकप्रिय रहे. उनकी लिखी कई पंक्तियां लोगों की जुबान पर आज भी जिंदा हैं। ऐसे में उनकी मौत से साहित्य और शायरी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मेरठ कॉलेज में रहे लेक्चरर
बशीर बद्र ने साल 1969 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 12 अगस्त 1974 को उन्होंने मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में बतौर लेक्चरर जॉइन किया। वे वर्ष 1990 तक वहां कार्यरत रहे। साल 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके साहित्यिक जीवन का सबसे अहम समय माना जाता है। इसी दौरान उनकी गज़लों ने देशभर में लोकप्रियता हासिल की और वे मुशायरों के सबसे पसंदीदा शायरों में शामिल हो गए।