हेमंत गोस्वामी, निवाड़ी: जिला मुख्यालय पर केंद्रीय विद्यालय शुरू कराने की दिशा में अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। निवाड़ी के बच्चों को सर्वसुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने खुद कमान संभाल ली है। भीषण नौतपे की परवाह न करते हुए केंद्रीय मंत्री अचानक जमीन पर उतरे और निवाड़ी नगर के टैक्सी स्टैंड स्थित पुराने कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के अस्थाई भवन का बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया।
दिल्ली मंत्रालय से फोन पर चर्चा
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने मौके से ही देश की राजधानी दिल्ली स्थित संबंधित केंद्रीय मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से दूरभाष (फोन) पर लंबी रणनीतिक चर्चा की और कागजी प्रक्रियाओं को 'फास्ट ट्रैक' पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय विद्यालय के बनने वाले स्थाई और खुद के भव्य भवन के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन को 3 बड़े टास्क सौंपे हैं।
भूमि का डायवर्जन: परमानेंट परिसर के लिए आवंटित की गई जमीन का भू-परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) कार्य तत्काल पूरा किया जाए।
हाई-वोल्टेज लाइन शिफ्टिंग: आरक्षित खेल मैदान और प्रस्तावित मुख्य बिल्डिंग के ऊपर से गुजर रही खतरनाक हाई-वोल्टेज विद्युत लाइन को वहां से जल्द से जल्द हटाने की व्यवस्था की जाए।
पहुंच मार्ग का निर्माण: मुख्य सड़क से लेकर केंद्रीय विद्यालय की आरक्षित भूमि तक एक चौड़ी और सुगम एप्रोच रोड (पहुंच मार्ग) बनाने का खाका तैयार हो।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की लगाई क्लास
पुराने स्कूल भवन का कोना-कोना देखने के बाद केंद्रीय मंत्री ने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) के SDO सचिंद्र चौरसिया को सख्त लहजे में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जुलाई का महीना नजदीक है, इसलिए भवन की मरम्मत, बिजली फिटिंग को पूरी तरह दुरुस्त करने, खिड़की-दरवाजों को ठीक कराने और पूरे परिसर में साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए।
बदल जाएगी निवाड़ी की सूरत?
बता दें कि निवाड़ी को जिला बने लंबा समय बीत चुका है और केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसका संचालन अटका हुआ था। इस वजह से जिले की तस्वीर पर दोतरफा नकारात्मक असर पड़ रहा था।
केंद्रीय विद्यालय न होने के कारण जिले में पदस्थ होने वाले बड़े प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस महकमा और अन्य सरकारी कर्मचारी अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई के डर से निवाड़ी जिला मुख्यालय पर नहीं रुकते थे। वे या तो झांसी या नजदीकी बड़े शहरों से अप-डाउन करते थे। अब जब जुलाई से स्कूल शुरू हो जाएगा, तो सभी अधिकारी-कर्मचारी निवाड़ी मुख्यालय पर सपरिवार रहना शुरू कर देंगे। इससे स्थानीय दुकानदारों, मकान मालिकों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।