हर साल की तरह इस साल भी नौतपा की शुरुआत 25 मई से शुरू होने जा रही है जो की 2 जून तक चलेगी। इस दौरान तापमान और सूरज में तेज इतनी ज्यादा होती है कि लोगों का हल बेहाल हो जाता है। इस समय गर्मी अपने प्रकांड रूप में रहती है। जिसे हम लू भी कहते है। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक जब सूरज रोहिणी में प्रवेश करता है तब इस मेल-जोल की वजह से पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ जाता है।
क्या है नौतपा की पहचान?
नौतपा के सबसे साफ संकेतों में से एक है गर्म हवाओं और दिन के समय के काफी ज्यादा तापमान में अचानक वृद्धि. सुबह लगभग 9:00 या फिर 10:00 के आसपास कई उत्तरी राज्यों में सूखी और झुलसा देने वाली हवाएं चलने लगती हैं. दोपहर के समय तापमान अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है और कुछ जगहों पर तो यह 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है.
सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी होती हैं कम
बता दें सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में जाने से नौतपा प्रारंभ होता है. इस दौरान सूर्य की किरणों सीधे धरती पर पड़ती है. वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी सबसे कम होती है इसलिए भीषण गर्मी पड़ती है. इन 9 दिनों तक आंधी और तूफान की स्थिति भी बनी रहती है.