सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नई जिला कार्यकारिणी घोषित होते ही संगठन के भीतर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सूची जारी होने के कुछ ही घंटों में संयुक्त महामंत्री, महामंत्री और सचिव स्तर के 17 नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को अचानक गर्म कर दिया है।
असंतोष के पीछे गुटबाजी की चर्चा:
नई कार्यकारिणी के ऐलान के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा। बताया जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले कई नेता पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के समर्थक माने जाते हैं। सामूहिक इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे संगठनात्मक खींचतान की चर्चा और तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देने वालों में पूर्व विधायक खेल साय सिंह के परिवार से जुड़ी एक महिला पदाधिकारी का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
इस्तीफों में अलग-अलग वजहें सामने आईं:
वायरल इस्तीफा पत्रों में नेताओं ने विभिन्न कारणों का उल्लेख किया है। जिस पर कुछ ने व्यक्तिगत कारण बताए, कुछ ने स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया, कई नेताओं ने अन्य जिम्मेदारियों के कारण संगठनात्मक कार्य में असमर्थता जताई, वहीं कई पदाधिकारियों ने सीधे तौर पर संगठनात्मक निर्णयों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जिला कार्यकारिणी में ऐसे लोगों को पद दिए गए हैं जो या तो पार्टी के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं, चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे या पार्टी विरोधी गतिविधियों से जुड़े रहे।
जिला अध्यक्ष को सौंपे गए इस्तीफे:
सभी इस्तीफे जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शशि सिंह को सौंपे गए हैं। बताया जा रहा है कि असंतुष्ट नेताओं ने पहले भी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन सूची में बदलाव न होने से नाराजगी और बढ़ गई।
किन नेताओं ने दिया इस्तीफा
सामूहिक इस्तीफा देने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में द्वारिका प्रसाद राजवाड़े-एसईसीएल में नौकरी के कारण संगठनात्मक कार्य में असमर्थता भावना सिंह -अपरिहार्य कारण विजेंद्र गोयल-निष्क्रिय व गैर-प्राथमिक सदस्यों को पद देने पर आपत्ति, पवन दीवान-बिना सदस्यता लिए लोगों को जिम्मेदारी मिलने से नाराजगी, सरिता सिंह-वरिष्ठों से परामर्श बिना अनुभवहीन लोगों को पद देने पर असंतोष शामिल हैं, वहीं सरोज मानिकपुरी-इंटक में पदाधिकारी होने के बावजूद इस्तीफा दिया है, इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों ने भी अलग-अलग कारण बताते हुए अपने पद छोड़ दिए हैं।
राजनीतिक असर क्या होगा:
सूरजपुर कांग्रेस में एक साथ 17 इस्तीफों ने संगठनात्मक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को कैसे संभालता है, इस पर जिले की राजनीति की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।