Sarangarh News: बड़े-बड़े राजनितिक आयोजन के दौरान कार्यक्रम में नेताओं की सुरक्षा को लेकर अक्सर स्थिति थोड़ी गंभीर बनी हुई रहती है। लेकिन कई बार तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बाउजूद भी थोड़ी चूक हो जाती है। दरअसल ऐसा की कुछ मामला छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सामने आया है। जहां राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ के दौरे में थे,म लेकिन तभी उनके सारंगढ़ पहुँचने के दौरान रेस्ट हाउस परिसर में उनकी सुरक्षा को लेकर भाजपा नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच कुछ कहासुनी हो गई। देखते देखते विवाद इतना बाद गया कि भाजपा नेता हरिनाथ खूंटे ने सुरक्षाकर्मियों पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए,रेस्ट हाउस के मुख्य गेट पर अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद मामला कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री दयालदास बघेल के अपने दौरे के दौरान सारंगढ़ स्तिथ एक रेस्ट पहुंचे, तभी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा नेता और सुरक्षा कर्मी के बीच नोकझोंक हो गई। इसी दौरान हरिनाथ खूंटे ने सुरक्षा कर्मी पर कथित तौर पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया।इसके बाद भाजपा नेता ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए रेस्ट हाउस के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी पहुंचने लगे,जिससे मामला गंभीर हो गया।
धरने की खबर मिलते ही जुटे भाजपा नेता
हरिनाथ खूंटे के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इससे रेस्ट हाउस परिसर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई।मामले को ज्यादा तूल पकड़ने से रोकने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद मामले को शांत कराया।
बातचीत के बाद निकला रास्ता
जिला अध्यक्ष ने काफी देर तक दोनों बातचीत की और मामले को सुलझाने की कोशिश की। जिसके बाद संबंधित सुरक्षा कर्मी की ओर से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी गई।माफी के बाद हरिनाथ खूंटे ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध खत्म कर दिया।
माफी के बाद सामान्य हुए हालात
विवाद खत्म होने के बाद रेस्ट हाउस परिसर में स्थिति सामान्य हो गई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी और बाद में बातचीत के जरिए मामला शांत कराया गया।हालांकि, सुरक्षा कर्मी और भाजपा नेता के बीच वास्तव में किस बात को लेकर कहासुनी हुई और कथित बदसलूकी की पूरी स्थिति क्या थी, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस मामले में सामने आए आरोपों को फिलहाल संबंधित पक्ष के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।