भोपाल : मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 19,287 करोड़ रुपये का है। जिसका पर चर्चा 23 फरवरी को होगी। इस बजट में सबसे ज्यादा राशि नर्मदा घाटी विकास के लिए दी गई। जिसकी राशि 4,700 करोड़ रुपए है। तो वही राज्य सरकार 1810 करोड़ की राशि नए और पुराने समय में ली गई कर्ज की राशि का ब्याज चुकाने पर खर्च करेगी। इसके साथ ही 950 करोड़ की राशि नए बाजार लोन के ब्याज और 700 करोड़ रुपए की राशि पुराने लोन के प्रबंध पर खर्च की जाएगी।
बजट में सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा पर ज्यादा फोकस
इस बजट में सरकार ने सिंचाई, ऊर्जा, सड़क, शिक्षा और स्थानीय निकायों पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने पुराने और नए कर्ज के ब्याज भुगतान, नर्मदा घाटी की सिंचाई परियोजनाओं, ऊर्जा कंपनियों की मदद और नगरीय निकायों को अनुदान के लिए बड़ी राशि तय की है। सामान्य प्रशासन विभाग के तहत मुख्यमंत्री विवेकाधीन अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। तो वहीं राजस्व विभाग में राष्ट्रीय आपदा शमन निधि से प्राप्त राशि के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
जानें बजट में किसे मिला कितना धन?
= 4,700 करोड़ रुपए का नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया
= ऊर्जा विभाग की कंपनियों को ऋण के लिए 2,630 करोड़
= कर्ज के ब्याज के लइए 1,650 करोड़ का प्रावधान
= पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 21 करोड़
= 13 करोड़ की केन्द्रांश मद से पुलिस आधुनिकीकरण के लिए मशीन और संयंत्र का निर्माण किया जाएगा
= मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना में 615 करोड़ रुपए का प्रावधान
= लोक निर्माण विभाग ने भू अर्जन के मुआवजे के लिए 1337 करोड़ रुपए का प्रावधान
=ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण के लिए 225 करोड़ का प्रावधान
=केन बेतवा के लिए 370 करोड़ की राशि दी जाएगी