रायपुर में बैंकिंग दस्तावेजों के साथ कथित छेड़छाड़ कर 4.40 लाख रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। तात्यापारा निवासी आनंद कुसरे ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने एक अकाउंट पेयी चेक बैंक में जमा किया था, लेकिन चेक कथित तौर पर गायब हो गया। इसके बाद उसी चेक में कुटरचना कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए पूरी रकम नकद निकाल ली गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक के रिकॉर्ड, चेक, भुगतान से संबंधित दस्तावेज और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
संपत्ति सौदे के बाद मिला था अकाउंट पेयी चेक
शिकायतकर्ता आनंद कुसरे के अनुसार, उन्होंने अपनी संपत्ति का सौदा सोनम वर्मा के साथ किया था। रजिस्ट्री से पहले सोनम वर्मा ने 14 जुलाई 2026 की तारीख वाला चेक नंबर 669171 जारी किया था। चेक में 4 लाख 40 हजार रुपए की राशि दर्ज थी और यह अकाउंट पेयी चेक आनंद कुसरे के नाम था।
आनंद ने अगले दिन यानी 15 जुलाई को SBI की तात्यापारा शाखा में अपने बैंक खाते में चेक जमा किया था। उनका कहना है कि चेक जमा करने के बावजूद निर्धारित समय में रकम उनके खाते में नहीं पहुंची।
बैंक ने बताया चेक गुम हो गया
आनंद कुसरे ने 16 जुलाई को बैंक से चेक के बारे में जानकारी ली। उस समय उन्हें खाते में रकम जमा नहीं होने की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगले दिन बैंक कर्मचारियों ने चेक के गुम होने की बात कही और बताया कि फिलहाल बैंक के पास केवल जमा पर्ची मौजूद है।
इसके बाद 20 जुलाई को जब उन्होंने बैंक से दोबारा जानकारी ली, तो उन्हें कथित तौर पर पता चला कि 4.40 लाख रुपए की पूरी रकम SBI की संतोषी नगर शाखा से नकद निकाली जा चुकी है।
चेक पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप
रकम निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद आनंद कुसरे संतोषी नगर शाखा पहुंचे और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ली। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चेक के पीछे आनंद कुसरे के नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, रकम निकालने वाले व्यक्ति की ओर से बैंक रिकॉर्ड में एक मोबाइल नंबर भी दर्ज कराया गया था। अब पुलिस इस मोबाइल नंबर और बैंक में उपलब्ध अन्य रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
आधार में नाम शिकायतकर्ता का, फोटो किसी और की
मामले में कथित फर्जीवाड़े का एक और पहलू सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पैसे निकालने के लिए जिस आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया, उसमें नाम तो आनंद कुसरे का था, लेकिन फोटो किसी अन्य व्यक्ति की लगी हुई थी।
आनंद के अनुसार, आधार कार्ड पर दर्ज नंबर और पता भी उनके वास्तविक दस्तावेजों से अलग था। बैंक प्रबंधन ने कथित तौर पर CCTV फुटेज से संबंधित फोटो भी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराया है। इसमें बैंक से रकम निकालने वाले व्यक्ति की तस्वीर दिखाई देने की बात कही गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सतीश सिंह के अनुसार, शिकायतकर्ता की ओर से चेक में कथित कुटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और बैंक से रकम निकालने की शिकायत की गई है।
पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, चेक, भुगतान से संबंधित दस्तावेज, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चेक बैंक से कैसे गायब हुआ और किस व्यक्ति ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रकम निकाली।