Twisha Sharma Case: राजधानी भोपाल के हाई-प्रोफाइल एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही सीबीआई के हाथ कई ऐसी कड़ियां लगी हैं, जो स्थानीय पुलिस की गंभीर लापरवाही को उजागर करती हैं। इस केस में सबसे बड़ा मोड़ उस फांसी का फंदा को लेकर आया है, जिस पर ट्विशा का शव लटका मिला था। चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उस सबूत को एक सब इंस्पेक्टर दो दिनों तक अपनी निजी कार में लेकर घूमता रहा, जिससे पूरी जांच की दिशा ही बदल गई।
परिजनों को हुआ था हत्या का शक
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में लिगेचर बेल्ट सबसे अहम फॉरेंसिक सबूत था। घटना वाली रात यानी 12 मई को सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा की नाइट ड्यूटी थी। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम के समय एम्स हॉस्पिटल में इस लिगेचर बेल्ट को जमा कराया जाना था, लेकिन एसआई दिनेश शर्मा ने ऐसा नहीं किया। एसआई दिनेश शर्मा उस सबूत को दो दिनों तक अपनी कार में रखकर घूमते रहे। जब अस्पताल और जांच टीम में लिगेचर बेल्ट न मिलने को लेकर हड़कंप मचा, तब आनन-फानन में दो दिन बाद उसे फॉरेंसिक लैब भेजा गया।
सीबीआई ले सकती है एक्शन
इस मुख्य सबूत के न मिलने पर ही ट्विशा के परिजनों ने इसे आत्महत्या के बजाय हत्या का मामला बताते हुए साक्ष्यों को छुपाने का संदेह जताया था। सबूतों से खिलवाड़ की इस बेहद गंभीर लापरवाही को लेकर सीबीआई अब सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा पर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है।
पति और सास की रिमांड खत्म, पेशी आज
वही मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला की 5—5 दिनों की सीबीआई रिमांड आज समाप्त हो रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी दोनों को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश करेगी। हालांकि, पूछताछ के दौरान समर्थ और गिरिबाला ने ट्विशा के साथ मारपीट करने और मौके से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के सभी आरोपों से साफ इनकार किया है।
यह भी बनेगा जांच का हिस्सा
सीबीआई की जांच में एक और बड़ा वित्तीय एंगल सामने आया है। जांच में पता चला है कि ट्विशा शर्मा जिस कंपनी में जॉब करती थीं, उसमें पिछले 6-7 महीनों से उन्हें सैलरी का भुगतान नहीं किया गया था। वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। इसी कंपनी से जुड़ा एक और सच यह सामने आया है कि ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह ने उसी कंपनी में करीब 7 से 8 लाख रुपये इन्वेस्ट कर रखे थे। अब सीबीआई इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर ट्विशा को महीनों से वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा था और क्या इसके पीछे समर्थ का कोई दबाव था? यह कंपनी और इसके कर्ता-धर्ता भी अब सीबीआई की मुख्य जांच का हिस्सा बनने जा रहे हैं।