बस्तर के जगदलपुर केंद्रीय जेल से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। बीते पांच दिनों के भीतर जेल में दूसरी मौत दर्ज होने से जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। हालिया मामले में नक्सल गतिविधियों से जुड़े एक बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कुछ दिन पहले ही एक महिला कैदी ने आत्महत्या कर ली थी।
बाथरूम में गिरने से गंभीर रूप से घायल हुआ था बंदी
मृतक की पहचान रमेश कुंजम के रूप में हुई है, जो बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र स्थित लिंगापुर गांव का निवासी था। वह नक्सल मामलों में गिरफ्तार होकर जेल में बंद था। नवंबर 2025 में उसे दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल शिफ्ट किया गया था। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले जेल परिसर के बाथरूम में फिसलकर गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट लग गई थी।
अस्पताल में चल रहा था उपचार
घटना के बाद जेल प्रशासन ने रमेश कुंजम को तत्काल डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
महिला बंदी की आत्महत्या के बाद दूसरा मामला
इससे पहले रविवार की सुबह केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी ने अपनी चुन्नी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी। उस घटना की जांच अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि अब एक और बंदी की मौत ने जेल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आई दो घटनाओं के बाद केंद्रीय जेल की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बंदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि दोनों मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच कराई जा रही है। वहीं, अधिकारियों का दावा है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।