सैय्यद वाजिद //मुंगेली: शहर के हीरालाल वार्ड में प्रस्तावित नाली निर्माण कार्य नगरपालिका की प्रशासनिक लापरवाही और समन्वय की कमी की भेंट चढ़ गया,लगभग एक वर्ष पूर्व स्वीकृत इस निर्माण कार्य का टेंडर अब निरस्त कर दिया गया है,स्थिति यह रही कि कार्य आदेश जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य की शुरुआत तक नहीं हो सकी और अंततः ठेकेदार ने कार्य कराने में असमर्थता जाहिर कर दी..19 जून 2025 को हीरालाल वार्ड में लालजी पाठक के घर से सतनाम भवन तक नाली निर्माण के लिए कार्य आदेश जारी किया गया था,करीब 14 लाख 72 हजार रुपये की लागत से होने वाले इस निर्माण कार्य से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही थी,लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी...!
ले-आउट नहीं मिलने से फंसा मामला,साइट क्लियर कराने विभाग हुआ नाकाम
जानकारी के अनुसार निर्माण एजेंसी को कार्यस्थल का पूर्ण और स्पष्ट ले-आउट उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं निर्माण क्षेत्र को अतिक्रमण एवं अन्य विवादों से मुक्त कराने में भी नगर पालिका सफल नहीं हो सकी,परिणामस्वरूप ठेकेदार लगातार असमंजस की स्थिति में रहा और आखिरकार उसने कार्य कराने में असमर्थता व्यक्त कर दी,इसके लिए ठेकेदार ने लिखित तौर पर विभाग को इसकी जानकारी दी बावजूद इसके विभाग ने किसी तरह का कोई निराकरण नही किया और नाली निर्माण के टेंडर को निरस्त कर दिया गया..!
रसूखदारों के कारण अटका विकास कार्य
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण क्षेत्र में कुछ रसूखदार व्यक्तियों के हस्तक्षेप और आपत्तियों के कारण भी कार्य आगे नहीं बढ़ सका,नगरपालिका प्रशासन विवादों को समय रहते सुलझाने में विफल रहा,जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है,वार्डवासियों का कहना है कि विकास कार्यों की स्वीकृति और कार्य आदेश तो तेजी से जारी हो जाते हैं,लेकिन जमीन पर काम शुरू कराने के लिए क्षेत्र को क्लियर कराने में अधिकारियों के पसीने छूट जाते है..!
एक साल तक इंतजार, फिर टेंडर निरस्त
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि एक वर्ष तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के बावजूद समय रहते कोई ठोस पहल नहीं की गई,आखिरकार लंबे इंतजार के बाद टेंडर को निरस्त करना पड़ा,इससे न केवल सरकारी प्रक्रिया और समय की बर्बादी हुई,बल्कि विकास कार्य भी अधर में लटक गया।
सीएमओ बोले–जल्द जारी होगा री-टेंडर
मामले में नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि संबंधित टेंडर निरस्त कर दिया गया है,अब जल्द ही री-टेंडर जारी कर निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी,उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कार्य को जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
आक्रोशित स्थानीय लोगो ने पूछा सवाल
वार्डवासियों का कहना है कि यदि निर्माण क्षेत्र पहले से स्पष्ट नहीं था तो कार्य आदेश जारी करने की जल्दबाजी क्यों की गई। लोगों का आरोप है कि योजनाओं की घोषणा और स्वीकृति तो हो जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर तैयारी अधूरी होने के कारण विकास कार्य वर्षों तक अटके रहते हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि री-टेंडर के बाद नगर पालिका इस बहुप्रतीक्षित नाली निर्माण कार्य को कितनी जल्दी शुरू कर पाती है या फिर यह परियोजना भी फाइलों में ही सीमित रह जाती है..अगर जल्द इस मामले का निराकरण नही हुआ तो आगामी दिनों में बारिश के मौसम में इसका खामियाजा वार्डवासियों को झेलना पड़ सकता है...!