गरियाबंद: जिले से सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सरकारी योजनाओं के जमीनी हालात पर कई सवाल खड़े कर दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से परेशान कमार जनजाति के ग्रामीण जिला पंचायत सीईओ के सामने दंडवत हो गए। किसी ने अधिकारियों के पैर पकड़कर घर दिलाने की गुहार लगाई, तो कोई जमीन पर लेटकर अपनी व्यथा सुनाता नजर आया।
वर्षों से कच्चे मकानों में रहने को मजबूर परिवार
जानकारी के अनुसार देवभोग विकासखंड के बरही गांव में रहने वाले कमार जनजाति के कई परिवार अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से जर्जर और कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं।
बारिश के दौरान उनके घरों की छत टपकती है और परिवारों को असुरक्षित हालात में रात गुजारनी पड़ती है। इसके बावजूद आज तक उन्हें पक्का मकान नहीं मिल पाया।
सीईओ के सामने फूट पड़ा ग्रामीणों का दर्द
सुशासन तिहार कार्यक्रम में जब जिला पंचायत सीईओ लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी कमार समाज के ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने अधिकारियों के सामने दंडवत होकर अपनी पीड़ा सुनाई।
ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कई बार पंचायत और जनपद स्तर पर आवेदन दिए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उनका आरोप है कि पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया।
सरकारी दावों पर उठे सवाल
कमार जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति श्रेणी में आती है, जिसके विकास और संरक्षण को लेकर सरकार लगातार बड़े दावे करती रही है। लेकिन जब इसी समुदाय के लोगों को एक पक्के घर के लिए अधिकारियों के सामने इस तरह गुहार लगानी पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गरीबों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी इस तरह जमीन पर लेटना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंतन का विषय है।
सुशासन तिहार में ही खुल गई जमीनी हकीकत
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात करती है, लेकिन हकीकत में जरूरतमंद लोग आज भी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
लोगों ने सवाल उठाया कि जब “सुशासन” के मंच पर ही गरीबों को अपनी बात मनवाने के लिए दंडवत होना पड़ रहा है, तो गांवों में वास्तविक स्थिति क्या होगी?
प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा
घटना के बाद प्रशासन की ओर से संबंधित परिवारों की पात्रता और दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जो हितग्राही योजना के पात्र पाए जाएंगे, उन्हें जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।