रायपुर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच देश में पेट्रोल संकट की आशंका गहराती जा रही है। इसी का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, जहां इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। यही वजह है कि आम लोग अब पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
50% बढ़ी जानकारी लेने वालों की संख्या
राज्य में ई-वाहनों को लेकर लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। ऑटोमोबाइल डीलर्स के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में EV के बारे में जानकारी लेने वालों की संख्या करीब 50% तक बढ़ गई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में बिक्री और तेज हो सकती है।
दोपहिया और ई-रिक्शा की सबसे ज्यादा डिमांड
छत्तीसगढ़ में फिलहाल इलेक्ट्रिक दोपहिया और ई-रिक्शा सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। हर साल 50 हजार से ज्यादा ई-वाहनों की बिक्री का अनुमान लगाय है जिसके तहत कुल EV संख्या 2 लाख के पार और कारों की बिक्री अभी भी सीमित है, ऑटो सेक्टर से जुड़े लोगों के मुताबिक हर महीने 2,500 से 3,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया बिक रहे हैं।
1,000 से 1,500 ई-रिक्शा की बिक्री
कारों की बिक्री 300–350 यूनिट प्रति माह के आसपास पांच साल में बिक्री कई गुना बढ़ी है, बीते पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में EV बिक्री ने जबरदस्त उछाल दर्ज किया है: वर्ष बिक्री (अनुमानित), 2021-22 ~6,500. 2022-23 ~30,000. 2023-24 ~35,000+ 2024-25 ~40,000. 2025-26~50,000+ (अनुमान) यह आंकड़े दिखाते हैं कि राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से मुख्यधारा में आ रही है।
सरकार दे रही सब्सिडी और राहत
छत्तीसगढ़ सरकार भी ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दे रही है, अधिकतम सब्सिडी: 1 लाख रुपये (संशोधित) 20 लाख से ऊपर के EV पर सब्सिडी समाप्त हो गई है, रजिस्ट्रेशन शुल्क में 2026-27 तक छूट मिली है। इन योजनाओं के चलते आम लोगों के लिए EV खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।
आने वाले समय में और बढ़ेगी मांग
ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का मानना है कि पेट्रोल संकट की आशंका और बढ़ती कीमतों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में और तेजी आएगी। फाडा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार “लोग अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए EV को सुरक्षित और किफायती विकल्प मान रहे हैं।” पेट्रोल-डीजल की अनिश्चितता और सरकार की नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले वर्षों में EV ही परिवहन का मुख्य साधन बन सकता है।