बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के खतरे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संक्रमण की पुष्टि होते ही नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए शहर सीमा के भीतर संचालित सभी चिकन सेंटरों और अंडा दुकानों को आगामी आदेश तक बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
चिकन और अंडा दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध
नगर निगम के आदेश के बाद शहर के कोनी, देवरीखुर्द, लालखदान, सकरी और चकरभाठा सहित कई इलाकों में बुधवार को सभी चिकन सेंटर पूरी तरह बंद रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि यह निर्णय आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
कंटेनमेंट जोन घोषित, आवाजाही पर रोक
कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में संक्रमण मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्र के 1 किलोमीटर दायरे को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। इस इलाके में आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
हजारों पक्षियों का नष्टीकरण
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए हजारों पक्षियों और अंडों का नष्टीकरण किया है। यह कदम संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए उठाया गया है।
कानन पेंडारी जू 7 दिनों के लिए बंद
एहतियात के तौर पर कानन पेंडारी मिनी जू को भी 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। जू परिसर के अंदर और बाहर सैनिटाइजेशन का काम तेजी से चल रहा है। मिट्ठू (तोते), मोर, बतख और अन्य पक्षियों के केज के आसपास विशेष रूप से सफाई और सैनिटाइजेशन किया जा रहा है।
चोरी-छिपे बिक्री पर कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि यदि कोई दुकानदार चोरी-छिपे चिकन या अंडों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग निगरानी टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार शहर में गश्त कर रही हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा को दी जा रही प्राथमिकता
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। यह पूरा कदम जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बिलासपुर में बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित और सख्त कदम उठाए हैं। चिकन और अंडा दुकानों पर प्रतिबंध, कंटेनमेंट जोन और जू बंद जैसे फैसले इस बात का संकेत हैं कि स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।