छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर स्थित लक्ष्य नर्सिंग कॉलेज में मान्यता को लेकर विवाद सामने आया है। कॉलेज की छात्राओं ने Indian Nursing Council (INC) से मान्यता के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने सीतापुर में रैली निकालने के बाद कॉलेज परिसर के सामने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई।
छात्राओं का कहना है कि दाखिले के समय उन्हें कॉलेज की मान्यता होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब INC की मान्यता नहीं होने की बात सामने आ रही है। इसके बाद छात्राओं के सामने पढ़ाई पूरी करने के बाद करियर और नौकरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्राएं इस मामले में एक दिन पहले कलेक्टर से भी मुलाकात कर अपनी समस्या बता चुकी हैं।
मान्यता को लेकर छात्राओं में बढ़ी चिंता
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि उन्हें एडमिशन के दौरान कॉलेज की मान्यता को लेकर अलग जानकारी दी गई थी। अब मान्यता से जुड़ी स्थिति सामने आने के बाद छात्राएं अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। छात्राओं की मांग है कि कॉलेज की मान्यता की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि उनकी डिग्री और आगे की नौकरी के लिए किसी तरह की परेशानी तो नहीं आएगी।
कॉलेज प्रबंधन ने मान्यता पर दी अलग दलील
वहीं, छात्राओं के आरोपों पर कॉलेज प्रबंधन का पक्ष अलग है। प्रबंधन का कहना है कि Indian Nursing Council की मान्यता अनिवार्य नहीं है और इसके बिना भी नर्सिंग छात्राएं देशभर में नौकरी के लिए आवेदन कर सकती हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि राज्य में 100 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता INC की ओर से रद्द की गई है। प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में सरकार और अदालत के आदेशों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कोर्ट और सरकार के आदेशों का दिया हवाला
कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को समझाने के लिए सरकार और न्यायालय के आदेशों का हवाला दिया है। प्रबंधन का कहना है कि मान्यता से जुड़े नियमों और मौजूदा कानूनी स्थिति के आधार पर छात्राओं के भविष्य को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, छात्राएं प्रबंधन की इस दलील से संतुष्ट नजर नहीं आ रही हैं और मान्यता की स्थिति स्पष्ट होने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कह रही हैं।
छात्राओं ने कलेक्टर से भी की मुलाकात
मामला अब प्रशासन तक भी पहुंच चुका है। छात्राएं कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी शिकायत और भविष्य को लेकर चिंता जाहिर कर चुकी हैं। अब छात्राओं की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई और कॉलेज की मान्यता से जुड़े वास्तविक दस्तावेजों पर है। फिलहाल लक्ष्य नर्सिंग कॉलेज की मान्यता को लेकर छात्राओं और प्रबंधन के दावों में अंतर बना हुआ है। ऐसे में संबंधित विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।