दिल्ली: राजधानी दिल्ली में तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ बिजली की मांग में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। अप्रैल महीने में ही पावर डिमांड पिछले साल के मुकाबले 400 से 500 मेगावाट तक अधिक दर्ज की गई है, जो इस सीजन की शुरुआत में ही रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच चुकी है।
6500 मेगावाट के करीब पहुंची डिमांड
बिजली वितरण कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में दिल्ली की बिजली मांग 6500 मेगावाट के आसपास बनी हुई है। रविवार शाम 5 बजे तक यह 6448 मेगावाट दर्ज की गई, जो लगातार बढ़ते तापमान का सीधा असर दर्शाती है।
मई-जून में 8000 मेगावाट पार करने की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गर्मी का यही रुख जारी रहा, तो आने वाले मई और जून महीनों में दिल्ली की बिजली मांग 8000 मेगावाट के पार जा सकती है। पिछले साल यह आंकड़ा लगभग 7600 मेगावाट तक पहुंचा था।
हीट वेव से और बढ़ेगा दबाव
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीट वेव की चेतावनी जारी की है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग और बढ़ेगा। इससे खासकर दोपहर और शाम के समय बिजली की मांग अपने चरम पर रहने की संभावना है।
बिजली आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती
बढ़ती मांग के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार और बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, डिस्कॉम कंपनियों का कहना है कि पर्याप्त बिजली खरीद समझौते किए गए हैं और किसी तरह की कटौती की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।
सरकार और कंपनियों की तैयारियां
दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियां इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था, ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड की निगरानी, फॉल्ट रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती और हेल्पलाइन सेवाओं को सक्रिय किया गया है। दिल्ली में बढ़ती गर्मी ने बिजली की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में अगर तापमान और बढ़ता है, तो पावर डिमांड नए रिकॉर्ड बना सकती है। ऐसे में सरकार और बिजली कंपनियों की तैयारी ही उपभोक्ताओं को राहत दिला सकती है।