राजेश सोनी, डबरा: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के सख्त रुख के बाद अब सूबे की ब्यूरोक्रेसी का अंदाज पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। वीआईपी कल्चर और चमचमाती कारों को छोड़कर ग्वालियर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान शनिवार को एक आम यात्री बस में सवार होकर सीधे डबरा (पिछोर तहसील) के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र ग्राम अजयगढ़ पहुंच गईं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष निर्देश पर आयोजित इस 'रात्रि चौपाल' का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों में रात गुजारकर ग्रामीणों की जमीनी और बुनियादी जनसमस्याओं को मौके पर ही खत्म करना था। इस संवेदनशील मुहिम के दौरान कलेक्टर के साथ पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी पूरी रात मैदानी मोर्चे पर डटे रहे।
बिजली संकट का अनोखा समाधान
चौपाल के दौरान गांव की एक पूरी बस्ती के अंधेरे में डूबे होने का गंभीर मुद्दा उठा। बिजली विभाग के अफसरों ने दलील दी कि ट्रांसफार्मर पर भारी-भरकम बिल बकाया होने के कारण बिजली काटी गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बीच का रास्ता निकाला। उनके दखल और समझाने पर बस्ती के सभी 15 परिवारों ने बकाया बिजली बिल की मात्र 10 प्रतिशत राशि तुरंत जमा करने पर सहमति दे दी। कलेक्टर ने बिजली कंपनी को कड़े निर्देश दिए कि जैसे ही यह 10 फीसदी राशि जमा हो, तत्काल इस गरीब बस्ती की बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।
रूपा बाई की पीड़ा और दबंगों पर हंटर
चौपाल में गांव की एक बेसहारा बुजुर्ग महिला रूपा बाई ने कलेक्टर को आवेदन देकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि खेतों के पास नाले का निर्माण अधूरा रहने से उनके निचले खेतों में पानी भर जाता है, जिससे फसलें बर्बाद हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने कच्चे मकान और भोजन का संकट भी बताया। जब कलेक्टर ने सरपंच और तहसीलदार से पूछताछ की, तो पता चला कि कुछ स्थानीय रसूखदार विवाद पैदा कर नाले का काम नहीं होने दे रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने सख्त लहजा अपनाते हुए तहसीलदार को निर्देश दिए कि विवाद करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और पंचायत फंड से नाले का निर्माण शुरू कराया जाए। इसके साथ ही कलेक्टर ने रूपा बाई का नाम प्राथमिकता के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में जोड़ने के निर्देश मौके पर ही पटवारी को दिए।
ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं
गांव में कई लोग आयुष्मान कार्ड योजना से वंचित मिले, जबकि कई किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत खातों में अचानक भुगतान बंद होने की शिकायत की। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद तहसीलदार और पटवारी से फाइलों की स्थिति जानी और तकनीकी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
बुजुर्गों को पेंशन की सौगात
कलेक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि प्रदेश सरकार 60 वर्ष से अधिक उम्र के भूमिहीन बुजुर्गों को विशेष पेंशन दे रही है। मौके पर ही स्क्रूटनी कर ऐसे चार पात्र बुजुर्गों का चयन किया गया जिन्हें तुरंत पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।
चौपाल में रहा प्रशासनिक अमला
कलेक्टर रुचिका चौहान ने साफ किया कि कुछ समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया है, जबकि अन्य जटिल मामलों की समय-सीमा तय कर डबरा एसडीएम और तहसीलदार को सौंप दिया गया है। इस पूरी बस यात्रा और रात्रि चौपाल के दौरान जिला पंचायत सीईओ सौजन रावत, प्रभारी एसडीएम राजीव समाधिया, एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, तहसीलदार दिव्यदर्शन शर्मा, पूजा यादव सहित राजस्व, स्वास्थ्य और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।