रायपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह को अधीनस्थ वाहन चालक से अभद्र भाषा में बातचीत और वरिष्ठ अधिकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो की जांच के बाद जारी किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो
जानकारी के मुताबिक 12 मई 2026 को कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और विभागीय वाहन चालक शशिकांत साहू के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में अधिकारी द्वारा चालक के साथ कथित रूप से गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आईं। ऑडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा, जिसके बाद विभाग ने जांच के निर्देश दिए।
जांच रिपोर्ट में अनुशासनहीन व्यवहार की पुष्टि
मामले की जांच अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी द्वारा की गई। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट पाया गया कि कार्यपालन अभियंता द्वारा अमर्यादित भाषा और अनुशासनहीन व्यवहार किया गया, जिससे विभाग और प्रशासन की छवि प्रभावित हुई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अधिकारी का आचरण शासकीय सेवा नियमों के विपरीत पाया गया।
शासन ने जारी किया निलंबन आदेश
जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। शासन के नियमानुसार उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
विभागीय कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा
इस कार्रवाई के बाद जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि शासन अब अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दे रहा है।
