मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या किसी तरह का संशोधन कराने वाले लोगों के लिए अहम खबर है। निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यक्रम में बदलाव किया है। आयोग ने दावे और आपत्तियों की जांच के लिए अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीखें भी तय कर दी हैं।
29 अक्टूबर को जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में संशोधित समय-सारिणी लागू होगी। आयोग का उद्देश्य दावे-आपत्तियों की जांच को पर्याप्त समय देना और यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें।
किन राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समय-सीमा?
निर्वाचन आयोग के नए कार्यक्रम के तहत छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रक्रिया की समय-सीमा बदली गई है। हालांकि, हर राज्य के लिए दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख अलग-अलग निर्धारित की गई है।
हरियाणा और आंध्र प्रदेश: 20 नवंबर 2026 तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण।
महाराष्ट्र और नगालैंड: 25 नवंबर 2026 तक जांच और निपटारे की प्रक्रिया पूरी होगी।
तेलंगाना: 26 नवंबर 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा करना होगा।
दिल्ली: यहां दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए 15 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है।
पांच राज्यों में 30 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
आयोग की संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले संबंधित अधिकारियों को सभी दावों और आपत्तियों की जांच पूरी कर मतदाता डेटाबेस अपडेट करना होगा।
दिल्ली के मतदाताओं को 22 दिसंबर तक करना होगा इंतजार
दिल्ली में SIR की प्रक्रिया के लिए अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। यहां दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2026 रखी गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर 2026 को जारी की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के इस फैसले से संबंधित राज्यों के मतदाताओं को अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। ऐसे में जिन लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाना है या किसी तरह की गड़बड़ी ठीक करानी है, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।