रायपुर: देश की राजनीति में 17 सितंबर 2026 एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में दर्ज होने जा रहा है। नरेंद्र मोदी बतौर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री लगातार 25 वर्ष पूरे करने वाले स्वतंत्र भारत के पहले नेता बन रहे हैं। इसी दिन वे अपने जीवन के 75 वर्ष भी पूर्ण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पद (मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री) पर 25 वर्ष पूरे होने और 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक माह का सेवा संकल्प अभियान चला रही है।
इस अभियान की राष्ट्रीय समिति के सदस्य व छत्तीसगढ़ के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने खास बातचीत में बताया, यह आयोजन केवल संगठन का नहीं, बल्कि समाज, सरकार और संगठन तीनों की सहभागिता से जनसेवा को समर्पित एक ऐतिहासिक पहल है। हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी से खास मुलाकात में ओपी चौधरी ने न केवल इस अभियान की रूपरेखा बताई, बल्कि नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा, उपलब्धियों और भाजपा की आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की।
प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश-
■ सेवा संकल्प अभियान के लिए एक समिति बनी। आपसे जानना यह है, समिति जो बनी उसे कार्यक्रम दिया गया या जो समिति बनी उसने कार्यक्रम बनाया? पहले तो यहां से शुरुआत करते हैं। थोड़ा इस पर रोशनी डालेंगे?
🟥 जी, भारतीय जनता पार्टी की जो कार्यप्रणाली है, आप भी बहुत अच्छे तरीके से समझते हैं, बहुत ही सामूहिकता की कार्यप्रणाली होती है और उसमें हर तरह के फीडबैक्स को वेलकम किया जाता है। कोई बहुत जूनियर कार्यकर्ता हो, कोई बहुत सीनियर कार्यकर्ता हो, कोई अनुभवी होते हैं, कोई यंग ब्लड होते हैं, सब तरह के विचारों को सुना जाता है, अलग-अलग फोरम से डेलिब्रेशंस किया जाता है।
उसके बाद एक अच्छी योजना बना करके ऐसे काम किए जाते हैं जिससे जनता के दिल में स्थान बने, जिसमें एक्चुअल में जनता को फायदा भी हो। जन्मदिवस अगर नरेंद्र मोदी जी का मना रहे हैं तो 'सेवा दिवस' के रूप में मना रहे हैं। तो हम सेवा की थीम को लेकर के आगे बढ़े और यह सब एक सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के तहत होता है और बहुत ही क्लैरिटी के साथ जनसेवा उसका मुख्य थीम है।
■ क्या पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पहले कार्यक्रम की परिकल्पना की फिर आप सबको याद किया, या आप सबको याद किया और फिर कार्यक्रम की परिकल्पना आई?
🟥 अलग-अलग प्लेटफॉर्म से, अलग-अलग तरीके से, अलग-अलग लोगों से डेलिब्रेशन करके बहुत सारे कार्यक्रमों की सूची बनी थी। उस सूची को हम लोगों ने तैयार किया, पूरी टीम ने सामूहिकता के साथ सूची तैयार की। उस समिति में, उस कमेटी में जो लोग हैं, उसके बाहर के भी अनेक महत्वपूर्ण लोगों से हमने चर्चा की, उनके फीडबैक लिए, सुझाव लिए और एक कलेक्शन बनाया।
और उसके बाद हमने अपने ऊपर के संगठन के, हमारे सीनियर लोगों को दिखाकर के फिर उन्होंने फिर उसको शॉर्टलिस्टेड भी करना था, ऑब्वियस सी बात है बहुत सारे कार्यक्रम नहीं हो सकते, तो फिर बाद में हमारे इस संगठन के अनुभवी लोगों से हमने परामर्श करके शॉर्टलिस्टिंग का काम किया।
■ तो फाइनल कार्यक्रम का स्वरूप क्या बना है? एक महीने तक कार्यक्रम चलाना है, एक दिन का समझ में आता है, एक हफ्ते का भी समझ में आता है, आप तो एक महीने तक ले बैठे हैं।
🟥 भारतीय जनता पार्टी में एक महीना क्या, 365 दिन काम करने वाले हमारे सभी कार्यकर्ता साथी हैं। भारत देश की जनता में भी इतना नरेंद्र मोदी के लिए समर्पण है कि नरेंद्र मोदी के लिए आम लोग, सामाजिक लोग, शैक्षणिक लोग, विभिन्न प्रकार के प्रोफेशनल लोग भी हमेशा उनके लिए कुछ अच्छा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं।
तो एक महीना क्या, हम तो एक साल तक भी इस तरह के अच्छे काम को जनता के हित में चला सकते हैं। 'सेवा मेरा योगदान' एक कार्यक्रम है, उसके माध्यम से सभी तरह के लोगों को जोड़ना है। हमारे कार्यकर्ता, पार्टी के अंदर के लोग, पार्टी के बाहर के लोग, आध्यात्मिक संगठन, शैक्षणिक संगठन, हर तरह के लोगों को जोड़ना है और 'सेवा मेरा योगदान' जैसा कार्यक्रम करना है।
उसमें 25 सेवा गतिविधियां लिस्ट की गई हैं। वृक्षारोपण करने की दृष्टि से अलग-अलग प्रकार के 25 सेवा गतिविधियों को हमने सूचित किया है, एक लिस्ट बनाई है। जन्मदिन के अवसर पर उनके 25 साल पूरा करने के अवसर पर, यह सब चीजें की जा रही हैं। इसी तरह से दूसरा मैं कहना चाहूंगा कि सेवा सेतु अभियान है एक।
उसमें जो हमारी सरकारें हैं, वो जाकर के कैम्प्स लगाएंगी और स्कीम्स के सैचुरेशन पर जैसे आयुष्मान भारत की योजना हो, चाहे आयुष्मान भारत की योजना हो, चाहे अह अलग-अलग जितनी भी योजनाएं हैं, उनके सैचुरेशन पर काम होगा कि उसमें सब लोग जो छूट गया हो, उसको भी शामिल किया जाए।
■ आशीर्वाद का दीया और एक वडनगर से लेकर विश्वनाथ तक जो मोटरसाइकिल दौड़ने वाली है, उसके पीछे क्या दृष्टि है?
🟥 आशीर्वाद का दीया मोदी जी के जन्मदिन को हम लोग सेवा दिवस के रूप में मनाते हैं। और मोदी जी ने और इस साल विशेष रूप से और भी विशेष हो जाता है क्योंकि इस साल वो 7 अक्टूबर को अपने 25 वर्ष की यात्रा कॉस्टिट्यूशनल पोस्ट पर पूरा करने जा रहे हैं। इसलिए यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हम सेवा पखवाड़ा जो मनाते थे, उसकी जगह पर हम पूरे माह को सेवा के थीम में मना रहे हैं।
इस 25 वर्षों की यात्रा में नरेंद्र मोदी ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है, जैसे मैं अपने छत्तीसगढ़ की ही बात करूं, मैं उस दिन सरगुजा जा रहा था, तो बिलासपुर से कटघोरा कैसे पहुंचा मुझे पता ही नहीं चला, इस तरह का नेशनल हाईवे बना, और वहां से फिर सरगुजा कैसे पहुंचा, यहां भी बहुत ही शानदार रोड बना है। तो इस तरह के कितने सारे लोगों के जीवन में उन्होंने बदलाव लाया है।
4 करोड़ लोगों को पक्का घर देने की बात हो, 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने की बात हो, गरीबों के उत्थान की बात हो.. इस तरह से उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों के माध्यम से और हितग्राही मूलक योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में उन्होंने बदलाव लाया है। ऐसे लोगों की जो भावना होती है कि नरेंद्र मोदी के लिए एक सकारात्मक भाव होता है, तो वो लोग दिया अपने से जला रहे हैं।
■ आपने बात कही वडनगर से काशी वाली यात्रा की, तो निश्चित रूप से नरेंद्र मोदी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का विषय है और यह कार्यकर्ताओं के द्वारा मूल रूप से डिजाइंड कार्यक्रम है। यह कार्यकर्ता लोग डिजाइन किए हैं कि भाई हम काशी से वडनगर तक की यात्रा करेंगे और वडनगर से काशी तक की यात्रा करेंगे। यह कार्यकर्ताओं का भाव है। नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि वडनगर रही है और कर्मभूमि काशी रही है।
■ इतना सब कार्यक्रम जो भी बना है, तो यह कार्यक्रम किसका है? भारतीय जनता पार्टी जो है, सेवा संकल्प अभियान के तहत मनाने जा रही है या भाजपा और एनडीए शासित जो राज्य हैं, उनके द्वारा यह आयोजन होने जा रहा है?
🟥 देखिए, कई विषय होते हैं जो विशुद्ध राजनीतिक होते हैं। तो उस तरह के विशुद्ध राजनीतिक विषयों को ऑब्वियसली हमारे पार्टी का, हमारा जो कैडर है, हमारा कार्यकर्ता है, वो करेगा। इसमें कहीं कोई डाउट नहीं है और साथ ही साथ, किसी भी योजना को जब हम संचालित करते हैं, तो एक एंकर रोल कार्यकर्ता का होता है।
बट वो साथ में सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक, गैर-राजनीतिक लोगों को जो मोदी जी के प्रोग्रेसिव थॉट, उनके विकसित भारत के सोच के साथ जो अलाइन करते हैं अपने आप को, उस तरह के गैर-राजनीतिक लोगों को भी जोड़ना, उस जनसमूह को और जनसामान्य को जोड़ना, समाज को जोड़ना भी उसका थीम है।
और दूसरी ओर आपने जो पक्ष रखा है कि गवर्नमेंट का कार्यक्रम है या कार्यकर्ता का कार्यक्रम है, तो बहुत सारे विषय सरकारी कार्यक्रम भी हैं और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। इस दृष्टिकोण से हम लोगों ने डिजाइन किया है कि सरकार की ओर से भी कुछ अच्छे काम, जैसे सेवा सेतु का मैंने उल्लेख किया, सेवा सेतु के माध्यम से जाकर कैम्प लगेगा, वहां लोगों को सर्विस दी जाएगी।