हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ। इन चुनावों में NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को एक-एक सीट मिली।
पहले ही 26 सीटें निर्विरोध
चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव का ऐलान किया था। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, क्योंकि जितनी सीटें थीं उतने ही उम्मीदवार मैदान में थे। बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को मतदान कराया गया।
बिहार: NDA का क्लीन स्वीप
बिहार की सभी 5 सीटों पर NDA उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के नितिन नवीन को 44-44 वोट मिले
जेडीयू के रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 वोट मिले
बीजेपी के शिवेश राम ने भी जीत दर्ज की
महागठबंधन के 4 विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे NDA को फायदा मिला। जीत के लिए 41 वोट जरूरी थे।
ओडिशा: 3 सीट NDA, 1 BJD के खाते में
ओडिशा की 4 सीटों में से 3 पर NDA समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार विजयी रहे
निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे को भी NDA का समर्थन मिला और वे जीते
BJD के संत्रुप्ता मिश्रा ने चौथी सीट जीती
मतदान के दौरान भुवनेश्वर में भाजपा और BJD विधायकों के बीच झड़प भी देखने को मिली।
हरियाणा: भाजपा और कांग्रेस में बराबरी
हरियाणा की 2 सीटों में से:
भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट जीती
कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने दूसरी सीट पर कब्जा किया
निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल हार गए, जिन्हें भाजपा का समर्थन था। इस दौरान कांग्रेस के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि एक वोट रद्द हो गया।
काउंटिंग में देरी, 16 घंटे चला पूरा प्रोसेस
हरियाणा में वोटिंग शाम 4 बजे खत्म हो गई थी, लेकिन दो कांग्रेस विधायकों के वोटों पर भाजपा की आपत्ति के चलते मतगणना देर रात 10:25 बजे शुरू हुई और रात 1:30 बजे तक चली। पूरी चुनाव प्रक्रिया करीब 16 घंटे तक चली।