देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों केंद्रीय विद्यालय (KVS) और जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों संस्थानों में मिलाकर 13 हजार से अधिक शिक्षण पद रिक्त हैं। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने संसद में एक लिखित प्रश्न के जवाब में दी।
KVS और नवोदय विद्यालयों में रिक्त पदों की स्थिति
सरकार के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में वर्तमान में 8,618 शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) में 5,083 पद रिक्त हैं। इन दोनों को मिलाकर देशभर में 13 हजार से ज्यादा पदों पर नियुक्तियां होना बाकी है।
इन कारणों से खाली होते हैं पद
मंत्रालय ने बताया कि शिक्षकों की सेवानिवृत्ति, स्थानांतरण, पदोन्नति, इस्तीफा और नए विद्यालयों के खुलने जैसे कारणों से समय-समय पर शिक्षण पद खाली होते रहते हैं। इसी वजह से अलग-अलग समय पर रिक्तियों की संख्या बढ़ती रहती है।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी होने की दी जानकारी
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। भर्ती नियमों के अनुसार इन पदों पर जल्द नियुक्तियां करने का प्रयास किया जा रहा है। तब तक पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
छात्रों की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा: सरकार
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि शिक्षकों की कमी के बावजूद छात्रों की पढ़ाई पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि पिछले वर्षों में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम बेहतर रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर स्पष्ट होता है।
सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द नियमित शिक्षकों की नियुक्ति कर इन संस्थानों में खाली पदों को भरा जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।