छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने, बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के विरोध में विधानसभा घेराव किया। घेराव से पहले प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकालते हुए सरकार के खिलाफ मुखर नजर आए।
“आम लोगों की आवाज दबाई जा रही”
सचिन पायलट ने कहा कि मजदूर, युवा और कमजोर वर्ग अपनी बात खुलकर नहीं रख पा रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस उनकी आवाज बनकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और जनता की ताकत से ही बदलाव संभव है।
मनरेगा को लेकर केंद्र पर आरोप
पायलट ने मनरेगा योजना को लेकर कहा कि पहले इसका अधिकांश फंड केंद्र से आता था, लेकिन अब फैसलों को केंद्रीकृत कर दिया गया है। इससे राज्यों की भूमिका सीमित हो रही है और योजना का असर कम हो रहा है।
महंगाई और गैस संकट पर हमला
उन्होंने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और गैस की कमी को लेकर सरकार को घेरा। पायलट ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कालाबाजारी बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल रही है।
किसानों के मुद्दे पर भी सरकार घिरी
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने किसानों के साथ कभी अन्याय नहीं किया, जबकि मौजूदा नीतियों से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और नीतियों पर सवाल
सचिन पायलट ने कहा कि देश को अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई मामलों में बाहरी दबाव में निर्णय ले रही है, जो देशहित में नहीं है।
अफीम खेती का मुद्दा भी उठा
पायलट ने दावा किया कि राज्य में अवैध अफीम की खेती हो रही थी, जिसका खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी जानकारी तक नहीं थी।