छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। पाण्डुका थाना क्षेत्र के ग्राम अतरमरा में सिंचाई विभाग की नहर में बहते हुए गांजा के पैकेट मिलने से पुलिस और प्रशासन दोनों अलर्ट हो गए हैं। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब पारंपरिक रास्तों के बजाय नए और अनोखे तरीकों का सहारा ले रहे हैं।
नहर में बहते पैकेट्स से खुला मामला
घटना अतरमरा पंचायत के पास स्थित बड़े पुलिया की है, जहां कुछ ग्रामीणों ने नहर में तैरते हुए संदिग्ध पैकेट देखे। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य कचरा समझा, लेकिन जब पास जाकर देखा गया तो मामला गंभीर निकला। पैकेट्स को बाहर निकालने पर उनमें गांजा भरा हुआ मिला, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
73 किलो गांजा बरामद, लाखों की कीमत
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कुल 17 पैकेट जब्त किए गए। इन पैकेट्स में करीब 73 किलोग्राम गांजा पाया गया, जिसकी बाजार कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस तरह खुलेआम नहर में नशे की खेप का मिलना क्षेत्र में पहली बार देखने को मिला है, जिससे लोगों में डर और जिज्ञासा दोनों बढ़ गए हैं।
तस्करी के तरीके पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए गांजा की खेप को नहर में फेंक दिया होगा। वहीं यह भी संभावना है कि पानी के रास्ते सप्लाई करने की कोई नई रणनीति अपनाई गई हो। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में रहा क्षेत्र
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतरमरा और उसके आसपास का इलाका पहले भी अवैध गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहा है। ओडिशा सीमा के करीब होने के कारण यह क्षेत्र तस्करों के लिए आसान मार्ग बन जाता है। जंगलों और अंदरूनी रास्तों की वजह से निगरानी करना कठिन होता है, जिसका फायदा उठाया जाता है।
पुलिस जांच में जुटी, नेटवर्क की तलाश
पाण्डुका थाना प्रभारी कृष्ण कुमार जांगड़े ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी पैकेट जब्त कर लिए गए हैं। मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गांजा कहां से आया और इसका अंतिम गंतव्य क्या था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इलाके में बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है।