धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एनडीपीएस एक्ट के आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने सुरक्षा में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर चार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं फरार आरोपी को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था आरोपी
जानकारी के अनुसार थाना सिहावा में दर्ज अपराध क्रमांक 45/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को चिकित्सीय परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी ले जाया गया था। आरोपियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू को सौंपी गई थी।
अस्पताल में जांच के दौरान फरार हुआ आरोपी
मेडिकल परीक्षण के दौरान आरोपी पलाश गजभिए (32 वर्ष) निवासी कचूरवाही, थाना आरोली, तहसील रामटेक, जिला नागपुर (महाराष्ट्र) पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश के लिए तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
फरारी के मामले में दर्ज हुआ नया अपराध
पुलिस अभिरक्षा से भागने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत एक नया मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न टीमों को सक्रिय करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे पुनः गिरफ्तार कर लिया।
SP ने दिखाई सख्ती, चार पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना की जानकारी मिलते ही धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने की पुष्टि हुई। इसके आधार पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय रक्षित केंद्र धमतरी निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य स्वीकृत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पुलिस विभाग का स्पष्ट संदेश
धमतरी पुलिस की इस कार्रवाई को विभागीय जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।