Morning Breaking: छत्तीसगढ़ में गुरुवार की सुबह कई अहम खबरों के साथ हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा तीसरे दिन में पहुंच गया है, जहां उनके केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने की संभावना है। दूसरी ओर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए ई-KYC प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, स्वाइन फ्लू के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
CM विष्णु देव साय के दिल्ली दौरे का तीसरा दिन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा आज तीसरे दिन भी जारी है। मुख्यमंत्री के विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री साय जल शक्ति मंत्रालय से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि दिल्ली दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है। दौरे के कार्यक्रम पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री के गुरुवार दोपहर बाद रायपुर लौटने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में बिजली कनेक्शन की ई-KYC प्रक्रिया शुरू
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन को आधार से सत्यापित करने के लिए ई-KYC की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सत्यापन की व्यवस्था की है। 1 सितंबर से उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से फेस रीडिंग और OTP के जरिए ऑनलाइन ई-KYC पूरी कर सकते हैं। इसके बाद 7 सितंबर से सभी जोन कार्यालयों में थंब इंप्रेशन और OTP के जरिए भी उपभोक्ताओं की ई-KYC की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। विभाग इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगा। शुरुआती चरण के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर भी ई-KYC प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग कर सकते हैं।
अवैध बिजली कनेक्शनों की पहचान पर रहेगा फोकस
बिजली कनेक्शन को आधार से जोड़ने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान का सत्यापन करना और रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना है। ई-KYC के माध्यम से विभाग को बिजली कनेक्शनों से संबंधित वास्तविक जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। साथ ही ऐसे कनेक्शनों की पहचान करना भी आसान होगा, जिनमें किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध उपयोग की आशंका है। जो उपभोक्ता मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएंगे, उनके लिए जोन कार्यालयों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर भी ई-KYC की सुविधा दी जा सकती है।
आज कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर केंद्र ने 3 सितंबर को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
इन जिलों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता
पूर्वानुमान के अनुसार बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद सहित कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार तेज रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े नहीं होने की सलाह दी है।
स्वाइन फ्लू के 7 नए मरीज मिलने से बढ़ी चिंता
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 7 नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में संक्रमितों की संख्या करीब 170 तक पहुंच गई है। रायपुर जिले में अब तक बड़ी संख्या में लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान में कुछ मरीजों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी कर रहा है। प्रदेश के 19 जिलों तक संक्रमण के मामले पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां बढ़ा दी हैं। जरूरत को देखते हुए आइसोलेशन वार्ड और बेड की व्यवस्था मजबूत की जा रही है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार और निगरानी उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है। संक्रमण की रोकथाम, मरीजों की पहचान और उपचार सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इधर, मौसम में बदलाव और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें।