Monsoon Update 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, सूरत, गुजरात और केरल तक लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और इमारत ढहने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में सीजन की सबसे तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक सीजन की सबसे तेज बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मयूर विहार में 102 मिमी, पूसा में 83 मिमी, लोधी रोड में 80 मिमी और सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा और कुशक रोड जैसे कई इलाके जलमग्न हो गए। धौला कुआं, महिपालपुर, रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और एनएच-48 पर जलभराव के चलते घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। इसी दौरान रोहिणी इलाके में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है।
पुणे में कचरे का पहाड़ गिरा, कई मजदूर मलबे में दबे
महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश के बाद एक बड़ा हादसा सामने आया। तेज बारिश के कारण विशाल कचरे का ढेर पास की तीन मंजिला इमारत पर गिर गया। हादसे में करीब 16 मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि अन्य की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है।
मुंबई में बारिश से लोकल ट्रेनें प्रभावित, कई फ्लाइट्स डायवर्ट
आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर भारी बारिश ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते मुंबई लोकल ट्रेनें करीब 25 से 30 मिनट की देरी से चल रही हैं। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली कम से कम नौ उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि शहर के लिए राहत की खबर यह रही कि पानी की आपूर्ति करने वाली विहार झील के बाद अब तुलसी झील भी ओवरफ्लो होने लगी है, जिससे जल भंडारण में सुधार हुआ है।
सूरत में 358 मिमी बारिश, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
गुजरात का सूरत जिला सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। पिछले 24 घंटों के दौरान यहां रिकॉर्ड 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। पोद्दार आर्केड, वराछा और अन्य निचले इलाकों में दुकानों और व्यावसायिक परिसरों के ग्राउंड फ्लोर पानी में डूब गए। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
केरल और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश बनी आफत
केरल के वायनाड में लगातार बारिश के कारण सुरंग परियोजना के आसपास हादसे की खबरें सामने आई हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक और पश्चिमी तट के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले इलाकों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
देशभर में राहत-बचाव अभियान जारी
बारिश से प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने का कार्य भी तेज कर दिया गया है। मानसून की सक्रियता ने देश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश ने बाढ़, जलभराव और हादसों की स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है। ऐसे में नागरिकों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की आवश्यकता है।