chandra- surya grahan 2026: अगस्त का महीना इस बार खास होने वाला है। क्योकि इस महीने चंद्र और सूर्य ग्रहण साथ लगने वाले है। यह दोनों ग्रहण साल के आखिरी ग्रहण होंगे। लेकिन इस बार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। हैरानी की बात यह है कि यह दोनों ग्रहण 15 दिनों के अंतराल में लगने जा रहे है। वही सावन का समापन भी रक्षाबन्धन के दिन पर होगा।
15 दिनों के अंतराल में लगेगा दोनों ग्रहण
बता दें कि इस बार साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा, तो वही सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। लेकिन ग्रहण भारत में मान्य नहीं होगा। इसलिए मंदिर के पट बंद नहीं होंगे। शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि ग्रहण का सूतक काल केवल उसी स्थान पर प्रभावी माना जाता है, जहां ग्रहण प्रत्यक्ष रूप से दिखता है. ऐसे में भारत में न सूतक काल रहेगा और न ही लोगों को किसी तरह की सावधानी बरतने की जरुरत है।
नहीं रहेग किसी काम कर प्रतिबंध
श्रद्धालु सामान्य दिनों की तरह भगवान शिव, भगवान विष्णु तथा अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना, अभिषेक, जप, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे। श्रद्धालु बिना किसी प्रतिबन्ध के अपनी दैनिक धार्मिक गतिविधियां जारी रख सकते हैं.
दुनिया में इन देशों में दिखेगा सूर्य ग्रहण:
पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड, पोलैंड, आयरलैंड, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, कनाडा तथा उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के अनेक क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा.