मेरठ। उत्तर प्रदेश के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में करीब 19 महीने तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को अपराध का दोषी माना। हालांकि, दोनों को क्या सजा दी जाएगी, इसका फैसला अभी नहीं सुनाया गया है। कोर्ट की ओर से सजा की तारीख बाद में तय की जाएगी।
सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही से जुड़े। फैसला सुनाए जाने से पहले अदालत ने मुस्कान से भी सवाल किया। कोर्ट ने कहा कि अपराध से समाज में डर का माहौल पैदा होता है और सजा को लेकर अदालत बाद में फैसला करेगी।
126 बार हुई सुनवाई, 22 गवाहों के बयान दर्ज
सौरभ राजपूत हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला अदालत पहुंचा। इसके बाद लंबे समय तक ट्रायल चला। इस दौरान कोर्ट में कुल 126 बार सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
करीब 19 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया है। अब मामले में अगली बड़ी प्रक्रिया दोनों की सजा तय करने की होगी।
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से लगातार दोनों दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की जाती रही है। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अदालत से न्याय मिलेगा।
सौरभ के भाई राहुल ने पहले भी कहा था कि परिवार शुरू से न्याय की उम्मीद कर रहा है। परिजनों ने दोनों आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे न्याय के लिए उच्चतम न्यायालय तक लड़ाई जारी रखेंगे।
क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी से जुड़े थे और विदेश में काम करते थे। उपलब्ध घटनाक्रम के मुताबिक, फरवरी 2025 में वह लंदन से मेरठ अपने घर लौटे थे।
पुलिस जांच के अनुसार, सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल के बीच संबंध थे। अभियोजन के मुताबिक, दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। 3 मार्च को सौरभ की हत्या किए जाने का आरोप है।
इसके बाद शव को एक नीले ड्रम में छिपाए जाने की बात सामने आई। 18 मार्च को पुलिस ने सौरभ का शव बरामद किया और इसी के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया।
शिमला जाने से लेकर शव बरामद होने तक की कहानी
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई थी। बाद में वापस लौटने के बाद उसने परिवार को सौरभ के बारे में जानकारी दी।
18 मार्च को पुलिस सौरभ के घर पहुंची, जहां से नीला ड्रम बरामद हुआ। ड्रम के अंदर सौरभ का शव मिलने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था।
Meerut Blue Drum Case Timeline
24 फरवरी 2025: सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ स्थित अपने घर लौटे।
25 फरवरी 2025: घर पर मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया।
28 फरवरी 2025: सौरभ की बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया।
3 मार्च 2025: अभियोजन के अनुसार, सौरभ को नींद की दवा देने के बाद उनकी हत्या की गई।
4 मार्च 2025: मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई।
17 मार्च 2025: शिमला से लौटने के बाद मुस्कान अपने मायके गई।
18 मार्च 2025: पुलिस ने सौरभ के घर से नीला ड्रम बरामद किया, जिसमें शव मिला। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया।
सितंबर 2026: लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। सजा पर फैसला अभी बाकी है।