CG Police Recruitment 2026: रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई है। राज्य में आरक्षकों के छह हजार पदों पर चल रही भर्ती के दौरान करीब 1500 पद खाली रह गए हैं, जिन पर नियुक्ति नहीं हो सकी। यह गड़बड़ी पुलिस विभाग द्वारा जिलों के लिए कॉमन टेस्ट और कॉमन कोड लागू करने के कारण हुई है।
CG पुलिस भर्ती में कैसे हुई गड़बड़ी?
पुलिस मुख्यालय द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में आरक्षक भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके तहत प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग भर्ती निकाली गई, लेकिन हर जिले के लिए एक ही कॉमन कोड जनरेट किया गया। यहीं से समस्या की शुरुआत हुई। इस व्यवस्था के कारण कई अभ्यर्थियों ने एक साथ दो से चार जिलों में आवेदन कर दिया। फिजिकल और अन्य परीक्षाओं के बाद जब चयन सूची जारी हुई, तो एक ही अभ्यर्थी का नाम कई जिलों की मेरिट लिस्ट में शामिल हो गया।
एक अभ्यर्थी, कई जिले-खाली रह गए पद:
जब ऐसे अभ्यर्थी ने किसी एक जिले में ज्वाइनिंग ली, तो बाकी जिलों में उसके नाम से जुड़ी सीटें रिक्त रह गईं। इसी वजह से कुल छह हजार पदों में से लगभग 1500 पदों पर भर्ती नहीं हो सकी।
1700 अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग शुरू:
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में अब तक करीब 1700 चयनित अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। जब प्रशिक्षण के बाद अनुप्रमाणन (Verification) की प्रक्रिया पूरी होगी, तब यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस जिले में कितने पद खाली बचे हैं।
कॉमन कोड बना बड़ी भूल:
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की मानें, तो अगर हर जिले के लिए अलग-अलग कोड जारी किए जाते हैं या यह स्पष्ट किया जाता कि एक अभ्यर्थी केवल एक जिले में आवेदन कर सकता है। तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। इसी वजह से इस चूक को भर्ती प्रक्रिया की बड़ी प्रशासनिक गलती माना जा रहा है।
क्या होगी दोबारा भर्ती?
अब सवाल यह उठ रहा है कि खाली पड़े 1500 पदों पर दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी या नहीं, इस पर फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस पर जल्द फैसला ले सकती है।