महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, ओमान में हिरासत में मौजूद चंद्राकर ने वहां के अधिकारियों के सामने भारत लौटने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए गवाह संरक्षण जैसी व्यवस्था की मांग की है।
बताया जा रहा है कि भारत और ओमान के बीच चंद्राकर को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। इस बीच उसने भारतीय जांच एजेंसियों के सामने महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने की इच्छा जताई है।
सट्टा नेटवर्क के बारे में जानकारी देने का दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर भारत लौटने के बाद जांच एजेंसियों और अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई है। वह नेटवर्क से जुड़े कथित राजनीतिक संपर्कों, पैसों के लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से संबंधित जानकारी देने की बात कह रहा है। चंद्राकर का कहना है कि यदि उसे पर्याप्त सुरक्षा दी जाती है तो वह जांच में सहयोग करने और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। हालांकि, उसके दावों और संभावित बयानों की स्वतंत्र रूप से जांच किए जाने के बाद ही उनकी विश्वसनीयता और कानूनी महत्व तय होगा।
भारत की जेल में सुरक्षा को लेकर जताई आशंका
जानकारी के मुताबिक, चंद्राकर ने ओमान पुलिस और वहां के संबंधित अधिकारियों के समक्ष भारत लौटने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उसने आशंका जताई है कि मामले से जुड़े प्रभावशाली लोगों की वजह से उसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
इसी आधार पर उसने खुद के साथ अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। इसके अलावा पूछताछ के दौरान न्यायिक निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
नेटवर्क से जुड़े लोगों से अलग रखने की मांग
चंद्राकर कथित तौर पर चाहता है कि भारत आने के बाद उसे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों से अलग रखा जाए, ताकि वह बिना किसी दबाव के जांच एजेंसियों के सामने अपनी बात रख सके।
उसकी ओर से सुरक्षा की मांग किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उसे किसी तरह की कानूनी छूट मिल गई है। जांच एजेंसियां उसके बयानों और दावों को उपलब्ध सबूतों के आधार पर परखेंगी।
ओमान में हिरासत, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी
सौरभ चंद्राकर फिलहाल ओमान में हिरासत में बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर ओमान में उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है। अब भारतीय एजेंसियां उसे भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण संबंधी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। वहीं, ओमान में भी उसके खिलाफ अलग कानूनी कार्यवाही चलने की बात सामने आई है। चंद्राकर ने अपने वकील के माध्यम से वहां की कार्यवाही को चुनौती दी है।
भारत लौटने के बाद जांच में सहयोग की बात
चंद्राकर की ओर से कथित तौर पर कहा गया है कि भारत पहुंचने के बाद वह सक्षम जांच एजेंसियों और अदालत के सामने अपना बयान देने को तैयार है। वह सट्टा नेटवर्क के संचालन, वित्तीय लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी देने की इच्छा जता रहा है।
अब जांच एजेंसियों के सामने चुनौती यह होगी कि उसके दावों को उपलब्ध दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड के साथ मिलाकर सत्यापित किया जाए।
कैसे काम करता था महादेव बेटिंग नेटवर्क?
सीबीआई के मुताबिक, महादेव ऐप से जुड़ा नेटवर्क भारत से बाहर बैठकर संचालित होने वाला एक बड़ा कथित अवैध ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट था। जांच में सामने आया कि नेटवर्क सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए यूजर्स तक पहुंचता था।
आरोप है कि सिंडिकेट के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में गैर-कानूनी बेटिंग पैनल संचालित किए जाते थे और यूजर्स को इन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता था। कथित तौर पर बेटिंग से होने वाली कमाई को अलग-अलग बैंक खातों और म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कथित अवैध कमाई का एक हिस्सा विदेशों में ट्रांसफर किए जाने और कुछ रकम सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर सुरक्षा राशि के रूप में दिए जाने की भी जांच की गई है।
अब सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया और उसके संभावित बयान पर जांच एजेंसियों की नजर है। यदि वह नेटवर्क से जुड़े नए तथ्य या सबूत उपलब्ध कराता है, तो महादेव बेटिंग ऐप मामले की जांच में आगे महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।