RAIPUR : रायपुर की मोनिका सचदेव कोतवाली इलाके की निगरानीशुदा बदमाश है। पुलिस ने कुछ दिन पहले 9 बदमाशों को पकड़ा था। उनसे मोनिका भी जुड़ी हुई थी। बीते 2 अगस्त को गांजे की तस्करी के एक मामले में सिविल लाइंस थाने की पुलिस इसे गिरफ्तार किया। पुलिस की हिरासत में रहना आए दिन जेल जाना, कई तरह के अवैध धंधों, गांजे की तस्करी, लोगों को धमकाना, मार-पीट जैसे मामलों में आरोपी रही है। बहरहाल मोनिका सचदेव इन दिनों जेल में हैं, जहां उसने महिला प्रहरी को इस कदर पीटा है कि उसके हाथ में प्लास्टर करना पड़ गया। दरअसल महिला जेल प्रहरी माधुरी वर्मा ने मोनिका को अनुशासन में रहने को कहा। जेल के भीतर के कायदों को अपनाने को कहा, ये बात मोनिका को रास न आई, उसने पहले तो माधुरी के साथ बहस शुरू की और मौका पाकर उस पर हमला कर दिया। कैदियों के सामने ही मोनिका ने माधुरी को पटका और लातों से पीटती रही। बीच-बचाव करने आए जेल के दूसरे कर्मचारियों ने मुश्किल से माधुरी को वहां से निकाला। माधुरी ने जांच करवाई तो डॉक्टर ने हाथ में प्लास्टर करने को कहा। अब गर्दन से प्लास्टर बंधा हाथ लटकाए माधुरी गंज थाने पहुंची और पुलिस को सारी बात बताकर मोनिका के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
5 साल मोनिका बैरनबाजार ओसीएम चौक में रहती थी। मोनिका की बहन पूजा का भी क्राइम रिकॉर्ड रहा है। उसे भी कई बार पुलिस ने पकड़ा। दोनों के खिलाफ आए दिन पुलिस को कोई न कोई शिकायत मिला करती थी। पुलिस उनके ओसीएम चौक स्थित मकान में जब भी उन्हें पकड़ने जाती तो वे पुलिस के जवानों पर ही रेप करने की कोशिश के साथ अन्य मामलों में फंसाने की धमकी देती थीं। वह किसी भी सूरत में पुलिस के साथ जाने को तैयार नहीं होती थी। महिला पुलिस कर्मियों की मदद से उसे किसी तरह घसीटकर गाड़ी में बिठाया गया। उसने चूड़ियां फोड़ीं और उसके टुकड़े चबा लिए। उसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। कोर्ट परिसर में भी वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध करती रही। इस मामले में शनिवार को रायपुर की पुलिस माेनिका के खिलाफ एक और केस दर्ज किया है। मोनिका के खिलाफ पहले ही कोतवाली, सिविल लाइंस जैसे थानों में कई केस दर्ज हैं।