कोण्डागांव: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कोण्डागांव जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। मर्दापाल थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई हथियार और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद किया है। यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर की गई। संयुक्त टीम ने इलाके में सर्चिंग के साथ डी-माइनिंग अभियान चलाया, जिसमें 9 एमएम पिस्टल, करीब 30 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद हुआ।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली थी अहम जानकारी
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कोण्डागांव जिले के संवेदनशील इलाकों में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली सूचना के बाद नक्सल सेल, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और बीडीएस की संयुक्त टीम को मर्दापाल थाना क्षेत्र के ग्राम कोरमेल और पुसपाल मोखामारी के आसपास के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में भेजा गया। टीम ने संभावित नक्सली डंप और विस्फोटक छिपाए जाने वाले स्थानों को चिन्हित करते हुए इलाके की व्यवस्थित तलाशी ली।
सर्चिंग में सामने आया हथियार और विस्फोटक का डंप
सर्चिंग और डी-माइनिंग के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में छिपाकर रखी गई सामग्री मिली। बरामद सामान में एक 9 एमएम पिस्टल और करीब 30 किलो विस्फोटक सामग्री शामिल है। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए बरामद सामग्री की जांच और उसे सुरक्षित करने की जिम्मेदारी बम डिस्पोजल स्क्वॉड यानी बीडीएस टीम ने संभाली।
10 किलो की टिफिन IED को मौके पर किया गया नष्ट
बरामद नक्सली सामग्री में लगभग 10 किलोग्राम वजन की टिफिन आईईडी भी मिली। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बीडीएस टीम ने इस आईईडी को घटनास्थल पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। आईईडी की बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाके की अतिरिक्त सावधानी के साथ तलाशी ली, ताकि किसी अन्य विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सल गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जंगल में छिपाकर रखे हथियार और विस्फोटक बरामद होने से नक्सलियों के संभावित मंसूबों को झटका लगा है। पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। सुरक्षा बलों का फोकस जंगलों में छिपे हथियारों, आईईडी और नक्सली डंप का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय करने पर है।
कार्रवाई में शामिल प्रमुख टीमें
कोण्डागांव नक्सल सेल
जिला रिजर्व गार्ड (DRG)
बस्तर फाइटर्स
बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS)