धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के जैतपुरी गांव में बड़े पैमाने पर वन कटाई और अतिक्रमण मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 15 वर्षों से चल रहे इस मामले में 166 आरोपियों में से 36 लोगों ने वन विभाग के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी आरोपियों को सोमवार को बयान दर्ज कराने और मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग के अनुसार, इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी, जबकि बाकी 126 आरोपी भी जल्द गिरफ्तारी देंगे। विभाग ने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए आरोपियों को 30-30 के समूह में बुलाने का निर्णय लिया है ताकि बयान और मुलाहिजा की कार्रवाई आसानी से पूरी हो सके।
100 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा
यूएसटीआर के उपनिदेशक वरुण जैन के मुताबिक, जैतपुरी क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों के दौरान 100 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि पर अवैध कब्जा किया गया। आरोप है कि अतिक्रमण के लिए करीब एक लाख से ज्यादा पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की गई। मामले में कुल 166 लोगों को नोटिस जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट से खारिज होने के बाद वन विभाग ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में आरोपी सरेंडर करने सामने आए हैं।
ग्रामीणों और वन अमले के बीच हुई थी झड़प
कुछ दिन पहले वन विभाग की टीम जब आरोपियों को पकड़ने जैतपुरी गांव पहुंची थी, तब ग्रामीणों और वन अमले के बीच तीखी झड़प हो गई थी। इस दौरान मारपीट और धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद मामला राजनीतिक रंग ले बैठा। कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों को निर्दोष बताते हुए उनका समर्थन किया था। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
अतिक्रमण मुक्त जमीन पर होंगे पर्यावरण सुधार कार्य
वन विभाग ने अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन को दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। विभाग द्वारा खाली कराई गई भूमि पर जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए 50 हजार कंटूर ट्रेंच बनाए जाएंगे। इसके साथ ही भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए पूरे क्षेत्र की निगरानी आधुनिक कैमरों से की जाएगी। वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जल्द ही फेंसिंग का काम भी शुरू किया जाएगा।