मुंबई। भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS ब्रह्मपुत्र के पलटने की घटना के करीब दो साल बाद अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। नौसेना ने जहाज के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर और ऑफिसर ऑफ द डे के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू की है। दोनों अधिकारियों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप हैं। वहीं, तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर पर नौसैनिक युद्धपोत को खतरे में डालने का अतिरिक्त आरोप भी लगाया गया है।
यह हादसा 21 जुलाई 2024 को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में हुआ था। उस समय INS ब्रह्मपुत्र मरम्मत के लिए डॉकयार्ड में खड़ा था। इसी दौरान जहाज में अचानक आग लग गई। आग बुझाने के लिए चलाए गए अभियान के बीच युद्धपोत का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ झुकते हुए पलट गया। इस हादसे में नौसेना के एक जवान की जान चली गई थी।
आग बुझाने के दौरान बिगड़ा जहाज का संतुलन
हादसे के दौरान आग पर काबू पाने के लिए जहाज में बड़ी मात्रा में पानी डाला गया था। इसी बीच INS ब्रह्मपुत्र का संतुलन बिगड़ने लगा और देखते ही देखते युद्धपोत पोर्ट साइड की ओर झुककर पलट गया। घटना के समय जहाज पर मौजूद नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कई जवान गैंगवे के रास्ते बाहर निकले, जबकि कुछ को अपनी जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगानी पड़ी।
इस दुर्घटना में लीडिंग सीमैन सितेंद्र सिंह लापता हो गए थे। नौसेना ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद उनका शव बरामद किया गया।
कई महीनों तक चला जहाज को सीधा करने का ऑपरेशन
युद्धपोत के पलटने के बाद नौसेना के सामने उसे दोबारा सीधा करने और हुए नुकसान का आकलन करने की बड़ी चुनौती थी। इसके लिए कई महीनों तक सल्वेज ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान के तहत जहाज को दोबारा सीधा करने और उसकी स्थिति बहाल करने का काम किया गया। इसके बाद मरम्मत और रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
दो अधिकारियों पर तय होंगे आरोप, कोर्ट मार्शल में होगी सुनवाई
अब इस पूरे मामले में नौसेना ने तत्कालीन कैप्टन और लेफ्टिनेंट कमांडर के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई शुरू की है। दोनों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही के आरोप हैं। कैप्टन के खिलाफ 'Hazarding a Naval Vessel' यानी नौसैनिक पोत को खतरे में डालने का अतिरिक्त आरोप भी शामिल है। कोर्ट मार्शल की कार्यवाही में इन आरोपों पर सुनवाई होगी और अंतिम निर्णय सामने आएगा।
2027 में फिर समुद्र में लौट सकता है INS ब्रह्मपुत्र
हादसे के बाद से INS ब्रह्मपुत्र की मरम्मत और बहाली का काम जारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जहाज को दोबारा ऑपरेशनल सेवा में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। वर्ष 2027 में इसके फिर से समुद्री संचालन के लिए तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इसकी वास्तविक वापसी आधिकारिक ट्रायल और नौसेना की मंजूरी पर निर्भर करेगी।