रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेष CBI अदालत ने उसे 10 दिन की रिमांड पर जांच एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया है। अब CBI सौरभ चंद्राकर से मामले से जुड़े अहम सवालों के जवाब तलाशेगी। पूछताछ के लिए जांच एजेंसी उसे दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए CBI ने अदालत में आवेदन दिया था, जिसे मंजूरी मिल गई।
बुधवार को CBI की टीम सौरभ चंद्राकर को अपने कार्यालय से लेकर निकली। इसके बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष अदालत में पेश किया गया। सौरभ की पेशी विशेष न्यायाधीश मनोज सिंह ठाकुर की अदालत में हुई। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और पुलिस अलर्ट मोड पर रही।
दरअसल, CBI ने पूछताछ के लिए अदालत से सौरभ चंद्राकर की 14 दिन की रिमांड मांगी थी। हालांकि, अदालत ने जांच एजेंसी की मांग पर 10 दिन की रिमांड मंजूर की। अब इस अवधि के दौरान CBI महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के नेटवर्क, कथित वित्तीय लेनदेन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर सकती है।
कांग्रेस के आरोपों पर विजय शर्मा का पलटवार
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और CBI की कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस लगातार भाजपा पर महादेव सट्टा ऐप मामले के आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगा रही है। इन आरोपों पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है।
विजय शर्मा ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले में कांग्रेस नेताओं के नाम भी सामने आए हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को लेकर 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाली कहावत का इस्तेमाल किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटालों में डूबी हुई है और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचेंगी।
विजय शर्मा का पोस्ट- 'मोदी नहीं जाएंगे कहीं, ब्रो'
इस बीच उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'मोदी नहीं जाएंगे कहीं, ब्रो।' इसके जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भविष्य को लेकर कांग्रेस के बयानों पर निशाना साधा।
विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। अगले कार्यकाल में जनता उन्हें पहले से अधिक बहुमत देकर दोबारा सत्ता में लाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के दुष्प्रचार से कोई राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला।
फिलहाल महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI की जांच जारी है। सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम पहलुओं पर जानकारी सामने आने की उम्मीद है।