सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में जनहित और विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा के उद्देश्य से हरिभूमि-आईएनएच द्वारा आयोजित जिला संवाद-2026कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित इस विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान हरिभूमि-आईएनएच के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने विभिन्न जनसरोकारों और विकास से जुड़े मुद्दों पर मंत्री केदार कश्यप से आगे सवाल-जवाब करेंगे। संवाद के केंद्र में जिले की अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और अन्य विकास कार्य रहे।
जिले के विकास पर चर्चा
जिला संवाद कार्यक्रम में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम के माध्यम से जिले की वर्तमान चुनौतियों, विकास कार्यों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप, कांग्रेस नेता हरीश कवासी, भाजपा नेता बारसे धनीराम, बस्तर राज मोर्चा के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम, करण सिंह देव तथा वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश जैन भी मौजूद हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उनकी उपस्थिति में जिले की प्रमुख समस्याओं और विकास योजनाओं पर सार्थक बहस और विचार-विमर्श किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाओं का सम्मान
जिला संवाद कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित होने वालों में शिक्षा क्षेत्र से शिवमणि तिवारी, समाज सेवा के लिए पी. विजय, गौ सेवा के लिए रामनारायण मिश्रा, चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. के.आर. गौतम, खेल क्षेत्र से पायल मुचाकी और सुरक्षा क्षेत्र से आरक्षक कुंजाम शामिल रहे।
जनभागीदारी बढ़ाने की पहल
हरिभूमि-आईएनएच का यह जिला संवाद कार्यक्रम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के लिए प्रभावी चर्चा का मंच उपलब्ध कराना है।