जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत मांगने के आरोप के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक आवेदक से विवादित भूमि पर कब्जा दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की थी।
तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एसडीओपी अकलतरा प्रदीप कुमार सोरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार अथवा अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
इधर, जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन जांजगीर में जनरल परेड के बाद विशेष बलवा ड्रिल अभ्यास भी कराया गया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। अभ्यास के दौरान पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, दंगाई गतिविधियों पर नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बलवा नियंत्रण में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी साझा की गई।
पुलिस विभाग का सख्त संदेश
रिश्वत मांगने के आरोप में की गई इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।