लोकेशन: भिंड (मध्यप्रदेश)
संवाददाता: शुभम जैन| मो. 98267 70578
Bhind News : दहेज प्रथा के खिलाफ समाज में बदलाव की एक मिसाल भिंड जिले से सामने आई है। यहां एक विवाह समारोह में वर पक्ष ने 51 लाख रुपये की लगुन राशि लौटाकर यह संदेश दिया कि उन्हें दहेज नहीं, बल्कि बेटी चाहिए। लड़के के पिता ने लगुन के रूप में रखी गई पूरी राशि में से केवल 1 रुपया और नारियल स्वीकार किया।
लगुन-फलदान में रखे थे 51 लाख
शहर के खिड़किया मोहल्ला निवासी अनोज पाठक के बेटे आकर्ष पाठक का विवाह जबलपुर निवासी विनोद उपाध्याय की बेटी अनिक्षा के साथ संपन्न हुआ। लगुन-फलदान की परंपरा के दौरान वधु पक्ष की ओर से परात में 51 लाख रुपये रखे गए थे, लेकिन वर के पिता ने साफ शब्दों में कहा कि वे लाखों का दहेज नहीं लेंगे। उन्होंने कहा मुझे बहु नहीं, बेटी चाहिए। इस फैसले के साथ ही पूरी लगुन राशि लौटा दी गई और केवल 1 रुपया व नारियल लेकर शगुन की रस्म पूरी की गई। यह विवाह और लगुन-फलदान कार्यक्रम 5 फरवरी को संपन्न हुआ।
जिंदल स्टील में काम करता है दुल्हा
बताया जा रहा है कि वर आकर्ष पाठक वर्तमान में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित जिंदल स्टील कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। बावजूद इसके, परिवार ने दहेज लेने से इनकार कर समाज को संदेश दिया कि शिक्षा और संस्कार ही सबसे बड़ा धन हैं। यह निर्णय जिले ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के बहिष्कार और बेटियों के प्रति सोच बदलने की दिशा में नई शुरुआत मान रहे हैं।