रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब विश्वविद्यालय अपने संबद्ध महाविद्यालयों को प्रश्नपत्रों की हार्ड कॉपी नहीं भेजेगा। इसके स्थान पर परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले कॉलेज प्राचार्यों के आधिकारिक ईमेल पर पासवर्ड-सुरक्षित (Password Protected) प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे। प्राचार्य ईमेल से प्राप्त प्रश्नपत्र का प्रिंट निकालकर विद्यार्थियों को वितरित करेंगे।यह निर्णय हाल ही में हुए प्रश्नपत्र लीक मामले के बाद लिया गया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रश्नपत्र लीक के बाद बदली व्यवस्था
20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीट विज्ञान परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले आयोजित कुछ अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक हुए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी है।
ईमेल और पासवर्ड से होगी सुरक्षा
नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र केवल अधिकृत प्राचार्यों के ईमेल पर भेजे जाएंगे। प्रत्येक ईमेल पासवर्ड से सुरक्षित रहेगा और उसे खोलने के लिए अलग से उपलब्ध कराए गए पासवर्ड की आवश्यकता होगी। इससे प्रश्नपत्र तक अनधिकृत पहुंच को रोकने में मदद मिलेगी।
जांच में सामने आया हाईटेक तरीका
पुलिस जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक मामले का मुख्य आरोपी दुर्ग स्थित एक कृषि महाविद्यालय का प्रोफेसर है। आरोप है कि उसने प्रश्नपत्र के सीलबंद लिफाफे में बेहद छोटा छेद कर मोबाइल कैमरे से उसकी रिकॉर्डिंग की और बाद में उसे एक छात्र को पैसों के बदले उपलब्ध कराया। इसके बाद प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैल गया।
CCTV और डिजिटल सुरक्षा होगी मजबूत
विश्वविद्यालय प्रशासन अब परीक्षा विभाग और परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों और डिजिटल सुरक्षा उपायों पर भी काम किया जा रहा है। सभी संबद्ध महाविद्यालयों को परीक्षा संचालन में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।