जांजगीर-चांपा: INH-हरिभूमि द्वारा आयोजित जिला संवाद 2026 का आयोजन जांजगीर-चांपा में हुआ, जहां मंच सिर्फ औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की असल स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं पर खुलकर बातचीत हुई। इस कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर जनमेजय मोहबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय से INH-हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सीधे सवाल किए।
संवाद के दौरान प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर कोई घुमा-फिराकर जवाब नहीं दिया गया। कलेक्टर और एसपी दोनों ने स्वीकार किया कि हर जिला अपनी समस्याओं के साथ आगे बढ़ता है, लेकिन जांजगीर-चांपा की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिले के नागरिक न सिर्फ अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं, बल्कि प्रशासन से संवाद करने में भी पीछे नहीं रहते। यही वजह है कि समस्याएं सामने आती हैं और उनका समाधान भी अपेक्षाकृत तेज़ी से हो पाता है।
“हम कोशिश नहीं, समाधान पर काम करते हैं”
संवाद में यह बात बार-बार उभरकर आई कि प्रशासन केवल प्रयासों की बात नहीं करता, बल्कि परिणाम पर ध्यान देता है। कलेक्टर और एसपी ने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकता यही रहती है कि आम नागरिक को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। कानून-व्यवस्था, जनसुनवाई और विकास कार्यों को लेकर प्रशासन अपने कामकाज से संतुष्ट नजर आया, वहीं यह भी माना गया कि जनता की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिन्हें पूरा करना ही प्रशासन की असली परीक्षा है।
राजनीति और विकास पर खुला मंच
कार्यक्रम के अगले चरण में संवाद का दायरा प्रशासन से आगे बढ़कर राजनीति और विकास तक पहुंचा। इस सत्र में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, जांजगीर जिला परिषद के उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया, जांजगीर विधायक व्यास कश्यप और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश शर्मा शामिल हुए। संवाद के दौरान नेताओं ने न सिर्फ उपलब्धियों की बात की, बल्कि उन कमियों को भी स्वीकार किया, जिन पर काम होना अभी बाकी है।
जांजगीर को चाहिए इंजीनियरिंग कॉलेज
विधायक व्यास कश्यप ने मंच से जांजगीर के युवाओं की ओर ध्यान खींचते हुए कहा कि जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी जिले के छात्र तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि स्थानीय प्रतिभा भी बाहर चली जाती है। यदि जांजगीर में इंजीनियरिंग कॉलेज खुलता है तो यह शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और औद्योगिक संभावनाओं को भी मजबूती देगा।
“अब रुके काम नहीं, बदलेगा जांजगीर का चेहरा”
खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने विकास को लेकर स्पष्ट और आत्मविश्वास भरा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं और कार्य वर्षों से अटके हुए थे, अब उन्हें गति दी जा रही है। उनके अनुसार आने वाले तीन वर्षों में जांजगीर-चांपा एक बेहतर और बदले हुए स्वरूप में नजर आएगा। उन्होंने संकेत दिया कि बुनियादी ढांचे, सड़क, रोजगार और जनसुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
जिला संवाद से क्या निकला निष्कर्ष
INH-हरिभूमि का जिला संवाद 2026 जांजगीर-चांपा के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन, राजनीति और जनता के बीच संवाद का एक मजबूत मंच साबित हुआ। एक ओर प्रशासन अपने कामकाज को लेकर संतुष्ट दिखा, तो दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों ने भविष्य की जरूरतों को सामने रखा। कुल मिलाकर यह साफ संदेश गया कि जांजगीर-चांपा में विकास की दिशा तय है, अब ज़रूरत है उसे ज़मीन पर तेज़ी से उतारने की।