मंदसौर : मध्य प्रदेश में सीएम मोहन और जीतू पटवारी के बीच शुरू हुई जुबानी जुंग ने अब तूल पकड़ लिया है। सीएम के 'दो कौड़ी" वाले बयान को लेकर कांग्रेस में जहां आक्रोश है। तो वही दूसरी तरफ मंदसौर में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन की जगह सीएम की प्रतीकात्मक जुबान को पानी से धोया और नारेबाजी करते हुए माफी की मांग की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
CM ने जीतू को ‘टपोरी लाल’, ‘ढपोरशंख’, ‘दो कौड़ी का कहा
दरअसल, एक सभा में सीएम द्वारा जीतू पटवारी को ‘टपोरी लाल’, ‘ढपोरशंख’ और ‘दो कौड़ी सहित रद्दी कहकर संबोधित करने के चलते प्रदेश में जहां सियासत गरमा गई है। तो वही मंदसौर में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएम की प्रतीकात्मक जुबान को पानी से धोकर जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। इस दौरान मंदसौर के कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने कहा कि, सीएम ने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर सीएम पद को लज्जित किया है। पूरा प्रदेश भी शर्मसार हुआ है। ऐसे में अब सीएम को जीतू पटवारी से माफी मांगनी चाहिए।
जीतू पटवारी ने हिंसात्मक आंदोलन करने से किया मना
कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने आगे कहा कि प्रदेशभर में कांग्रेस ने सीएम के पुतला दहन करने की योजना बनाई थी। लेकिन जीतू पटवारी ने हिंसात्मक आंदोलन न करते हुए प्रतीकात्मक आंदोलन की सलाह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दी। जिसके चलते पुतला दहन करने की जगह प्रतीकात्मक जुबान को पानी से धोया गया।
अभद्र भाषा का प्रयोग मर्यादा के खिलाफ
इसके साथ ही डबरा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अग्रसेन चौराहे पर हाथ में काली पट्टी बांधकर मुख्यमंत्री के बयान के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर मौजूद विधायक सुरेश राजे ने कहा कि भाजपा के पहले भी कई मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने कभी इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं किया है पर आज जो मोहन यादव जी हैं उनके द्वारा हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी को लेकर इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करना मर्यादा के खिलाफ है ।
हम गांधी जी के विचारों को मानने वाले
सुरेश राजे ने आगे कहा कि पहले हम पुतला दहन करने वाले थे पर जीतू पटवारी जी के निर्देश पर इसे स्थगित करके सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं , क्योंकि हम गांधी जी के विचारों को मानने वाले लोग हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, रविवार को शाजापुर जिले के शुजालपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मोहन ने जीतू पटवारी पर तंज कस्ते हुए उन्हें ‘टपोरी लाल’, ‘ढपोरशंख’ और ‘दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जिसके बाद से मप्र में सियासी घमासान शुरू हो गई है।