चिरमिरी। छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। एमसीबी, कोरिया और सूरजपुर जिले की संयुक्त समीक्षा बैठक में खाद वितरण में लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, राजस्व और निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का रुख बेहद सख्त नजर आया और उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों और आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

किसानों को समय पर खाद-बीज देने के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को सक्रिय रखा जाए ताकि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सके। खाद वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानी बढ़ाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन अलर्ट
बैठक में मुख्यमंत्री ने पेयजल संकट और गर्मी से राहत की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की व्यवस्था करने और दूसरे जिलों से पानी उपलब्ध कराने की बात कही गई। इसके अलावा बारिश से पहले जल स्रोतों में क्लोरीन डालने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने सड़क, भवन और अन्य सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव में घटिया निर्माण कार्य स्वीकार न किए जाएं और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश
बरसात के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पहले से तैयारी करने को कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। पीएम आवास और राजस्व मामलों की समीक्षा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अधूरे प्रधानमंत्री आवासों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और शिविरों की संख्या बढ़ाने की भी बात कही गई। सेवा सेतु अभियान के तहत लंबित जाति प्रमाणपत्र प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।