रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार ने अहम प्रशासनिक आदेश जारी किया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टरों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत विशेष शक्तियां प्रदान की हैं। यह अधिकार 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
इस अवधि के दौरान जिला दंडाधिकारी परिस्थितियों के अनुसार NSA के तहत निवारक निरोध की कार्रवाई कर सकेंगे। राज्य में 33 जिले हैं और जिला कलेक्टर कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
त्योहारों के सीजन को देखते हुए फैसला
सरकार की ओर से जारी आदेश में संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका का उल्लेख किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी जिला दंडाधिकारियों को NSA के तहत निर्धारित शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है। ऐसी शक्तियां राज्य सरकार की ओर से पहले भी निर्धारित अवधि के लिए कलेक्टरों को दी जाती रही हैं।
क्या है NSA के तहत कलेक्टर की शक्ति?
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की संबंधित धाराओं के तहत राज्य सरकार जिला दंडाधिकारी को कुछ परिस्थितियों में निवारक निरोध की शक्ति सौंप सकती है। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियों से लोक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा को खतरा होने की स्थिति सामने आती है, तो कानून में निर्धारित प्रावधानों के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई किसी व्यक्ति को किसी अपराध में दोषी ठहराने के समान नहीं है। निवारक निरोध का उद्देश्य संभावित खतरे को रोकना होता है।
क्या किसी को भी गिरफ्तार किया जा सकेगा?
कलेक्टरों को NSA के तहत अधिकार मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी भी व्यक्ति को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया जा सकता है। कार्रवाई के लिए कानून में निर्धारित शर्तों और प्रक्रिया का पालन जरूरी है।निवारक निरोध से जुड़े मामलों में भी संबंधित कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। इसलिए इस आदेश को सामान्य गिरफ्तारी की शक्ति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
31 दिसंबर तक ही प्रभावी रहेगा आदेश
सरकार की ओर से दिया गया यह विशेष अधिकार 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यानी यह तीन महीने की निर्धारित अवधि के लिए है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में NSA के तहत कलेक्टरों को इसी तरह सीमित अवधि के लिए शक्तियां दी जाती रही हैं। आदेश की अवधि समाप्त होने के बाद इन विशेष शक्तियों के आगे जारी रहने के लिए सरकार की ओर से नया आदेश आवश्यक होगा।