उमेश सिंह बशिस्ट- धमतरी। धमतरी के सोरिद वार्ड से बागतराई गांव को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश के बाद इनमें पानी भरने से खतरा और बढ़ जाता है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्कूली विद्यार्थियों को खराब सड़क के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी हालत लगातार बिगड़ती गई है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
बरपारा चौक से बागतराई बाईपास तक सड़क खराब
सोरिद वार्ड नगर निगम धमतरी की सीमा में आता है। बरपारा चौक से बागतराई बाईपास तक जाने वाले मार्ग का बड़ा हिस्सा जर्जर बताया जा रहा है। खासकर बरपारा से लिमाही तालाब और कचरा गोदाम तक सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है। इस मार्ग से प्रतिदिन दोपहिया और चारपहिया वाहनों के अलावा ग्रामीण और स्कूली बच्चे भी आवाजाही करते हैं। सड़क के गड्ढों के कारण वाहन चालकों को कई जगह अचानक गति कम करनी पड़ती है या रास्ता बदलना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी सुधार
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक सड़क की मरम्मत के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार जानकारी दी गई। सुशासन तिहार अभियान के दौरान भी सोरिद-जोधापुर क्षेत्र के लोगों ने सड़क की समस्या उठाई थी।
इसके बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। उनका कहना है कि सोरिद और बागतराई के बीच बाईपास सड़क का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से हो चुका है, लेकिन पुराने मार्ग की मरम्मत की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
गड्ढों में खुद मलबा डाल रहे लोग
बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवागमन जारी रखने के लिए कई बार वे खुद ही गड्ढों में मलबा डालकर रास्ता समतल करने की कोशिश करते हैं।
रमेश साहू, हेमंत यादव, राकेश ध्रुव, शिवकुमार, नम्मूराम साहू और देवेश कुमार सहित स्थानीय नागरिकों ने सड़क की स्थिति पर चिंता जताई है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों के लिए अहम रास्ता
बागतराई गांव के ग्रामीणों के लिए यह सड़क धमतरी शहर तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। रोजमर्रा के काम, रोजगार और अन्य जरूरतों के लिए शहर आने वाले लोगों के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार खराब सड़क के चलते पहले भी वाहन चालकों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की
नागरिकों ने प्रशासन से सड़क का निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल गड्ढों में मलबा डालने के बजाय सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण जीर्णोद्धार किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क की बदहाली को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।